Bekarari Hindi Shayari बेक़रारी हिंदी शायरी

Bekarari Hindi Shayari
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बेक़रारी हिंदी शायरी

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Bekarari Hindi Shayari

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Bekarari Hindi Shayari

इश्क़ करने से पहले~~आ बैठ , फैसला कर लें ~

सुकूँ किसके हिस्से होगा ~~ बेक़रारी किसके हिस्से

***

फिर कुछ इस दिल् को बेक़रारी है

सीना ज़ोया-ए-ज़ख़्म-ए-कारी है

फिर जिगर खोदने लगा नाख़ून

आमद-ए-फ़स्ल-ए-लालाकारी है. Mirza Ghalib

***

बेक़रारी का पूछते हो सबब……… ………..

सिर्फ आपका इंतज़ार है साहिब !!

***

ले गया छीन के कौन आज तेरा सब्रो-करार;

बेक़रारी तुझे ऐ दिल कभी ऐसी तो न थी।

***

शब-भर नींद में भी अब ‘नींद’ कहाँ आती है,

फ़िराक-ए-यार में हर ख़्वाब निकल जाती है!

***

बेक़रारी बढ़ते बढ़ते दिल की फ़ितरत बन गई

शायद अब तस्कीन का पहलु नज़र आने लगे

***

रात भर बेक़रारी की सबब बनी जो सनसनाहट

वो सिर्फ हवा के झोंके थे यादों के आँगन में।

*** Bekarari Hindi Shayari

कब दिल को सुकून और बेक़रारी एक साथ होगी?

कब बहुत कुछ कहना चाहना और कुछ भी न कह पाना होगा ?

***

हमें भी नींद आ जाएगी, हम भी सो ही जाऐंगे,

अभी कुछ बेक़रारी है, सितारों तुम तो सो जाओ !!

***

आलम ए बेक़रारी बता रहे हो ,

जाने क्या बात हुई कभी मोहब्बत तो कभी ख़ुशी लुटा रहे हो !!

***

ले गया छीन के कौन आज तेरा सब्रो-करार;

बेक़रारी तुझे ऐ दिल कभी ऐसी तो न थी।

*** Bekarari Hindi Shayari

जुम्बिश लबों की तेरी दस्तक थी दिल पे मेरे,

उफ़्फ़ बेक़रारी-ए-दिल, था इंतज़ार एक हाँ का..!

***

बेक़रारी सी बेक़रारी है,वस्ल है और फ़िराक़ तारी है !

जो गुज़ारी न जा सकी हम से, हम ने वो ज़िन्दगी गुज़ारी है !

***

SAD Bekarari Shayari
SAD Bekarari Shayari

आँख मे अश्क़, सांस भारी है जाने क्यो इतनी बेक़रारी है।

***

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अगर इश्क़ करो तो अदब_ए_वफ़ा भी सीख लो,

ये चाँद लम्हों की बेक़रारी मोहब्बत नहीं होती ॥

***

बेक़रारी दिले-बीमार की अल्ला-अल्ला।

फ़र्शेगुल पर भी न आना था, न आराम आया॥

***

आलम तो ये न था कि दूरियाँ इतनी बढ़ जाये,

पर बेक़रारी ने तो हद कर दी ।

*** Bekarari Hindi Shayari

फिक्र-ऐ-बेक़रारी में, यूँ कागज़ सुर्ख होते रहे,

कलम चलती रही और मसाइल हलाक होते चले गए |

***

दर्द से मेरे है तुझको बेक़रारी हाए हाए

क्या हुआ ज़ालिम तेरी ग़फ़लतशिआरी हाए हाए

Mirza Ghalib SAD Shayari

***

बेक़रारी मेरी देख ली है तो अब ज़ब्त भी देखना,

इतना खामोश रहूँगा मैं के चीख उठेगा तू…

*** Bekarari Hindi Sad Shayari

बेक़रारी है कभी, पूरे समन्दर की तरह,

और कभी मिल जाता है बस, एक क़तरे में सुकून.

