Love letter shayari in hindi ख़त पर शायरी

Love letter shayari in hindi

Love letter shayari in hindi ख़त पर शायरी

ख़त पर  शायरी

Love letter shayari in hindi :- Here we are presenting a Collection of Hindi Shayari on Khat (The letter)

ख़त पर हिंदी और उर्दू शायरी का संग्रह हम आपके लिए प्रस्तुत कर रहें हैं, जब भी आप किसी को ख़त लिखें तो अपने ख़त की शुरुवात इन्ही शेरों से करें.

List of all hindi Shayayri

Love letter shayari in hindi
Love Letter Khat Shayari

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जैसे हो उम्र भर का असासा ग़रीब का

कुछ इस तरह से मैंने सँभाले तुम्हारे ख़त

~वसी_शाह

हमपे जो गुज़री बताया न बताएंगे कभी

कितने ख़त अब भी तेरे नाम लिखे रखे हैं

ख़त नहीं हूँ जिस पे तुम राहों की तफ़सील लिखो

उसके घर जाऊंगा मैं जिसका पता कोई नहीं

 

ख़त पढ़ के कहीं और बिगड़ बैठे न यारब ~

याद आई है अबरू दम-ए-तहरीर किसी की!

 

फिर एक बे-नाम ख़त आया है मेरे नाम,

फिर कागज़ में उसकी तस्वीर उभर आई है। ~पाकीज़ा

 

मैं मुहब्बत से महकता हुआ ख़त हूँ मुझको

ज़िंदगी अपनी किताबों में छुपा कर ले जाये

-बशीर बद्र

 

हो चुका ऐश का जलसा तो मुझे ख़त पहुँचा,

आपकी तरह से मेहमान बुलाए कोई!

~दाग़_देहलवी

 

तुम्हारे ख़त में नया इक सलाम किसका था

न था रक़ीब तो आख़िर वो नाम किसका था!

~दाग़

 

क्या–क्या फ़रेब दिल को दिए इज़्तिराब में,

उनकी तरफ़ से आप लिखे ख़त जवाब में!

~दाग़ (Love letter shayari in hindi)

 

हो लिये क्यूँ  नामावर के  साथ-साथ ~

या-रब! अपने ख़त को हम पहुँचाएँ क्या!

~ग़ालिब

 

~नामावर तू ही बता तूने तो देखे होंगे

कैसे होते हैं वो ख़त जिनके जवाब आते हैं!

~क़मर_बदायुनी

 

क़ासिद के आते आते ख़त एक और लिख रखूं

मैं जानता हूँ जो वो लिखेंगे जवाब में ~ग़ालिब

Love letter shayari in hindi
Love letter Khat

हाए कैसी कशमकश है  यास भी है आस भी ~

दम निकल जाने को है ख़त का जवाब आने को है!

 

ग़ैर को ख़त लिखा उस पे पता मेरा रखा

हंस के आईने से कहा ’आतिश’ ज़िंदा है अभी

 

दिल-ए-नादाँ न धड़क, ऐ दिल-ए-नादाँ न धड़क

कोई  ख़त  ले  के  पड़ौसी  के  घर आया होगा

 

हमारे ख़त के  तो पुर्जे किए  पढ़ा भी नहीं ~

सुना जो तुमने बा-दिल वो पयाम किसका था!

(Love letter shayari in hindi)

मिरा ख़त उसने पढ़ा, पढ़ के नामावर से कहा,

यही जवाब है-  इसका कोई जवाब नहीं!

 

कोई तोहफ़ा, न कोई ख़त, न किसी की तस्वीर,

और मेरे घर से तिरे ग़म के सिवा क्या निकला!

 

ख़त लिखेंगे गरचे मतलब कुछ न हो

हम तो आशिक़ हैं तुम्हारे नाम के

 

मगर लिखवाए कोई उस को ख़त तो हम से लिखवाए

हुई सुब्ह और घर से कान पर रख कर कलम निकले

~मिर्ज़ा_ग़ालिब

 

हम तो  इक हर्फ़ के  नहीं ममनून,

कैसा  ख़त–ओ–पयाम  होता है!

~Meer

Love letter shayari in hindi
Love letter shayari Khat par Shayari

“दे के ख़त मुंह देखता है नामावर

कुछ तो पैगामे ज़बानी और है” ~ग़ालिब

 

वो एक ख़त जो उसने कभी लिखा ही नहीं,

मैं रोज़ बैठ कर उस का जवाब लिखता हूँ !!

 

ग़ुस्से में, बरहमी में,  ग़ज़ब में, इताब में…

ख़ुद आ गए हैं वो मेरे ख़त के जवाब में!

 

कितने ख़त आये गए शाख़ पे फूलों की तरह

आज दरिया में चराग़ों के सफ़र याद आये

 

ज़हन में जब भी तेरे ख़त की इबारत चमकी

एक ख़ुशबू सी निकलने लगी अलमारी से

Love letter shayari in hindi
Love letter shayari Khat par shayari

लिखा वही था की जो था नसीब का लिखा

बला से, ख़त का जवाब उसने कुछ दिया तो सही

 

किसी को भेज के ख़त हाय ये कैसा आज़ाब आया

कि हर एक पूछता है नामावर आया? जवाब आया?

