Hindi Shayri - औरों के लिए जीते थे - Net In Hindi.com

Hindi Shayri – औरों के लिए जीते थे

Hindi Shayri –

हिंदी शायरी

औरों के लिए जीते थे, किसी को कोई शिकायत न थी,
अपने लिए जीने का क्या सोचा सारा ज़माना दुश्मन हो गया।

Hindi Shayri

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