65 Deshbhakti shayari in hindi

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देशभक्ति शायरी

Deshbhakti shayari in hindi

Deshbhakti Shayari :- Hello दोस्तों, इस पेज पर हम आपके लिए सबसे बेहतरीन देशभक्ति शायरी पेश कर रहे हैं, हम सब अपने प्यारे भारत देश से बहुत प्यार करते हैं, भारत के लोग देश भक्ति की भावना से भरे हुए हैं, यह desh bhakti shayari in hindi आपके भारत के प्रति प्यार को व्यक्त कर सकती है, आप इस देश भक्ति शायरी को अपने सोशल मिडिया पर देश भक्ति कोट्स और देश भक्ति स्टेटस के रूप में उपयोग कर सकते हैं, देश भक्ति पर यह कविता आपके अपने देश और देश के अमर शहीदों के प्रति सम्मान प्रकट करने में सहायक है, अपने दोस्तों से यह देश भक्ति शायरी अवश्य शेयर करें .

जो लोग अपने वतन से मोहब्बत करते हैं, वो  यह वतन शायरी पढ़कर बहुत खुश होंगे, अगर आप अपने वतन से प्यार करते हैं तो यह वतन शायरी अपने स्टेटस में ज़रूर लगायें, अगर आप अपने हिंदुस्तान से प्यार करते हैं तो यह हिंदुस्तान शायरी अपने दोस्तों के साथ शेयर करें,

दोस्तों शानदार Deshbhakti Shayari Images निचे दी गयीं हैं 

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Desh bhakti shayari in hindi

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ख़ूँ शहीदान-ए-वतन का रंग ला कर ही रहा

आज ये जन्नत-निशाँ हिन्दोस्ताँ आज़ाद है

~अमीन सलोनी

 

फ़िदा-ए-मुल्क होना हासिल-ए-क़िस्मत समझते हैं

वतन पर जान देने ही को हम जन्नत समझते हैं

~आनंद नारायण मुल्ला

  

किन मंज़िलों लुटे हैं मोहब्बत के क़ाफ़िले

इंसाँ ज़मीं पे आज ग़रीब-उल-वतन सा है

~अदा जाफ़री

patriotic shayari

हमारे मुल्क की भाषा वो है जिसे हिंदू और मुस्लमान दोनों बोलते हैं। ये भाषा देवनागरी लिखावट में लिखी जाए तो हिन्दी है और अरबी लिखावट में लिखे जाने पर उर्दू है।

महात्मा गाँधी

 

याद अपने वतन की मुझे आती नहीं अब तो

अब भूल चुका होगा मुझे मेरा वतन भी

~सौरभ शेखर

 

शाम-ए-वतन कुछ अपने शहीदों का ज़िक्र कर

जिन के लहू से सुब्ह का चेहरा निखर गया

  

बहुत अज़ीज़ है अपने वतन की ख़ाक हमें

जो ख़्वाब आँखों में आया वो मोतबर आया

~जावेद अकरम फ़ारूक़ी

 

 देश भक्ति कोट्स Desh Bhakti Quotes

 

“सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा

हम बुलबुलें हैं इस की ये गुलसिताँ हमारा

मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना

हिन्दी हैं हम वतन है हिन्दोस्ताँ हमारा”

  

मुल्क़ का मुस्तक़बिल सजाने को ये,

माज़ी के गढ़े मुर्दे उखाड़ लाते हैं !!

चाहें जितना भी क़ातिल दामन धो ले,

ख़ून के छींटे साफ़ नज़र आते हैं !!

 

 “लहू वतन के शहीदों का रंग लाया है

उछल रहा है ज़माने  में नाम-ए-आज़ादी”

  

ये फ़ासले तेरी गलियों के हमसे तय न हुए

हज़ार बार रुके हम हज़ार बार चले

न जाने कौन सी मट्टी वतन की मट्टी थी

नज़र में धूल जिगर में लिये ग़ुबार चले

 

देश भक्ति स्टेटस Deshbhakti Status

 

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी

सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा !!

मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना

हिन्दी हैं हम वतन है हिन्दोस्ताँ हमारा !!

~Allama Iqbal 

    

वफ़ा करो जफ़ा मिले, भला करो बुरा मिले

है रीत देश देश की, चलन चलन की बात है

~अख़तर मुस्लिमी

  

दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की उल्फ़त

मेरी मिट्टी से भी ख़ुशबू-ए-वफ़ा आएगी

~Shaheed BhagatSingh

   

ना जन्नत मैंने देखी है, ना जन्नत की तवक्क़ो है

मगर मैं ख़्वाब में, इस मुल्क का नक़शा बनाता हूँ

~Munawwar Rana

 

ऐ वतन जब भी सर-ए-दश्त कोई फूल खिला

देख कर तेरे शहीदों की निशानी रोया

 

हाकिमान-ए-हिंद को अपनी ही इशरत से है काम

कौन करता है हमारी ग़म-गुसारी इन दिनों

 

 देश भक्ति  कविता  DeshBhakti Kavita     

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मेरा क़ुसूर ये है कि हुब्ब-ए-वतन में ‘शाद’

लिखता हूँ लिख चुका हूँ जो ~लिखना न चाहिए

~शाद_आरफ़ी

    

वतन की फ़िक्र कर नादाँ मुसीबत आने वाली है

तिरी बर्बादियों के मशवरे हैं आसमानों में

~Iqbal

  

ये कैसी सियासत है मेरे मुल्क पे हावी

इंसान को इंसाँ से जुदा देख रहा हूँ

~साबिर_दत्त

  

दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की उल्फ़त

मेरी मिट्टी से भी ख़ुशबू-ए-वफ़ा आएगी

~Lal Chand Falak      

‏    

ऐ ख़ाक-ए-वतन तुझ से मैं शर्मिंदा बहुत हूँ

महँगाई के मौसम में ये त्यौहार पड़ा है

~मुनव्वर_राना

  

शहीदों की ज़मीं है जिसको हिंदुस्तान कहते हैं

ये बंजर हो के भी बुज़दिल कभी पैदा नहीं करती

~Munawwar Rana

  

ये कैसी सियासत है मेरे मुल्क पे हावी

इंसान को इंसाँ से जुदा देख रहा हूँ

~साबिर_दत्त

 

वतन शायरी watan Shayari

 

कर चले हम फ़िदा जान-व-तन साथियों

अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों

~KaifiAzmi

 

लहू वतन के शहीदों का रंग लाया है

उछल रहा है ज़माना में नाम-ए-आज़ादी

~फ़िराक़_गोरखपुरी

 

मुल्क तो मुल्क घरों पर भी है क़ब्ज़ा उस का

अब तो घर भी नहीं चलते हैं सियासत के बग़ैर

~ज़िया_ज़मीर

 

ये सवाद-ए-शहर और ऐसा कहाँ हुस्न-ए-मलीह

शश-जिहत में मुल्क देखा ही नहीं पंजाब सा

  

सोचा था उन के देश में महँगी है ज़िंदगी

पर ज़िंदगी का भाव वहाँ और भी ख़राब

~दुष्यंत_कुमार

  

रोया था कौन कौन मुझे कुछ ख़बर नहीं

मैं उस घड़ी वतन से कई मील दूर था

~मुनीर_नियाज़ी

  

ज़िंदाँ में शहीदों का वो सरदार आया

शैदा-ए-वतन पैकर-ए-ईसार आया

है दार-ओ-रसन की सरफ़राज़ी का दिन

सरदार भगत-सिंह सरदार आया

~BhagatSingh

  

फ़िदा-ए-मुल्क होना हासिल-ए-क़िस्मत समझते हैं

वतन पर जान देने ही को हम जन्नत समझते हैं

  

मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना

हिन्दी हैं हम वतन है हिन्दोस्ताँ हमारा

~Allama Iqbal

 

रौशनी बाँटता हूँ सरहदों के पार भी मैं

हम-वतन इस लिए ग़द्दार समझते हैं मुझे

~Shahid Zaki

  

कभी कहीं सफ़र करते अगर कोई मुसाफ़िर शेर पढ़ दे ‘मीर’ ‘ग़ालिब’ का

वो चाहे अजनबी हो, यही लगता है वो मेरे वतन का है

~Gulzar

 

‏ये कैसी सियासत है मेरे मुल्क पे हावी

इंसान को इंसाँ से जुदा देख रहा हूँ

  

है नक़्श तेरे अहल-ए-वतन के दिल पर

फाँसी की रसन को चूमना वो तेरा

  

कोई नाम-व-निशां पूछे तो उस से कह देना

वतन हिन्दोस्तां अपना है हम हिन्दुस्तानी हैं

~Lal Chand Falak

 

ऐ वतन इस क़दर उदास न हो

इस क़दर ग़र्क़-ए-रंज-व-यास न हो

फूट की आग हम बुझा देंगे

क़त्ल-व-ग़ारत-गरी मिटा देंगे

~KaifiAzmi

   

‏वतन परस्त शहीदों की ख़ाक लायेंगे

हम अपनी आंख का सुर्मा उसे बनायेंगे

~चकबस्त

 

आज़ादी-ए-वतन से हमारी हैं हुर्मतें٭

देखी नहीं हैं तुमने ग़ुलामी की ज़िल्लतें

 

हिंद की उल्फ़त का जज़्बा मेरे जिस्म-व-जां में है

वो मेरा मतलूब है मैं उसके तलबगारों में हूँ

~LalChandFalak

 

कहाँ हैं आज वो शमा-ए-वतन के परवाने

बने हैं आज हक़ीक़त उन्हीं के अफ़साने

 

कितनी पुर-कैफ़ इसकी अदाएँ

कितनी दिलकश इसकी फ़ज़ाएँ

मुश्क से बढ़कर इसकी हवाएँ

ख़ुल्द से बढ़कर इसका नज़ारा

प्यारा भारत देश हमारा

 

ये और बात कि घर बुझ गए हैं ऐ ‘शाएर’

मगर वतन में चराग़ाँ तो कर गए हैं लोग

~शायर_लखनवी

  

वतन के लोग सताते थे जब वतन में थे

वतन की याद सताती है जब वतन में नहीं

~अंजुम_मानपुरी

  

उठो हिंद के बागवानो उठो

उठो इंक़िलाबी जवानो उठो

उठो जैसे दरिया में उठती है मौज

उठो जैसे आंधी की बढ़ती है फ़ौज

 ~S Jafri

  

ग़ुर्बत की ठंडी छाँव में याद आई उस की धूप

क़द्र-ए-वतन हुई हमें तर्क-ए-वतन के बाद ~kaifi azmi

 

ग़ज़लें, दोहे, गीत की शोहरत मुल्क से बाहर फैली थी

हिन्दोस्ताँ से आने वाले, तोहफ़ों में ले जाते थे

~Jameeluddin Aali

  

आबो-हवा देश की बहुत साफ है

कायदा है, कानून है, इंसाफ है,

अल्लाह मियाँ जाने कोई जिए या मरे,

आदमी को खून-वून सब माफ है

-गुलजार

  

“ये वतन तेरी मेरी नस्ल की जागीर नहीं,

सैंकड़ो नस्लों की मेहनत ने संवारा है इसे..”

