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Hindi Kahani अपनी खुशियों को नष्ट केसे करें!

 Hindi Kahani - Crow and peacock story in hindi

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Hindi Kahani – How to destroy your own happiness!

हिंदी कहानी – अपनी खुशियों को नष्ट केसे करें!

एक बार एक कव्वा थो जो अपनी ज़िन्दगी से पूरी तरह से संतुष्ट था, लेकिन एक दिन उसने सफ़ेद हंस को देख लिया! उसने सोचा

“हंस पूरी तरह सफ़ेद है और में तो काला हूँ, हंस इस दुनिया का सबसे खुशनसीब परिंदा है!” । उसने यह बात हंस को बताई।

“में भी यही सोचता था जब तक की मेने तोते को नहीं देखा था, उसके पास दो रंग हैं, अब मुझे लगता हैं की वही सबसे ज्यादा खुशहाल परिंदा है” हंस ने कहा।

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कव्वा तब उड़कर तोते के पास गया तोते ने उससे कहा

“ में बहुत खुश ज़िन्दगी जीता था जब तक की मेने मोरे को नहीं देखा था!!! मेरे पास तो केवल दो ही रंग हैं, पर मोर के पास तो कई रंग हैं”

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कव्वा तब उड़कर मोर के पास पहुंचा, वह एक चिड़ियाघर में था, कई लोग उसे देखने के लिए दिन भर आते रहते थे। जब शाम को सब लोग चले गए तो कव्वा उड़कर मोर के पास पहुंचा और कहा

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“मोर तुम तो वाकई में बहुत ख़ूबसूरत हो!!! हर दिन हजारों लोग तुम्हे देखने के लिए आतें हैं! जब लोग मुझे देखतें हैं तो तुरंत हश करके उड़ा देते हैं! मुझे लगता हैं की तुम दुनिया में सबसे खुश परिंदे हो।

मोर ने जवाब दिया “में भी यही सोचता था, में सबसे सुन्दर परिंदा हूँ पर मेरी इसी सुन्दरता के कारण मुझे चिड़ियाघर के पिंजरे में बंद कर दिया गया है। मेने पूरे चिड़ियाघर के पिंजरों को ध्यान से देखा और पाया है की केवल कव्वा ही वह पक्षी है जिसे पिंजरे में बंद करके नहीं रखा जाता! इसलिए में कुछ दिनों से सोच रहा हूँ की काश में कव्वा होता तो में भी आज़ाद रहता और जहाँ चाहे वहां उड़ता फिरता।

हम सब लोगों की भी यही समस्या है, हम भी दुसरें लोगो से स्वयं की तुलना करते रहतें हैं और दुखी हो जातें हैं। ईश्वर ने हमें जो कुछ दिया है हम उसकी कदर नहीं करते, इससे मायूसी और दुःख का एक दुश्चक्र शुरू हो जाता हैं! अगर आप अपनी खुशियों को नष्ट करना चाहतें हैं तो दूसरों से अपनी तुलना करना शुरू कर दें!!!

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Moral of this Hindi Kahani is

We make unnecessary comparison with others and become sad. We don’t value what God has given us. This all leads to the vicious cycle of unhappiness.

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