~एहसान मरहरवी ( Love letter shayari in hindi)

 

हर-दम यही दुआ है ख़ुदा की जनाब में,

आ जाए यार ख़ुद मेरे ख़त के जवाब में !!

 

उनके ख़त की आरज़ू है उनकी आमद का ख़याल

किस क़दर फैला हुआ है कारोबार ए इंतज़ार

 

वो अनपढ़ था फिर भी उसने पढ़े लिखे लोगों से कहा

एक तस्वीर कई ख़त भी हैं साहब आप की रद्दी में

बशीर बद्र

 

मैंने गीतों में बहुत प्यार किया है तुमको

जो कोई गीत सुनाये तो मुझे ख़त लिखना

 

आज सीवन को उधेड़ो तो ज़रा देखेंगे….

आज संदूक से वो ख़त तो निकालो यारो!

 

वो ख़त पागल हवा के आंचलों पर,

किसे तुमने लिखा था याद होगा।।

 

एक मुद्दत से न क़ासिद है, न ख़त है न पयाम,

अपने वादे को कर तू याद, मुझे याद न कर!

 

जवाब-ए-ख़त का न क़ासिद से माजरा पूछो,

है साफ़ चेहरे से ज़ाहिर कि शर्मसार आया!

 

उसने अपने ख़त में मुझको कितने दर्द से लिखा है,

अब तो गाँव आया करना अब तो सड़केँ पक्की है!

 

मेरे ख़त यूँ सरेआम जलाया ना करो,

राख से भी आती हैँ ख़ुशबू मेरी मोहब्बत की!

 

ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़साने में,

एक पुराना ख़त खोला अनजाने में!

( Love letter shayari in hindi)

 

जब प्यार नहीं है तो भुला क्यूँ नहीं देते

ख़त किस लिए रक्खे हैं जला क्यूँ नहीं देते!

 

कैसे मानें कि उन्हें भूल गया तु ऐ ‘कैफ़’

उन के ख़त आज हमें तेरे सिरहाने से मिले

 

अंधेरा है कैसे तिरा ख़त पढूँ

लिफ़ाफ़े में कुछ रौशनी भेज दे

 

वो एक ख़त जो तूने कभी लिखा ही नहीं,

में रोज बैठ कर उसका जवाब लिखता हूँ।।

 

वो ख़त तेरे, अभी भी सलामत हैं मेरे पास

खोजती हूँ उनमें, अब भी वही एहसास

 

क्या लिखूँ दिल की हकीकत आरज़ू बेहोश है,

ख़त पर हैं आँसू गिरे और कलम खामोश है!

 

किस ख़त में लिख कर भेजूं अपने इंतज़ार को तुम्हें;

बेजुबां हैं इश्क़ मेरा और ढूंढता है ख़ामोशी से तुझे।

 

जिधर देखो उधर मिल जाएंगे अख़बार नफरत के…!!

बहुत दिनों से मोहब्बत का न देखा एक ख़त यारों…!!

 

इक ख़त लिखा था बादलों को

भीगा भीगा जवाब आया अभी

( Love letter shayari in hindi)

 

वो तड़प जाए इशारा कोई ऐसा देना…

उस को ख़त लिखना तो मेरा भी हवाला देना.. ~ अज़हर इनायती

 

रात खोले थे कुछ पुराने ख़त

फिर मुहब्बत दराज़ में रख दी ।।

 

वो भी शायद रो पड़े वीरान काग़ज़ देख कर

मेने उस को आख़री ख़त में लिखा कुछ नहीं था

 

मुद्दत के बाद ख़त आया जो इज़हार-ए-मोह्हबत का,,

बैरन अँखियों ने बिन पढ़े भिगो हर लफ़्ज मिटा दिये।।

 

ख़त हो, किताब हो, या दिल का ज़ख़्म हो,

जो भी है मेरे पास, निशानी उसी की है ••!

 

वो रोई तो जरूर होगी खाली कागज़ देखकर..

ज़िन्दगी कैसी बीत रही है पूछा था उसने ख़त में…

 

मेरे सनम की दिल्लगी न पूछो यारो, गैर का ख़त.

लिफाफे में रख कर उसपर मेरा ही पता लिख दिया. है

 

प्यार छिपा है ख़त में इतना. जितने सागर में मोती.

चूम ही लेता हाथ तुम्हारा. पास जो मेरे तुम होती. -इंदीवर.

