Hindi Jokes – गुरू जी नमस्ते! पहचाना

Hindi Jokes

गुरू जी नमस्ते! पहचाना..??
.
मैँ आपका शिष्य कल्लू बोल रहा हूँ।
.
”अरे ! कल्लू कैसे हो तुम ?? आज इतने सालो बाद
मेरी याद कैसे आ गई ?? .
…और मेरा फोन नम्बर कैसे मिल गया??”
.
गुरूजी ! फोन नम्बर ढ़ुंढ़ना कौन सा मुश्किल था ?
जब प्यासे को प्यास लगती है तो जलस्रोत ढ़ुंढ़
ही लेता है। .
…दरअसल गुरू जी हमने एक नया रोजगार शुरू
किया है।
…और आपने बचपन मेँ कहा था की जब
भी कोई काम शुरू करना हमसे उदघाटन जरूर
कराना।
. …तो हम अपने काम का उदघाटन आपसे
ही कराना चाहते है।
.
”अतिसुन्दर ! वत्स। बताओ कहाँ आना है उदघाटन
के लिये हमेँ ? ”
. गुरूजी ! आप पुराने खंडहर के पास चार लाख
रूपया लेके आ जाईये। ..
.
आपका ‘छोटूवा’ हमरे कब्जे मेँ है। आज से
ही ‘अपरहण’ का धंधा चालू किया तो सोचा की ‘उदघाटन’ आपके शुभ हाथो से ही हो।
↓↓↓↓↓↓↓↓↓↓↓↓↓↓↓↓↓↓↓↓↓↓

Taj Mohammed Sheikh

हेलो दोस्तों, में एक Freelance Blogger हूँ , नेट इन हिंदी .com वेबसाईट बनाने का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा में मनोरंजक और उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करना है, यहाँ आपको विज्ञान, सेहत, शायरी, प्रेरक कहानिया, सुविचार और अन्य विषयों पर अच्छे लेख पढ़ने को मिलते रहेंगे. धन्यवाद!

You may also like...

2 Responses

  1. Lavinia says:

    If time is money you’ve made me a welhiater woman.

  2. biswajit Manas says:

    supper

Leave a Reply