-साहिर

मैं किस वतन की तलाश में यूँ चला था घर से,

कि अपने घर में भी अजनबी हो गया हूँ आ कर..!

-गुलज़ार

 

हिंदुस्तान शायरी Hindustan Shayari

 

वतन की फ़िक्र कर नादाँ मुसीबत आने वाली है

तेरी बर्बादियों के मशवरे हैं आसमानों में ~allama iqbal

  

ये उजले दरीचों में पायल की छनछन,

थकी हारी साँसों पे तबले की धनधन,

ये बेरुंह कमरों में खांसी की ठनठन..!

जिन्हें नाज़ है हिंद पर वो कहा है?

  

‘अगर राह चलते कोई,

शेर पढ़ दे म़िर-ग़ालिब का

वो चाहे अजनबी हो,

लगता है वो मेरे ‘वतन’ का है’-गुलज़ार

 

घर तो क्या घर का निशाँ भी नहीं बाक़ी ‘सफ़दर’

अब वतन में कभी जाएँगे तो मेहमाँ होंगे

  

जिला-वतन हूँ मिरा घर पुकारता है मुझे

उदास नाम खुला दर पुकारता है मुझे ~Nasim

  

ग़ुर्बत की सुब्ह में भी नहीं है वो रौशनी

जो रौशनी कि शाम-ए-सवाद-ए-वतन में थी ~hasrat

  

मिरे साग़र में मय है और तिरे हाथों में बरबत है

वतन की सरज़मीं में भूक से कोहराम है साक़ी ~sahir

  

यूसुफ़ अज़ीज़-ए-दिला जा मिस्र में हुआ था

पाकीज़ा गौहरों की इज़्ज़त नहीं वतन में ~meer

 

मआज़-अल्लाह उस की वारदात-ए-ग़म मआज़-अल्लाह

चमन जिस का वतन हो और चमन-बे-ज़ार हो जाए ~Jigar

 

ग़ुर्बत में हों अगर हम रहता है दिल वतन में

समझो वहीं हमें भी दिल हो जहाँ हमारा ~iqbal

 

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पे मर मिटनेवालों का बाकी यही निशां होगा

 

अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ मिटा सकते नहीं
सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं

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भारत के प्रमुख पूर्वोत्तर राज्य असम  की जानकारी Assam info in hindi

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असम राज्य की प्रमुख जानकारी Assam info in hindi

असम भारत का एक उत्तर पूर्वी राज्य है यह पूर्वी हिमालय की पहाड़ियों से दक्षिण में स्थित है, ब्रह्मपुत्र और भारत नदियां असम  में से होकर गुजरती है, असम का कुल क्षेत्रफल 78,438 km2 (30,285 sq mi). है,  असम  की कुछ सीमा भूटान देश से भी मिलती है, इसके उत्तर में अरुणाचल प्रदेश पूर्व में नागालैंड और मणिपुर तथा दक्षिण में मेघालय त्रिपुरा मिजोरम और बांग्लादेश की सीमाएं हैं,  असम के पश्चिम में सिलीगुड़ी कॉरिडोर है  जो की 22 किलोमीटर लंबा रास्ता है जो इसे पश्चिम बंगाल  और  शेष भारत से जोड़ता है

असम  के राज्य प्रतीक क्या क्या है? State symbols of Assam

प्रत्येक राज्य की तरह  असम राज्य  के भी अलग अलग राज्य प्रतीक राज्य पशु राज्य पक्षी आती है

असम  का राज्य गीत State song O Mur Apunar Desh है

असम  की राज्य सील State seal Oxom Xorkar है

असम  की राज्य भाषा State language Oxomiya Assamese है

असम  की राज्य साहित्य समिति State Literary Society Assam Sahitya Sabha (Oxom Xahityo Xobha) है

असम  का राज्य पर्व State festival Bihu है

असम  का राज्य नृत्य State dance Bihu dance है

असम  का राज्य फूल State flower Kopou phul, Foxtail Orchids है

असम  का राज्य वृक्ष State tree Hollong Dipterocarpus macrocarpus है

असम  का राज्य का State animal One-horned rhinoceros, Indian Rhino है

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असम  का राज्य पक्षी Deo hah White-winged wood duck है,

इस सिरीज़ में हम भविष्य में भारत के सभी राज्यों के प्रतिक, राज्य पशु, राज्य पक्षी, राज्य गीत आदि की जानकारी प्रस्तुत करेंगे, ताकि आपको भारत की विविध संस्कृतियों की जानकारी मिल सके.

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English translation

information about India’s major North-Eastern Assam Assam Information in English

Assam State Chief Information Assam info in hindi

Assam is a northeastern state of India, it is located in the south from the hills of the eastern Himalayas, the Brahmaputra and the rivers of India pass through Assam, the total area of ​​Assam is 78,438 km2 (30,285 sq mi). Some parts of Assam also come from Bhutan country, north of Arunachal Pradesh, Nagaland and Manipur in the east, and Meghalaya Tripura, Mizoram and Bangladesh are boundaries, on the west side of Assam is the Siliguri corridor which is a 22 km long route. Connects it to West Bengal and the rest of India

What is the state symbol of Assam? State symbols of Assam

Like every state, Assam state also has different state symbols of state animal kingdom birds Assam State song of Assam State song O Mur Apunar Desh is Assam state seal State seal Oxom Xorkar is the state language of Assam State language Oxomiya Assamese Assam State Literary Society State literary society Assam Sahitya Sabha (Oxom Xahityo Xobha) is the state festival of Assam State festival Bihu is the state dance of Assam State dance Bihu dance is the state flower of Assam State flower Kopou phul, Foxtail Orchids is the state tree of Assam State tree Hollong Dipterocarpus macrocarpus is Assam The kingdom State animal One-horned rhinoceros, Indian rhino is the state bird of Assam, Deo hah is white-winged wood duck, in this series we will present information about all the states of India in the future, state animals, state birds, state songs etc. So that you can get information about India’s diverse cultures. State symbols of Assam, assam in hindi, assam ki sthithi, assam ka rajy pakshi, assam ka rajy pashu, state animal of assam, rino is state animal, duck is state bird, essay on assam, hindi essay on assam,


Hinglish

bhaarat ke pramukh poorvottar raajy asam  kee jaanakaaree assam info in hindi

asam raajy kee pramukh jaanakaaree assam info in hindi asam bhaarat ka ek uttar poorvee raajy hai yah poorvee himaalay kee pahaadiyon se dakshin mein sthit hai, brahmaputr aur bhaarat nadiyaan asam  mein se hokar gujaratee hai, asam ka kul kshetraphal 78,438 km2 (30,285 sq mi). hai,  asam  kee kuchh seema bhootaan desh se bhee milatee hai, isake uttar mein arunaachal pradesh poorv mein naagaalaind aur manipur tatha dakshin mein meghaalay tripura mijoram aur baanglaadesh kee seemaen hain,  asam ke pashchim mein sileegudee koridor hai  jo kee 22 kilomeetar lamba raasta hai jo ise pashchim bangaal  aur  shesh bhaarat se jodata hai asam  ke raajy prateek kya kya hai? statai symbols of assam pratyek raajy kee tarah  asam raajy  ke bhee alag alag raajy prateek raajy pashu raajy pakshee aatee hai asam  ka raajy geet statai song o mur apunar daish hai asam  kee raajy seel statai saial oxom xorkar haiasam  kee raajy bhaasha statai languagai oxomiy assamaisai haiasam  kee raajy saahity samiti statai litairary sochiaity assam sahity sabh (oxom xahityo xobh) hai asam  ka raajy parv statai faistival bihu haiasam  ka raajy nrty statai danchai bihu danchai haiasam  ka raajy phool statai flowair kopou phul, foxtail orchhids haiasam  ka raajy vrksh statai traiai hollong diptairocharpus machrocharpus hai asam  ka raajy ka statai animal onai-hornaid rhinochairos, indian rhino haiasam  ka raajy pakshee daio hah whitai-wingaid wood duchk hai,is sireez mein ham bhavishy mein bhaarat ke sabhee raajyon ke pratik, raajy pashu, raajy pakshee, raajy geet aadi kee jaanakaaree prastut karenge, taaki aapako bhaarat kee vividh sanskrtiyon kee jaanakaaree mil sake. statai symbols of assam, assam in hindi, assam ki jankari, assam ki sthithi, assam ka rajy pakshi, assam ka rajy pashu, statai animal of assam, rino is statai animal of, duchk is statai bird of, aissay on assam, hindi aissay on assam,

 

पंजाब का राज्य पक्षी Northern goshawk बाज़ state bird of punjab in hindi

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पंजाब के राज्य पक्षी की जानकारी

पंजाब का राज्य पक्षी Northern goshawk बाज़ है, यह एक छोटे आकार का धारीदार बाज़ होता है,  इसका आकार केवल 45 से 60 सेंटीमीटर के बीच होता है मादा Northern goshawk बाज़ का आकार 55 से 70 सेंटीमीटर के बीच होता है,  वजन में यह 550 ग्राम से लेकर 1400 ग्राम तक का होता है मादा का वजन नर से अधिक होता है.