 

बेवफाई उसकी मिटा के आया हूँ; ख़त उसके पानी में बहा के आया हूँ;

कोई पढ़ न ले उस बेवफा की यादों को;  पानी में भी आग लगा के आया हूँ

 

तेरे ख़त में इश्क की गवाही आज भी है,

हर्फ़ धुंधले हो गए पर स्याही आज भी है।।

 

तेरे ख़त की इबारत की मैं स्याही बन गया होता

तो चाहत की डगर का मैं भी राही बन गया होता

 

कुछ ख़्वाबों के ख़त इनमें

कुछ चाँदके आईने सूरज की शुजाएँ हैं

नज़मों के लिफाफ़ोंमें कुछ मेरे तजुर्बे हैं

कुछ मेरी दुआएँ हैं

गुलज़ार

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Shikayat Shayari in Hindi शिकवा और शिकायत शायरी

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Shikayat Shayari in Hindi शिकवा और शिकायत शायरी

Shikayat Shayari in Hindi

शिकवा और शिकायत शायरी

दोस्तों क्या आप किसी से नाराज़ हैं, क्या आपको किसी से शिकायत है, आज के इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपके लिए कुछ शिकवा, शिकायत और नाराज़गी पर कुछ खूबसूरत शेर ओ शायरी पेश कर रहे हैं, जिससे आप को शिकायत है, आप उन्हें ये शेर मेसेज कर सकते हैं.

अगर आपके पास भी शिकायत पर शायरी का कोई अच्छा शेर है तो उसे कमेन्ट बॉक्स में ज़रूर लिखें.

सभी विषयों पर हिंदी शायरी की लिस्ट यहाँ है.

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शिकवा तो एक छेड़ है लेकिन हकीकतन

तेरा सितम भी तेरी इनायत से कम नहीं।

 

शिक़वा वो भी करते हैं शिकायत हम भी करते हैं,

मुहोब्बत वो भी करते हैं मुहोब्बत हम भी करते हैं।

 

आप नाराज़ हों, रूठे, के ख़फ़ा हो जाएँ,

बात इतनी भी ना बिगड़े कि जुदा हो जाएँ !!

 

हो जाते हो बरहम भी बन जाते हो हमदम भी

ऐ साकी-ए-मयखाना शोला भी हो,शबनम भी

खाली मेरा पैमाना बस इतनी शिकायत है -हसरत जयपुरी

 

जिन्दगी से तो खैर शिकवा था

मुद्दतों मौत ने भी तरसाया।

 

Shikayat Shayari in Hindi शिकवा और शिकायत शायरी

हम क्यूँ,शिकवा करें झूठा,क्या हुआ जो दिल टूटा

शीशे का खिलौना था, कुछ ना कुछ तो होना था, . -आनंद बख़्शी

 

दुनिया न जीत पाओ तो हारो न खुद को तुम

थोड़ी बहुत तो ज़हन मे नाराज़गी रहे !! -निदा फ़ाजली

 

तुझसे नाराज़ नहीं जिंदगी हैरान हु में….!-

तेरे मासूम सवालों से परेशां हूँ में ..~गुलज़ार

 

शिकवा कोई दरिया की रवानी से नहीं है,

रिश्ता ही मेरी प्यास का पानी से नहीं है !!

 

अब्र-ए-आवारा से मुझको है वफ़ा की उम्मीद

बर्क-ए-बेताब से शिकवा है के पाइंदा नहीं

 

Shikayat Shayari in Hindi शिकवा और शिकायत शायरी

 

किसी को भी कभी तुमसे शिकायत हो नही सकती

अगर जो ग़ौर से खुद का,कभी किरदार पढ़ लोगे

 

उसे ज़िद कि ‘वामिक़’-ए-शिकवा-गर किसी राज़ से नहो बा-ख़बर

मुझे नाज़ है कि ये दीदा-वार मिरी उम्र भर की तलाश है

 

तुम को नाराज़ ही रहना है तो कुछ बात करो ‘फ़राज़’,

चुप रहते हो तो मुहब्बत का गुमान होता है !!

 

अपनी क़िस्मत में लिखी थी धूप की नाराज़गी,

साया-ए-दीवार था लेकिन पस-ए-दीवार था !! -राहत इंदौरी

 

तेरी उम्मीद तेरा इन्तज़ार कब से है,

ना शब् को दिन से शिकायत ना दिन को शब् से है।

~फैज़

 

Shikayat Shayari in Hindi शिकवा और शिकायत शायरी

वो पुर्सिश-ए-ग़म को आये हैं

कुछ कह न सकूँ चुप रह न सकूँ

ख़ामोश रहूँ तो मुश्किल है

कह दूँ तो शिकायत होती है

 

कीन-ओ-काविश की मेरे दिल में गुंजाइश नही,

शिकवा हा-ए-ग़म को रखता हूँ यहाँ रू-पोश मैं !!

 

हुस्न और इश्क का हर नाज़ है पर्दे में अभी,

अपनी नजरों की शिकायत किसे पेश करूं

 

और कुछ ज़ख़्म मेरे दिल के हवाले मेरी जाँ,

ये मोहब्बत है मोहब्बत में शिकायत कैसी !!

 

अगर उसकी,निज़ामत में,हुकूमत की, रवायत है

शिकायत,शिकायत है,शिकायत है, शिकायत है

Shikayat Shayari in Hindi शिकवा और शिकायत शायरी

थोड़ी देर और ठहर, ए नाराज़ ज़िन्दगी,

कुछ दुआयें मांग लूँ, मेरे अपनों के लिऐ।

 

हम को पहले भी न मिलने की शिकायत कब थी

अब जो है तर्क-ए-मरासिम का बहाना हम से

 

मोहब्बत ही में मिलते हैं शिकायत के मज़े पैहम,

मोहब्बत जितनी बढ़ती है शिकायत होती जाती है !!- शकील बदायुनी

 

Shikayat Shayari in Hindi शिकवा और शिकायत शायरी

चाँद से शिकायत करूँ किसकी

हर कोई यहाँ रात का मुसाफ़िर है

 

तंग पैमाई का शिकवा साक़ी-ए-अज़ली से क्या

हमने समझा ही नही दस्तूर-ए-मैखाना अभी !! -~रहबर

 

ग़लत है जज़्ब-ए दिल का शिकवा देखो जुर्म किस का है,

न खेंचो गर तुम अपने को कशाकश दर‌मियां क्यूं हो !!

