Hindi Kahani – मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है !!!

Hindi Kahani – मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है !!!

hindi kahani feathers
Hindi kahani pankh

Hindi Kahani – Not only difficult but Impossible!

हिंदी कहानी – मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है !!!

एक बार, एक गाँव में एक किसान रहता था।  एक दिन, किसी बात पर उसकी, अपने पडोसी से कुछ कहा सुनी हो गयी, इस पर उसने गुस्से की हालत में, अपने पडोसी को बहुत ही ज़्यादा बुरी बातें बोल दी! उसके द्वारा कही गयी बातें इतनी बुरी थी की, गुस्सा उतर जाने के बाद, खुद किसान को उन पर पछतावा होने लगा।

वह किसान अकसर एक सूफी संत के पास जाया करता था, उसने सोचा क्यों न में संत के पास जाकर इसके बारे में बताऊ, हो सकता है की मेरे मन का बोझ कुछ हल्का हो। उसने संत के पास जाकर सब कुछ कह सुनाया और इसके प्रायश्चित के बारे में पुछा। उस संत ने कुछ देर ख़ामोशी के बाद कहा ” तुम एसा करो की एक थेली लो, और उसमे मुर्गी के पंख भर लो, और उन्हें कस्बे के चौराहे पर डाल कर वापस मेरे पास आओ!” (Hindi Kahani)

Hindi Kahani - pank
Hindi kahani pankh

संत की यह अजीब बात सुनकर किसान हैरान रह गया, उसने सोचा की यह केसा प्रायश्चित का तरीका है! लेकिन उसे संत पर पूरा भरोसा था, इसलिए उसने वही किया सो संत ने उससे करने को कहा था। उसने एक थैली में पंख भरकर, कस्बे के चौराहे पर ले जाकर डाल दिए, और वापस संत, जो की कस्बे के बाहर एक छोटी सी कुटिया में रहता था, की और चल दिया। (Hindi Kahani)

जब उसने संत को जाकर बताया की उसने पंख कसबे के चौराहे पर डाल दिए हैं तो संत ने कहा “ठीक है, अब तुम एसा करो की जाओ और उन पंखो को  फिर से इस थैली में भरकर लाओ!” किसान यह सुनकर और भी ज़्यादा हैरान हो गया, क्यों की यह तो बहुत ही मुश्किल काम था।  लेकिन जब उसने कसबे के चौराहे पर जाकर देखा तो उसने पाया की जिस काम को वह मुश्किल समझ रहा था, वह मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है! क्यों की उसके द्वारा फेके गए पंख चारो और उड़ गए थे। (Hindi Kahani)

लिहाज़ा वह संत के पास खाली हाथ लोट आया और कहा ” बाबा, अब उन पंखो को वापस लाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है, क्यों की वे तो चारों दिशाओं में उड़ चुके हैं।”

संत यह सुनकर मुस्कुरा दिए ” बेटा! यह बात तुम्हारे शब्दों के बारे में भी उतनी ही सही है, तुमने उन्हें बड़ी आसानी से कह दिया, पर अब तुम उन्हें वापस नहीं ले सकते, उन्होंने तुम्हारा नुकसान कर दिया। लेकिन आगे से तुम इस बात का ध्यान रखो की तुम लोगो से क्या कह रहे हो! अपने पडोसी से जाकर माफ़ी मांगो, जब वह तुम्हे माफ़ कर देगा तभी तुम्हारा पश्चाताप पूरा होगा।  (Hindi Kahani)

So, the moral of this Hindi Kahani is

Be careful with your words! you can easily drop them but can not retrieve.

See List of All Hindi Stories

1 thought on “Hindi Kahani – मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है !!!”

Leave a Reply