नर Northern goshawk बाज़ के पंखों का फैलाव 85 से 105 सेंटीमीटर तक हो सकता है जबकि मादा के पंखों का फैलाव 100 सेंटीमीटर से लेकर 125 सेंटीमीटर तक होता है इनकी पूंछ की लंबाई 18 से 28 सेंटीमीटर के बीच होती है.

Northern goshawk के पंख छोटे और मजबूत होते हैं, जिससे कि इन्हें तुरंत तेज गति मिल जाती है, इनकी एक लंबी पूछ होती है जो कि इन्हें कलाबाजियां करने में और शिकार करते समय तुरंत मुड़ने में सहायता प्रदान करती है, जिससे कि ये जंगलों में वृक्षों के बीच आसानी से तेज गति से उड़ सकते हैं.

Northern goshawk  को पहचानने का सबसे अच्छा तरीका इस के  पूरे शरीर पर पाए जाने वाले भूरे रंग की धारियां है जो कि इसके सफेद पेट पर बनी होती हैं और दूर से ही नजर आती हैं.

पंजाब राज्य के राज्य पक्षी Northern goshawk बाज़ का वैज्ञानिक वर्गीकरण

Northern goshawk  वैज्ञानिक वर्गीकरण इस प्रकार किया गया है

Common Name – Northern goshawk, Zoological Name – Accipiter gentilis, Kingdom – Animalia ,Phylum – Chordata, Class – Aves, Order – Accipitriformes, Family – Accipitridae, Genus – Accipiter

पंजाब का राज्य पक्षी Northern goshawk  कहां पाया जाता है?

Northern goshawk  के आवासीय इलाके लगभग सारी दुनिया में फैले हुए हैं, मुख्य रूप से यह उत्तरी अमेरिका यूरोप उत्तरी एशिया में पाया जाता है, यह पश्चिमी कनाडा अमेरिका के टेनेसी और साउथ एरीजोना राज्यों, मैक्सिको, मध्य यूरोप के जंगलों में तथा हिमालय के आस पास पाए जाने वाले जंगलों में भी पाया जाता है.

Northern goshawk का आवास और व्यवहार

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यह बाज़ घने जंगलों में रहना पसंद करता है, जहां दूसरे बाज पहाड़ी और मैदानी इलाकों में रहना पसंद करते हैं यह बाज़ घने पेड़ों वाले जंगलों में  अधिक पाया जाता है, ऐसे जंगल जहां ऊंचे ऊंचे पेड़ हो तथा थोड़ी शिकार करने की जगह हो ऐसे स्थानों पर इसे देखा जा सकता है

मुख्यतः यह बाज़ ऊंचे इलाकों में पाया जाता है, ठंड के मौसम में यह निचले इलाकों में प्रवास कर जाता है,  प्रजनन काल के दौरान यह पक्षी काफी शोर करते हैं नर और मादा अलग अलग तरह की आवाज निकालते हैं इनकी आवाज “की की की”  और “काक काक” की तरह होती है,ज्यादातर यह जोड़ों में देखे जाते हैं यह जीवन पर्यंत के लिए जोड़ा बनाते हैं.

सभी प्रकार के बाजों की तरह यह Northern goshawk बाज़ भी मांसाहारी है,  यह कई छोटे परिंदों स्तनधारी प्राणियों सरीसृप आदि का शिकार करता है, यह घने जंगलों में काफी तेज गति से उड़ सकता है तथा शिकार कर सकता है, अक्सर शिकार खोजने के लिए यह जंगलों के ऊपर उड़ता रहता है शिकार दिख जाने पर यह अचानक से गोता लगा देता है तथा झाड़ियों में आकर गिर जाता है, इसकी गति 50 से 60  किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है.

Northern goshawk बाज़ का प्रजनन काल मार्च से जून के महीने में होता है,  यह अपना घोंसला जंगल के किनारों पर उगे हुए ऊंचे पेड़ों पर बनाता है इनके घोसले अक्सर जंगल के किनारे पर स्थित पेड़ों और दल दल के किनारे पर स्थित पेड़ों पर देखे जा सकते हैं.

Northern goshawk अपना घोंसला तिनकों और पत्तियों से बनाता है, यह एक बार में दो से चार अंडे देता है,  इसके अंडों का रंग नीलापण लिए हुए सफेद होता है, अंडे सेने का कार्य ज्यादातर मादा ही करती है कभी-कभी जब मादा शिकार पर जाती है तब नर भी अंडे सेने का काम करता है,  इन अंडों से 30 से 38 दिन में बच्चे निकल आते हैं, जब यह बच्चे 36 से 42 दिन के हो जाते हैं तो यह उड़ना प्रारंभ करते हैं, 3 से चार महीने का होने पर यह बच्चे पूरी तरह स्वतंत्र हो जाते हैं तथा शिकार करना सीख जाते हैं. इन पक्षियों का जीवन काल 10 से 12 वर्ष का होता है.

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English translation

The state bird of Punjab is the northern goshawk baza state bird of Punjab in hindi

State bird information of Punjab

The state bird of Punjab is the northern goshawk falcon, it is a small striped falcon, its size is only about 45 to 60 centimeters, the female northern goshawk falcon is between 55 and 70 centimeters, it weighs 550 grams From 1400 grams, the weight of the female is higher than the male. The spread of wings of northern goshawk falcon can be anywhere from 85 to 105 centimeters, whereas females have wings spread from 100 centimeters to 125 centimeters. The length of the tail is between 18 to 28 centimeters. The wings of the Northern goshawk are small and strong, so that they get fast speed, they have a long question that they can turn them into doing acrobatics and immediately after hunting , So that they can easily fly between the trees in the forests at a fast pace. The best way to identify the Northern goshawk is to find browns found on the whole body C is the stripes of c, which are made on its white stomach and are visible from a distance. The scientific classification of the northern bird bird of northern state goshawk has been classified as the Northern Goshawk scientific classification. Common Name – Northern goshawk, Zoological Name – Accipiter gentilis , Kingdom – Animalia, Phylum – Chordata, Class – Aves, Order – Accipitriformes, Family – Accipitridae, Genus – Accipiter Where is the state bird of northern India known as Northern goshawk? Residential areas of Northern goshawk are spread all over the world, mainly This answer Ri America Europe is found in North Asia, it is also found in the forests of western Canada, Tennessee and South Arizona states, Mexico, Central Europe, and the forests found near the Himalayas. Accommodation and behavior of Northern goshawk Like to live in dense forests, where the other hikes to live in hilly and plains, this falcon is found more in thick forests with thick trees, From the forest where there are tall high trees and a place to be hunted, it can be seen at such places. Mainly this falcon is found in high areas, it travels in the lower regions during the freezing weather, during this time it is during the breeding period Much noise makes male and female different sounds, their voice is like “ki ki ki” and “kak kak”, mostly seen in joints. To mate. Like all types of appetites, this Northern goshawk falcon is also carnivorous, it hunts many small species of mammalian creatures, reptiles etc., it can fly very fast in dense forests and can hunt, often to find prey It flies on top of the forest. When a victim appears, it suddenly dives and falls into the bushes, it can speed up to 50 to 60 kilometers per hour. The reproduction season takes place in the months of March to June, making its nest on tall trees grown on the edges of the forest, their slices can often be seen on the trees located on the edge of the forests and crew on the edge of the forest. Its nest makes it with straws and leaves, it gives two to four eggs at one go, its egg color is white with blue color, mostly egging the eggs Sometimes, when a female goes on hunting, the male also does the job of egg harvesting, these eggs come out in 30 to 38 days, when these children become 36 to 42 days then they start to fly. These children are completely independent when they are three to four months and learn to hunt. The lifespan of these birds is 10 to 12 years. The state bird of Punjab, state bird of Punjab, punjab ka rajy pakshi, Northern goshawk in hindi, Northern goshawk,


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panjaab ka raajy pakshee northairn goshawk baaz

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क्या भारत से प्रवासी पक्षी  दूसरे देशों में जाते हैं? migratory birds from india in hindi

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क्या कोई एसा पक्षी है जो भारत से दूसरे देशों में प्रवास करता हो? migratory birds from india in hindi

वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसा कोई भी पक्षी नहीं है जो कि भारत से दूसरे देश में प्रवास करता  हो, विश्व भर से प्रवासी पक्षी भारत में उड़कर आते हैं परंतु एक भी पक्षी की प्रजाति है ऐसी नहीं है जो कि भारतीय मूल की हो और दूसरे देश में प्रवास के लिए जाती हो There is no migratory birds from india to another country.

क्यों कोई पक्षी की प्रजाति भारत से दूसरे देश में प्रवास नहीं करती है? migratory birds from india

यह आश्चर्य की बात है कि भारत में एक भी ऐसे प्रकार के पक्षी की प्रजाति नहीं पाई जाती है जो कि उड़कर दूसरे देशों में प्रवास पर जाती हो, सामान्यतः देखा जाता है कि मौसम बदलने पर, अत्यधिक ठंड पड़ने या अत्यधिक गर्मी पड़ने पर पक्षी एक स्थान को छोड़कर दूसरे स्थान पर चले जाते हैं, जहां का मौसम अच्छा होता है, इसे प्रवास करना कहते हैं,  विश्व भर में प्रवासी पक्षी पाए जाते हैं, यह साल भर एक ही स्थान पर जीवन व्यतीत नहीं करते हैं, बल्कि मौसम बदलने पर, उड़कर दूसरे देशों में चले जाते हैं. भारत में भी लाखों की संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं, परंतु भारत से एक भी पक्षी उड़ कर दूसरे देश पर प्रवास नहीं करता है इसके पीछे क्या कारण है?

