Hindi Shayri – औरों के लिए जीते थे

Hindi Shayri – औरों के लिए जीते थे

Hindi Shayri –

हिंदी शायरी

औरों के लिए जीते थे, किसी को कोई शिकायत न थी,
अपने लिए जीने का क्या सोचा सारा ज़माना दुश्मन हो गया।

Hindi Shayri
Hindi Shayri

Leave a Reply