Mohabbat Shayari in Hindi मोहब्बत शायरी

Mohabbat Shayari in Hindi  मोहब्बत शायरी
Mohabbat Shayari in Hindi मोहब्बत शायरी

Mohabbat Shayari in Hindi

मोहब्बत शायरी

दोस्तों “मोहब्बत पर शेर ओ शायरी का एक विशाल संकलन हम इस पेज पर प्रकाशित कर रहे है, उम्मीद है यह आपको पसंद आएगा और आप विभिन्न शायरों के “मोहब्बत” के बारे में ज़ज्बात जान सकेंगे.

सभी विषयों पर हिंदी शायरी की लिस्ट यहाँ है.

***************************************************

 

निगह-ए-नाज़ न मिलते हुए घबरा हम से

हम मोहब्बत नहीं कहने के शनासाई को

~अहमद मुश्ताक़

 

वो कहते हैं ज़माना तेज़ है लम्बी मसाफ़त है

मोहब्बत का सितारा हूँ सभी के साँथ चलता हूँ

~अहमद रिज़वान

 

जब तक के मोहब्बत में दिल दिल से नहीं मिलता

नज़रों के तसादुम पर हम ग़ौर नहीं करते

~नसीम शाहजहाँपुरी

 

ग़म हो के ख़ुशी दोनों यक-साँ हैं मोहब्बत में

कुछ अश्‍क-ओ-तबस्सुम पर हम ग़ौर नहीं करते

~नसीम

 

मरना तो बहुत सहल सी इक बात लगे है,

जीना ही मोहब्बत में करामात लगे है !! – कलीम आजिज़

 

मिटा कर हस्ती-ए-नाकाम को राह-ए-मोहब्बत में

ज़माने के लिए इक दरस-ए-इबरत ले के आया हूँ

~नसीम शाहजहाँपुरी

Mohabbat Shayari in Hindi

न अरमाँ ले के आया हूँ न हसरत ले के आया हूँ

दिल-ए-बे-ताब में तेरी मोहब्बत ले के आया हूँ

~नसीम शाहजहाँपुरी

 

कैफ़-ए-जुनूँ सही यही हालत बनी रहे,

लिल्लाह मेरी उनकी मोहब्बत बनी रहे !!

 

अक्स पानी में मोहब्बत के उतारे होते,

हम जो बैठे हुए दरिया के किनारे होते !! -अदीम हाशमी

 

औरों की मोहब्बत के दोहराए हैं अफ़्साने

बात अपनी मोहब्बत की होंटों पे नहीं आई

 

एक नफरत ही नहीं दुनिया में दर्द का सबब फ़राज़

मोहब्बत भी सकूँ वालों को बड़ी तकलीफ़ देती है

~Faraz

 

बंजारे हैं रिश्तों की तिजारत नहीं करते,

हम लोग दिखावे की मोहब्बत नहीं करते !! -नसीम निकहत

 

डूबे कि रहे कश्ती दरिया-ए-मोहब्बत में,

तूफ़ान ओ तलातुम पर हम ग़ौर नहीं करते !!

 

ये दौरे मोहब्बत है सरमाया-ए-हस्ती है,

बे-वज़ह नहीं इसको सीने से लगाए हैं !! ~binish

 

यूँ तो होते हैं मोहब्बत में जुनूँ के आसार,

और कुछ लोग भी दीवाना बना देते हैं !! – ज़हीर देहलवी

Mohabbat Shayari in Hindi

हुस्न पाबन्द-ए-कफ़स इश्‍क़ असीर-ए-आलाम

ज़िंदगी जुर्म-ए-मोहब्बत की सज़ा आज भी है

~बाक़र मेंहदी

 

दर्द-ए-दिल आज भी है जोश-ए-वफ़ा आज भी है

ज़ख्म खाने का मोहब्बत में मज़ा आज भी है

~बाक़र मेंहदी

 

सीना-चाकान-ए-मोहब्बत को ख़बर है कि नहीं,

शहर-ए-ख़ूबाँ के दर-ओ-बाम सदा देते हैं !!

 

हम तर्क-ए-रब्त-ओ-ज़ब्त-ए-मोहब्बत के बावजूद,

सौ बार खिंच के कूचा-ए-जानाँ में आ गए !!

 

वो जिस ने दिये मुझ को मोहब्बत के खज़ाने

बादल की तरह आँख से बरसता भी वही है

 

ये बज़्म-ए-मोहब्बत है इस बज़्म-ए-मोहब्बत में,

दीवाने भी शैदाई फ़रज़ाने भी शैदाई !! -सूफ़ी तबस्सुम

 

अब के उम्मीद के शोले से भी आँखें न जलीं,

जाने किस मोड़ पे ले आई मोहब्बत हमको

 

कम से कम इतना तो ज़ाहिर हो मोहब्बत का असर,

मुँह से निकली हुई हर बात ग़ज़ल बन जाए !!

 

Mohabbat Shayari in Hindi

ना कोई थकन है,न कोई ख़लिश है

मोहब्बत की जाने ये कैसी कशिश है

जिसे देखिए वो चला जा रहा है,

जहान-ए-ग़ज़ल की सुहानी डगर है

 

मोहब्बत नाम है ला-हासिल और ना तमामी का,

मोहब्बत है तो दिल को फ़ारिग-ए-सुदो-जियां कर ले

 

और मैं उसके लिए गाऊँ मोहब्बत की ग़ज़ल

वो मेरे दिल के धड़कने की सदा है मेरे दोस्त

~क़तील शिफाई

 

मुझसे अब मेरी मोहब्बत के फ़साने न पूछो

मुझको कहने दो के मैंने उन्हें चाहा ही नहीं

 

मोहब्बत तर्क की मैंने गरेबाँ सी लिया मैं

ज़माने अब तो ख़ुश हो ज़हर ये पी लिया मैंने

~साहिर

 

किस दरजा दिल-शिकन थे मोहब्बत के हादसे

हम ज़िन्दगी में फिर कोई अरमाँ न कर सके

~साहिर

 