***

सभी को दुख था समंदर की बेक़रारी का

किसी ने मुड़ के नदी की तरफ नहीं देखा

***

जो सब से जुदा है वो अंदाज़ हो तुम, छुपा था जो दिल मे वोही राज़ हो तुम.. तुम्हारी नजाकत बनी जब से चाहत सुकून बन गयी है हर एक बेक़रारी

***

बेक़रारी सी बेक़रारी है ,वस्ल है और फ़िराक़ तारीं है, जो गुज़ारी न जा सकी हमसे,हमनें वो ज़िन्दगी गुज़ारी है.

*** Bekarari Hindi Sad Shayari

म उनका “इंतेज़ार” बेक़रारी से करते रहे, वो ‘फ़रेब’ का इख़्तियार बेकद्री से करते रहे।

***

दिल की मेरी बेक़रारी मुझ से कुछ पूछो नहीं शब की

मेरी आह-ओ-ज़ारी मुझ से कुछ पूछो नहीं

***

ले गया लूट के कौन आज तेरा सब्र-ओ-क़रार

बेक़रारी तुझे ऐ दिल कभी ऐसी न थी

उनकी आखो ने ख़ुदा जाने किया क्य जादू

तबीयत मेरी माइल कभी ऐसी न थी

***

चला गया जो; खुशबू भी साथ अपने ले जाता

बेचैन दिल की बेक़रारी को थोड़ा क़रार आ जाता

*** Bekarari Hindi Shayari

इस इंतज़ार की घडी को, पल-पल की बेक़रारी को लफ़्ज़ो मे बयां कैसे कर दूँ; मखमली एहसाँसो को, रेशमी जज़्बातों को अल्फ़ाज़ो मे बयां कैसे कर दूँ।

***

कैफ़ियत ये बेक़रारी की है अब हमको अज़ीज़  ये ख़ुमारी टूट जाए तो बिखर जाएँगे हम

***

बडी मुश्किल से दिल की बेक़रारी को क़रार आया

मुझे जिस ज़ालिम ने तड़पाया उसी पे मुझको प्यार आया

***

जैसे शाम ठिठकी हो बुझने से पहले रात आग़ाज़ को झुकी जाती हो।

तुम उधर इंतज़ार में, मैं इधर बेक़रारी में

***

इश्क़ में चैन कहूँ, या आलम बेक़रारी का, तसव्वुर मरने नहीं देता, तन्हा जी नहीं सकते

*** Bekarari Hindi Sad Shayari

उम्र भर बस यही इक उदासी रही आपके दीद को आँख प्यासी रही आपके बाद जाने के बस दो यही बेक़रारी रही, बदहवासी रही..

***

हर एक शख़्स है अपने वुजूद से बाहर हर एक शख़्स के चेहरे पे बेक़रारी है

***

ना इंतज़ार ना उलझन ना बेक़रारी है
ना पूछ आज तेरी याद कितनी प्यारी है

***

अजब सी बेकरारी है;
दिन भी भारी था, रात भी भारी है;
अगर मेरा दिल तोड़ना है तो शौंक से तोड़िए;
क्योंकि चीज़ ये हमारी नहीं तुम्हारी है।

***

बेकरारी इश्क की है जाते जाते जाएगी,
सब्र आएगा तो ऐ दिल आते आते आएगा..

***

तेरी तस्वीर खुद मे ही बेक़रारी का साज़ो सामाँ है
ख़ुमारियाँ कहती हैं, इम्तहाँ है, इंतहाँ है, ख्वाबों की दास्ताँ है

***

सोचा था उनसे दूर रहकर शाद रहेँगे
बेक़रारी- सी -बेक़रारी है औ’ नाशाद हैँ हम

**

वही शाम की परछाइयाँ
दिल पे गम की रानाइयाँ
तकते …बेकरारी से राहें
मुझे घेरे हैं….तन्हाइयाँ !

***

इश्क मै तो हर चीज मिट जाती है …..
बेकरारी बनके तडपाती है
याद याद याद बस याद रह जाती है

***

मुद्दत के बाद मुलाकात का असर था , या उसके गुज़रे इश्क़ की खुमारी थी !!

दिल-ए-बरबाद को चैन भी उसके साथ था , उसी के साथ ही बेकरारी थी !!

