Hindi Kahani – रेत और पत्थर (हिंदी कहानी)

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Hindi Kahani – Ret aur patthar

Hindi Kahani – Sand And Stone

हिंदी कहानी – रेत और पत्थर

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 यह कहानी दो दोस्तों की है, जो सहारा रेगिस्तान पार कर रहे थे। रास्ते में उनका किसी बात पर झगड़ा हो गया और एक दोस्त ने दूसरे दोस्त को गुस्से में आकर थप्पड़ मार दिया। दूसरे दोस्त को इस बात से दिल पर बहुत ठेस पहुंची, जब वे एक पेड़ के नीचे दोपहर का खाना खाने  लिए रुके, तो उसने रेत पर एक लकड़ी से लिखा

“आज मेरे सबसे अच्छे दोस्त ने छोटा सा झगड़ा होने पर थप्पड़ मार दिया “

रेगिस्तान में वे एक दुसरे को छोड़कर नहीं जा सकते थे, इसलिए उन्होंने सफर जारी रखा और सोचा मंज़िल पर पहुँच कर इस झगडे को सुलझाया जायेगा।
वे आपस में बिना बात किये, साथ साथ चलते रहे, आगे उन्हें एक नखलिस्तान (Oasis) मिला, जिसमे एक बड़ी झील थी।  उन्होंने इस झील में नहाकर तरोताज़ा होने का फैसला किया। (Hindi Kahani)

झील के दुसरे किनारे पर एक बहुत खतरनाक दलदल था, वह दोस्त जिसे चांटा मारा गया था, तैरते तैरते झील के दुसरे किनारे पर, इस दलदल में जा फंसा, और डूबने लगा ! उसके दोस्त ने जब यह देखा, तो वह भी तुरंत उस तरफ तैर कर आया और अपने दोस्त को बड़ी मशक्क़त के बाद, बाहर निकल लिया।

दलदल से निकल कर दोनों दोस्तों ने अपने कपडे साफ किये, खाना खाया और छायादार पेड़ों के निचे आराम करने लगे।
जिस दोस्त को दलदल से बचाया गया था उसने झील के किनारे एक बड़े पत्थर पर लिखा “आज मेरे दोस्त ने मेरी जान बचाई”  (hindi kahani)

Hindi Kahani - sand and stone2

Hindi Kahani – Dosti kahani

दूसरे दोस्त ने यह देखकर पुछा “जब मेने तुम्हे थप्पड़ मारा था तो तुमने उसे रेत पर लिखा! लेकिन जब मेने तुम्हारी जान बचाई तो तुमने पत्थर पर लिखा, ऐसा क्यों!!! ?”

दूसरे दोस्त ने जवाब दिया

“जब हमें कोई दुःख पहुंचाता है तो हमें इसे रेत पर लिखना चाहिए, जहाँ वक़्त और माफ़ी की हवाएँ उसे मिटा दें”

Hindi Kahani Sand and stone 3

HIndi Kahani – Sand and stone

लेकिन जब कोई हमारे साथ अच्छा बर्ताव करे, तो हमें उसे पत्थर पर लिखना चाहिए, जहाँ उसे कोई मिटा ना सके।  

Moral of this Hindi Kahani is

Write your hurts in the sand and forgive
But, Carve good deeds done to you on stone and remember them.

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