Kismat Shayari in Hindi क़िस्मत पर शायरी

Kismat Shayari in Hindi  क़िस्मत पर शायरीi

Kismat Shayari in Hindi क़िस्मत पर शायरी

Kismat Shayari in Hindi

क़िस्मत पर शायरी

दोस्तों इस ब्लॉग पोस्ट में हम क़िस्मत पर शेर ओ शायरी पेश कर रहे हैं, इसी तरह आप मुकद्दर पर शायरी और तक़दीर पर शायरी भी इन लिनक्स पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं.

सभी टॉपिक्स पर शायरी की लिस्ट यहाँ है.

 

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चरके वो दिए दिल को महरूमी-ए-क़िस्मत ने

अब हिज्र भी तन्हाई और वस्ल भी तन्हाई

 

ना-मुरादी अपनी किस्मत गुमराही अपना नसीब,

कारवाँ की खैर हो हम कारवाँ तक आ गए।

~काबिल_अजमेरी

 

दुआ की न पूछो की कितनी है कुदरत

उठा के हाथ देखो बदलती है किस्मत।

 

अपनी क़िस्मत में लिखी थी धूप की नाराज़गी,

साया-ए-दीवार था लेकिन पस-ए-दीवार था !!

 

रोज़ वो ख़्वाब में आते हैं गले मिलने को,

मैं जो सोता हूँ तो जाग उठती है क़िस्मत मेरी !! – जलील मानिकपुरी

 

Kismat Shayari in Hindi

 

ये न थी हमारी क़िस्मत कि विसाल-ए-यार होता

अगर और जीते रहते यही इंतज़ार होता

~ग़ालिब

 

कहर हो, बला हो, जो कुछ हो,

काश ! तुम मेरे लिये होते !

मेरी किस्मत में गम गर इतना था,

दिल भी यारब कई दिये होते !!

 

रिश्ते-नाते झूटे हैं सब स्वार्थ का झमेला है

जाने मेरी किस्मत ने कैसा खेल खेला है

 

कल भी मन अकेला था,आज भी अकेला है

जाने मेरी किस्मत ने कैसा खेल खेला है

 

मेरी किस्मत से खेलने वाले

मुझ को दुनिया से बेखबर कर दे

 

Kismat Shayari in Hindi

तुझको मस्ज़िद है मुझको मयखाना,

वाइज़ा अपनी अपनी किस्मत है।

~मीर

 

ये दिन भी देखना लिक्खा था मेरी क़िस्मत में,

जो थे हबीब, हुए हैं रक़ीब-ए-जां लोगों

 

थी सामने आलाइश-ए-दुनिया की भी इक राह,

वो ख़ूबी-ए-क़िस्मत से ज़रा छोड़ गए हम !!

 

किसी राह पे मिल जाओ मुसाफ़िर बन के,

क्या पता अपनी किस्मत में हमसफ़र भी लिखा हो।

 

बेवफ़ा लिखते हैं वो अपने क़लम से मुझ को,

ये वो क़िस्मत का लिखा है जो मिटा भी न सकूँ !!

 

Kismat Shayari in Hindi

विसाल-ए-यार तो क़िस्मत की बात है बेशक,

ख़याल-ए-यार भी हम से बहुत ख़फ़ा निकला !!

 

तेरी क़िस्मत ही में ज़ाहिद मय नहीं

शुक्र तो मजबूरियों का नाम है !!

 

Kismat Shayari in Hindi

 

हर तरफ़ छा गए पैग़ाम-ए-मोहब्बत बन कर

मुझ से अच्छी रही क़िस्मत मेरे अफ़्सानों की !!

 

कुछ तेरी फ़ितरत में नहीं थी वफ़ादारी, कुछ मेरी किस्मत में बेवफ़ाई थी,

वक़्त को क्या दोष दूँ, वक़्त ने तो बस मुहोब्बत आजमाई थी।

 

छत कहाँ थी नसीब में,फुटपाथ को ही जागीर समझे

छालों से कटी हथेली,हम किस्मत की लकीर समझे

 

उम्मीद का लिबास तार तार ही सही पर सी लेना चाहिए,

कौन जाने कब किस्मत माँग ले इसको सर छुपाने के लिए

 

Kismat Shayari in Hindi

किसी कशमकश में रहा होगा खुदा भी,

जो उसने मुझे तो तेरी किस्मत में लिखा पर

तुझे मेरी किस्मत में नहीं लिखा।

 

इसी में इश्क़ की क़िस्मत बदल भी सकती थी,

जो वक़्त बीत गया मुझ को आज़माने में

 

हँस हँस के जवां दिल के हम क्यों न चुनें टुकडे,

हर शख्स की किस्मत में इनाम नहीं होता!! -~MeenaKumari

 

मेरी किस्मत से खेलने वाले ~~

मुझको किस्मत से बेखबर करदे. ~faiz

 

Kismat Shayari in Hindi

जो मिल गया उसे तक़दीर का लिखा कहिये

जो खो गया उसे क़िस्मत का फ़ैसला कहिये.!!

 

लेके अपनी-अपनी किस्मत आए थे गुलशन में गुल

कुछ बहारों मे खिले और कुछ ख़िज़ाँ में खो गए

 

साथ चलता है, दुवाओं का काफिला,

किस्मत से जरा कह दो, अभी तन्हा नही हूँ मैं.!!

 

Kismat Shayari in Hindi

कभी सरकार पे, क़िस्मत पे, कभी दुनिया पे

दोष हर बात का औरों पे हि डाला मैंने.!!

 

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