***

वो पूछते है हाल मेरा इस बेकरारी से
की फिर मेरा ठीक होना भी मुझे अच्छा नही लगता

***

ये बेकरारी की मोहब्बत पर
कुछ यू कमाल हो जाए,।।
मेरे
मेरी बेकरारी से उसकी
बेकरारी का करार हो जाए।।

***

शरारत न होती शिकायत न होती ,
नैनों में किसी के नजाकत न होती ।
न होती बेकरारी न होते हम तनहा ,
अगर जहाँ में कमबख्त ये मोहब्बत न होती ।

***

जो हो सके तो कोई टूटा हुआ वादा ही रख दे आंखो में मेरी

के आज बढ गयी है बेकरारी हद से कहीं ज्यादा मेरी…

***

आँखें ये सुर्ख़ न सोने से नहीं। मीठे ख़्वाबों की ये ख़ुमारी है।। कल तलक थी उधर ये बेचैनी। हाँ, इधर आज बेक़रारी है।।

***

निगाहों मैं बसी उनकी ही सूरत फिर भी उनका इन्तजार है
तुझ से मिलने को ये दिल क्यों इतना बेकरार है।

***

काश आपकी सूरत इतनी प्यारी ना होती;
काश आपसे मुलाक़ात हमारी ना होती
सपनो में ही देख लेते हम आपको
तो आज मिलने की इतनी बेकरारी ना होती

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baikarari hindi sad shayariBekarari hai kabhe, poore samandar ke tarah,aur kabhe mil jata hai bas, ek qatare mein sukoon.***

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baikarari hindi sad shayariumr bhar bas yahe ik udase rahe apake ded ko ankh pyase rahe apake bad jane ke bas do yahe Bekarari rahe, badahavase rahe..**

*har ek shakhs hai apane vujood se bahar har ek shakhs ke chehare pe Bekarari hai***

na intazar na ulajhan na Bekarari haina poochh aj tere yad kitane pyare hai***

ajab se bekarare hai;din bhe bhare tha, rat bhe bhare hai;agar mera dil todana hai to shaunk se todie;kyonki chez ye hamare nahin tumhare hai.***

bekarare ishk ke hai jate jate jaege,sabr aega to ai dil ate ate aega..***

tere tasver khud me he Bekarari ka sazo saman haikhumariyan kahate hain, imtahan hai, intahan hai, khvabon ke dastan hai**

*socha tha unase door rahakar shad rahengeBekarari- se -Bekarari hai au nashad hain ham**

vahe sham ke parachhaiyandil pe gam ke ranaiyantakate …bekarare se rahemmujhe ghere hain….tanhaiyan !***

ishk mai to har chej mit jate hai …..bekarare banake tadapate haiyad yad yad bas yad rah jate hai**

*muddat ke bad mulakat ka asar tha , ya usake guzare ishq ke khumare the !!dil-e-barabad ko chain bhe usake sath tha ,

muddat ke bad mulakat ka asar tha , ya usake guzare ishq ke khumare the !!dil-e-barabad ko chain bhe usake sath tha , use ke sath he bekarare the !!**

*vo poochhate hai hal mera is bekarare seke fir mera thek hona bhe mujhe achchha nahe lagata***

ye bekarare ke mohabbat parakuchh yoo kamal ho jae,..meremere bekarare se usakebekarare ka karar ho jae..***

shararat na hote shikayat na hote ,nainon mein kise ke najakat na hote .na hote bekarare na hote ham tanaha ,agar jahan mein kamabakht ye mohabbat na hote .**

*jo ho sake to koe toota hua vada he rakh de ankho mein mereke aj badh gaye hai bekarare had se kahen jyada mere…*

**ankhen ye surkh na sone se nahin. methe khvabon ke ye khumare hai.. kal talak the udhar ye bechaine. han, idhar aj Bekarari hai..***

nigahon main base unake he soorat fir bhe unaka intajar haitujh se milane ko ye dil kyon itana bekarar hai.***

kash apake soorat itane pyare na hote;kash apase mulaqat hamare na hotesapano mein he dekh lete ham apakoto aj milane ke itane bekarare na hote

 

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