Tareef Hindi Shayari हुस्न की तारीफ़ हिंदी शायरी

Tareef Hindi Shayari
Husn Tareef Hindi Shayari

 

Husn ki Tareef Hindi Shayari

Here you can get the best collection of Husn Ki Tareef Shayari, You can use it as your hindi whatsapp status or can send this Tareef Shayari to your facebook friends.
You can send them as text SMS on Husn ki Tareef for someone.
These Hindi sher on Husn ki Tareef is excellent in expressing your emotions and love.
For other subject list of all Hindi Shayari is here Hindi Shayari.

हुस्न की तारीफ़ हिंदी शायरी

हुस्न की तारीफ पर हिंदी शायरी का सबसे अच्छा संग्रह यहाँ उपलब्ध है, आप इस हुस्न की तारीफ हिंदी शायरी को अपने हिंदी वाहट्सएप्प स्टेटस के रूप में उपयोग कर सकतें है या आप इस बेहतरीन हिंदी शायरी को अपने दोस्तों को फेसबुक पर भी भेज सकतें हैं। हुस्न की तारीफ लफ्ज़ पर हिंदी के यह शेर, आपके प्यार और भावनाओं को व्यक्त करने में आपकी मदद कर सकतें हैं। अगर आप भी किसी के हुस्न की तारीफ करना चाहतें हैं तो इन लफ़्ज़ों का इस्तेमाल करें।
सभी हिंदी शायरी की लिस्ट यहाँ हैं Hindi Shayari

************************************************



मुझको मालूम नहीं…. हुस़्न की तारीफ,
मेरी नज़रों में हसीन ‘वो’ है, जो तुम जैसा हो, ।

***

अब हम समझे तेरे चेहरे पे तिल का मतलब,
हुस्न की दौलत पे दरबान बिठा रखा है

***

तेरे हुस्न पर तारीफ भरी किताब लिख देता…….
काश के तेरी वफ़ा तेरे हुस्न के बराबर होती…….

*** Husn ki Tareef Hindi Shayari

!!तेरे …..हुस्न की तपिश….कहीं…जला ना दे
मुझे…….!!!
.
तू कर….महोब्बत मुझसे….ज़रा….आहिस्ता
आहिस्ता..!!!

***

ये आईने ना दे सकेंगे तुझे तेरे हुस्न की खबर,
कभी मेरी आँखों से आकर पूछो के कितनी हसीन हों तुम…!!

***

शायद तुझे खबर नहीं ए शम्मे-आरजू,
परवाने तेरे हुस्न पे कुरबान गये है….!!

***

मिलावट है तेरे हुस्न में “इत्र”और “शराब”
की,…..
तभी मैं थोड़ा महका हूं;…..थोड़ा सा बहका हूं…

***

तेरे हुस्न को परदे की ज़रुरत ही क्या है,,
कौन होश में रहता है तुझे देखने के बाद…

***

तेरे हुस्न का दीवाना तो हर कोई होगा
लेकिन मेरे जैसी दीवानगी हर किसी में नहीं होगी।

*** Husn ki Tareef Hindi Shayari

ये तेरा हुस्न औ कमबख्त अदायें तेरी
कौन ना मर जाय,अब देख कर तुम्हें.

***

तेरा हुस्न बयां करना नहीं मकसद था मेरा !
ज़िद कागजों ने की थी और कलम चल पड़ी !

***

तेरा हुस्न एक जवाब,मेरा इश्क एक सवाल ही सही
तेरे मिलने कि ख़ुशी नही,तुझसे दुरी का मलाल ही सही
तू न जान हाल इस दिल का,कोई बात नही
तू नही जिंदगी मे तो तेरा ख़याल ही सही

***



दुनिया में तेरा हुस्न मेरी जां सलामत रहे
सदियों तलक जमीं पे तेरी कयामत रहे

*** Husn ki Tareef Hindi Shayari

क्या तुझे कहूं तू है मरहबा.
तेरा हुस्न जैसे है मयकदा
मेरी मयकशी का सुरूर है,
तेरी हर नजर तेरी हर अदा_

***

मेरी निगाह-ए-इश्क भी
कुछ कम नही,
मगर, फिर भी
तेरा हुस्न तेरा ही हुस्न है…

***

जिस मोड़ पे तू मिल गई
वहां एक नई राह खुल गई
तू नए किरण की बहार है
अब रात भी मेरी ढल गई

मेरा इश्क भी, तेरा हुस्न भी
गजलों में आके घुल गई
मेरी शायरी की किताब तू
कभी खो गई, कभी मिल गई

*** Husn ki Tareef Hindi Shayari

किसका चेहरा अब मैं देखूं…?

चाँद भी देखा…! फूल भी देखा…!!
बादल बिजली…! तितली जुगनूं…!!
कोई नहीं है ऐसा…! तेरा हुस्न है जैसा…!!

***

शरीके-ज़िंदगी तू है मेरी, मैं हूँ साजन तेरा
ख्यालों में तेरी ख़ुश्बू है चंदन सा बदन तेरा

अभी भी तेरा हुस्न डालता है मुझको हैरत में
मुझे दीवाना कर देता है जलवा जानेमन तेरा

***

तेरी तरफ जो नजर उठी
वो तापिशे हुस्न से जल गयी
तुझे देख सकता नहीं कोई
तेरा हुस्न खुद ही नकाब हैं

***

तुझे क्या कहूं तू है मरहबा. तेरा हुस्न जैसे है मयकदा
मेरी मयकशी का सुरूर है, तेरी हर नजर तेरी हर अदा

तेरे इख़्तियार में है फिजा, तू खिज़ां का जिश्म सवार दे
मुझे रूह से तू नवाज दे, मुझे जिंदगी से न कर जुदा

*** Husn ki Tareef Hindi Shayari

तेरा हुस्न जब से मेरी आँखों में समाया है,
मेरी पलकों पे एक सुरूर सा छाया है,
मेरे चेहरे को हसीन नूर देने वाले,
ये तेरे दीदार के लम्हों का सरमाया है!