पक्षियों के इस व्यहवार के पीछे कई  भौगोलिक कारण हो सकते हैं, भारत दो तरफ से हिंद महासागर से घिरा हुआ है,  भारत की समुद्र तट रेखा विशाल है, भारत में पर्याप्त मात्रा में उष्णकटिबंधीय जंगल पाए जाते हैं, इसलिए पाखी  इन जंगलों को छोड़कर समुद्र की तरफ क्यों प्रवास करेंगे,

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पक्षियों के इस व्यवहार के पीछे दूसरा कारण यह हो सकता है कि भारत के उत्तर में विशाल हिमालय है  यहां वर्ष भर भयानक ठंड पड़ती है इस हिमालय को पार कर दूसरी ओर जाना पक्षियों के लिए लगभग असंभव है, भारत के पश्चिमी इलाके में थार मरुस्थल है जो कि अत्यधिक गर्म  है, इस भयंकर मरुस्थल को पार कर दूसरी ओर जाना भी पक्षियों के लिए असंभव है, यह दो मुख्य कारण पक्षियों का यह निर्धारित करते हैं कि वे भारत छोड़कर किसी दूसरे देश में प्रवास नहीं करते.

भारत में ना तो अधिक गर्मी बढ़ती है और ना ही अधिक ठंड  यही कारण है कि यह मौसम पक्षियों के लिए अनुकूल है इसलिए वे भारत के जंगलों में ही अपना स्थान बदलते रहते हैं प्रवास करते रहते हैं तथा भारत छोड़कर किसी दूसरे स्थान पर प्रवास नहीं सकते.

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English translation

Does migratory birds from India go to other countries? migratory birds from india in hindi

Is there a bird that travels from India to other countries? migratory birds from india in hindi

According to the scientists, there is no such bird which migrates from India to other countries, migratory birds from all over the world fly in India, but there is no such species of birds which are of Indian origin and in other countries Go for migration; there is no migratory birds from India to another country

Why does not a bird species migrate from India to another country? migratory birds from india

It is surprising that there is no single type of bird species found in India which fly and travel to other countries, it is commonly seen that when the weather is changed, due to excessive freezing or excessive heat, Leave the place to the second place, where the weather is good, it is said to migrate, migratory birds are found around the world, it is only one place throughout the year. Do not live, but changing weather, fly go into other countries. There are also millions of migratory birds in India, but one bird from India does not fly and travel to another country. What is the reason behind this? There can be many geographical reasons behind this person of birds, India from two sides Surrounded by the Indian Ocean, India’s coastline is vast, India has sufficient quantity of tropical jungle, therefore, leaving these forests to the sea The second reason behind this behavior of birds will be that, there is a huge Himalayas in the north of India. There is a terrible cold throughout the year. It is almost impossible for birds going on the other side of the Himalayas, the western part of India In the Thar Desert which is extremely hot, crossing this horrid desert and going to the other side is also impossible for the birds, this is the main reason for birds to determine They are not that they leave India and do not migrate to any other country. In India, neither more heat gets increased nor more cold is the reason that this weather is favorable for birds, so they keep changing their place in the forests of India. Keep traveling and can not leave India and move to another place. Migratory birds from India, India’s prakash pakshi, India’s pravasi pakshi, which is India’s udkar pakshi,


Hinglish 

kya bhaarat se pravaasee pakshee  doosare deshon mein jaate hain?

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1200 प्रकार के पक्षी देखे जा सकते हैं भारत के पक्षी अभ्यारण्यों में

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भारत के पक्षी अभ्यारण्य Bird sanctuaries of India in hindi

भारत के विविध वन क्षेत्र कई सुंदर रंग-बिरंगे परिंदों का  आवास स्थल है, भारत के घने जंगलों में सदियों से कई प्रकार के पशु पक्षी पाए जाते हैं, भारत का मौसम पक्षियों के अनुकूल है, सर्दियों में यहां अत्यधिक ठंड नहीं पड़ती जितनी की यूरोप और उत्तरी एशिया और अमेरिका में होती है, इसीलिए ठंडे इलाकों से पक्षी प्रवास करके भारत आ जाते हैं, भारत के पक्षी अभयारण्य Bird sanctuary में हजारों प्रकार के पक्षी देखे जा सकते हैं इनमें से कुछ तो भारतीय मूल के पक्षी है, जो वर्ष भर भारत में ही रहते हैं तथा कई पक्षी ऐसे हैं जो कि प्रवासी पक्षी हैं और भारत में केवल 3 से 4 महीने ही गुजारते हैं, इन सुंदर पक्षियों को देखने के लिए बर्ड सेंचुरी Bird sanctuary में पक्षी प्रेमियों और बर्ड वाचर दुनिया भर से आते रहते हैं.

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भारत के सुंदर पक्षियों में भारतीय मोर, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, भारतीय हॉर्नबिल, किंगफिशर पक्षी, भारतीय बाज़ आदि शामिल है, भारतीय हॉर्नबिल पक्षी सभी प्रकार के हार्नबिल पक्षियों में सबसे बड़ा होता है यह भारत के पश्चिमी घाट के जंगल में पाया जाता है विज्ञान के अनुसार भारत में 1200 पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती है.

पक्षी अक्सर पानी के आस पास पाए जाते हैं  यही कारण है की नदियों, झीलों और तालाबों के आसपास पक्षियों की भारी संख्या देखने को मिलती है, इस प्रकार के क्षेत्रों को भारत सरकार ने पक्षी अभयारण्य घोषित कर दिया है जिसे की बोर्ड सेंचुरी कहते हैं भारत के विभिन्न राज्यों में कई Bird sanctuary पक्षी अभयारण्य है, यह पक्षी अभयारण्य भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा सुरक्षित क्षेत्र होते हैं इन क्षेत्रों में पशु पक्षियों के शिकार पर पाबंदी होती है तथा जंगलों की कटाई और भवन निर्माण पर भी प्रतिबंध रहता है, यह पक्षी अभयारण्य भारतीय मूल निवासी पक्षियों और प्रवासी पक्षियों के लिए स्वर्ग के समान है, नीचे हम भारत में स्थित सभी पक्षी अभयारण्य की सूची प्रस्तुत करें कर रहे हैं,  अगर आप एक पक्षी प्रेमी हैं तो अपने नजदीक के पक्षी अभयारण्य में जाकर रंग-बिरंगे पक्षियों को आसानी से देख सकते हैं.

भारत के पक्षी अभ्यारण्यों की सूचि List of Bird sanctuaries of India

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1 Atapaka Bird Sanctuary Andhra Pradesh