टूटा तलिस्म-ए-अहद-ए-मोहब्बत कुछ इस तरह

फिर आरज़ू की शमा फ़ुरेज़ाँ न कर सके

~साहिर

 

मैं क्या कहूँ कहाँ है मोहब्बत कहाँ नहीं

रग रग में दौड़ी फिरती है नश्तर लिए हुए

Mohabbat Shayari in Hindi

ये फ़ासला भी मोहब्बत में लुत्फ़ देता है

जब इंतेज़ार में हम इंतेज़ार करते हैं

 

शिद्दत से बहारों के इंतेज़ार में सब हैं

पर फूल मोहब्बत के तो खिलने नहीं देते

 

हाय री मजबूरियाँ तर्क-ए-मोहब्बत के लिये

मुझ को समझाते हैं वो और उन को समझाता हूँ मैं

 

 

हाय री मजबूरियाँ तर्क-ए-मोहब्बत के लिये

मुझ को समझाते हैं वो और उन को समझाता हूँ मैं

 

मोहब्बत में ज़ुबा चूप हो तो आँखे बात करती हैं

वो कह देती हैं सब बातें जो कहना भूल जाते हैं

 

दे मोहब्बत तो मोहब्बत में असर पैदा कर,

जो इधर दिल में है या रब वो उधर पैदा कर !!

 

बंजारे हैं रिश्तों की तिजारत नहीं करते,

हम लोग दिखावे की मोहब्बत नहीं करते !!

 

मैं समझता हूँ हर दिल में ख़ुदा रहता है

मेरा पैग़ाम मोहब्बत है जहाँ तक पहुँचे.

~shair

 

वो शोहरत मिली है मोहब्बत में ‘रह्बर’,

कि हर हुस्न वाला फिदा हो रहा है !! ~Rahbar

 

Mohabbat Shayari in Hindi

इज़हारे-मोहब्बत की हसरत को ख़ुदा समझे

हमने ये कहानी भी सौ बार सुना डाली !!

 

ये राह-ए-मोहब्बत है इसमें ऐसे भी मक़ाम आ जाते हैं

रुकिए तो पसीना आता है चलिये तो क़दम थर्राते हैं

मैंने हसरत से नज़र भर के उसे देख लिया,

जब समझ में न मोहब्बत के मआनी आए !!

 

फिर की थी मैने मोहब्बत से तौबा,

फिर उसकी तस्वीर देखकर नियत बदल गई !!

 

मोहब्बत लफ़्ज़ तो सादा सा है लेकिन ‘अज़ीज़’ इस को

मता-ए-दिल समझते थे मता-ए-दिल समझते हैं

 

आरजु अरमान इश्क तमन्ना वफा मोहब्बत

चीजे तो अच्छी हैं, पर दाम बहुत हैं

 

ज़माना कुफ़्र-ए-मोहब्बत से कर चुका था गुरेज़,

तिरी नज़र ने पलट दी हवा ज़माने की !!

 

और कुछ ज़ख़्म मेरे दिल के हवाले मेरी जाँ,

ये मोहब्बत है मोहब्बत में शिकायत कैसी !!

 

मैं खुलकार आज महफ़िल में ये कहता हूँ मुझे तुझसे

मोहब्बत है,मोहब्बत है मोहब्बत है मोहब्बत है

 

मुझको नफ़रत से नहीं प्यार से मस्लूब करो

मैं तो शामिल हूँ मोहब्बत के गुनहगारों में

Mohabbat Shayari in Hindi

मैं तिनकों का दामन पकड़ता नहीं हूँ,

मोहब्बत में डूबा तो कैसा सहारा !!

 

मोहब्बत भी ज़ालिम अजब बेबसी है,

न वो ही हमारे न दिल ही हमारा !!

 

मोहब्बत आम सा इक वाक़िआ था,

हमारे साथ पेश आने से पहले !! -सरफ़राज़ ज़ाहिद

 

यूँ तो होते हैं मोहब्बत में जुनूँ के आसार,

और कुछ लोग भी दीवाना बना देते हैं !!

 

बेगाना रहे दर्द-ए-मोहब्बत की दवा से,

ये दर्द ही कुछ और सिवा छोड़ गए हम !!

 

माहौल की ज़ुल्मात में जिस राह से गुज़रे,

क़िंदील-ए-मोहब्बत की ज़िया छोड़ गए हम !!

 

इशारे काम करते हैं मोहब्बत में निगाहों के

निगाहों से ही बाहम इन्किशाफ़-ए-राज़ होता है

 

लबों पर कुल्फ आँखों में लिहाज़-ए-नाज़ होता है

मोहब्बत करने वालों का अज़ब अंदाज़ होता है

 

कौन काफ़िर तुझे इल्ज़ाम-ए-तग़ाफ़ुल देगा

जो भी करता है मोहब्बत से गिला करता है!!

 

मोहब्बत सी शय उस ने मुझ को अता की,

कि ख़ुश ख़ुश चलूँ उम्र बर्बाद कर के !! –

Mohabbat Shayari in Hindi

तेरा नाम ले कर जिए जा रहे हैं,

गुनाह-ए-मोहब्बत किए जा रहे हैं !!

 

दिल में जो मोहब्बत की रौशनी नहीं होती,

इतनी ख़ूबसूरत ये ज़िंदगी नहीं होती !!

 

चराग़-ए-राह-ए-मोहब्बत ही बन गए होते,

तमाम उम्र का जलना अगर मुक़द्दर था !!

 

ज़माना याद करे या सबा करे ख़ामोश,

हम इक चराग़-ए-मोहब्बत जलाए जाते हैं !!

 

राख बर्बाद मोहब्बत की जो बचा रखी हैं,

बार बार इसको छेड़ा तो बिखर जायेगी !! -कैफी आज़मी

 

वो देखते जाते हैं कनखियों से इधर भी,

चलता हुआ जादू है मोहब्बत की नज़र भी !! -बेख़ुद देहलवी

 

आज तक उस की मोहब्बत का नशा तारी है,

फूल बाक़ी नहीं ख़ुश्बू का सफ़र जारी है!!