 

तक़दीर का शिकवा बेमानी, जीना ही तुझे मंज़ूर नहीं,

आप अपना मुक़द्दर बन ना सके, इतना तो कोई मजबूर नहीं !!

 

थी शिकायत तो बात कर लेते

तरके तअलुक ही क्या जरूरी था!

 

Shikayat Shayari in Hindi शिकवा और शिकायत शायरी

तेरे हर दर्द को मुह्ब्बत की इनायत समझा

हम कोई तुम थे जो तुम से शिकायत करते!

 

हाय आदाबे मुह्ब्बत के तकाजे सागर

लब हिले आैर शिकायत ने दम तोड़ दिया!

 

ए मेरे लम्हाये नाराज़! कभी मिल तो सही

इस ज़माने से अलग हो के गुजारूं तुझको!

 

क्यूँ शिकायत हो खताओं की कभी ऐ दोस्त

ज़िंदगी यूँ भी खताओं के सिवा कुछ भी नहीं.!!

हिंदू भी नाराज़ हैं मुझसे मुसलमाँ भी हैं खफ़ा

हो के इंसा यार मेरे जीते जी मैं मर गया.!!

 

 

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Shikayat Shayari in Hindi

शिकवा और शिकायत शायरी

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Aashiqi Shayari in Hindi आशिक़ी शायरी

Aashiqi Shayari in Hindi आशिक़ी शायरी
Aashiqi Shayari in Hindi आशिक़ी शायरी

Aashiqi Shayari in Hindi

आशिक़ी शायरी

दोस्तों “आशिक़ी शेर ओ शायरी का एक संकलन हम इस पेज पर प्रकाशित कर रहे है, उम्मीद है यह आपको पसंद आएगा और आप विभिन्न शायरों के “आशिक़ी के बारे में ज़ज्बात जान सकेंगे. अगर आपके पास भी आशिक़ी शायरी का कोई अच्छा शेर है तो उसे कमेन्ट बॉक्स में ज़रूर लिखें.

सभी विषयों पर हिंदी शायरी की लिस्ट यहाँ है.

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आशिक़ी दिल-लगी नहीं दिल की लगी होती है,

मुहोब्बत जब भी होती है बे-मुरव्वत से होती है।

 

जोर क्या क्या जफ़ाएँ क्या क्या हैं,

आशिक़ी में बलाएँ क्या क्या हैं।

#मीर

 

आशिकी सब्र तलब और तमन्ना बेताब‌

दिल का क्या रंग करूं खून‍-ए-जिगर होने तक

#ग़ालिब

 

आपको सलाम, आपकी सादगी को सलाम,

जो हम से ना हो सकी उस आशिक़ी को सलाम।

 

अब क्यों न ज़िन्दगी पे मुहोब्बत को वार दें,

इस आशिक़ी में जान से जाना बहुत हुआ।

#फ़राज़

 

Aashiqi Shayari in Hindi आशिक़ी शायरी

चुपके-चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है

हमको अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है !!

 

आशिक़ी हो कि बंदगी ‘फ़ाख़िर’,

बे-दिली से तो इब्तिदा न करो !!

देने वाले ने उन को हुस्न दिया

और अता मुझ को आशिकी कर दी …

 

आशिक़ी में ‘मीर’ जैसे ख़्वाब मत देखा करो,

बावले हो जाओगे महताब मत देखा करो !!

 

थे बहुत बे-दर्द लम्हे खत्म-ए-दर्द-ए-आशिक़ी के,

थीं बहुत बे-मेहर सुबहें मेहरबान रातों के बाद

#faiz

 

Aashiqi Shayari in Hindi आशिक़ी शायरी

रुतबा है आशिक़ी का ये,

के आशिक़ अपने जनाज़े में भी जशन मानते हैं।

 

आसान नहीं है ये सफ़र आशिक़ी का,

डूबना भी है, उभरना भी है।

 

फूलों से आशिक़ी का हुनर सीख ले,

तितलियाँ खुद रुकेंगी सदाएँ न दे!!

 

Aashiqi Shayari in Hindi आशिक़ी शायरी

हमें कोई ग़म नहीं था,ग़मे-आशिक़ी से पहले

न थी दुश्मनी किसी से,तेरी दोस्ती से पहले.!!

 

ज़ाहिद ख़ुदा गवाह है , होते फलक़ पर आज

लेते ख़ुदा का नाम, अगर आशिक़ी से आप..!!

 

मैं क्या लिखूँ के जो मेरा तुम्हारा रिश्ता है।।

वो आशिक़ी की ज़ुबान में कहीं भी दर्ज नहीं..!!

