एक्यूप्रेशर क्या होता है एक्यूप्रेशर की संपूर्ण जानकारी

चाइनीस वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति एक्यूप्रेशर

आपने एक्यूप्रेशर चिकित्सा पद्धति के बारे में जरूर सुना होगा एक्यूप्रेशर एक सुरक्षित वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति है यह चिकित्सा पद्धति सामान्य शारीरिक रोगों को ठीक करने में काम ली जाती है पश्चिमी चिकित्सा पद्धतियों के विपरीत एक्यूप्रेशर में शरीर को किसी भी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाया जाता एक्यूप्रेशर विशेषज्ञ केवल अपने अंगूठे उंगलियों और कोहनी का इस्तेमाल करके मरीज के शरीर के विभिन्न हिस्सों पर हल्का सा प्रेशर देता है

एक्यूप्रेशर चिकित्सा पद्धति दूसरी चाइनीस चिकित्सा पद्धतियों से अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है जैसे कि एक्यूपंचर और शियात्सु. चाइनीस चिकित्सा पद्धति का दर्शन लगभग 600 ईसा पूर्व में शुरू हुआ जबकि चीन में ताओइस्म  प्रकट हो रहा था .

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चाइनीस चिकित्सा पद्धति के अनुसार मनुष्य का शरीर प्रकृति से पूर्ण रूप से जुड़ा हुआ है इस विश्वास के अनुसार प्रकृति में परिवर्तन होने से मनुष्य के अंदर भी मानसिक, भावनात्मक, आध्यात्मिक और शारीरिक परिवर्तन होते हैं चाइनीस चिकित्सक या मानते हैं कि मनुष्य में होने वाले रोग आंतरिक कारणों प्राकृतिक और मौसमी कारणों और जीवन चक्र जैसे होते हैं  प्रकृति में होने वाले बदलाव मानव शरीर की ऊर्जा प्रवाह को बदल देते हैं, एक्यूप्रेशर में ऐसा माना जाता है कि मनुष्य के शरीर में एक ऊर्जा होती है जिसे कहा ची QI कहा जाता है.

चाइनीस चिकित्सा पद्धति में ची को  मनुष्य के शरीर के प्रमुख ऊर्जा माना जाता है और एक्यूप्रेशर के द्वारा इसके प्रभाव को ही ठीक किया जाता है.

एक्यूप्रेशर में ची QI  क्या होता है?

जिस तरह प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों में किसी रोग या किसी एक लक्षण का इलाज किया जाता है इसके विपरीत चाइनीस चिकित्सा पद्धति में ची QI के  प्रवाह को ठीक किया जाता है, एक्यूप्रेशर के अनुसार ची QI एक संपूर्ण मानव शरीर में प्रवाहित होने वाली ऊर्जा है, जब तक यह ऊर्जा पूरे शरीर में सही तरीके से प्रभावित होती रहती है तब तक मनुष्य का शरीर स्वस्थ रहता है जब इस ऊर्जा का प्रवाह बाधित हो जाता है या कम पड़ जाता है तो मनुष्य का वह अंग रोग से ग्रसित हो जाता है एक्यूप्रेशर के द्वारा इस ऊर्जा को ही ठीक किया जाता है

एक्यूप्रेशर में ऐसा माना जाता है कि ची QI  का प्रवाह शरीर की सतह के ठीक नीचे होता है इसके प्रभाव के लिए शरीर में चैनल्स बने होते हैं इन चैनल्स को मेरिडियन प्वाइंट्स कहते हैं कुल 12 मीडियन प्वाइंट्स चैनल्स होते हैं जो अलग अलग से जुड़े होते हैं जैसे कि लीवर  हॉट और किडनी.

मेरिडियन चैनल्स पर एक्यू प्वाइंट्स होते हैं जब इन ए क्यू प्वाइंट्स पर ठीक मात्रा में दबाव डाला जाता है तब  QI का प्रवाह ठीक से होने लगता है और रोग ठीक हो जाता है.

QI ची के की के प्रभाव की तुलना रक्त के सरकुलेशन से की जा सकती है जिस तरह शरीर के प्रत्येक अंग को ठीक तरह से कार्य करने के लिए ब्लड सरकुलेशन की आवश्यकता होती है उसी प्रकार मनुष्य के शरीर की ऊर्जा क्यों आई को भी प्रत्येक अंग में पहुंचने की आवश्यकता होती है अगर किसी अंग में रक्त पहुंचना बंद हो जाए तो उस अंग को पोषण मिलना बंद हो जाएगा और वहां दर्द और दूसरे लक्षण शुरू हो जाएंगे अगर रक्त प्रभाव को ठीक कर दिया जाए तो वह  अंग ठीक से कार्य करने लगेगा.

एक्यूप्रेशर किस तरह काम करता है?

शरीर के विभिन्न हिस्सों में हल्का सा दबाव देकर ऊर्जा के प्रभाव को ठीक किया जाता है पेशा देने वाले स्थान का चयन बहुत सटीकता से किया जाता है क्योंकि चैनल्स में कुल 365 प्वाइंट्स होते हैं इसके अलावा 650 छोटे प्रेशर प्वाइंट्स भी होते हैं

चैनल्स में में बहने वाली QI ची ऊर्जा को प्रभावित करने के मुख्य 3 तकनीके इस्तेमाल में ली जाती है. कमजोर QI ची के लिए टोनीफाइन प्रक्रिया इस्तेमाल में लाई जाती है, रुकी हुई QI ची के लिए Disperse  प्रक्रिया अपनाई जाती है बड़ी हुई क्यों आई QI ची को शांत किया जाता है

प्रेशर प्वाइंट्स पर हल्का प्रेशर कुछ सेकंड या  मिनट के लिए रखा जाता है इस तरह का ट्रीटमेंट प्रतिदिन किया जाता है कभी कभी एक दिन में दो से तीन बार भी ट्रीटमेंट दिया जा सकता है

एक्यूप्रेशर से  कौन से रोग दूर है?

एक्यूप्रेशर से सामान्यतः कमर के दर्द, सर दर्द, थकान, चिंता, तनाव, एंजाइटी,कमजोरी को ठीक किया जाता है रिसर्च यह भी साबित हुआ है कि चिंता और तनाव से भी कई तरह के दर्द उत्पन्न हो जाते हैं.

क्या प्रेगनेंसी में एक्यूप्रेशर किया जा सकता है

हालांकि एक्यूप्रेशर में उम्र का कोई बंधन नहीं होता लेकिन फिर भी उच्च रक्तचाप के मरीजों और प्रेगनेंट महिलाओं को एक्यूप्रेशर नहीं किया जाना चाहिए इससे मिसकैरेज हो सकता है इसके अलावा खुले हुए घाव , फटे हुए उत्तकों पर  तथा सूजन वाले स्थान पर एक्यूप्रेशर नहीं किया जाना चाहिए

 

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