Jawani Shayari in Hindi जवानी शायरी

Jawani Shayari in Hindi जवानी शायरी
Jawani Shayari in Hindi जवानी शायरी

Jawani Shayari in Hindi

जवानी शायरी

दोस्तों “जवानी शेर ओ शायरी का एक मज़ेदार संकलन हम इस पेज पर प्रकाशित कर रहे है, उम्मीद है यह आपको पसंद आएगा और आप विभिन्न शायरों के “जवानी के बारे में ज़ज्बात जान सकेंगे. अगर आपके पास भी जवानी शायरी का कोई अच्छा शेर है तो उसे कमेन्ट बॉक्स में ज़रूर लिखें.

सभी विषयों पर हिंदी शायरी की लिस्ट यहाँ है.

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इक अदा मस्ताना सर से पाँव तक छाई हुई,

उफ़ तेरी काफ़िर जवानी जोश पर आई हुई !! – दाग़ देहलवी

 

खुद अपनी जवानी की आरजूओं पर

तुम्हारे बाद अकेला ही छुप के रोता हूँ

~नरेश कुमार ‘शाद’

 

मेरी दरमांदा जवानी की तमाओं के

मुज्महिल ख्वाब की ताबीर बता दे मुझको

~साहिर

 

मलाहत जवानी तबस्सुम इशारा,

इन्हीं काफ़िरों ने तो शायर को मारा !!- नुशूर वाहिदी

 

बरसात की भीगी रातों में फिर कोई सुहानी याद आई

कुछ अपना ज़माना याद आया कुछ उनकी जवानी याद आई

 

Jawani Shayari in Hindi जवानी शायरी

 

सुकून-ए-कल्ब की दौलत कहाँ दुनिया-ए-फानी में,

बस इक गफलत-सी आ जाती है और वो भी जवानी में !!

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सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ,

ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ !! – मीर दर्द

 

मोड़ होता है जवानी का सम्हलने के लिये

और सब लोग यहीं आके फिसलते क्यों हैं.!!

 

इतनी आसानी से मिलती नहीं फ़न की दौलत।।

ढल गई उम्र तो गज़लों में जवानी आई..!!

 

कतरा कतरा सागर तक तो जाती है हर उम्र

मगर जो बहता दरिया वापस मोड़े उसका नाम जवानी है

 

Jawani Shayari in Hindi जवानी शायरी

 

वह कुछ मुस्कुराना, वह कुछ झेंप जाना,

जवानी अदाएं सिखाती है क्या-क्या। -‘बेखुद’ देहलवी

 

तुम्हारी कातील अदा और मदमस्त जवानी

तडपा रही हम को, रहम कर दिवानी।।

 

एक तो कम जिंदगानी

उस से भी कम है जवानी

 

कहते है पीनेवाले मर जाते है जवानी में ।।

हमने तो बुजुर्गों को जवान होते देखा है मैखाने में ।

 

ख़याल-ओ ख़्वाब में दीवानगी पागलपन में

जवानी काम की थी ग़फ़लतों में बीत गयी!!!

 

Jawani Shayari in Hindi जवानी शायरी

मोहब्बत के सुहाने दिन जवानी की हसीन राते,

जुदाई में नज़र आती हैं ये सब ख्वाब की बाते.

 

लड़कपन खेल में खोया, जवानी नींद में सोया।

बुढ़ापा देख के रोया, वही किस्सा पुराना है।

 

ज़िक्र जब छिड़ गया क़यामत का

बात पहुंची तेरी जवानी तक

 

हंसीए जो कभी पाइये पढ़ते ग़ालिब की गज़ल

और ’हाय जवानी ले बैठी’ तन्हा गुनगुनाइए ~आतिशमिज़ाज

 

जिंदगी की रफ़्तार में क्या-क्या नहीं छूटा ??

कहीं बचपन नहीं रहा, कहीं जवानी नहीं रही…!!!

 

इतिहास के पन्ने जब जब पलटो ,बस एक कहानी मिलती है,

इतिहास उधर चल देता है ,जिस ओर जवानी चलती है

 

Jawani Shayari in Hindi जवानी शायरी

 

एक उम्र जवानी होती है हर शय पे रवानी होती है

हर दिल नजरो का दीवाना हर नजर दीवानी होती है.

 

अह्दे-जवानी रो-रो काटी,पीरी में लीं आंखें मून्द..

यानी रात बहुत थे जागे,सुबह हुई आराम किया..! ~मीर तक़ी मीर

 

कहाँ तक जफा हुस्न वालों के सहते,

जवानी जो रहती तो फिर हम न रहते। ~साकिब_लखनवी

 

हुस्न ढल गया गुरूर अभी बाकी है

नशा उतर गया सुरूर अभी बाकी है

जवानी ने दस्तक दी और चली गई

जेहन में वही फितूर अभी बाकी है

 

Jawani Shayari in Hindi जवानी शायरी

 

टहनियों के आँगन में हरे पत्तों को जवानी की दुआ लगे

मुसाफिरों के सिरों को छाया औरराहों को फूलों की आशीष मिले

 

वही प्यास के अनगढ़ मोती ,

वही धूप की सुर्ख़ कहानी

वही ऑंख में घुट कर मरती ,

ऑंसू की ख़ुद्दार जवानी

 

हुकूमत थी बचपन में बादशाहों सी हमारी,

जवानी ने हमें तकदीर का रफ़ूगर बना दिया…!!