 

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Aashiqi Shayari in Hindi

आशिक़ी शायरी

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Mohabbat Shayari in Hindi मोहब्बत शायरी

Mohabbat Shayari in Hindi  मोहब्बत शायरी
Mohabbat Shayari in Hindi मोहब्बत शायरी

Mohabbat Shayari in Hindi

मोहब्बत शायरी

दोस्तों “मोहब्बत पर शेर ओ शायरी का एक विशाल संकलन हम इस पेज पर प्रकाशित कर रहे है, उम्मीद है यह आपको पसंद आएगा और आप विभिन्न शायरों के “मोहब्बत” के बारे में ज़ज्बात जान सकेंगे.

सभी विषयों पर हिंदी शायरी की लिस्ट यहाँ है.

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निगह-ए-नाज़ न मिलते हुए घबरा हम से

हम मोहब्बत नहीं कहने के शनासाई को

~अहमद मुश्ताक़

 

वो कहते हैं ज़माना तेज़ है लम्बी मसाफ़त है

मोहब्बत का सितारा हूँ सभी के साँथ चलता हूँ

~अहमद रिज़वान

 

जब तक के मोहब्बत में दिल दिल से नहीं मिलता

नज़रों के तसादुम पर हम ग़ौर नहीं करते

~नसीम शाहजहाँपुरी

 

ग़म हो के ख़ुशी दोनों यक-साँ हैं मोहब्बत में

कुछ अश्‍क-ओ-तबस्सुम पर हम ग़ौर नहीं करते

~नसीम

 

मरना तो बहुत सहल सी इक बात लगे है,

जीना ही मोहब्बत में करामात लगे है !! – कलीम आजिज़

 

मिटा कर हस्ती-ए-नाकाम को राह-ए-मोहब्बत में

ज़माने के लिए इक दरस-ए-इबरत ले के आया हूँ

~नसीम शाहजहाँपुरी

Mohabbat Shayari in Hindi

न अरमाँ ले के आया हूँ न हसरत ले के आया हूँ

दिल-ए-बे-ताब में तेरी मोहब्बत ले के आया हूँ

~नसीम शाहजहाँपुरी

 

कैफ़-ए-जुनूँ सही यही हालत बनी रहे,

लिल्लाह मेरी उनकी मोहब्बत बनी रहे !!

 

अक्स पानी में मोहब्बत के उतारे होते,

हम जो बैठे हुए दरिया के किनारे होते !! -अदीम हाशमी

 

औरों की मोहब्बत के दोहराए हैं अफ़्साने

बात अपनी मोहब्बत की होंटों पे नहीं आई

 

एक नफरत ही नहीं दुनिया में दर्द का सबब फ़राज़

मोहब्बत भी सकूँ वालों को बड़ी तकलीफ़ देती है

~Faraz

 

बंजारे हैं रिश्तों की तिजारत नहीं करते,

हम लोग दिखावे की मोहब्बत नहीं करते !! -नसीम निकहत

 

डूबे कि रहे कश्ती दरिया-ए-मोहब्बत में,

तूफ़ान ओ तलातुम पर हम ग़ौर नहीं करते !!

 

ये दौरे मोहब्बत है सरमाया-ए-हस्ती है,

बे-वज़ह नहीं इसको सीने से लगाए हैं !! ~binish

 

यूँ तो होते हैं मोहब्बत में जुनूँ के आसार,

और कुछ लोग भी दीवाना बना देते हैं !! – ज़हीर देहलवी

Mohabbat Shayari in Hindi

हुस्न पाबन्द-ए-कफ़स इश्‍क़ असीर-ए-आलाम

ज़िंदगी जुर्म-ए-मोहब्बत की सज़ा आज भी है

~बाक़र मेंहदी

 

दर्द-ए-दिल आज भी है जोश-ए-वफ़ा आज भी है

ज़ख्म खाने का मोहब्बत में मज़ा आज भी है

~बाक़र मेंहदी

 

सीना-चाकान-ए-मोहब्बत को ख़बर है कि नहीं,

शहर-ए-ख़ूबाँ के दर-ओ-बाम सदा देते हैं !!

 

हम तर्क-ए-रब्त-ओ-ज़ब्त-ए-मोहब्बत के बावजूद,

सौ बार खिंच के कूचा-ए-जानाँ में आ गए !!

 

वो जिस ने दिये मुझ को मोहब्बत के खज़ाने

बादल की तरह आँख से बरसता भी वही है

 

ये बज़्म-ए-मोहब्बत है इस बज़्म-ए-मोहब्बत में,

दीवाने भी शैदाई फ़रज़ाने भी शैदाई !! -सूफ़ी तबस्सुम

 

अब के उम्मीद के शोले से भी आँखें न जलीं,

जाने किस मोड़ पे ले आई मोहब्बत हमको

 

कम से कम इतना तो ज़ाहिर हो मोहब्बत का असर,

मुँह से निकली हुई हर बात ग़ज़ल बन जाए !!