 

याद रखना ही मोहब्बत में नहीं है सब कुछ,

भूल जाना भी बड़ी बात हुआ करती है !!

 

जान जाने को है और रक़्स में परवाना है,

कितना रंगीन मोहब्बत तिरा अफ़्साना है !!

 

हर कदम पर गिरे, मगर सीखा

Mohabbat Shayari in Hindi

कैसे गिरतों को थाम लेते हैं

बस यही एक जुर्म है अपना

हम मोहब्बत से काम लेते हैं

 

मोहब्बत में नही है फर्क जीने और मरने का,

उसी को देख कर जीते हैं जिस काफिर पे दम निकले !!

 

चाहिए अहल-ए-मोहब्बत को कि दीवाना बनें,

कोई इल्ज़ाम न आएगा इस इल्ज़ाम के बाद !!

 

हज़ारों काम मोहब्बत में हैं मज़े के ‘दाग़’,

जो लोग कुछ नहीं करते कमाल करते हैं !!

 

‘अनीस’ आसाँ नहीं आबाद करना घर मोहब्बत का

ये उनका काम है जो ज़िंदगी बर्बाद करते हैं

 

मोहब्बत में लुटे लेकिन बहुत अच्छे रहे ~रहबर

गुमाँ था जिन पे रहज़न का वो मीरे कारवाँ निकले

 

कुछ ऐसा हो कि तस्वीरों में जल जाए तसव्वुर भी,

मोहब्बत याद आएगी तो शिकवे याद आएँगे !! -सरदार सलीम

 

अकेला दिन है कोई और न तन्हा रात होती है,

मैं जिस पल से गुज़रता हूँ मोहब्बत साथ होती है !!

 

मोहब्बत में नही है इब्तिदा या इन्तहा कोई,

हम अपने इश्क़ को ही इश्क़ की मंज़िल समझते हैं !! ~रहबर

 

Mohabbat Shayari in Hindi

मोहब्बत ना-रवा तक्सीम की काएल नहीं फिर भी

मेरी आँखों को आँसूं तेरे होठों को हँसी दी है

~ जाँ निसार अख़्तर

 

इस कहानी का तो अंजाम वही है कि जो था,

तुम जो चाहो तो मोहब्बत की शुरुआत लिखो !! -निदा फ़ाज़ली

 

इक लफ्ज़-ए-मोहब्बत का अदना सा फ़साना है,

सिमटे तो दिल-ए-आशिक, फैले तो ज़माना है !!

 

ख़ुदी और बे-ख़ुदी में फ़र्क़ है तो सिर्फ़ इतना है,

मोहब्बत आशना होना,मोहब्बत में फ़ना होना!!

 

यही है कमाल इश्क़-ओ-मोहब्बत करने का.

उमर जीने की है ओर शौक तुम्हें मरने का

 

मोहब्बत में बुरी नीयत से कुछ सोचा नहीं जाता,

कहा जाता है उसको बेवफा, समझा नहीं जाता !!

 

मासूम मोहब्बत का बस इतना फसाना है,

कगाज़ की हवेली है बारिश का ज़माना है !!

 

मोहब्बत में लुटे लेकिन बहुत अच्छे रहे ‘रहबर’,

गुमाँ था जिन पे रहज़न का वो मीरे कारवाँ निकले !!

 

दिल की हसरत का पैमाना कोई बाकी है,

मोहब्बत तुझे आज़माना अभी बाकी है!!

Mohabbat Shayari in Hindi

याद रखना ही मोहब्बत में नहीं है सब कुछ,

भूल जाना भी बड़ी बात हुआ करती है !!

 

मोहब्बत को समझना है तो नासेह खुद मोहब्बत कर,

किनारे से कभी अंदाज़-ए-तूफ़ां नहीं होता !!

 

इंकार-ए-मोहब्बत को तौहीन समझते हैं,

इज़हार-ए-मोहब्बत पर हो जाते हैं बरहम भी.!!

 

हर दिल को लुभाता है ग़म तेरी मोहब्बत का,

तेरी ही तरह ज़ालिम दिल-कश है तिरा ग़म भी.!!

 

 

तुम मुझे भूल भी जाओ तो ये हक़ है तुम को

मेरी बात और है,मैंने तो मोहब्बत की है.!!

 

चाँदनी रात मोहब्बत में हसीन थी “फ़ाकिर”

अब तो बीमार उजालों पे हँसी आती है.!!

~सुदर्शन फ़ाक़िर

मोहब्बत के साँचे में ढलता रहा

इशारे पे मैं दिल के चलता रहा.!!

 

मोहब्बत के साँचे में ढलता रहा

इशारे पे मैं दिल के चलता रहा.!!

 

ख़ुद को यूँ जर्म-ए-मोहब्बत की सज़ा देते हैं

दिल के अरमान को,आँखों से बहा देते हैं.!!

Mohabbat Shayari in Hindi

आया परवाना गिरा शमा पे जल-जल के मरा

तू अभी सोच रहा है के मोहब्बत क्या है.!!

 

कोई मोहब्बत के पटवारी को जानता है क्या

मुझे मेरा महबूब अपने नाम करवाना है.!!

 

मेरी मुश्किल ये है मुझ को अदाक़ारी नहीं आती

हक़ीकी आदमी रस्मी मोहब्बत कर नहीं सकता.!!

 

लब पे आहें भी नहीं आँख में आँसू भी नहीं

दिल ने हर राज़ मोहब्बत का छुपा रक्खा है.!!

 

ठहरी-ठहरी सी तबियत में रवानी आई

आज फिर याद मोहब्बत की कहानी आई

 

मोहब्बत से इनायत से वफ़ा से चोट लगती है

बिखरता फूल हूँ मुझको हवा से चोट लगती है.!!