 

जी भर कर बदनाम हो गए हम …

चलो जवानी का हक़ तो अदा हो गया…

 

जवानी जा रही है और मैं महव-ए-तमाशा हूँ

उड़ी जाती है मंज़िल और ठहरता जा रहा हूँ मैं ~नुशूर_वाहिदी

 

ऐ दिल– सुना न मुझको बिसरी हुई कहानी

कुछ इश्क की तबाही कुछ हुस्न की जवानी

 

ज़िन्दगी के किस मोड़ पर ले आई है यह जवानी भी,

जलना होगा या डूबना होगा “अक्स” इश्क़ आग भी है और पानी भी

 

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Jawani Shayari in Hindi in roman

 

ik ada mastana sar se panv tak chhae hue,

uf tere kafir javane josh par ae hue !! – dag dehalave

 

khud apane javane ke arajooon par

tumhare bad akela he chhup ke rota hoon

~naresh kumar shad

 

mere daramanda javane ke tamaon ke

mujmahil khvab ke taber bata de mujhako

~sahir

 

malahat javane tabassum ishara,

inhen kafiron ne to shayar ko mara !!- nushoor vahide

 

barasat ke bhege raton mein fir koe suhane yad ae

kuchh apana zamana yad aya kuchh unake javane yad ae

 

jawani shayari in hindi javane shayari

 

sukoon-e-kalb ke daulat kahan duniya-e-fane mein,

bas ik gafalat-se a jate hai aur vo bhe javane mein !!

 

sair kar duniya ke gafil zindagane fir kahan,

zindage gar kuchh rahe to ye javane fir kahan !! – mer dard

 

mod hota hai javane ka samhalane ke liye

aur sab log yahen ake fisalate kyon hain.!!

 

itane asane se milate nahin fan ke daulat..

dhal gae umr to gazalon mein javane ae..!!

 

katara katara sagar tak to jate hai har umr

magar jo bahata dariya vapas mode usaka nam javane hai

 

jawani shayari in hindi javane shayari

 

vah kuchh muskurana, vah kuchh jhemp jana,

javane adaen sikhate hai kya-kya. -bekhud dehalave

 

tumhare katel ada aur madamast javane.

tadapa rahe ham ko, raham kar divane..

 

ek to kam jindagane

us se bhe kam hai javane

 

kahate hai penevale mar jate hai javane mein ..

hamane to bujurgon ko javan hote dekha hai maikhane mein .

 

khayal-o khvab mein devanage pagalapan mein

javane kam ke the gafalaton mein bet gaye!!!

 

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mohabbat ke suhane din javane ke hasen rate,

judae mein nazar ate hain ye sab khvab ke bate.

 

ladakapan khel mein khoya, javane nend mein soya.

budhapa dekh ke roya, vahe kissa purana hai.

 

zikr jab chhid gaya qayamat ka

bat pahunche tere javane tak

 

 

jindage ke raftar mein kya-kya nahin chhoota ??

kahen bachapan nahin raha, kahen javane nahin rahe…!!!

 

itihas ke panne jab jab palato ,bas ek kahane milate hai,

itihas udhar chal deta hai ,jis or javane chalate hai

 

jawani shayari in hindi javane shayari

 

ek umr javane hote hai har shay pe ravane hote hai

har dil najaro ka devana har najar devane hote hai.

 

ahde-javane ro-ro kate,pere mein len ankhen moond..

yane rat bahut the jage,subah hue aram kiya..! ~mer taqe mer

 

kahan tak jafa husn valon ke sahate,

javane jo rahate to fir ham na rahate. ~sakib_lakhanave

 

husn dhal gaya guroor abhe bake hai

nasha utar gaya suroor abhe bake hai

javane ne dastak de aur chale gae

jehan mein vahe fitoor abhe bake hai

 

jawani shayari in hindi javane shayari

 

 

hukoomat the bachapan mein badashahon se hamare,

javane ne hamen takader ka rafoogar bana diya…!!

 

je bhar kar badanam ho gae ham …

chalo javane ka haq to ada ho gaya…

 

javane ja rahe hai aur main mahav-e-tamasha hoon

ude jate hai manzil aur thaharata ja raha hoon main ~nushoor_vahide

 

ai dil– suna na mujhako bisare hue kahane

kuchh ishk ke tabahe kuchh husn ke javane

 

zindage ke kis mod par le ae hai yah javane bhe,

jalana hoga ya doobana hoga “aks” ishq ag bhe hai aur pane bhe

 

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