 

Mohabbat Shayari in Hindi

ना कोई थकन है,न कोई ख़लिश है

मोहब्बत की जाने ये कैसी कशिश है

जिसे देखिए वो चला जा रहा है,

जहान-ए-ग़ज़ल की सुहानी डगर है

 

मोहब्बत नाम है ला-हासिल और ना तमामी का,

मोहब्बत है तो दिल को फ़ारिग-ए-सुदो-जियां कर ले

 

और मैं उसके लिए गाऊँ मोहब्बत की ग़ज़ल

वो मेरे दिल के धड़कने की सदा है मेरे दोस्त

~क़तील शिफाई

 

मुझसे अब मेरी मोहब्बत के फ़साने न पूछो

मुझको कहने दो के मैंने उन्हें चाहा ही नहीं

 

मोहब्बत तर्क की मैंने गरेबाँ सी लिया मैं

ज़माने अब तो ख़ुश हो ज़हर ये पी लिया मैंने

~साहिर

 

किस दरजा दिल-शिकन थे मोहब्बत के हादसे

हम ज़िन्दगी में फिर कोई अरमाँ न कर सके

~साहिर

 

टूटा तलिस्म-ए-अहद-ए-मोहब्बत कुछ इस तरह

फिर आरज़ू की शमा फ़ुरेज़ाँ न कर सके

~साहिर

 

मैं क्या कहूँ कहाँ है मोहब्बत कहाँ नहीं

रग रग में दौड़ी फिरती है नश्तर लिए हुए

Mohabbat Shayari in Hindi

ये फ़ासला भी मोहब्बत में लुत्फ़ देता है

जब इंतेज़ार में हम इंतेज़ार करते हैं

 

शिद्दत से बहारों के इंतेज़ार में सब हैं

पर फूल मोहब्बत के तो खिलने नहीं देते

 

हाय री मजबूरियाँ तर्क-ए-मोहब्बत के लिये

मुझ को समझाते हैं वो और उन को समझाता हूँ मैं

 

 

हाय री मजबूरियाँ तर्क-ए-मोहब्बत के लिये

मुझ को समझाते हैं वो और उन को समझाता हूँ मैं

 

मोहब्बत में ज़ुबा चूप हो तो आँखे बात करती हैं

वो कह देती हैं सब बातें जो कहना भूल जाते हैं

 

दे मोहब्बत तो मोहब्बत में असर पैदा कर,

जो इधर दिल में है या रब वो उधर पैदा कर !!

 

बंजारे हैं रिश्तों की तिजारत नहीं करते,

हम लोग दिखावे की मोहब्बत नहीं करते !!

 

मैं समझता हूँ हर दिल में ख़ुदा रहता है

मेरा पैग़ाम मोहब्बत है जहाँ तक पहुँचे.

~shair

 

वो शोहरत मिली है मोहब्बत में ‘रह्बर’,

कि हर हुस्न वाला फिदा हो रहा है !! ~Rahbar

 

Mohabbat Shayari in Hindi

इज़हारे-मोहब्बत की हसरत को ख़ुदा समझे

हमने ये कहानी भी सौ बार सुना डाली !!

 

ये राह-ए-मोहब्बत है इसमें ऐसे भी मक़ाम आ जाते हैं

रुकिए तो पसीना आता है चलिये तो क़दम थर्राते हैं

मैंने हसरत से नज़र भर के उसे देख लिया,

जब समझ में न मोहब्बत के मआनी आए !!

 

फिर की थी मैने मोहब्बत से तौबा,

फिर उसकी तस्वीर देखकर नियत बदल गई !!

 

मोहब्बत लफ़्ज़ तो सादा सा है लेकिन ‘अज़ीज़’ इस को

मता-ए-दिल समझते थे मता-ए-दिल समझते हैं

 

आरजु अरमान इश्क तमन्ना वफा मोहब्बत

चीजे तो अच्छी हैं, पर दाम बहुत हैं

 

ज़माना कुफ़्र-ए-मोहब्बत से कर चुका था गुरेज़,

तिरी नज़र ने पलट दी हवा ज़माने की !!

 

और कुछ ज़ख़्म मेरे दिल के हवाले मेरी जाँ,

ये मोहब्बत है मोहब्बत में शिकायत कैसी !!

 

मैं खुलकार आज महफ़िल में ये कहता हूँ मुझे तुझसे

मोहब्बत है,मोहब्बत है मोहब्बत है मोहब्बत है

 

मुझको नफ़रत से नहीं प्यार से मस्लूब करो

मैं तो शामिल हूँ मोहब्बत के गुनहगारों में

Mohabbat Shayari in Hindi

मैं तिनकों का दामन पकड़ता नहीं हूँ,

मोहब्बत में डूबा तो कैसा सहारा !!

 

मोहब्बत भी ज़ालिम अजब बेबसी है,

न वो ही हमारे न दिल ही हमारा !!

 

मोहब्बत आम सा इक वाक़िआ था,

हमारे साथ पेश आने से पहले !! -सरफ़राज़ ज़ाहिद

 

यूँ तो होते हैं मोहब्बत में जुनूँ के आसार,

और कुछ लोग भी दीवाना बना देते हैं !!

 

बेगाना रहे दर्द-ए-मोहब्बत की दवा से,

ये दर्द ही कुछ और सिवा छोड़ गए हम !!

