Kabir ke dohe – इस घट अंदर बाग़ बगीचे

Kabir ke dohe –

कबीर के दोहे  हिंदी सुविचार, हिंदी अनमोल वचन
इस घट अंदर बाग़ बगीचे, इसमें सिरजनहारा,
इस घट अंदर सात समुन्दर, इसमें नौलखा तारा,
इस घट अंदर पारस मोती, इसमें परखनहरा,
इस घट अंदर अनहद गरजे, इसमें छुटत फव्वारा,
कहत कबीर सुनो भाई साधो, इसमें साईं हमारा।

Kabir ke dohe - इस घट अंदर बाग़ बगीचे

Kabir ke dohe – इस घट अंदर बाग़ बगीचे

Taj Mohammed Sheikh

हेलो दोस्तों, में एक Freelance Blogger हूँ , नेट इन हिंदी .com वेबसाईट बनाने का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा में मनोरंजक और उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करना है, यहाँ आपको विज्ञान, सेहत, शायरी, प्रेरक कहानिया, सुविचार और अन्य विषयों पर अच्छे लेख पढ़ने को मिलते रहेंगे. धन्यवाद!

You may also like...

Leave a Reply