***

मुझको नहीं जरूरत किसी कलम की तेरी तारीफ बयां करने के लिए


तेरी अदाएं, तेरे ये नाज़नीन से अन्दाज़,
अपनी अदा आप रखते हैं

***

सोचता हु हर कागज पे तेरी तारीफ करु, फिर खयाल आया कहीँ पढ़ने वाला भी तेरा दीवाना ना हो जाए।

***

लिखी कुछ शायरी ऐसी तेरे नामसे…. कि…जिसने तुम्हे देखा भीनही,उसने भी तेरी तारीफ कर दी..!!

***

ये सोचकर रोक लेता हूँ कलम को, तेरी
तारीफ लिखते लिखते,.. की कहीं इन
लफ़्ज़ों को सबसे बेहतरीन .. होने का गुमान
ना हो जाये

*** Husn ki Tareef Hindi Shayari

ना चाहते हुए भी आ जाता हैं लबों पे
तेरा नाम…….
~
~
कभी तेरी तारीफ में तो कभी तेरी
शिकायत में……..!!

***

तस्वीर बना कर तेरी आस्मां पे टांग आया हूँ ,

और लोग पूछते हैं आज चाँद इतना बेदाग़ कैसे है

***

चाँद की चाँदनी हो तुम.. तारो की रोशनी हो तुम..

सुबह की लाली हो तुम… मेरे दिल में बसी हुई एक आशिक़ी हो तुम

***

 

 

 

 

29 thoughts on “Tareef Hindi Shayari हुस्न की तारीफ़ हिंदी शायरी”

  1. रूप जब सरोवर में नहाता है
    तो चांद पानी में उतर आता है
    खुद तो चला जाता है शितल हो कर
    आग पानी में लगा जाता है ।

  2. रूप की बराबरी चाँद से मत कर,
    दुनिया से नहीं पर खुदा से तो डर!
    अगर दिल तोड़ोगे रूप का तो,
    भटकते फिरोगे दर-बदर, दर-बदर!

  3. चांदनी चाँद सा रूप लिए
    प्रेयसी प्यार को भरपूर पिए
    आदमी रूप के लिए मरता है
    चाँदनी चाँद कटोरे में लिए।

      • चांद से होगी तो चांदनी चांद से होगी सितारों का क्या होगा मोहब्बत एक से होगी तो हजारों का क्या होगा

  4. के जब तक जिंदगी है
    तब तक गुलाम रहेंगे इस हुस्न के।

  5. यू तो रात रात भर बैठे रहो मेहखाने में कमबख्त नशा भी क्या चीज है कि तेरे हुस्न के दीदार के होती ही नही

  6. तुम्हारे प्यार की दास्तां हमने अपने दिल में लिखी है,
    न थोड़ी न बहुत बे-हिसाब लिखी है,
    किया करो कभी हमे भी अपनी दुआओं में शामिल,
    हमने अपनी हर एक सांस तुम्हारे नाम लिखी है

    • हर खूबसूरत चीज़ बेवफा होती हैं
      har bewafa ki koi majburi hoti he…

  7. ये हुस्न वाले होते है बड़े दिल के काले इन्हें अपना मत बनाना क्यु कि इनके अंदाज है निरालै

  8. कहाँ जाएंगे तेरे शहर से गम जदा हो कर
    अभी तो जीना बाकी है अभी तो मरना बाकी है

    राजदार न रहा कोई किसको सुनाए हाल -ऐ -दिल अपना
    जिसका जीकर हम करते वो रूहे-यार रहा न अपना

    अब कश्मकश यह की न बसते बने न चलते बने
    कुछ यूं हुए बेवफा इस शहर के लोग की बस चलते बने .

    • आपसे बढ़कर कोई नही आज की तारीख में,मेरे पास अल्फाज नही आपकी तारीफ में।
      ये नाचीज़ क्या बताये आपको,आप क्या चीज हो मेरा बस चले तो रख लू आपको जड़वा के ताबीज में।।

  9. तेरी हुस्न की क्या तारीफ करू ए जालिम
    तेरी तुलना करने में तो आप्सरायो का चेहरा भी आँखों से ओझल हो जाता है

  10. In hasino ne to dil Ki duniya hi badal dali
    Khubsurti se to ladko Ki shaan hi badal dali
    Na karo inki khubsurti Ki tarif dosto
    Are inhone ne Ranjhe Ki Heer hi badal dali

  11. हमने तो शिर्फ़ आपको देखा
    आपका चेहरा इतना हसीन हैं कि ,

    हुस्न वाले भी आप के चेहरे पर मर जाय…

  12. तुझको देखा तो फिर किसी को नहीं देखा,
    चाँद कहता रहा मैं चाँद हूँ… मैं चाँद हूँ…

  13. तेरे हुस्न की क्या तारीफ करूं ज़ालिम एक तो तेरी मुस्कुराहट पर दिल दे बैठे हैं , बस अब एक जान बची है.
    Urs Dev

  14. मुझको नहीं जरूरत किसी कलम की तेरी तारीफ बयां करने के लिए

    तेरी अदाएं, तेरे ये नाज़नीन से अन्दाज़,
    अपनी अदा आप रखते हैं

Leave a Reply