 

माहौल की ज़ुल्मात में जिस राह से गुज़रे,

क़िंदील-ए-मोहब्बत की ज़िया छोड़ गए हम !!

 

इशारे काम करते हैं मोहब्बत में निगाहों के

निगाहों से ही बाहम इन्किशाफ़-ए-राज़ होता है

 

लबों पर कुल्फ आँखों में लिहाज़-ए-नाज़ होता है

मोहब्बत करने वालों का अज़ब अंदाज़ होता है

 

कौन काफ़िर तुझे इल्ज़ाम-ए-तग़ाफ़ुल देगा

जो भी करता है मोहब्बत से गिला करता है!!

 

मोहब्बत सी शय उस ने मुझ को अता की,

कि ख़ुश ख़ुश चलूँ उम्र बर्बाद कर के !! –

Mohabbat Shayari in Hindi

तेरा नाम ले कर जिए जा रहे हैं,

गुनाह-ए-मोहब्बत किए जा रहे हैं !!

 

दिल में जो मोहब्बत की रौशनी नहीं होती,

इतनी ख़ूबसूरत ये ज़िंदगी नहीं होती !!

 

चराग़-ए-राह-ए-मोहब्बत ही बन गए होते,

तमाम उम्र का जलना अगर मुक़द्दर था !!

 

ज़माना याद करे या सबा करे ख़ामोश,

हम इक चराग़-ए-मोहब्बत जलाए जाते हैं !!

 

राख बर्बाद मोहब्बत की जो बचा रखी हैं,

बार बार इसको छेड़ा तो बिखर जायेगी !! -कैफी आज़मी

 

वो देखते जाते हैं कनखियों से इधर भी,

चलता हुआ जादू है मोहब्बत की नज़र भी !! -बेख़ुद देहलवी

 

आज तक उस की मोहब्बत का नशा तारी है,

फूल बाक़ी नहीं ख़ुश्बू का सफ़र जारी है!!

 

याद रखना ही मोहब्बत में नहीं है सब कुछ,

भूल जाना भी बड़ी बात हुआ करती है !!

 

जान जाने को है और रक़्स में परवाना है,

कितना रंगीन मोहब्बत तिरा अफ़्साना है !!

 

हर कदम पर गिरे, मगर सीखा

Mohabbat Shayari in Hindi

कैसे गिरतों को थाम लेते हैं

बस यही एक जुर्म है अपना

हम मोहब्बत से काम लेते हैं

 

मोहब्बत में नही है फर्क जीने और मरने का,

उसी को देख कर जीते हैं जिस काफिर पे दम निकले !!

 

चाहिए अहल-ए-मोहब्बत को कि दीवाना बनें,

कोई इल्ज़ाम न आएगा इस इल्ज़ाम के बाद !!

 

हज़ारों काम मोहब्बत में हैं मज़े के ‘दाग़’,

जो लोग कुछ नहीं करते कमाल करते हैं !!

 

‘अनीस’ आसाँ नहीं आबाद करना घर मोहब्बत का

ये उनका काम है जो ज़िंदगी बर्बाद करते हैं

 

मोहब्बत में लुटे लेकिन बहुत अच्छे रहे ~रहबर

गुमाँ था जिन पे रहज़न का वो मीरे कारवाँ निकले

 

कुछ ऐसा हो कि तस्वीरों में जल जाए तसव्वुर भी,

मोहब्बत याद आएगी तो शिकवे याद आएँगे !! -सरदार सलीम

 

अकेला दिन है कोई और न तन्हा रात होती है,

मैं जिस पल से गुज़रता हूँ मोहब्बत साथ होती है !!

 

मोहब्बत में नही है इब्तिदा या इन्तहा कोई,

हम अपने इश्क़ को ही इश्क़ की मंज़िल समझते हैं !! ~रहबर

 

Mohabbat Shayari in Hindi

मोहब्बत ना-रवा तक्सीम की काएल नहीं फिर भी

मेरी आँखों को आँसूं तेरे होठों को हँसी दी है

~ जाँ निसार अख़्तर

 

इस कहानी का तो अंजाम वही है कि जो था,

तुम जो चाहो तो मोहब्बत की शुरुआत लिखो !! -निदा फ़ाज़ली

 

इक लफ्ज़-ए-मोहब्बत का अदना सा फ़साना है,

सिमटे तो दिल-ए-आशिक, फैले तो ज़माना है !!

 

ख़ुदी और बे-ख़ुदी में फ़र्क़ है तो सिर्फ़ इतना है,

मोहब्बत आशना होना,मोहब्बत में फ़ना होना!!

 

यही है कमाल इश्क़-ओ-मोहब्बत करने का.

उमर जीने की है ओर शौक तुम्हें मरने का

 

मोहब्बत में बुरी नीयत से कुछ सोचा नहीं जाता,

कहा जाता है उसको बेवफा, समझा नहीं जाता !!

 

मासूम मोहब्बत का बस इतना फसाना है,

कगाज़ की हवेली है बारिश का ज़माना है !!

