Hindi Kahani सच्ची ख़ुशी कैसे हांसिल करें।

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Hindi Kahani हिंदी कहानी – सच्ची ख़ुशी कैसे हांसिल करें।

Hindi Kahani – How to find Happiness

हिंदी कहानी – सच्ची ख़ुशी कैसे हांसिल करें।

यह कहानी एक अमीर महिला के बारे में है, जिसे अपनी ज़िन्दगी बिलकुल बेमानी और खाली खाली सी लगने लगी थी। तमाम ऐश ओ आराम, सुख सुविधाए होने के बावजूद उसकी ज़िन्दगी में कोई ख़ुशी नहीं थी, ज़िन्दगी का कोई मतलब, मकसद नहीं था।  तब वह एक मनोवैज्ञानिक की सलाह लेने उसके क्लीनिक पहुंची ताकि उसकी ज़िन्दगी में खुशियाँ फिर से लोट सकें।

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मनोवैज्ञानिक ने उसकी सारी बात ध्यान से सुनी और कुछ देर बाद सोचने के बाद उसने उसके यहाँ पोछा लगाने वाली बूढ़ी औरत मैरी को बुलाया और कहा ” मैरी आओ यहाँ बैठो! क्या तुम अपनी कहानी इन को सुना सकती हो की तुमने अपनी खोयी हुई खुशियाँ कैसे वापस प्राप्त की?!”

मैरी ने यह सुनकर अपनी झाड़ू एक तरफ रखी और कुर्सी पर बैठकर अपनी बात कहना शूरू किया।

” Well, मेरा भी एक खुशहाल परिवार था, पर मेरे पति की मलेरिया के कारण असमय मृत्यु हो गयी, और उसके तीन महीने बाद ही मेरे बेटा भी एक कार दुर्घटना में मारा गया। मेरी ज़िन्दगी पूरी तरह से बर्बाद हो गयी थी, में सो नहीं पाती थी, खाना नहीं खा पाती थी, में किसी को भी देखकर मुस्कुराती तक नहीं थी, यहाँ तक की मेने कई बार आत्महत्या के बारे में भी सोचा।”

Hindi Kahani - Happiness

Hindi Kahani हिंदी कहानी – सच्ची ख़ुशी कैसे हांसिल करें।

“फिर एक सर्द दिन, जब में काम से वापस घर लोट रही थी, एक छोटा बिल्ली का बच्चा मेरे पीछे पीछे मेरे घर के दरवाज़े तक आ गया। मुझे उस पर दया आ गयी। बहार बहुत ठण्ड पड़ रही थी इसलिए मेने उसे अंदर आने दिया और उसे प्लेट में डालकर थोड़ा दूध दिया।  बिल्ली के बच्चे ने पूरी प्लेट चाट चाट कर साफ कर दी और फिर वह मेरे पैरों से लिपटने लगा! यह देखकर मेरे चेहरे पर मुस्कुराहट आ गयी!”

“फिर अचानक मेने सोचा की अगर इस छोटे बिल्ली के बच्चे की निस्वार्थ मदद करने से मेरे चेहरे पर मुस्कुराहट आ गयी, मुझे सुकून मिला और में अपने गम कुछ देर के लिए भूल गयी, अगर में लोगों की मदद करूँ तो क्या होगा?”

” अगले दिन मेने कुछ बिस्किट बेक किये और अपने एक गरीब पडोसी, जो की बीमार था, उसे देखने गयी और उसे वह बिस्किट दिए जो मेने मेहनत से बनाये थे !”  वह बहुत आश्चर्य चकित और खुश हो गया। बीमारी के बावजूद उसके चेहरे पर मुस्कुराहट देखकर मुझे अच्छा लगा।”

Hindi Kahani - Happiness

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“उस दिन के बाद, में हर रोज़ किसी के लिए कुछ अच्छा काम ज़रूर करती हूँ, उन लोगों के चेहरों पर ख़ुशी देखकर मुझे भी ख़ुशी मिलती है। ”
“मेने अपनी ज़िन्दगी की ख़ुशी फिर से पा ली! दूसरों को ख़ुशी देकर !”

यह कहानी सुनकर आमिर महिला की आँखों में आँसू आ गए।

ज़िन्दगी की खूबसूरती इस बात पर निर्भर नहीं करती की आप कितने खुश हैं, वह इस बात पर निर्भर करती है की आपकी वजह से दूसरें कितने खुश हैं।

ख़ुशी एक मंज़िल नहीं बल्कि एक सफर है !
ख़ुशी कल में नहीं बल्कि अभी  और इस पल में है।
ख़ुशी किसी बाहरी चीज़ पर निर्भर नहीं है, यह तो आपके मन की एक स्थिति है।
ख़ुशी इस बात में है की आप क्या हैं और क्या करतें हैं, वह इस बात में नहीं है की आपके पास क्या क्या है ?

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Moral of this Hindi Kahani is

The beauty of life does not depend on how happy you are; but on how happy others can be because of you.

Happiness is not a destination, it’s a journey.

Happiness is not tomorrow, it is now.

Happiness is not a dependency, it is a decision.

Happiness is what you are, not what you have!

 

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