2 Nelapattu Bird Sanctuary Andhra Pradesh

3 Pulicat Lake Bird Sanctuary Andhra Pradesh

4 Sri Penusila Narasimha Wildlife Sanctuary Andhra Pradesh

5 Uppalapadu Bird Sanctuary Andhra Pradesh

6 Najafgarh drain bird sanctuary Delhi

7 Salim Ali Bird Sanctuary Goa

8 Gaga Wildlife Sanctuary Gujarat

9 Khijadiya Bird Sanctuary Gujarat

10 Kutch Bustard Sanctuary Gujarat

11 Nal Sarovar Bird Sanctuary Gujarat

12 Porbandar Bird Sanctuary Gujarat

13 Thol Lake Gujarat

14 Bhindawas Wildlife Sanctuary Haryana

15 Khaparwas Wildlife Sanctuary Haryana

16 Sultanpur Bird Sanctuary Haryana

17 Gamgul Himachal Pradesh

18 Attiveri Bird Sanctuary Karnataka

19 Bankapura Karnataka

20 Bankapura Peacock Sanctuary Karnataka

21 Bonal Bird Sanctuary Karnataka

21 Gudavi Bird Sanctuary Karnataka

22 Kaggaladu Karnataka

23 Kaggaladu Bird Sanctuary Karnataka

24 Magadi Bird Sanctuary Karnataka

25 Mandagadde Bird Sanctuary Karnataka

26 Puttenahalli Lake (Yelahanka) Karnataka

27 Ranganathittu Bird Sanctuary Karnataka

28 Kadalundi Bird Sanctuary Kerala

29 Kumarakom Bird Sanctuary Kerala

30 Mangalavanam Bird Sanctuary Kerala

31 Pathiramanal Kerala

32 Thattekad Bird Sanctuary Kerala

33 Mayani Bird Sanctuary Maharashtra

34 Karnala Bird Sanctuary Maharashtra

35 Great Indian Bustard Sanctuary Maharashtra

36 Lengteng Wildlife Sanctuary Mizoram

37 Chilika Lake Odisha

38 Keoladeo National Park Rajasthan

39 Tal Chhapar Sanctuary Rajasthan

40 Chitrangudi Bird Sanctuary Tamil Nadu

41 Kanjirankulam Bird Sanctuary Tamil Nadu

42 Koothankulam Bird Sanctuary Tamil Nadu

43 Suchindram Theroor Birds Sanctuary Tamil Nadu

44 Udayamarthandapuram Bird Sanctuary Tamil Nadu

45 Vedanthangal Bird Sanctuary Tamil Nadu

46 Vellode Birds Sanctuary Tamil Nadu

47 Vettangudi Bird Sanctuary Tamil Nadu

48 Bakhira Sanctuary Uttar Pradesh

49 Lakh Bahosi Sanctuary Uttar Pradesh

50 Nawabganj Bird Sanctuary Uttar Pradesh

51 Okhla Sanctuary Uttar Pradesh

52 Patna Bird Sanctuary Uttar Pradesh

53 Saman Sanctuary Uttar Pradesh

54 Samaspur Sanctuary Uttar Pradesh

55 Bird Sanctuary Uttar Pradesh

56 Surajpur Bird Sanctuary Uttar Pradesh

57 Chintamoni Kar Bird Sanctuary West Bengal

58 Raiganj Wildlife Sanctuary West Bengal

59 Thasrana Bird Sanctuary (Dhanauri Wetlands) Uttar Pradesh

60 Wachana Bird Sanctuary Gujarat

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English translation

Birds of 1200 can be seen in bird sanctuaries of India

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India’s diverse forest areas are the home of many beautiful colorful birds, many species of animals are found in the dense forests of India for centuries, India’s weather is favorable to birds, it does not get much cold in winter as it is in Europe And is in North Asia and America, hence migrating birds from cold areas to India, Bird Sanctuary of India has thousands of types of birds in Bird sanctuary Some of these may be birds of Indian origin, which remain in India throughout the year and there are many birds which are migratory birds and spend only 3 to 4 months in India, to see these beautiful birds Birds and bird watchers are coming from around the world in bird sanctuary bird sanctuary. The beautiful birds of India include Indian peafowl, Great Indian Bustard, Indian Hornbill, Kingfisher Bird, Indian Falcon etc. Indian hornbill bird is the largest of all types of Hornbill birds, it is found in the forest of Western Ghats of India According to science, species of 1200 birds are found in India. Birds are often found around the water. This is the reason that the huge number of birds is seen around the rivers, lakes and ponds; Such areas have been declared by the Indian government as a bird sanctuary, which is called the Board Century, India There are many Bird sanctuary bird sanctuaries in various states, this bird sanctuary is protected areas by the Government of India and the State Government. The hunting of animal birds is banned and restrictions on forest cutting and building construction are also prohibited, this bird sanctuary is similar to paradise for native Indian birds and migratory birds, below we present a list of all bird sanctuaries located in India. If you are a bird lover then you can easily see colorful birds by going to the bird sanctuary near you. List of bird sanctuaries of India
List of Bird sanctuaries of India1

Atapaka Bird Sanctuary Andhra Pradesh3 Nelapattu Bird Sanctuary Andhra Pradesh3 Pulicat Lake Bird Sanctuary Andhra Pradesh4 Sri Penusila Narasimha Wildlife Sanctuary Andhra Pradesh5 Uppalapadu Bird Sanctuary Andhra Pradesh6 Najafgarh drain bird sanctuary Delhi7 Salim Ali Bird Sanctuary Goa8 Gaga Wildlife Sanctuary Gujarat9 Khijadiya Bird Sanctuary Gujarat10 Kutch Bustard Sanctuary Gujarat11 Nal Sarovar Bird Sanctuary Gujarat12 Porbandar Bird Sanctuary Gujarat13 Thol Lake Gujarat 14 Bhindawas Wildlife Sanctuary Haryana15 Khaparwas Wildlife Sanctuary Haryana16 Sultanpur Bird Sanctuary Haryana 17 Gamgul Himachal Pradesh 18 Attiveri Bird Sanctuary Karnataka19 Bankapur Karnataka Bankakura Peacock Sanctuary Karnataka 21 Bonal Bird Sanctuary Karnataka21 Gudavi Bird Sanctuary Karnataka 22 Kaggaladu Karnataka 23 Kaggaladu Bird Sanctuary Karnataka24 Magadi Bird Sanctuary Karnataka25 Mandagadde Bird Sanctuary Karnataka 26 Puttenahalli Lake (Yelahanka) Karnataka27 Ranganathittu Bird Sanctuary Karnatak a28 Kadalundi Bird Sanctuary Kerala29 Kumarakom Bird Sanctuary Kerala 30 Mangalavanam Bird Sanctuary Kerala31 Pathiramanal Kerala32 Thattekad Bird Sanctuary Kerala33 Mayani Bird Sanctuary Maharashtra34 Karnala Bird Sanctuary Maharashtra35 Great Indian Bustard Sanctuary Maharashtra36 Lengteng Wildlife Sanctuary Mizoram37 Chilika Lake Odisha38 Keoladeo National Park Rajasthan39 Tal Chhapar Sanctuary Rajasthan40 Chitrangudi Bird Sanctuary Tamil Nadu 41 Kanjirankulam Bird Sanctuary Tamil Nadu42 Koothankulam Bird Sanctuary Tamil Nadu 43 Suchindram Theroor Birds Sanctuary Tamil Nadu 44 Udayamarthandapuram Bird Sanctuary Tamil Nadu45 Vedanthangal Bird Sanctuary Tamil Nadu46 Vellode Birds Sanctuary TamilNadu47 Vettangudi Bird Sanctuary Tamil Nadu48 Bakhira Sanctuary Uttar Pradesh 49 Lakh Bahosi Sanctuary Uttar Pradesh50 Nawabganj Bird Sanctuary Uttar Pradesh51 Okhla Sanctuary Uttar Pradesh52 Patna Bird Sanctuary Uttar Pradesh53 Saman Sanctuary Uttar Pradesh54 Samaspur Sanctuary Uttar Pradesh55 Bir d Sanctuary Uttar Pradesh56 Surajpur Bird Sanctuary Uttar Pradesh57 Chintamoni Kar Bird Sanctuary West Bengal58 Raiganj Wildlife Sanctuary West Bengal 59 Thasrana Bird Sanctuary (Dhanauri Wetlands) Uttar Pradesh60 Wachana Bird Sanctuary GujaratBird sanctuary in hindi, hindi on bird sanctuary, pakshi abhyarany, list of bird sanctuaries of India, bird sanctuaries of india in hindi, indian bird sanctuaries, India bird sanctuary,


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1200 prakaar ke pakshee dekhe ja sakate hain bhaarat ke pakshee abhyaaranyon mein

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दुनिया के महासागर Oceans of the world in hindi

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Oceans of the world

There are five oceans in the world namely southern ocean, arctic ocean, pacific ocean, atlantic ocean and Indian ocean, Oceans of the world encompass 71% area of the earth, these oceans has 96.5%  water of earth. Life evolved in oceans of the world. All 5 Oceans of the world are connected to another oceans, water streams freely flows between oceans. Here we present information on Oceans of the world in hindi language for you.   

 दुनिया में कितने महासागर है how many oceans in the world

पृथ्वी की सतह का 71% हिस्सा महासागरों oceans से ढका हुआ है पृथ्वी के इन महासागरों में पृथ्वी पर पाए जाने वाले पानी की 96.5 प्रतिशत मात्रा है, शेष 3.5% पानी पृथ्वी पर ध्रुवीय बर्फ तथा पहाड़ों पर बर्फ,  नदियों और झीलों में पाया जाता है इसका कुछ हिस्सा पृथ्वी की सतह के नीचे भी पाया जाता है.

जीवन की उत्पत्ति पानी में ही हुई है थी, वैज्ञानिकों के अनुसार जीवन के प्रथम जीव की उत्पत्ति पृथ्वी के महासागर (Oceans of the world)  में ही हुई थी, पानी प्रत्येक जीव के लिए अत्यंत आवश्यक होता है, पृथ्वी पर  पाए जाने वाले महासागरों की वजह से ही पृथ्वी का रंग अंतरिक्ष से नीला दिखाई देता है.

पृथ्वी पर पाए जाने वाले महासागरों  Oceans of the world को पांच अलग-अलग महासागरों में बांटा गया है इस तरह पृथ्वी पर कुल 5  महासागर पाए जाते हैं, इनमें अटलांटिक महासागर आर्कटिक महासागर भारतीय महासागर पेसिफिक महासागर तथा दक्षिणी महासागर है. पृथ्वी के यह पांच महासागर आपस में मिले हुए हैं तथा इन का जल एक दूसरे में प्रवाहित होता रहता है, विभिन्न प्रकार की समुद्री धाराएं एक महासागर का जल दूसरे महासागर में ले जाती है.

पृथ्वी के इन पांच महासागरों की भोगोलिक स्थिति geographical location of Oceans of the world

पृथ्वी के इन पांच महासागरों Oceans of the world की भोगोलिक स्थिति को इस प्रकार समझा जा सकता है

पृथ्वी के महासागरों के मध्य में अंटार्कटिका महाद्वीप के आस पास पाए जाने वाले दक्षिणी महासागर को मान सकते हैं इस दक्षिणी महासागर के आसपास ही अन्य  3 महासागर पाए जाते हैं अटलांटिक महासागर, भारतीय महासागर, पेसिफिक महासागर को बहुत बड़ी खाड़ी के रूप में देखा जा सकता है, उत्तर में जाने पर अटलांटिक महासागर, आर्कटिक महासागर से मिल जाता है आगे जाकर उत्तरी ध्रुव महासागर आर्कटिक महासागर, तथा पेसिफिक महासागर से बेरिंग स्ट्रेट पर जाकर मिलता है,  नक्शे को देखकर आप पृथ्वी के महासागरों की स्थिति को आसानी से समझ सकते हैं

दुनिया के 5 महासागर की जानकारी 5 Oceans of the world

दक्षिणी महासागर Southern ocean –  

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दक्षिणी महासागर वह महासागर है जिसने अंटार्कटिका महाद्वीप को चारों ओर से घेर रखा है, दक्षिणी महासागर 60 डिग्री दक्षिणी अक्षांश रेखा के उस और पाया जाता है,  दक्षिणी महासागर का बहुत सा हिस्सा बर्फ के रूप में जमा हुआ है, मौसम के अनुसार यह बर्फ पिघलता और पुनः जमता रहता है, आकार के हिसाब से दक्षिणी महासागर का स्थान पांचो पृथ्वी के महासागरों में चौथे नंबर पर है.

अटलांटिक  महासागर Atlantic Ocean

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अटलांटिक महासागर विश्व का दूसरा सबसे बड़ा महासागर है यह दक्षिणी महासागर से शुरू होकर  दक्षिणी अमेरिका और अफ्रीका उत्तरी अमेरिका और यूरोप के मध्य में स्थित है, अटलांटिक महासागर अफ्रीका के दक्षिणी हिस्से में भारतीय महासागर से Cape Agulhas में जाकर मिलता है.

भारतीय महासागर Indian Ocean–  

भारतीय महासागर दक्षिणी महासागर से शुरू हो कर उतरी दिशा में भारत तक फैला हुआ है, भारतीय महासागर पश्चिम में आस्ट्रेलिया के पास पेसिफिक महासागर से जाकर मिलता है.

