सौरमंडल के बाहर अंतरिक्ष अभियान space mission out of solar system

नासा  के यह 5 अंतरिक्ष यान सौरमंडल के बाहर जा रहे हैं

space mission out of solar system

वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में कई अंतरिक्ष यान और स्पेस प्रोब भेजें हैं, शुक्र ग्रह से लेकर प्लूटो तक मानव के बनाए हुए अंतरिक्ष यान पहुंच चुके हैं, यह अंतरिक्ष यान सौरमंडल के ग्रहों और उपग्रहों की तस्वीरें और जानकारियां पृथ्वी तक पहुंचाते हैं, क्या कोई अंतरिक्ष अभियान सौरमंडल के बाहर भी भेजा गया है, क्या मानव का कोई अंतरिक्ष यान सूर्य मंडल की सीमा को पार कर मिल्की वे गैलेक्सी में खोजबीन कर रहा है? आइये जानते हैं उन पांच अंतरिक्ष यानो के बारे में जो कि सौर मंडल की सीमा से बाहर जा रहे हैं.

सौरमंडल से आगे अन्तरिक्ष अभियान spaceship out of solar system

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सौरमंडल एक बहुत विस्तृत क्षेत्र है, सौरमंडल की बाहरी सीमा 120 एस्टॉनोमिकल यूनिट की दूरी पर स्थित है, प्लूटो, सूर्य से 40  एस्टॉनोमिकल यूनिट की दूरी पर स्थित है, इस तथ्य से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि सौरमंडल की बाहरी सीमा प्लूटो से 3 गुना अधिक दूर है, मानव द्वारा भेजे गए 5 अंतरिक्ष यान ऐसे हैं जो कि सौरमंडल की बाहरी सीमा की ओर बढ़ रहे हैं, यह इतना विशाल क्षेत्र है कि वैज्ञानिक निश्चित तौर पर यह नहीं बता सकते कि यह अंतरिक्ष यान कब सौरमंडल की सीमा से बाहर पहुंचे, इन 5 अंतरिक्ष यान में से Voyager 1 सौर मंडल की सीमा को सन 2012 में पार कर चुका है, कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि Vyoager 2 अंतरिक्ष यान भी सूर्य मंडल की सीमा से बाहर जा चुका है, यह दोनों अंतरिक्ष यान सन 1977 में अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा द्वारा छोड़े गए थे, नासा का अभी भी इन अंतरिक्ष यानों से संपर्क बना हुआ है.

नासा का न्यू होराइजंस New Horizons जो कि सन 2015 में प्लूटो तक पहुंचा था अब धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए  प्लूटो के आगे के क्षेत्र Kuiper Belt मैं पहुंच चुका है, यहाँ से गुजरने के बाद यह अंतरिक्ष यान भी सौरमंडल के बाहर चला जाएगा.

नासा द्वारा प्रक्षेपित किए गए पायोनियर 10 और पायनियर 11 अंतरिक्ष यान भी सौर सौर मंडल के बाहर जाने वाले रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं, परंतु इन अंतरिक्ष यानों से  वैज्ञानिकों का संपर्क टूट चुका है यह अंतरिक्ष यान अब निष्क्रिय हो चुके हैं.

5 अंतरिक्ष यानों में Voyager 1, Voyager 2, और New Horizons अभी भी काम कर रहे हैं, तथा यह समय-समय पर पृथ्वी पर रेडियो संकेत भेजते रहते हैं, जबकि पायोनियर 10 और पायनियर 11 अंतरिक्ष यान निष्क्रिय हो चुके हैं, वैज्ञानिकों से इनका संपर्क टूट चुका है

5 अंतरिक्ष यान सौरमंडल से बाहर जा चुके हैं? Five spacecraft leaving solar system

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Pioneer 10 spacecraft in hindi

पायनियर 10 अंतरिक्ष यान को 1972 में छोड़ा गया था यह 1973 में जूपिटर तक पहुंचा तथा इसके बाद यह Aldebaran नाम के  तारे की तरफ बढ़ रहा है, यह तारा पृथ्वी से 65 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है, इस अंतरिक्ष यान से 2003 में संपर्क टूट चुका है.

Pioneer 11 spacecraft in hindi

पायोनियर 11 अंतरिक्ष यान को सन 1973 में अंतरिक्ष में भेजा गया था, यह सन 1974 में जुपिटर और  सन 1979 में शनि ग्रह तक पहुंचा, सन 1995 में इस अंतरिक्ष यान से संपर्क टूट चुका है, यह अंतरिक्ष यान अब Aquila  तारा मंडल की ओर बढ़ रहा है, यह अंतरिक्ष यान इस तारामंडल के नजदीकी तारे तक 4 मिलीयन साल यानी कि 40 लाख साल बाद पहुंचेगा

Voyager 2 spacecraft ki jankari

वाइजर दो अंतरिक्ष यान अगस्त 1977 को प्रक्षेपित किया गया था यह 1979 में जुपिटर तक, सन 1981 में शनि, सन 1986 में यूरेनस, सन 1989 में नेपच्यून ग्रह तक पहुंचा, वैज्ञानिक इस बात पर एक मत नहीं है कि अंतरिक्ष यान सौरमंडल की आखिरी सीमा को पार कर चुका है या नहीं.

Voyager 1 spacecraft ki jankari

Voyager 1 अंतरिक्ष यान  सितंबर 1977 में प्रक्षेपित किया गया था यह सन 1979 में जूपिटर, 1980 में शनि ग्रह उसके चंद्रमा टाइटन तक पहुंचा, यह अंतरिक्ष यान 25 अगस्त 2012 को सूर्य मंडल की सीमा को पार करके अंतर तारकीय व्योम में जा पहुंचा है, यह अंतरिक्ष यान अभी भी सक्रिय है, यह अंतरिक्ष यान 17.6  प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक तारे AC +79 3888 की ओर बढ़ रहा है, इसे वहां तक पहुंचने में 40 हज़ार साल का समय लगेगा

New Horizons spacecraft

New Horizons अंतरिक्ष यान सन 2006 में प्रक्षेपित किया गया था यह सन 2007 में जुपिटर तक पहुंचा, इसके बाद यह 14 जुलाई 2015 को प्लूटो के पास पहुंचा, वर्तमान समय में यह अंतरिक्ष यान  Kuiper belt क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है जहां पर लाखों संख्या में धूमकेतु पाए जाते हैं kuiper belt kya he ? kuiper belt की जानकारी,

यह पांच अंतरिक्ष यान ऐसे हैं जो सौरमंडल की सीमा को पार कर बाहरी अंतरिक्ष में चले जाएंगे,  अंतरिक्ष इतना विस्तृत क्षेत्र है कि सौरमंडल के बाहर अंतरिक्ष अभियान को सीधे नहीं भेजा गया है, क्योंकि सबसे नजदीकी सितारे अल्फ़ा संटोरी तक पहुंचने में भी हजारों साल का समय लगता है,  यही कारण है कि वैज्ञानिकों ने अभी तक कोई भी अंतरिक्ष यान सीधे सौरमंडल के बाहर नहीं पहुंचाया है.

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Taj Mohammed Sheikh

हेलो दोस्तों, में एक Freelance Blogger हूँ , नेट इन हिंदी .com वेबसाईट बनाने का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा में मनोरंजक और उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करना है, यहाँ आपको विज्ञान, सेहत, शायरी, प्रेरक कहानिया, सुविचार और अन्य विषयों पर अच्छे लेख पढ़ने को मिलते रहेंगे. धन्यवाद!

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