 

इख़लास की दौलत को हम अहले-मोहब्बत

तक़सीम तो कर देते हैं बेचा नही करते.!!

 

ये मैं नहीं हूँ खाक़े-मोहब्बत का ढेर है

कुछ भी नहीं मिलेगा तुम्हें इस ग़ुबार से.!!

करना हि पड़ेगा ज़ब्ते-अलम पीने हि पड़ेंगे ये आँसू

फरियादो-फुगाँ से ऐ नादाँ,तौहिने-मोहब्बत होती है

 

आप को शब के अँधेरे से मोहब्बत है, रहे

चुन लिया सुबह के सूरज का उजाला मैंने.!!

 

Mohabbat Shayari in Hindi

डुबो दे अपनी कश्ती को,किनारा ढूँढने वाले

ये दरिया-ए-मोहब्बत है,यहाँ साहिल नहीं मिलता.!!

 

किस शै पे यहाँ वक़्त का साया नही होता

इक ख्व़ाब-ए-मोहब्बत है की बूढ़ा नही होता.!!

 

फुर्सत अगर मिल तो, पढ़ना मुझे ज़रूर

मै अधूरी मोहब्बत की, मुकम्मल किताब हूँ

 

वो हि महसूस करते हैं , ख़लिश दर्द-ए-मोहब्बत की।।

जो अपने आप से बढ़ कर , किसी को प्यार करते हैं..!!

 

ये ज़ाहिद हैं इन्हें क्या तजुर्बा एजाज़-ए-मोहब्बत का!!

ये तो जन्नत में पूछेंगे, गुनाहगारों पे क्या गुज़री

 

ना मोहब्बत ना दोस्ती के लिये

वक़्त रुकता नहीं किसी के लिये….

 

इश्क़ मोहब्बत क्या होते हैं, क्या समझाऊँ वाइज़ को।।

भैंस के आगे बीन बजाना, मेरे बस की बात नहीं

 

हाय री मजबूरियाँ तर्क़े-मोहब्बत के लिये।।

मुझको समझाते हैं वो और उनको समझाता हूँ मैं

 

आप को शब के अँधेरे से मोहब्बत है, रहे।।

चुन लिया सुबह के सूरज का उजाला मैंने..!!

 

Mohabbat Shayari in Hindi

इश्क़ मोहब्बत क्या होते हैं, क्या समझाऊँ वाइज़ को।।

भैंस के आगे बीन बजाना, मेरे बस की बात नहीं

 

करें हम दुश्मनी किस से, कोई दुश्मन भी हो अपना।।

मोहब्बत ने नहीं छोड़ी, जगह दिल में अदावत की..!!

 

छोड़ो , बहुत हुई है , सियासत पे गुफ़्तुगु।।

हो जाए साल-ए-नौ में , मोहब्बत पे गुफ़्तुगु ..!!

 

ना मुरव्वत, ना मोहब्बत, ना खुलूस है मोहसिन

मै तो शर्मिन्दा हूँ इस दौर का इंसा होकर..!!

 

मै खुश हूँ कि उसकी नफरतों का अकेला वारिस हूँ

मोहब्बत तो उनको बहुत से लोगों से है

 

 

Search Tags

Mohabbat Shayari in Hindi, Mohabbat Hindi Shayari, Mohabbat Shayari, Mohabbat whatsapp status, Mohabbat hindi Status, Hindi Shayari on Mohabbat, Mohabbat whatsapp status in hindi,

 Love Shayari, Love Hindi Shayari, Love Shayari, Love whatsapp status, Love hindi Status, Hindi Shayari on Love, Love whatsapp status in hindi,

 मोहब्बत हिंदी शायरी, हिंदी शायरी, मोहब्बत, मोहब्बत स्टेटस, मोहब्बत व्हाट्स अप स्टेटस, मोहब्बत पर शायरी, मोहब्बत शायरी, मोहब्बत पर शेर, मोहब्बत की शायरी


Hinglish

Mohabbat Shayari in Hindi

मोहब्बत शायरी

mohabbat shayari in hindimohabbat shaayaridoston “mohabbat” par sher o shaayari ka ek vishaal sankalan ham is pej par prakaashit kar rahe hai, ummid hai yah aapako pasand aaega aur aap vibhinn shaayaron ke “mohabbat” ke baare mein zajbaat jaan sakenge.sabhi vishayon par hindi shaayari ki list yahaan hai.***************************************************nigah-e-naaz na milate hue ghabara ham seham mohabbat nahin kahane ke shanaasai ko~ahamad mushtaaqavo kahate hain zamaana tez hai lambi masaafat haimohabbat ka sitaara hoon sabhi ke saanth chalata hoon~ahamad rizavaanajab tak ke mohabbat mein dil dil se nahin milataanazaron ke tasaadum par ham gaur nahin karate~nasim shaahajahaanpurigam ho ke khushi donon yak-saan hain mohabbat menkuchh ash‍ka-o-tabassum par ham gaur nahin karate~nasimamarana to bahut sahal si ik baat lage hai,jina hi mohabbat mein karaamaat lage hai !! –

kalim aajizamita kar hasti-e-naakaam ko raah-e-mohabbat menzamaane ke lie ik daras-e-ibarat le ke aaya hoon~nasim shaahajahaanpurimohabbat shayari in hindin aramaan le ke aaya hoon na hasarat le ke aaya hoondil-e-be-taab mein teri mohabbat le ke aaya hoon~nasim shaahajahaanpurikaif-e-junoon sahi yahi haalat bani rahe,lillaah meri unaki mohabbat bani rahe !!aks paani mein mohabbat ke utaare hote,ham jo baithe hue dariya ke kinaare hote !! -adim haashamiauron ki mohabbat ke doharae hain afsaanebaat apani mohabbat ki honton pe nahin aaiek napharat hi nahin duniya mein dard ka sabab faraazamohabbat bhi sakoon vaalon ko badi takalif deti hai~farazbanjaare hain rishton ki tijaarat nahin karate,ham log dikhaave ki mohabbat nahin karate !! –