भारत के दक्षिण में एक विशाल महासागर भारत को घेरे हुए हैं, जिसे हम हिंद महासागर कहते हैं, हिंद महासागर विश्व का तीसरा सबसे बड़ा महासागर है इसका क्षेत्रफल 70560000 स्क्वायर किलोमीटर है पश्चिम में यह अफ्रिका के तट  तक फैला हुआ है तथा पूर्व में यह ऑस्ट्रेलिया तक जाता है, हिंद महासागर के पश्चिम में अरेबियन सागर है, दक्षिण पश्चिम में लक्ष्यदीप सागर है तथा पूर्व में बंगाल की खाड़ी स्थित है.बंगाल की खाड़ी अरेबियन सागर फारस की खाड़ी लाल सागर यह सभी भारतीय महासागर का हिस्सा है. भारत का भूगोल 

पेसिफिक महासागर Pecific Ocean-  

पेसिफिक महासागर सबसे बड़ा महासागर है यह दक्षिणी महासागर से शुरू होकर उत्तरी आर्कटिक महासागर तक फैला हुआ है, ऑस्ट्रेलिया  और एशिया तथा उत्तरी अमेरिका तथा Oceania के बीच के हिस्से में पेसिफिक महासागर मौजूद है. पेसिफिक महासागर अटलांटिक महासागर से दक्षिण अमेरिका के कैप हार्न में जाकर मिलता है.

आर्कटिक महासागर Arctic Ocean-

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आर्कटिक महासागर सभी महासागरों में सबसे छोटा है यह उत्तरी ध्रुव के चारों ओर फैला हुआ है, यह ग्रीन लैंड और आइस लैंड के पास  अटलांटिक महासागर से जाकर मिलता है, आर्कटिक महासागर का कुछ हिस्सा बर्फ के रूप में जमा हुआ रहता है, बर्फ का जमा हुआ यह हिस्सा आकार में  मौसम के अनुसार बढ़ता और घटता रहता है, आर्कटिक महासागर का बहुत कम हिस्सा दूसरे महासागरों से मिलता है इसलिए कभी-कभी इसे महासागर ना मानते हुए एक सागर की संज्ञा दी जाती है क्योंकि  यह लगभग चारों ओर से भूमि से घिरा हुआ है.

Oceans of the world के बारे में आप यू TUBE पर यह ज्ञान वर्थक वीडियो देख सकते है, 

 

 

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English translation

Ocean oceans of the world in hindi

Oceans of the world
There are five oceans in the world namely southern ocean, arctic ocean, pacific ocean, atlantic ocean and Indian ocean, oceans of the world encompass 71% area of ​​the earth, these oceans have 96.5% water of water. Life evolved in oceans of the world All 5 Oceans of the world are connected to another oceans, water streams freely flows between oceans. Here we present information on Oceans of the world in hindi

How many oceans in the world are

71% of the surface of the Earth is covered with oceans oceans; In these oceans of earth, 96.5% of the water found on Earth, the remaining 3.5% water is found in polar ice on the earth and snow, rivers and lakes on the mountains. Some part of it is also found under the surface of the Earth. According to the scientists, the origin of life was born in the water of the Earth (Ocea ns of the world), water is essential for every organism, due to the oceans found on Earth, the color of the earth is only visible to the blue. The oceans of the oceans found on Earth are divided into five separate oceans, in this way there are 5 oceans on Earth, in them the Atlantic Ocean is the Indian Ocean Pacific Ocean and the Southern Ocean. These five oceans of the earth are interconnected and their water flows in one another, different types of sea currents take the waters of an ocean into another ocean. The geographical location of these five oceans of the earth is geographical location of Oceans of the world The geographical position of these five oceans of the oceans of the world can be understood in this way: around the Antarctica continent in the middle of the Earth’s oceans The southern ocean can be believed that the other 3 oceans are found around this southern ocean, the Atlantic Ocean, the Indian Ocean, the Pacific Ocean can be seen as a very large gulf, the Atlantic Ocean, Arctic Ocean Going forward, the North Pole Ocean meets the Arctic Ocean, and the Pacific Ocean from the Bering Strait, see the map And you can easily understand the situation of the oceans of Earth

5 ocean information of the world 5 Oceans of the world

Southern Ocean South ocean – The southern ocean is the ocean which surrounds Antarctica’s continent, the southern ocean is found that it is 60 degrees south latitude, much of the southern ocean is deposited in the form of ice, weather According to this, the ice melts and retains, according to the size, the location of the southern ocean is at the fifth place in the Earth’s oceans. At the end The Atlantic Ocean – the Atlantic Ocean is the second largest ocean in the world, starting from the southern ocean, in southern America and Africa, in the middle of North America and Europe, the Atlantic Ocean meets the Indian Ocean in Cape Agulhas in the southern part of Africa. Indian Ocean Indian Ocean – Indian Ocean extends from the Southern Ocean and extends to India in the direction of direction, Indian Maha And in the west, it is found near the Pacific Ocean by visiting Australia. A vast ocean in India is surrounded by India, which we call the Indian Ocean, the Indian Ocean is the third largest ocean in the world, its area is 70560000 square kilometers, in the west It extends to the coast of Africa and in the east it goes to Australia, on the west side of the Indian Ocean, the Arabian Sea, southwest In Lakshadweep Sea and in the Bay of Bengal in the east Hakbangal Gulf Arabian Sea, Persian Gulf, the Red Sea is part of the Indian Ocean. Geography of India Pacific Ocean Pecific Ocean – The Pacific Ocean is the largest ocean, starting from the southern ocean, extending to the North Arctic Ocean, Pacific Ocean is present in Australia and parts of Asia and North America and Oceania. The Pacific Ocean meets the Atlantic Ocean in South America’s Cap Horn. Arctic Ocean Arctic Ocean – The Arctic Ocean is the smallest of all the oceans, it spreads around the North Pole, going through the Atlantic Ocean near the Green Land and Ice Land It is found that some part of the Arctic Ocean remains accumulated in the form of ice, the amount of ice accumulated in the shape increases and decreases according to the season. A small part of the Arctic Ocean meets with other oceans, so sometimes it is not considered an ocean, it is said to be called a sea because it is surrounded by land from almost all the oceans of the world. You can watch this knowledge Worthak video on U TUBE, tags – Oceans of the world hindi, oceans ki jankari, oceans facts in hindi, essay on oceans of the world in hindi, hindi essay on oceans of the world, essay on indian ocean in hindi, essay on atlantic ocean, essay on pecific ocean, essay on arctic ocean, essay on southern ocean, ocean of earth, how many Ocean, the largest ocean, Oceans of the World, Oceans, Indian Ocean, Indian Ocean,


Hinglish

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कोलंबिया के अन्तरिक्ष यात्रियों के साथ अंतिम समय में क्या हुआ था?

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नासा का कोलंबिया स्पेस शटल दुर्घटनाग्रस्त  क्यों हो गया था? Why Columbia exploded

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कोलंबिया नासा का पहला स्पेस शटल था, इसने अपनी पहली उड़ान अप्रैल 1981 में भरी थी, नासा के इस स्पेस शटल ने कुल 27 मिशन सफलतापूर्वक पूरे किये थे  इसके बाद यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस स्पेस शटल के आखिरी मिशन में भारतीय मूल की अन्तरिक्ष यात्री कल्पना चावला भी थी, जो की इस मिशन के दौरान शहीद हो गयीं.

अपने 28 वे मिशन पर कोलंबिया स्पेस शटल ने  पृथ्वी से आखरी बार 16 जनवरी 2003 को उड़ान भरी इस मिशन का नाम STS-107 था, उस समय के सभी अंतरिक्ष अभियानों का मूल उद्देश्य इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन को बनाना था परंतु इस मिशन का पूरा फोकस  अंतरिक्ष में कई तरह के वैज्ञानिक प्रयोग करना था.

कोलंबिया स्पेस शटल में कौन कौन मारा गया था who was  killed in columbia disaster

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कोलंबिया स्पेस शटल में 7 सदस्य सात सदस्यों की टीम थी

Rick Husband, commander, Michael Anderson, payload commander; David Brown, mission specialist; Kalpana Chawla, mission specialist; Laurel Clark, mission specialist; William McCool, pilot; and Ilan Ramon, payload specialist

यह सभी एस्ट्रोनामर दो शिफ्ट में काम करते थे जिससे कि वैज्ञानिक प्रयोगों का कार्य 24 घंटे चलता रहता था, कोलंबिया स्पेस शटल की टीम ने कुल 80 वैज्ञानिक प्रयोग किए जिनमें की जीव विज्ञान पदार्थ विज्ञान तरल फिजिक्स आदि विषयों के प्रयोग किये गए थे इन अंतरिक्ष यात्रियों ने 16 दिन अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में रहकर यह वैज्ञानिक प्रयोग किए.

कोलंबिया के बारे में पूर्व चेतावनी दी गयी थी

जब यह सात अंतरिक्ष यात्री स्पेस स्टेशन में रहकर अंतरिक्ष प्रयोग कर रहे थे तो  नासा ने अपने वीडियो अध्ययन में यह पाया कि फोम का एक टुकड़ा कोलंबिया स्पेस शटल के बाय पंख से टकराया था, फोम का यह टुकड़ा लॉन्च के 82 सेकंड बाद बाएं पंख से टकराया था, नासा के अंतर्गत विभिन्न वैज्ञानिकों और दूसरी संस्थाओं ने नासा के उच्चाधिकारियों को  स्पेस में स्थित कोलंबिया स्पेस शटल की और अधिक जांच करने के लिए सुझाव दिया परन्तु नासा के उच्च अधिकारियों ने इस सुझाव को रद्द कर दिया उन्होंने इसे महत्वपूर्ण नहीं समझा.

नासा का कोलंबिया स्पेस शटल कब  दुर्घटनाग्रस्त हुआ था when Columbia disaster happened?

