Hindi Love Shayri – कभी कवल कभी गुलाब

Hindi Love Shayri – कभी कवल कभी गुलाब

Hindi Love Shayri –

हिंदी शायरी
कभी कवल कभी गुलाब लगती हो,
जानेमन बहारों का ख्वाब लगती हो,
बिन पिए बहकतें हैं मेरे कदम,
तेरी गली की हवा भी आग शराब लगती है।

Hindi Love Shayri
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