अबाकस (Abacus) की खोज किसने की थी

अतिप्राचीन है यंत्र एबाकस  

दोस्तों आप सबने अबाकस (Abacus) अपनी जिंदगी में जरूर देखा होगा,  हमारी स्कूली शिक्षा की शुरुआत Abacus से ही होती है, यह एक लकड़ी का बना हुआ यंत्र होता है, इसमें मोतियों के दाने अलग-अलग लाइनों में जमाए गए होते हैं, यह यंत्र गिनती करने, जोड़ने, घटाने में सहायता करता है

 प्रश्न यह उठता है क्या अबाकस Abacus की खोज किसने की थी और अबाकस की खोज किस साल में की गई?

 Abacus एक लैटिन वर्ड है इसका मूल ग्रीक शब्दों “ऐबॉक्स” या “अबेकौन” से आता है इसका मतलब टेबल या  टेबलेट होता है, यह गणन की सबसे पुराना यंत्र है परन्तु आश्चर्यजनक बात यह है कि आज भी इसका उपयोग में हो रहा है, स्कूल में अबाकस का उपयोग किया जाता है, इस यंत्र का बड़ा ही रोचक इतिहास है.

अंकों से भी पहले आया हे अबाकस !

 क्या आप बिना नंबरों के गिनती की कल्पना कर सकते हैं?  नहीं ना?  पर एक ऐसा भी समय था जब अंकों का आविष्कार नहीं हुआ था,  प्राचीन काल में जब नंबर्स का आविष्कार नहीं हुआ था, तब अबाकस का इस्तेमाल किया जाता था, तब लोग अपनी उंगलियों पर चीजों को गिनते थे, पत्थरों और छोटी-छोटी लकड़ियों से चीजों से हिसाब रखते थे, फिर धीरे धीरे गणना करने के यंत्र बनने लगे, अबाकस पहला गणन यंत्र था, इस छोटे ने  यंत्र में बड़ी-बड़ी गिनती करने, संख्याओ को जोड़ने, घटाने और याद रखने में मनुष्य की मदद की.

 ऐसा माना जाता है कि अबाकस (Abacus) का  आज से 5000 वर्ष पूर्व अविष्कार किया गया,  कुछ इतिहासकार मानते हैं कि अबाकस (Abacus) का आविष्कार चाइनीस लोगों ने किया, कुछ का मानना है कि यह बेबीलोनियंस  की ईजात थी,  कुछ लोग इसकी उत्पत्ति का स्थान मिश्र को बताते हैं क्योंकि यह एक बहुत पुरानी सभ्यता है.

 

अबाकस (Abacus) का इतिहास

दोस्तों अबाकस (Abacus) का इतिहास काफी पुराना है लगभग 3600 से 3000 साल पहले गिनती करने के बोर्ड चाइना में बनने लगे, ईसा से 1000 साल पहले चाइना में गिनती करने के बोर्ड का उपयोग एक आम बात हो गई, ईसा से 500 वर्ष पूर्व रोमन और ग्रीक लोगों ने गिनती करने के बोर्ड का इस्तेमाल किया, इससे 500 वर्ष बाद यूरोप में अबाकस का इस्तेमाल होने लगा.

 

एबाकस किसने खोजा यह बता पाना असंभव है?

क्योंकि अबाकस (Abacus) का इतिहास 5000 वर्ष पुराना है इसलिए किस व्यक्ति ने इस का आविष्कार किया यह बता पाना संभव नहीं है! इसे किस सभ्यता ने पहले इस्तेमाल किया यह भी बता पाना इतना आसान नहीं है.

 

भारत में एबाकस

भारत के प्राचीन साहित्य अभीधर्मकोश इस बारे में हमें बताता है की  पांचवी सदी में गणना के नए-नए तरीकों का आविष्कार हो रहा था, अबाकस भी उनमें से एक था अबाकस (Abacus) के खाली कालम को शून्य  कहा जाता था.


 

 

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