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1 फरवरी 2003 को नासा के कोलंबिया स्पेस शटल ने अपनी पूर्व निर्धारित वापसी की प्रक्रिया शुरू की इसे अमेरिका के कैनेडी स्पेस सेंटर में लौटना था,  लेकिन सुबह 9:00 बजे ही वैज्ञानिकों को अजीब रीडिंग्स मिलना शुरू हुई, कोलंबिया स्पेस शटल के बाएं पंख के सेंसर की रीडिंग गायब हो गई उसके कुछ सेकंड बाद ही स्पेस शटल के बाय टायर प्रेशर की रीडिंग्स भी दिखाई देना बंद हो गई.

जिस समय कोलंबिया स्पेस शटल अमेरिका के Dallas के ऊपर उड़ रहा था और उसकी गति ध्वनि कि गति से 18 गुना अधिक थी, इस समय कोलंबिया स्पेस शटल पृथ्वी से 61000 मीटर की ऊंचाई पर था, मिशन कंट्रोल पर स्थित वैज्ञानिकों ने  कोलंबिया के पायलट से बात करने की कोशिश की परन्तु वे नाकाम रहे हैं,कुछ ही सेकंड बाद कोलंबिया स्पेस शटल में विस्फोट हो गया और वह टुकड़े-टुकड़े होकर चारों और बिखर गया, साथ ही उस में स्थित सभी अंतरिक्ष यात्री मारे गए

कोलंबिया स्पेस शटल की दुर्घटना का कारण क्या था Reason of  Columbia disaster

बाद में किये गए अध्यन  में है पता चला कि कोलंबिया स्पेस शटल के बाएं पंख में एक छोटा सा छेद हो गया था जिसकी वजह से वायुमंडल की गैसें स्पेस शटल के अंदर घुस गई जिससे कि स्पेस शटल में विस्फोट हो गया और सभी अंतरिक्ष यात्रियों का दुखद अंत हो गया.

कोलंबिया स्पेस शटल के टुकड़े लगभग 5000 स्क्वेयर किलोमीटर के क्षेत्र में बिखर गए थे इन टुकड़ों को खोजने में कई हफ्तों का समय लगा, नासा ने कुल 84000 टुकड़े प्राप्त किए, इनमें कुछ अंतरिक्ष यात्रियों के शरीर के हिस्से भी थे जिनकी डीएनए के द्वारा पहचान की गई.

सन 2008 में नासा ने एक रिपोर्ट में बताया कि कोलंबिया स्पेस शटल के अंत के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों के साथ क्या हुआ था, इस रिपोर्ट के अनुसार जब कोलंबिया स्पेस शटल टूटा तब भी अंतरिक्ष यात्री जीवित थे,  जैसे ही स्पेस शटल का वायुदाब कम हुआ तो कुछ ही सेकंड के बाद सभी बेहोश हो गए, जब स्पेस शटल में विस्फोट हुआ तो सभी अंतरिक्ष यात्री यात्रियों का भी दुखद अंत हो गया.

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What happened in the last time with the Colombian astronauts?

Why did NASA’s Columbia Space Shuttle crash? Columbia was NASA’s first space shuttle, it had its first flight in April 1981, NASA’s Space Shuttle had successfully completed 27 missions, after which it crashed. The last mission of this space shuttle was Kalpana Chawla, an Indian origin astronaut, who was martyred during this mission. On the 28th mission, the Columbia Space Shuttle lasted its mission on January 16, 2003, The STS-107 was the original purpose of all the space missions of that time, to make the International Space Station, but the focus of this mission was to use a variety of scientific experiments in space.

Who was killed in the Columbia Space Shuttle who was killed in Columbia disaster

Columbia was a member of seven members in the Space Shuttle, Rick Husband, commander, Michael Anderson, payload commander; David Brown, mission specialist; Kalpana Chawla, mission specialist; Laurel Clark, mission specialist; William McCool, pilot; and Ilan Ramon, payload specialist All these astronomers used to work in two shifts so that the work of scientific experiments lasted 24 hours, the Columbia Space Shuttle team conducted a total of 80 scientific experiments, including biological science, liquid physics, etc. These astronauts went to the International Space Station for 16 days and used scientific experiments. Earlier warnings about Colombia Yes, when these seven astronauts were using the space in space station, NASA found in their video study that a piece of foam had collided with the wings of the Columbia Space Shuttle, this piece of foam left 82 seconds after the launch In collision with feathers, various scientists and other institutions under NASA examined the NASA high commissioners for further investigating the Columbia Space Shuttle located in space. The suggested but NASA senior officials canceled the suggestion did not think it important.

When did NASA’s Columbia Space Shuttle crash when the Columbia disaster happened?

On 1 February 2003, NASA’s Columbia Space Shuttle began its pre-scheduled withdrawal process, it was to return to the Kennedy Space Center in the US, but at 9:00 am the scientists began to receive strange readings, the left wings of the Columbia Space Shuttle A few seconds after the sensor readings disappeared, the readings of the space shuttle bye-tire pressure stopped showing. The time when the Columbia Space Shuttle was flying over America’s Dallas and its speed was 18 times the speed of the sound, at that time the Columbia Space Shuttle was at an altitude of 61,000 meters from Earth, scientists at Mission Control spoke to the Colombian pilot. Tried to do but they have failed, within a few seconds after the Columbia Space Shuttle exploded and it split into pieces all around, as well as all the other Passengers were killed Triksh

What was the reason for the crash of the Columbia Space Shuttle? Reason of Columbia disaster

Later studies showed that there was a small hole in the left wing of the Columbia Space Shuttle, due to which the atmospheric gases penetrated inside the space shuttle, so that the space shuttle exploded and all the astronauts were tragic The end was ended. The fragments of the Collegia Space Shuttle were scattered in the area of ​​approximately 5000 square kilometers, it took several weeks to find these pieces, NASA totaled 84,000 pieces. Some of these astronauts had body parts, which were identified by DNA. In 2008, NASA reported in a report that what happened with astronauts during the end of the Columbia Space Shuttle, according to this report When the Space Shuttle broke down, the astronauts were still alive, as soon as the space shuttle stopped air, after a few seconds all became unconscious, when the space shuttle All the astronaut passengers became tragically endangered.

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Hinglish article 

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दुनिया में कितनी स्पेस एजेंसीज है? Space Agency in hindi

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इसरो की तरह 72 स्पेस एजेंसीज है दुनिया में how many space agency in hindi

21 वी सदी  के दौरान दुनिया में खगोल विज्ञान के क्षेत्र में कई खोजें और कई बड़े  अंतरिक्ष अभियान पूरे किए गए, मनुष्य ना केवल चंद्रमा पर पहुंच गया बल्कि मनुष्य द्वारा बनाए गए स्पेस प्रोब सौरमंडल के बाहर तक पहुंच गए हैं, एस्ट्रोनॉमी और अंतरिक्ष खोज अभियान के क्षेत्र में विश्व की कई संस्थाएं प्रयासरत है, दुनिया के बड़े-बड़े वैज्ञानिक इन संस्थाओं में काम करते हैं,  वर्तमान समय में प्रत्येक देश के लिए आवश्यक हो गया है कि उसकी स्वयं की स्पेस एजेंसी अंतरिक्ष खोज संस्था हो, स्वयं के सैटेलाइट अंतरिक्ष में स्थापित करने से लेकर चंद्रमा और मंगल ग्रह पर खोज अभियानों को भेजने के लिए अंतरिक्ष संस्था स्पेस एजेंसी का होना बहुत आवश्यक है.

वर्तमान समय में कुल 72 देशों के पास स्वयं की स्पेस एजेंसी है इनमें से 14 के पास अर्ध प्रक्षेपण क्षमता है तथा केवल 6 स्पेस एजेंसी के पास पूर्ण प्रक्षेपण क्षमता है, यह संस्थाएं ऐसी है जो कि एक साथ कई उपग्रह अंतरिक्ष में स्थापित कर सकती हैं इनके पास  क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन है तथा यह संस्थाएं बाहरी अंतरिक्ष में स्पेस प्रोब भी भेज सकती हैं, यह अत्यंत खुशी की बात है कि इन 6 संस्थाओं की लिस्ट में हमारे देश भारत की संस्था इसरो भी शामिल है.

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विश्व की प्रमुख स्पेस एजेंसी top space agency in the world in hindi

पूर्ण क्षमता से लैस शिक्षा संस्थाएं इस प्रकार है

China National Space Administration (CNSA),

European Space Agency (ESA),

Indian Space Research Organization (ISRO),

Japan Aerospace Exploration Agency (JAXA),

National Aeronautics and Space Administration (NASA),

Russian Federal Space Agency (RFSA or Roscosmos)

अंतरिक्ष संस्थाओं का बजट इसरो का बजट isro budgest in hindi

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प्रत्येक देश की सरकार द्वारा अंतरिक्ष संस्था को विभिन्न प्रकार के वैज्ञानिक अभियानों के लिए पूंजी की व्यवस्था की जाती है,  देश के सालाना बजट में से कुछ हिस्सा स्पेस एजेंसी के लिए भी रखा जाता है, आपने समाचारों में अक्सर सुना होगा कि अमेरिका की अंतरिक्ष संस्था नासा भी बजट की कमी की समस्या से जूझ रहा है नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नासा के बजट में भारी कटौती कर दी है ऐसे कई वैज्ञानिक अभियान रुक गएँ हैं नासा का अनुमानित बजट 19500 मिलियन डॉलर है, यूरोपियन स्पेस एजेंसी का अनुमानित बजट 6270 मिलियन डॉलर है, रूस की Roscosmos स्पेस एजेंसी का बजट 3200 मिलीयन डॉलर के आसपास है, फ्रांस की स्पेस एजेंसी CNES  का वार्षिक बजट $2600 मिलियन डॉलर, जर्मनी की स्पेस एजेंसी का वार्षिक बजट 25100 मिलियन डॉलर है, जापान की स्पेस एजेंसी का वार्षिक बजट 2000 मिलियन डॉलर है, इटली की स्पेस एजेंसी का वार्षिक बजट 1800 मिलियन डॉलर है, हमारे पड़ोसी देश चीन की स्पेस एजेंसी का वार्षिक बजट 1800 मिलियन डॉलर है

भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो का वार्षिक बजट 9093 करोड़ रुपये है अगर हम इस राशि को डॉलर में कन्वर्ट करें तो यह करीब 1256 मिलियन डॉलर होगी.

