12 प्रसिद्ध यात्री जो प्राचीन भारत देखने आए थे

इन 12 यात्रियों की वजह से जानते हें हम प्राचीन भारत के बारे में

भारत की सभ्यता एक बहुत ही प्राचीन और सम्रद्ध सभ्यता रही है, प्राचीन काल से ही दुनिया के दूसरे देशों के लोगों के मन में भारत की सभ्यता को देखने और समझने की चाहत थी,  दुनिया के कई महान विचारकों और संतों ने प्राचीन भारत की यात्रा की, उनका भारत आने का मुख्य उद्देश्य ज्ञान प्राप्त करना था. वे जानना चाहते थे कि भारत के लोगों का रहन सहन किस प्रकार का है? तथा वह भारत के विद्वानों से मुलाकात करना चाहते थे,  

इन विचारकों ने अपनी यात्राओं का विस्तार से वर्णन किया है, इन भारत यात्रियों की यह किताबें आज किसी अनमोल खजाने से कम नहीं है क्योंकि प्राचीन भारत के हम बारे में हम जो कुछ भी जानते हैं उसका ज्यादातर भाग इन्हीं किताबों से प्राप्त हुआ है.

आइए जानते हैं 12 ऐसे प्रसिद्ध यात्रियों के बारे में  जिन्होंने प्राचीन भारत को देखा और उसका वर्णन अपनी यात्रा वृतांत में किया.

1. प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेन त्सांग Hiuen Tsang Chine (629-645)

चीनी यात्री ह्वेन त्सांग एक बौद्ध भिक्षुक थे,  वे बोद्ध धर्म के विश्वास और बोद्ध धर्म के आचार विचारों को जानने के लिए भारत आए थे, उन्होंने अपने यात्रा वृतांत में भारत के बारे में काफी विस्तार से वर्णन किया है इससे हमें प्राचीन भारत के राजनीतिक, सामाजिक, और धार्मिक वातावरण का पता चलता है. ह्वेन त्सांग Hiuen Tsang अपनी यात्रा के दौरान कश्मीर, पंजाब, कपिलवस्तु, बोधगया, सारनाथ आदि स्थानों पर गए, उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय में अध्ययन भी किया इसके बाद वे दक्षिण में उड़ीसा और बंगाल की तरफ भी गए  ह्वेन त्सांग ने भारत में कुल 14 वर्ष का लंबा समय बिताया.

2. फारस  के अलबेरूनी Al Beruni from Faras Iran (1000-1025)

अलबेरूनी एक इस्लामिक विद्वान थे उन्हें महमूद ग़ज़नवी ने भेजा था,  अलबेरूनी के आने का मुख्य उद्देश्य भारतीय दर्शनशास्त्र, भारतीय संस्कृति, और भारतीय रहन-सहन को समझना था अपने यात्रा वृतांत को उन्होंने अपनी किताब  “किताब फी तहकीक माल लील हिन्द” में विस्तार से वर्णन किया है अलबरूनी ने भारत में कुल 13 वर्ष का समय बिताया.

3. मोरक्को के इब्नबतूता Ibn Battuta from Morocco (1333)

इस्लामिक विद्वान इब्नबतूता मोरक्को से सन 1333 में भारत आए, इब्नबतूता ने विश्व में सर्वाधिक यात्राएं की, अपने जीवन काल में इब्नबतूता ने 121000 किलोमीटर की यात्रा की जो कि आश्चर्यजनक है. इब्नबतूता की यात्रा वृतांत से भी प्राचीन भारत के बारे में हमें कई जानकारी मिलती है, भारत की आम जनता मैं दूसरे यात्रियों की तुलना में इब्नबतूता का नाम आज भी काफी प्रसिद्ध है.

4. इटली के मार्को पोलो Marco Polo from Italy (1254-1324)

विश्व के यात्रियों में मार्को पोलो का नाम प्रमुख है, मार्को पोलो इटली के व्यापारी थे उनके यात्रा वृतांत के अनुसार उन्होंने दो बार भारत की यात्रा की! पहली बार सन 1288 में और दूसरी बार सन 1292 में मार्कोपोलो के यात्रा वृतांत को इतना अधिक अधिकारिक नहीं माना जाता क्योंकि कई बार अनुवाद होने और अनुवादकों द्वारा किताब की अधिक बिक्री के लिए उसमें अपनी तरफ से कई काल्पनिक चीजें जोड़ दी जिससे कि मार्कोपोलो का यात्रा वृतांत, इतिहास को समझने के लिए उपयोगी नहीं रह गया.

