सौर मंडल का सबसे बड़ा चंद्रमा गेनीमेड

जुपिटर का सबसे बड़ा चंद्रमा है गेनीमेड  

गेनिमिड का परिचय

Introduction of Jupiter’s biggest moon Ganymede

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गेनिमिड (Ganymede) हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा चंद्रमा है, यह प्लूटो और बुध ग्रह से भी बड़ा है. केवल गेनिमिड (Ganymede) ही ऐसा चंद्रमा है जिसका अपना चुंबकीय क्षेत्र है, यह मैग्नेटिक फील्ड सूर्य से आने वाले आयनित कणों को इसके उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव की तरफ भेज देता है, जिससे चमकदार रंगों वाला प्रकाश उत्पन्न होता है, वैज्ञानिकों को गेनिमिड (Ganymede) की सतह के नीचे एक विशाल समुद्र होने का पता चला है. जिससे इस पर जीवन के पाए जाने की सम्भावना बढ़ गयीं हैं,

गेनिमिड (Ganymede) का नाम एक ग्रीक देवता ज़ीउस के एक कर्मचारी लड़के गेनिमिड (Ganymede)  के नाम पर रखा गया है.




गेनिमिड (Ganymede) की आन्तरिक संरचना

Structure of Ganymede the biggest moon hindi

गेनिमिड (Ganymede) की आंतरिक संरचना में तीन परतें हैं, इसका कोर एक ठोस लोहे का बना कोर है, जो कि चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है, इस लोहे की ठोस कोर के आसपास चट्टानों की बनी दूसरी परत मेंटल है,  इस मेंटल के ऊपर की परत बर्फ की बनी हुई है, यह बर्फीली सतह काफी मोटी है, इसकी मोटाई 800 किलोमीटर तक हो सकती है, गेनिमिड (Ganymede) की सतह पर बर्फ और कुछ चट्टाने भी पाई जाती है, गेनिमिड (Ganymede) का चुंबकीय क्षेत्र जुपिटर के ताकतवर चुंबकीय क्षेत्र में मिल जाता है.

सन 1996 में वैज्ञानिकों ने हबल टेलीस्कोप का इस्तेमाल करके इसके वातावरण में ऑक्सीजन का पता लगाया था परंतु यह ऑक्सीजन बहुत ही कम मात्रा में विद्यमान है तथा जीवन को सपोर्ट नहीं कर सकती.

अंतरिक्ष यानों द्वारा खींची गई तस्वीरें हमें गेनिमिड (Ganymede) की सतह के बारे में बताती हैं, इसकी सतह पर दो तरह की है, इसकी 40% सतह  गहरे रंग के क्षेत्र से निर्मित है, जहां पर क्रेटर पाए जाते हैं तथा बाकी 60% सतह हल्के रंग की है, इस पर अलग अलग पैटर्न देखने को मिलते हैं जो की कई लम्बी रेखाओं से बने हैं. ऐसा माना जाता है कि यह हल्के रंग की सतह बर्फ के नीचे से निकले हुए पानी के कारण बनी है, गेनिमिड (Ganymede) की सतह पर यह रेखाएं कई हजार किलोमीटर तक फैली हुई है तथा इनकी ऊंचाई 700 मीटर तक हो सकती है.

गेनिमिड (Ganymede) की खोज

Discovery of Ganymede

गेनिमिड (Ganymede) की खोज महान खगोल शास्त्री गैलीलियो गैलीली ने 7 जनवरी 1610 की थी. उन्होंने ही सबसे पहले जुपिटर के चार चंद्रमा अपने टेलीस्कोप से देखे थे. इस खोज ने ही सूर्य केंद्र सिद्धांत को जन्म दिया तथा लोग यह समझने लगे कि सभी ग्रह सूर्य का चक्कर लगाते हैं ना की पृथ्वी का.

अत्यधिक ठंडा है गेनिमिड (Ganymede)

Ganymede is too cold for Humans

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गेनिमिड (Ganymede) अत्यधिक ठंडा उपग्रह है, दिन में इसका तापमान माइनस 171 डिग्री फॉरेनहाइट से -297 डिग्री फॉरेनहाइट के बीच रहता है  तथा रात में इसका तापमान -315 डिग्री फॉरेनहाइट से भी नीचे चला जाता है, ऐसा सूर्य से अधिक दूरी होने के कारण है. इतने कम तापमान पर मनुष्य का इस पर उतरना लगभग असंभव ही है.

क्या ब्रह्मांड का सबसे बड़ा चंद्रमा है गेनीमेड, Ganymede?

गेनीमेड, Ganymede हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा चंद्रमा है, कई बार इसे ब्रह्मांड का सबसे बड़ा चंद्रमा कह दिया जाता है जो की गलत है, ब्रह्मांड बहुत बड़ा है इसमें अनगिनत सौरमंडल हैं, सूर्य से भी कई गुना बड़े तारें हैं, इसलिए ब्रह्मांड में कोई और बड़ा उपग्रह होने की प्रबल सम्भावना है जिसे अभी तक नहीं खोजा गया है.

 

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Taj Mohammed Sheikh

हेलो दोस्तों, में एक Freelance Blogger हूँ , नेट इन हिंदी .com वेबसाईट बनाने का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा में मनोरंजक और उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करना है, यहाँ आपको विज्ञान, सेहत, शायरी, प्रेरक कहानिया, सुविचार और अन्य विषयों पर अच्छे लेख पढ़ने को मिलते रहेंगे. धन्यवाद!

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