21 प्रकार के बगुले पाए जाते हैं भारत में

भारतीय भूरा बगुला Indian pond heron

भारत में लगभग 21 प्रकार के बगुले पाए जाते हैं इनमें सबसे प्रसिद्ध Indian pond heron भूरा बगुला है इसे कई नामों से जाना जाता है जैसे कि paddybird (Ardeola grayii) अन्हबकुला, अन्हरा बकुला अन्ध बक. यह बगुला अपने मटमैले भूरे रंग की वजह से चट्टानों और तालाब के किनारे छुप कर बैठा रहता है तथा दिखाई नहीं देता जब कोई व्यक्ति धीरे धीरे उसके पास जाता है तब भी यह उड़ता नहीं है बहुत पास जाने पर ही यह  उड़ान भरता है इसके इस व्यहवार की वजह से ही है इसे अंधे बगुले का नाम दिया गया है क्योंकि लोग समझते हैं कि काफी पास जाने पर ही इसे दिखाई देता है. यह पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में प्रमुखता से पाया जाता है.

भारतीय भूरे बगुले का आकार 40 सेंटीमीटर से 50 सेंटीमीटर के बीच होता है इसके पंखों का फैलाव 70 सेंटीमीटर से 90 सेंटीमीटर के बीच होता है एक पूर्ण व्यस्क अंधे बगुले का भार 230 ग्राम से लेकर 280 ग्राम के बीच होता है.

भूरे बगुले का पूरा शरीर गहरे भूरे रंग का होता है परन्तु जब उड़ान भरता है तो इसके सफेद पंख दिखाई देते हैं इसकी चोंच  पीले रंग की होती है

भारतीय भूरे बगुले का वर्गीकरण

भारतीय पूरे बगुले का वैज्ञानिक वर्गीकरण किस प्रकार किया गया है

Classification

Common Name – Indian pond heron

Local Name – Khunch bagula

Zoological Name – Ardeola grayii

Kingdom – Animalia

Phylum – Chordata

Class – Aves

Order – Pelecaniformes

Family – Ardeidae

Genus – Ardeola

भारतीय भूरा बगुला लगभग पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाता है, यह बांग्लादेश भूटान श्रीलंका पाकिस्तान म्यानमार नेपाल में पाया जाता है, भारतीय उपमहाद्वीप के बाहर यह ओमान, यूनाइटेड अरब एमिरेट्स, मालदीप थाईलैंड और वियतनाम में भी पाया जाता है.

भारतीय भूरा बगुला छिछले पानी के आसपास रहना पसंद करता है यह तालाबों झीलों नदियों के किनारे अक्सर पाया जाता है यह मानव निर्मित तालाबों खेतों के आसपास के गड्ढों में अक्सर देखा जा सकता है, यह  छिछले पानी वाले दलदली इलाके पसंद करता है क्योंकि वहां पर इसे पर्याप्त मात्रा में भोजन मिलता रहता है.

भूरा बगले अक्सर अकेले ही रहते हैं यह तालाब में पाए जाने वाले छोटे कीड़ों मछलियों और मेंढकों का शिकार करते हैं पानी में पाए जाने वाले किसी भी प्रकार के कीट पतंगों को यह खा लेते हैं इनमें लीच   ड्रैगन फ्लाई मधुमक्खियां आदि प्रमुख है.

गर्मियों का मौसम आने से पहले इनकी गर्दन के बाल बढ़ने लगते हैं तथा काफी लंबे हो जाते हैं यह बगुला  देखने में तो भूरे रंग का होता है परंतु जब उड़ान भरता है तो सफ़ेद दिखाई देता है क्योंकि इसके अंदर के पंखों का रंग सफेद होता है.

भारतीय बगुले का प्रजनन काल मई से सितंबर के बीच होता है यह भूरा बगुला अपना घोंसला बांस, यूकेलिप्टस मैनग्रोव आदि पेड़ों में बनाते हैं इन का घोंसला अक्सर 2 से 16 मीटर की ऊंचाई पर होता है,  यह मानव बस्तियों के आसपास भी अपना घोंसला बनाना पसंद करते हैं यह एक ही जगह पर कई साल तक घोंसला बनाते हैं, नर भूरा बगुला घोंसला बनाने की शुरुआत करता है और मादा को आकर्षित करता है इसके बाद नर और मादा दोनों घोंसला बनाते हैं एक बार में यह 3 से 7 अंडे देते हैं इनके अंडों का रंग चमकीला नीला सफेद और गोरापन लिए होते हैं.

भारत में पाए जाने वाले बगुलों के नाम

भारत में कई प्रकार के छोटे और बड़े आकार के बगुले पाए जाते हैं,  वैज्ञानिकों के अनुसार भारत में  लगभग 21 प्रकार के बगले पाए जाते हैं उनके नाम इस प्रकार है.

Great bittern

Yellow bittern

Little bittern

Cinnamon bittern

Black bittern

Grey heron

White-bellied heron

Goliath heron

Purple heron

Eastern great egret

Intermediate egret

Chinese egret

Little egret

Western reef heron

Pacific reef heron

Cattle egret

Indian pond heron

Chinese pond heron

Striated heron

Black-crowned night heron

Malayan night heron

 

Taj Mohammed Sheikh

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