5. फारस के अब्दुल रज्जाक Abdul Razzak from faras Iran (1442-1445)

फारस इरान  से सन 1440 में अब्दुल रज्जाक नाम के यात्री ने भारत की यात्रा की उन्होंने अपनी यात्रा वर्णन में विजयनगर साम्राज्य का वर्णन किया है, अब्दुल रज्जाक को बादशाह शाहरुख  तिमुरीद ने भारत यात्रा के लिए भेजा था.

6. ग्रीस  के मेगस्थनीज Megasthenes from Greece 302-298 B.C

मेगस्थनीज ग्रीस के इतिहासकार थे, जो की ईसा से  400 वर्ष पूर्व भारत आए थे, मेगस्थनीज को ग्रीस के बादशाह सेल्यूकस निकेटर प्रथम ने अपना दूत बना कर भेजा था, सेल्यूकस निकेटर प्रथम सिकंदर महान का उत्तराधिकारी था मेगास्थनीज ने “इंडिका” नाम की एक किताब लिखी उनकी इस किताब से हमें प्राचीन भारत के भूगोल, राज्य व्यवस्था धर्म का समाज का पता चलता है.

7. चीन के यात्री  फाह्यान Fa Hien from China  (399 A.D.-412 A.D.)

फाह्यान चीनी बौद्ध भिक्षु थे जो कि बुद्ध धर्म के ज्ञान और पुस्तकों की खोज में भारत आए थे,

8. इटली के निकोलो कोर्टनी Nicolo Conti from Italy (1420-1421)

निकोलो कोर्टनी इटली के एक यात्री और लेखक थे जो कि सन 1420 में भारत के समुद्र तट के रास्ते विजयनगर आए  उन्होंने अपने यात्रा वृतांत में विजयनगर का विस्तार से वर्णन किया है विजय नगर घूमने के बाद वह भारत के मद्रास शहर भी गए  जिसे आज चेन्नई नाम से जाना जाता है.

9. रूस के अफानसी निकीतिन  Afanasy Nikitin from Russia (1469-1472)

रूस के अफानसी निकीतिन एक व्यापारी थे जो पंद्रहवीं सदी में भारत आए थे उन्होंने भारत में 2 वर्ष बिताये, उन्होंने  सावधानीपूर्वक भारत का वर्णन अपने यात्रा वृतांत में किया है इस यात्रा वृतांत का नाम “जर्नी” है.

10. पुर्तगाल की डोमिनगो पेस Domingo Paes from Portugal (1520-1522)

पुर्तगाल ने भारत के गोवा पर कब्जा कर लिया तब सन 1510 में पुर्तगाली यात्री भारत आने लगे, उनमें से एक डोमिनगो पेस भी थे इन्होंने भी भारत के इतिहास में काफी महत्वपूर्ण योगदान दिया है तथा विजयनगर साम्राज्य का विस्तार से वर्णन किया है.

11.  पुर्तगाल के फेर्नाओ नुनेस  Fernao Nunes from Portugal (1535-1537)

पुर्तगाल के फेर्नाओ नुनेस भी एक व्यापारी थे जो की 16 वीं  सदी में भारत आए थे इन्होंने भी विजय नगर के इतिहास का अध्ययन और वर्णन किया है.

12.  पुर्तगाल के वास्कोडिगामा Vasco De Gama

वास्कोडिगामा भी एक प्रसिद्ध प्राचीन भारत यात्री हैं. वास्कोडिगामा पहले यूरोपियन व्यक्ति थे जो भारत आए, अपनी पहली भारत यात्रा पर वास्कोडिगामा कालीकट पहुंचे ,सन 1498 में अपनी दूसरी यात्रा के दौरान वास्कोडिगामा गोवा आए, उनके आने का मुख्य कारण गोवा की प्रशासन व्यवस्था ठीक करना था.

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