न्यूजीलैंड का अनोखा पक्षी कीवी

न्यूजीलैंड का अनोखा पक्षी कीवी

उड़ ना सकने वाला कीवी पक्षी न्यूजीलैंड का मूल निवासी है, यह जीनस Apteryx और Apterygidae  परिवार का सदस्य, यह लगभग एक बड़ी मुर्गी के आकार का होता है, उड़ ना सकने वाले पक्षियों का वर्ग जिसे ratites  कहते हैं इनमें कीवी पक्षी सबसे छोटा है इस वर्ग में दूसरे पक्षी जो कि उड़ नहीं सकते ostriches, emus, rheas, and cassowaries इत्यादि हैं, यह अपने शरीर की तुलना में सबसे बड़ा अंडा देने वाला पक्षी है

कीवी पक्षी में कई अनेक अनोखी विशेषताएं पाई जाती है, इसका कारण यह है कि  न्यूजीलैंड का दीप समूह लाखों वर्षों तक बाकी दुनिया से अलग अछूता रहा, न्यूजीलैंड के चारों तरफ समुद्र है इसीलिए अन्य प्रकार के पशु और पक्षी  न्यूजीलैंड के जंगलों में नहीं आ पाए तथा न्यूजीलैंड के जंगलों में रहने वाले पशु और पक्षियों का बिल्कुल अलग ही तरह से विकास हुआ, न्यूजीलैंड में बहुत कम स्तनधारी प्राणी पाए जाते हैं इस वजह से भी यहां अजीब अजीब तरह के पशु और पक्षी विकसित हुए हैं.

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किवी एक संकटग्रस्त प्रजाति का पक्षी है आज से 100 वर्ष पहले यह लाखों की संख्या में पाए जाते थे परंतु अब दिन प्रतिदिन इनकी संख्या कम होती जा रही है एक अनुमान के मुताबिक 2% कीवी प्रतिवर्ष मारे जाते हैं जिससे कि 50 वर्षों में ही इनकी संख्या लगभग खत्म हो जाएगी. शिकारी जानवर जैसे कुत्ते बिल्लियां इन के लिए बहुत खतरनाक है वैज्ञानिक कहते हैं कि एक कुत्ता हजारों कीवी  को मार सकता है, क्योंकि की इन पक्षियों का विकास ऐसे माहौल में हुआ है जहां उनका कोई भी शिकारी परभक्षी ही नहीं था.

कीवी  पक्षी की विशेषताएं

कीवी पक्षी आकार में मोटा गोलाकार होता है और यह  एक प्राचीन पक्षियों के वर्ग Ratites का सदस्य है, वैज्ञानिक इस बात से हैरान है कि कीवी उड़ नहीं पाता है तो फिर यह प्रजाति न्यूजीलैंड में कैसे आई क्योंकि न्यूजीलैंड चारों ओर से समुद्र से घिरा हुआ है.

कीवी की कई विशेषताएं स्तनधारी प्राणियों से मिलती है, इसीलिए इसे कभी honorary mammal के नाम से पुकारा जाता है इसके पंख स्तन धारियों के बालों की तरह होते हैं तथा इसकी चोंच के आगे नथुने होते हैं तथा इस का अंडा बहुत बड़े आकार का होता है, इस के पंख बहुत छोटे छोटे होते हैं इसके लगभग 3 सेंटीमीटर लंबे पंख होते हैं पंखों के अंत में छोटे-छोटे पंजे  पाए जाते हैं,यह पंजे इन्हें अनोखा बनाते हैं विश्व में शायद ही किसी और पक्षी के पंखों के आगे पंजे पाए जाते हैं.

कीवी केवल न्यूजीलैंड के घने जंगलों में पाए जाते हैं, यह जमीन के अंदर गड्ढा खोदकर या किसी खोखले तने में या घनी झाड़ियों में सोना पसंद करते हैं.

ज्यादातर कीवी की प्रजातियां रात्रिचर होती है मतलब यह की ये रात में ज्यादा सक्रिय होते हैं, न्यूजीलैंड के ज्यादातर प्राणी रात्रिचर ही हैं, कीवी की आवाज सुबह और शाम को जंगलों में सुनाएं देती है.

कीवी सर्वाहारी पक्षी होते हैं, यह कीड़े मकोड़े और फलों बीजों को और वह सब कुछ खा लेते हैं जो ये अपनी चोंच से ढूंढ सकते हैं.

किवी के अजीब अनुकूलन ने इसे अनोखा बना दिया है, बहुत बड़ा अंडा, छोटे और मोटे पैर, मोटा गोल शरीर, चोंच के आगे नथुने  जिससे यह सूंघ कर खाने का पता लगाता है इन सब विशेषताओं की वजह से यह पक्षी विश्व प्रसिद्ध है, यह पक्षी न्यूजीलैंड का प्रतीक बन गया है, न्यूजीलैंड के लोगों को दुनिया भर में किविज़ के नाम से जाना जाने लगा है.

Taj Mohammed Sheikh

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