nasim nikahatadoobe ki rahe kashti dariya-e-mohabbat mein,toofaan o talaatum par ham gaur nahin karate !!ye daure mohabbat hai saramaaya-e-hasti hai,be-vazah nahin isako sine se lagae hain !! ~binishyoon to hote hain mohabbat mein junoon ke aasaar,aur kuchh log bhi divaana bana dete hain !! – zahir dehalavimohabbat shayari in hindihusn paaband-e-kafas ish‍qa asir-e-aalaamazindagi jurm-e-mohabbat ki saza aaj bhi hai~baaqar menhadidard-e-dil aaj bhi hai josh-e-vafa aaj bhi haizakhm khaane ka mohabbat mein maza aaj bhi hai~baaqar menhadisina-chaakaan-e-mohabbat ko khabar hai ki nahin,shahar-e-khoobaan ke dar-o-baam sada dete hain !!ham tark-e-rabt-o-zabt-e-mohabbat ke baavajood,sau baar khinch ke koocha-e-jaanaan mein aa gae !!vo jis ne diye mujh ko mohabbat ke khazaanebaadal ki tarah aankh se barasata bhi vahi haiye bazm-e-mohabbat hai is bazm-e-mohabbat mein,divaane bhi shaidai farazaane bhi shaidai !! –

soofi tabassumab ke ummid ke shole se bhi aankhen na jalin,jaane kis mod pe le aai mohabbat hamakokam se kam itana to zaahir ho mohabbat ka asar,munh se nikali hui har baat gazal ban jae !!mohabbat shayari in hindina koi thakan hai,na koi khalish haimohabbat ki jaane ye kaisi kashish haijise dekhie vo chala ja raha hai,jahaan-e-gazal ki suhaani dagar haimohabbat naam hai la-haasil aur na tamaami ka,mohabbat hai to dil ko faarig-e-sudo-jiyaan kar leaur main usake lie gaoon mohabbat ki gazalavo mere dil ke dhadakane ki sada hai mere dost~qatil shiphaimujhase ab meri mohabbat ke fasaane na poochhomujhako kahane do ke mainne unhen chaaha hi nahimmohabbat tark ki mainne garebaan si liya mainzamaane ab to khush ho zahar ye pi liya mainne~saahirakis daraja dil-shikan the mohabbat ke haadaseham zindagi mein phir koi aramaan na kar sake~saahiratoota talism-e-ahad-e-mohabbat kuchh is tarahaphir aarazoo ki shama furezaan na kar sake~saahiramain kya kahoon kahaan hai mohabbat kahaan nahinrag rag mein daudi phirati hai nashtar lie huemohabbat shayari in hindi
Show less

ye faasala bhi mohabbat mein lutf deta haijab intezaar mein ham intezaar karate hainshiddat se bahaaron ke intezaar mein sab haimpar phool mohabbat ke to khilane nahin detehaay ri majabooriyaan tark-e-mohabbat ke liyemujh ko samajhaate hain vo aur un ko samajhaata hoon mainhaay ri majabooriyaan tark-e-mohabbat ke liyemujh ko samajhaate hain vo aur un ko samajhaata hoon maimmohabbat mein zuba choop ho to aankhe baat karati hainvo kah deti hain sab baaten jo kahana bhool jaate hainde mohabbat to mohabbat mein asar paida kar,jo idhar dil mein hai ya rab vo udhar paida kar !!banjaare hain rishton ki tijaarat nahin karate,ham log dikhaave ki mohabbat nahin karate !!

main samajhata hoon har dil mein khuda rahata haimera paigaam mohabbat hai jahaan tak pahunche.~shairvo shoharat mili hai mohabbat mein rahbar,ki har husn vaala phida ho raha hai !! ~rahbarmohabbat shayari in hindiizahaare-mohabbat ki hasarat ko khuda samajhehamane ye kahaani bhi sau baar suna daali !!ye raah-e-mohabbat hai isamen aise bhi maqaam aa jaate hainrukie to pasina aata hai chaliye to qadam tharraate haimmainne hasarat se nazar bhar ke use dekh liya,jab samajh mein na mohabbat ke maaani aae !!phir ki thi maine mohabbat se tauba,phir usaki tasvir dekhakar niyat badal gai !!mohabbat lafz to saada sa hai lekin aziz is komata-e-dil samajhate the mata-e-dil samajhate hainaaraju aramaan ishk tamanna vapha mohabbatachije to achchhi hain, par daam bahut hainzamaana kufr-e-mohabbat se kar chuka tha gurez,tiri nazar ne palat di hava zamaane ki !!aur kuchh zakhm mere dil ke havaale meri jaan,ye mohabbat hai mohabbat mein shikaayat kaisi !!

main khulakaar aaj mahafil mein ye kahata hoon mujhe tujhasemohabbat hai,mohabbat hai mohabbat hai mohabbat haimujhako nafarat se nahin pyaar se masloob karomain to shaamil hoon mohabbat ke gunahagaaron menmohabbat shayari in hindimain tinakon ka daaman pakadata nahin hoon,mohabbat mein dooba to kaisa sahaara !!mohabbat bhi zaalim ajab bebasi hai,na vo hi hamaare na dil hi hamaara !!mohabbat aam sa ik vaaqia tha,hamaare saath pesh aane se pahale !! -sarafaraaz zaahidayoon to hote hain mohabbat mein junoon ke aasaar,aur kuchh log bhi divaana bana dete hain !!begaana rahe dard-e-mohabbat ki dava se,ye dard hi kuchh aur siva chhod gae ham !!maahaul ki zulmaat mein jis raah se guzare,qindil-e-mohabbat ki ziya chhod gae ham !!ishaare kaam karate hain mohabbat mein nigaahon kenigaahon se hi baaham inkishaaf-e-raaz hota hailabon par kulph aankhon mein lihaaz-e-naaz hota haimohabbat karane vaalon ka azab andaaz hota haikaun kaafir tujhe ilzaam-e-tagaaful degaajo bhi karata hai mohabbat se gila karata hai!!mohabbat si shay us ne mujh ko ata ki,ki khush khush chaloon umr barbaad kar ke !!