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छत्तीसगढ़ का राज्य पक्षी state bird of Chhattisgarh in hindi

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छत्तीसगढ़ का राज्य पक्षी कौन सा है

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छत्तीसगढ़ के राज्य पक्षी का नाम Hill Myna पहाड़ी मैना है, यह एक काले रंग की मैना होती है, यह सर्वाहारी छोटा पक्षी होता है, पहाड़ी मैना जंगलों, सदाबहार जंगलों, तथा नम पतझड़ वनों में पाई जाती है,  पहाड़ी मैना को नम और घने जंगल बहुत पसंद है इसीलिए यह शहरो में नहीं दिखाई देती,, यह निचले इलाकों में पाए जाने वाले जंगलों में ही रहती है, ऐसे जंगल जो पहाड़ो के पास होते हैं उनमें इसे आसानी से देखा जा सकता है.

पहाड़ी मैना Hill Myna का आकार 28 सेंटीमीटर से 30 सेंटीमीटर के बीच होता है, इसका वजन 200 ग्राम से लेकर 250 ग्राम तक हो सकता है, पहाड़ी मैना के शरीर का ऊपरी हिस्सा चमकदार काले रंग का कुछ हलकी हरी आभा लिए हुए होता है, इसके शरीर पर नांरगी पीले रंग के धब्बे होते हैं, पहाड़ी मैना का पूरा शरीर काला होता है उड़ते समय इसके सफेद पंख दिखाई देते हैं परन्तु जब यह बैठी रहती है तो इसके सफेद पर दिखाई नहीं देते, पहाड़ी मैना की चोंच और मजबूत पैर नारंगी पीले रंग के होते हैं.

छत्तीसगढ़ के राज्य पक्षी  पहाड़ी मैना Hill Myna का वैज्ञानिक वर्गीकरण

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पहाड़ी मैना Hill Myna का वैज्ञानिक वर्गीकरण इस प्रकार किया गया है.

Common Name – Hill myna, Local Name – Mynah, Zoological Name – Gracula religiosa, Kingdom – Animalia, Phylum – Chordata, Class – Aves, Subclass – Neornithes, Order – Passeriformes, Family – Sturnidae, Genus – Gracula

पहाड़ी मैना पर्याप्त संख्या में पाई जाती है इसलिए इसे वाइल्डलाइफ प्रोटक्शन एक्ट 1972 के तहत कम चिंता वाले पक्षियों की श्रेणी में रखा गया है.

छत्तीसगढ़ का राज्य पक्षी Hill Myna पहाड़ी मैना कहां कहां पाई जाती है?

पहाड़ी मैना भारत के वेस्टर्न घाट के जंगलों पूर्वी और उत्तर पूर्वी भारत के जंगलों, पूर्वोत्तर राज्यों के जंगलों तथा हिमालय के आसपास के जंगलों में पाई जाती है,  भारत के अलावा यह श्रीलंका, दक्षिणी चाइना, दक्षिण पूर्वी एशिया, बोर्निओ के जंगल, इंडोनेशिया थाईलैंड मलेशिया नेपाल भूटान आदि देशों में भी पाई जाती है.

छत्तीसगढ़ का राज्य पक्षी Hill Myna पहाड़ी मैना का आवास और व्यवहार

पहाड़ी मैना monogamous  व्यवहार प्रदर्शित करती है, मतलब कि नर और मादा  पक्षी एक ही साथी के साथ लंबे समय तक जोड़ा बनाए रखते हैं, अक्सर जंगलों में यह जोड़ों के रूप में या छोटे छोटे झुंडों में देखी जाती है, मैना की तरह ही पहाड़ी मेरा भी बहुत झगड़ालू पक्षी इन में अक्सर लड़ाई होती रहती हैं यह लड़ाई में अपने पंखों का इस्तेमाल करते हैं,  पहाड़ी मैना अलग-अलग प्रकार की आवाज निकालती हैं इनकी आवाज कर्कश और कभी कभी मधुर भी होती है.

पहाड़ी मैना एक शाकाहारी पक्षी है यह फल बेरी बीज  फूल कीड़े मकोड़े छिपकलियों को खाते हैं,

पहाड़ी मैना का प्रजनन काल मार्च से लेकर अक्टूबर के महीने के बीच होता है,  पहाड़ी मेना अपना घोंसला पेड़ के तने में बनाती है, यह एक बार में 2 से 3 अंडे देती है, नर और मादा दोनों मिलकर घोंसला बनाते हैं,  पहाड़ी मैना के अंडे गहरे नीले रंग के होते हैं जिस पर लाल भूरे धब्बे होते हैं, इन अंडों को 14 से 18 दिन तक सेआ जाता है, नर और मादा दोनों मिलकर इस कार्य को पूरा करते हैं, अंडे से बच्चे निकलने पर उनका लालन-पालन भी दोनों मिलकर करते हैं.

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काली चील ने इंसानों के साथ रहना सीख लिया है Black Kite adaptations  

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Black Kite  काली चील में अनुकूलन Adaptation in Black Kite

ब्लैक काईट काली चील एक मध्यम आकार का शिकारी पक्षी है, यह एक मौकापरस्त शिकारी होता है जो किअपना ज्यादातर समय आकाश में उड़ते हुए और ग्लाइड करते हुए बिताता है, यह शिकार कम करता है और अक्सर मृत जानवरों की तलाश करता है, भारतीय काली चील का आकार छोटा होता है,  काली चील की विश्व भर में कई प्रजातियां पाई जाती है जैसे कि

  • Black Kite
  • Red Kite
  • Brahminy Kite
  • Black Winged Kite

काली चील  का वैज्ञानिक नाम (Milvus migrans) है  यह Accipitridae परिवार का सदस्य है, इस पक्षी परिवार में कई प्रकार के पक्षी जैसे बाज़, हेरियर , बज्ज़र्ड आते हैं, इस वर्ग के दूसरे पक्षियों की तुलना में काली चील  शिकार करने के बजाय मृत भक्षी व्यव्हार प्रदर्शित करती है यह अपना ज्यादातर समय आकाश में मंडराते हुए गुज़रती है, इसके मुड़े हुए पंख और पूछ के द्वारा इसे आसानी से पहचाना जा सकता है. पूरे एशिया में इसकी काफी तादाद पाई जाती है इसलिए यह एक संकटग्रस्त प्रजाति नहीं है.

काली चील लगभग पूरे एशिया और ऑस्ट्रेलिया में पाई जाती है, तापमान के बदलाव के साथ कुछ प्रजातियां प्रवास भी करती हैं नीचे दिए गए मानचित्र में आप काली चील के प्रवासी अनुकूलन को देख सकते हैं,  काली चील की कुछ प्रजातियां यूरोप में भी पाई जाती है परंतु उनकी संख्या बहुत कम होती है.

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काली चील की अनुकूलन विशेषताएं Black kite adaptations

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एसा प्रतीत होता हे की काली चील ने मनुष्यों की आबादी के साथ रहना सीख लिया हे, छोटे आकार का यह शिकारी पक्षी भारतीय शहरों के रहने के लिए अनुकूलित हो गया है, जहाँ दूसरे पक्षी मानव गतिविधियों के कारण विलुप्त होते जा रहे हैं वही काली चील अनुकूलन की वजह से शहरों के आसपास अपना अस्तित्व बचाने में सफल रही है, काली चील धुए और आग की तरफ आकर्षित होती है, इसका कारण यह है कि जंगल में आग लगने पर छोटे जीव जंतु इससे घबराकर इधर उधर  भागते हैं जिन का शिकार काली चील आसानी से कर लेती.

यह मनुष्य की घनी आबादी के नजदीक भी रहने के अनुकूलित हो गई है, मनुष्य द्वारा फेंका गया जानवरों का मांस इसका मुख्य भोजन होता है, लगभग हर भारतीय शहर के आकाश में इसे उड़ते हुए देखा जा सकता है, कई शहरों में यह इंसानों के हाथ से खाने की चीजें छीन कर ले जाती है, मनुष्य द्वारा आहार के लिए पशुओं के मारे जाने के स्थान पर इनके झुण्ड अक्सर देखे जा सकते हैं, मनुष्य के साथ रहने के कारण काली चील शिकार पर ज्यादा निर्भर ना रहते हुए मृत जानवरों के मांस खाने के अनुकूलित हो गई.

काली चील के लम्बे मजबूत पंजे होते हैं जो इन्हें शिकार करने और शिकार को उठाकर ले जाने में मदद करते हैं,  काली चील की आंखें बहुत तेज होती है यह बहुत ऊंचाई से चूहे जैसे छोटे जानवरों को भी देख लेती है.

काली चील का भोजन और व्यहवार black kite habit and habitat

काली चील का मुख्य भोजन जानवरों का मांस, छोटी मछलियां, छोटे पक्षी, चमगादड़ आदि हैं.

भारतीय काली चील का प्रजनन काल जनवरी से लेकर फरवरी तक रहता है अंडों से निकले हुए बच्चे मानसून के पहले उड़ने लग जाते हैं  यह चील अपना घोंसला पेड़ की ऊंची शाखाओं पर बनाती है, यह एक ही घोसले को कई सालों तक इस्तेमाल करती है, घोंसला बनाने में नर और मादा दोनों सहयोग करते हैं, बच्चों के पालन में भी दोनों मिलकर कार्य करते हैं , काली चील एक बार में 2 से 3 अंडे देती है इन अन्डो को को 30 से 34 दिन तक सेया जाता है, अंडे से निकलने के बाद बच्चे 2 महीने तक घोंसले के अंदर ही रहते हैं.

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