-mohabbat shayari in hinditera naam le kar jie ja rahe hain,gunaah-e-mohabbat kie ja rahe hain !!dil mein jo mohabbat ki raushani nahin hoti,itani khoobasoorat ye zindagi nahin hoti !!charaag-e-raah-e-mohabbat hi ban gae hote,tamaam umr ka jalana agar muqaddar tha !!zamaana yaad kare ya saba kare khaamosh,ham ik charaag-e-mohabbat jalae jaate hain !!raakh barbaad mohabbat ki jo bacha rakhi hain,baar baar isako chheda to bikhar jaayegi !! -kaiphi aazamivo dekhate jaate hain kanakhiyon se idhar bhi,chalata hua jaadoo hai mohabbat ki nazar bhi !! -bekhud dehalaviaaj tak us ki mohabbat ka nasha taari hai,phool baaqi nahin khushboo ka safar jaari hai!!yaad rakhana hi mohabbat mein nahin hai sab kuchh,bhool jaana bhi badi baat hua karati hai !!

jaan jaane ko hai aur raqs mein paravaana hai,kitana rangin mohabbat tira afsaana hai !!har kadam par gire, magar sikhaamohabbat shayari in hindikaise giraton ko thaam lete haimbas yahi ek jurm hai apanaaham mohabbat se kaam lete hain mohabbat mein nahi hai phark jine aur marane ka,usi ko dekh kar jite hain jis kaaphir pe dam nikale !!chaahie ahal-e-mohabbat ko ki divaana banen,koi ilzaam na aaega is ilzaam ke baad !!hazaaron kaam mohabbat mein hain maze ke daag,jo log kuchh nahin karate kamaal karate hain !!anis aasaan nahin aabaad karana ghar mohabbat kaaye unaka kaam hai jo zindagi barbaad karate haimmohabbat mein lute lekin bahut achchhe rahe ~rahabaragumaan tha jin pe rahazan ka vo mire kaaravaan nikalekuchh aisa ho ki tasviron mein jal jae tasavvur bhi,mohabbat yaad aaegi to shikave yaad aaenge !! -saradaar salimakela din hai koi aur na tanha raat hoti hai,main jis pal se guzarata hoon mohabbat saath hoti hai !!mohabbat mein nahi hai ibtida ya intaha koi,ham apane ishq ko hi ishq ki manzil samajhate hain !! ~rahabaramohabbat shayari in hind

imohabbat na-rava taksim ki kael nahin phir bhimeri aankhon ko aansoon tere hothon ko hansi di hai~ jaan nisaar akhtaris kahaani ka to anjaam vahi hai ki jo tha,tum jo chaaho to mohabbat ki shuruaat likho !!

-nida faazaliik laphz-e-mohabbat ka adana sa fasaana hai,simate to dil-e-aashik, phaile to zamaana hai !!khudi aur be-khudi mein farq hai to sirf itana hai,mohabbat aashana hona,mohabbat mein fana hona!!yahi hai kamaal ishq-o-mohabbat karane ka.umar jine ki hai or shauk tumhen marane kaamohabbat mein buri niyat se kuchh socha nahin jaata,kaha jaata hai usako bevapha, samajha nahin jaata !!maasoom mohabbat ka bas itana phasaana hai,kagaaz ki haveli hai baarish ka zamaana hai !!mohabbat mein lute lekin bahut achchhe rahe rahabar,gumaan tha jin pe rahazan ka vo mire kaaravaan nikale !!

dil ki hasarat ka paimaana koi baaki hai,e mohabbat tujhe aazamaana abhi baaki hai!!mohabbat shayari in hindiyaad rakhana hi mohabbat mein nahin hai sab kuchh,bhool jaana bhi badi baat hua karati hai !!mohabbat ko samajhana hai to naaseh khud mohabbat kar,kinaare se kabhi andaaz-e-toofaan nahin hota !!inkaar-e-mohabbat ko tauhin samajhate hain,izahaar-e-mohabbat par ho jaate hain baraham bhi.!!har dil ko lubhaata hai gam teri mohabbat ka,teri hi tarah zaalim dil-kash hai tira gam bhi.!!tum mujhe bhool bhi jao to ye haq hai tum komeri baat aur hai,mainne to mohabbat ki hai.!!chaandani raat mohabbat mein hasin thi “faakir”ab to bimaar ujaalon pe hansi aati hai.!!~sudarshan faaqiramohabbat ke saanche mein dhalata rahaishaare pe main dil ke chalata raha.!!mohabbat ke saanche mein dhalata rahaishaare pe main dil ke chalata raha.!!khud ko yoon jarm-e-mohabbat ki saza dete haindil ke aramaan ko,aankhon se baha dete hain.!!

mohabbat shayari in hindiaaya paravaana gira shama pe jal-jal ke maraatoo abhi soch raha hai ke mohabbat kya hai.!!koi mohabbat ke patavaari ko jaanata hai kyaamujhe mera mahaboob apane naam karavaana hai.!!meri mushkil ye hai mujh ko adaaqaari nahin aatihaqiki aadami rasmi mohabbat kar nahin sakata.!!lab pe aahen bhi nahin aankh mein aansoo bhi nahindil ne har raaz mohabbat ka chhupa rakkha hai.!!

thahari-thahari si tabiyat mein ravaani aaiaaj phir yaad mohabbat ki kahaani aaimohabbat se inaayat se vafa se chot lagati haibikharata phool hoon mujhako hava se chot lagati hai.!!ikhalaas ki daulat ko ham ahale-mohabbatataqasim to kar dete hain becha nahi karate.!!ye main nahin hoon khaaqe-mohabbat ka dher haikuchh bhi nahin milega tumhen is gubaar se.!!karana hi padega zabte-alam pine hi padenge ye aansoophariyaado-phugaan se ai naadaan,tauhine-mohabbat hoti haiaap ko shab ke andhere se mohabbat hai, rahechun liya subah ke sooraj ka ujaala mainne.!!mohabbat shayari in hindidubo de apani kashti ko,kinaara dhoondhane vaaleye dariya-e-mohabbat hai,yahaan saahil nahin milata.!!

kis shai pe yahaan vaqt ka saaya nahi hotaik khvaab-e-mohabbat hai ki boodha nahi hota.!!phursat agar mil to, padhana mujhe zarooramai adhoori mohabbat ki, mukammal kitaab hoonvo hi mahasoos karate hain , khalish dard-e-mohabbat ki..jo apane aap se badh kar , kisi ko pyaar karate hain..!!ye zaahid hain inhen kya tajurba ejaaz-e-mohabbat ka!!ye to jannat mein poochhenge, gunaahagaaron pe kya guzarina mohabbat na dosti ke liyevaqt rukata nahin kisi ke liye….ishq mohabbat kya hote hain, kya samajhaoon vaiz ko..bhains ke aage bin bajaana, mere bas ki baat nahinhaay ri majabooriyaan tarqe-mohabbat ke liye..mujhako samajhaate hain vo aur unako samajhaata hoon mainaap ko shab ke andhere se mohabbat hai, rahe..chun liya subah ke sooraj ka ujaala mainne..!!mohabbat shayari in hindiishq mohabbat kya hote hain, kya samajhaoon vaiz ko..bhains ke aage bin bajaana, mere bas ki baat nahinkaren ham dushmani kis se, koi dushman bhi ho apana..mohabbat ne nahin chhodi, jagah dil mein adaavat ki..!!chhodo , bahut hui hai , siyaasat pe guftugu..ho jae saal-e-nau mein , mohabbat pe guftugu ..!!

na muravvat, na mohabbat, na khuloos hai mohasinamai to sharminda hoon is daur ka insa hokar..!!mai khush hoon ki usaki napharaton ka akela vaaris hoonmohabbat to unako bahut se logon se hai saiarchh tagsmohabbat shayari in hindi, mohabbat hindi shayari, mohabbat shayari, mohabbat whatsapp status, mohabbat hindi status, hindi shayari on mohabbat, mohabbat whatsapp status in hindi, lovai shayari, lovai hindi shayari, lovai shayari, lovai whatsapp status, lovai hindi status, hindi shayari on lovai, lovai whatsapp status in hindi, mohabbat hindi shaayari, hindi shaayari, mohabbat, mohabbat stetas, mohabbat vhaats ap stetas, mohabbat par shaayari, mohabbat shaayari, mohabbat par sher, mohabbat ki shaayari

 

Ishk Hindi Shayari इश्क हिंदी शायरी

Ishk Hindi Shayari इश्क हिंदी शायरी
Ishk Hindi Shayari इश्क हिंदी शायरी

Ishk Hindi Shayari

इश्क हिंदी शायरी

Here you can get the best collection of Hindi Shayari on Ishk, You can use it as your hindi whatsapp status or can send this Ishk Hindi Shayari to your facebook friends. These Hindi sher on Ishk is excellent in expressing your emotions and love. For other subject list of all Hindi Shayari is here Hindi Shayari .

इश्क पर हिंदी शायरी का सबसे अच्छा संग्रह यहाँ उपलब्ध है, आप इस इश्क हिंदी शायरी को अपने हिंदी वाहट्सएप्प स्टेटस के रूप में उपयोग कर सकतें है या आप इस बेहतरीन हिंदी शायरी को अपने दोस्तों को फेसबुक पर भी भेज सकतें हैं। इश्क लफ्ज़ पर हिंदी के यह शेर, आपके प्यार और भावनाओं को व्यक्त करने में आपकी मदद कर सकतें हैं।

सभी हिंदी शायरी की लिस्ट यहाँ हैं। Hindi Shayari

****

Ishk Hindi Shayari

हुए बदनाम मगर फिर भी न सुधर पाए हम…!!

फिर वही शायरी,फिर वही इश्क,फिर वही तुम…!!

*** Ishk Hindi Shayari

सच्चे इश्क में अल्फाज़ से ज्यादा एहसास की एहमियत होती है !!

***

एक अदद इश्क जरूर होना चाहिए शायराना मिजाज के लिए जलेगे दिल- ए – यार तभी तो दिलजलों की महफिल जमेगी

***

खूबसूरत हम नहीं… यकीं मानो..तुम्हारा इश्क है…

जो नूर बनकर….  हमारी आँखों से छलकता है

***

इश्क” का धंधा ही बंघ कर दिया साहेब।….

मुनाफे में “जेब” जले.. और घाटे में “दिल”!!!!

*** Ishk Hindi Shayari

ज़रूरी तो नहीं के शायरी वो ही करे जो इश्क में हो,

ज़िन्दगी भी कुछ ज़ख्म बेमिसाल दिया करती है।

***

औक़ात नही थी जमाने में जो मेरी कीमत लगा सके.

कबख़्त इश्क में क्या गिरे…मुफ़्त में नीलाम हो गए.

***

क्या करे जब किसी की याद आये, हर धड़कन पर किसी का नाम आये, कैसे कटेंगे ये लम्हे इंतजार में उसके, इश्क में हर घडी मेरी जान जाये..!!

***

इश्क की आबोहवा का तो पता नहीं पर, जब से तुम मिले हो मौसम अच्छा लगता है.

*** Ishk Hindi Shayari

इश्क का बटवारा भी, बडी रजामंदी से हुआ हमारा..!!

खुशियाँ उसने बटोर लीं, दर्द मैं ले आया.

***

किसकी तलवार पर सर रखू ये बता दो मुझे,

इश्क अगर खता हैं तो सजा दो मुझे !!

***

गर मिल जाती सभी को अपने इश्क की मंजिल

…. तो रातों के अधेरों में कोई गज़ल नही लिखता …

***

हिरे जवाहरात सा बिक रहा है इश्क यहाँ

तेरे मिट्टी से इश्क का कोई कद्रदान नही

*** Ishk Hindi Shayari

न तू खुदा है, न मेरा इश्क फरिश्तों जैसा

दोनों इंसान हैं तो क्यों इतने हिजाबों में मिले

***

किताबें इश्क की पढकर ना समझो खुद को आशिक़,

ये दिल का काम, दिल वालों को करने दो तो अच्छा हैं

***

न वो रहे दिल में, न इश्क रहा, न वो ज़ज़्बात रहे… .

चल यूँ मातम मनाये, बियाबां से गुलो की बात कहे…।

*** Ishk Hindi Shayari

तमन्ना उसके वजूद की होती तो दुनिया से छीन लेता,

इश्क उसकी रूह से है, इसलिए खुदा से मांगता हूँ.

***

आधे से कुछ ज़्यादा है. पूरे से कुछ कम….

कुछ जिन्दगी. कुछ ग़म. कुछ इश्क. कुछ हम..

***

इन सायो मे कोई इश्क का मारा तो नही

अंधेरो मे नकाब डाल निकला करो तुम

***

आशिक में भी हु पर में इश्क नहीं करता

कद्र करता हु हुस्न कि पर लड़कियों पर एतबार नहीं कर

*** Ishk Hindi Shayari

डूब कर इश्क के समंदर में हमने

ग़म के मोती हजार पाए हैं तुमसे !!!!!

***

मै फिर से निकलूंगा तलाश -ए-जिन्दगी में ….

दुआ करना दोस्तों इस बार किसी से इश्क ना हो

***

कभी रजामंदी तो कभी बगावत है

इश्क मोहब्बत राधा को है, तो मीरा की इबादत है इश्क

***

मालूम था, मालूम है, कुछ भी नहीं हासिल होगा लेकिन वो ” इश्क ” ही क्या जिसमें ख़ुदको तड़पाया ना जाये

***

रोज जले फिर भी न खाक हुए,

अजीब है ये इश्क भी बुझ कर भी न राख हुए..

*** Ishk Hindi Shayari

अगर इश्क करो तो आदाब-ए-वफा भी सीखों,

ये चंद दिन कि बेकरारी मोहब्बत नही होती..!!

***

कमाल ए इश्क तो देखो वो आएगा इक दिन,

वही है शौक, वही इंतज़ार बाकी है ।

***

इश्क के फूल खिलते हैं तेरी खूबसूरत आंखों में..,

जहां देखे तू एक नजर वहां खुशबू बिखर जाए॥

***

तेरे इश्क से मिली है मेरे वजूद को ये शौहरत ,

मेरा ज़िक्र ही कहाँ था तेरी दास्ताँ से पहले।

***

“यकीनन मुझे आज भी इश्क है तुमसे।

बस अब बयाँ करने की आदत नही रही.

***

हमनें देखे हैं अनगिनत चेहरों पर चेहरे जो ऐतबार करो,सोच समझ कर करना, इश्क भला कब सुनता है नसीहतें किसकी दिल-ए-बेजार करो,सोच समझकर करना।

***

क्या पता मंजिल ही बेवफा निकले.. चलो रास्तों से इश्क लड़ाया जाए!!

***

अंजाम तो यही होना था दोस्तों

सूखे पत्ते को इश्क हुआ है बहती हवा से.

***

सिर्फ इशारों में होती महोब्बत अगर, इन अलफाजों को खुबसूरती कौन देता? बस पत्थर बन के रह जाता ताज महल अगर इश्क इसे अपनी पहचान ना देता..

***

सिलसिला ख़त्म क्यों करना, जारी ही रहने दो,

इश्क में बाकी थोड़ी-बहुत उधारी भी रहने दो…!

*** Ishk Hindi Shayari

बड़े दिलकश से कुछ फ़साने कुछ नये मोड़ आये हैं,

किताबे इश्क में हम, पन्ने नये कुछ जोड़ आये हैं

***

हाथ की लकीरे सिर्फ सजावट बयान करती है.,,, . . किस्मत अगर मालूम होती तो कभी इश्क न करते.

***

तजुर्बा एक ही बार के लिए काफी था..

मैने देखा ही नही इश्क दौबारा करके…

***

रूह तक नीलाम हो जाती है इश्क के बाज़ार में, इतना आसान नहीं होता किसी को अपना बना लेना

***

मुझसा कोई जहाँ में नादान भी न हो ,

कर के जो इश्क कहता है नुकसान भी न हो …!!

*** Ishk Hindi Shayari

वो रूठा है मुझसे, मगर उसे ख्याल मेरे हर पल का है……….!! इश्क में उसकी नाराज़गी का, ये अंदाज़ अच्छा है…

***

अजीब इन्साफ मिलता है अदालत-ए-इश्क में

ख़ता बाद में होती है,सज़ा पहले मुक़र्रर हो जाती है।

***

जान लेने पे तुले हे दोनो मेरी..इश्क हार नही मानता..दिल बात नही मानता।

*** Ishk Hindi Shayari

इश्क पर जोर नहीं है यह वह आतिश ग़ालिब

जो लगाए न लगे और बुझाएं ना बने

***

बला-ए-इश्क़ तो किसी दुश्मन को भी नसीब न हो,
मेरा रक़ीब भी रोया है गले लगा के मुझे !

***

बंद कर दिए है
हमने दरवाज़ें “इश्क” के…
पर तेरी याद है कि
“दरारों” मे से भी आ जाती हैं..

 Search Tags
Ishk Shayari, Ishk Hindi Shayari, Hindi Shayari, Love Hindi Shayari, Ishk whatsapp status, Ishk hindi Status, Hindi Shayari on Ishk, love whatsapp status in hindi, इश्क हिंदी शायरी, हिंदी शायरी, इश्क, इश्क स्टेटस, इश्क व्हाट्स अप स्टेटस