 

मोहब्बत में लुटे लेकिन बहुत अच्छे रहे ‘रहबर’,

गुमाँ था जिन पे रहज़न का वो मीरे कारवाँ निकले !!

 

दिल की हसरत का पैमाना कोई बाकी है,

मोहब्बत तुझे आज़माना अभी बाकी है!!

Mohabbat Shayari in Hindi

याद रखना ही मोहब्बत में नहीं है सब कुछ,

भूल जाना भी बड़ी बात हुआ करती है !!

 

मोहब्बत को समझना है तो नासेह खुद मोहब्बत कर,

किनारे से कभी अंदाज़-ए-तूफ़ां नहीं होता !!

 

इंकार-ए-मोहब्बत को तौहीन समझते हैं,

इज़हार-ए-मोहब्बत पर हो जाते हैं बरहम भी.!!

 

हर दिल को लुभाता है ग़म तेरी मोहब्बत का,

तेरी ही तरह ज़ालिम दिल-कश है तिरा ग़म भी.!!

 

 

तुम मुझे भूल भी जाओ तो ये हक़ है तुम को

मेरी बात और है,मैंने तो मोहब्बत की है.!!

 

चाँदनी रात मोहब्बत में हसीन थी “फ़ाकिर”

अब तो बीमार उजालों पे हँसी आती है.!!

~सुदर्शन फ़ाक़िर

मोहब्बत के साँचे में ढलता रहा

इशारे पे मैं दिल के चलता रहा.!!

 

मोहब्बत के साँचे में ढलता रहा

इशारे पे मैं दिल के चलता रहा.!!

 

ख़ुद को यूँ जर्म-ए-मोहब्बत की सज़ा देते हैं

दिल के अरमान को,आँखों से बहा देते हैं.!!

Mohabbat Shayari in Hindi

आया परवाना गिरा शमा पे जल-जल के मरा

तू अभी सोच रहा है के मोहब्बत क्या है.!!

 

कोई मोहब्बत के पटवारी को जानता है क्या

मुझे मेरा महबूब अपने नाम करवाना है.!!

 

मेरी मुश्किल ये है मुझ को अदाक़ारी नहीं आती

हक़ीकी आदमी रस्मी मोहब्बत कर नहीं सकता.!!

 

लब पे आहें भी नहीं आँख में आँसू भी नहीं

दिल ने हर राज़ मोहब्बत का छुपा रक्खा है.!!

 

ठहरी-ठहरी सी तबियत में रवानी आई

आज फिर याद मोहब्बत की कहानी आई

 

मोहब्बत से इनायत से वफ़ा से चोट लगती है

बिखरता फूल हूँ मुझको हवा से चोट लगती है.!!

 

इख़लास की दौलत को हम अहले-मोहब्बत

तक़सीम तो कर देते हैं बेचा नही करते.!!

 

ये मैं नहीं हूँ खाक़े-मोहब्बत का ढेर है

कुछ भी नहीं मिलेगा तुम्हें इस ग़ुबार से.!!

करना हि पड़ेगा ज़ब्ते-अलम पीने हि पड़ेंगे ये आँसू

फरियादो-फुगाँ से ऐ नादाँ,तौहिने-मोहब्बत होती है

 

आप को शब के अँधेरे से मोहब्बत है, रहे

चुन लिया सुबह के सूरज का उजाला मैंने.!!

 

Mohabbat Shayari in Hindi

डुबो दे अपनी कश्ती को,किनारा ढूँढने वाले

ये दरिया-ए-मोहब्बत है,यहाँ साहिल नहीं मिलता.!!

 

किस शै पे यहाँ वक़्त का साया नही होता

इक ख्व़ाब-ए-मोहब्बत है की बूढ़ा नही होता.!!

 

फुर्सत अगर मिल तो, पढ़ना मुझे ज़रूर

मै अधूरी मोहब्बत की, मुकम्मल किताब हूँ

 

वो हि महसूस करते हैं , ख़लिश दर्द-ए-मोहब्बत की।।

जो अपने आप से बढ़ कर , किसी को प्यार करते हैं..!!

 

ये ज़ाहिद हैं इन्हें क्या तजुर्बा एजाज़-ए-मोहब्बत का!!

ये तो जन्नत में पूछेंगे, गुनाहगारों पे क्या गुज़री

 

ना मोहब्बत ना दोस्ती के लिये

वक़्त रुकता नहीं किसी के लिये….

 

इश्क़ मोहब्बत क्या होते हैं, क्या समझाऊँ वाइज़ को।।

भैंस के आगे बीन बजाना, मेरे बस की बात नहीं

 

हाय री मजबूरियाँ तर्क़े-मोहब्बत के लिये।।

मुझको समझाते हैं वो और उनको समझाता हूँ मैं

 

आप को शब के अँधेरे से मोहब्बत है, रहे।।

चुन लिया सुबह के सूरज का उजाला मैंने..!!

 

Mohabbat Shayari in Hindi

इश्क़ मोहब्बत क्या होते हैं, क्या समझाऊँ वाइज़ को।।

भैंस के आगे बीन बजाना, मेरे बस की बात नहीं

 

करें हम दुश्मनी किस से, कोई दुश्मन भी हो अपना।।

मोहब्बत ने नहीं छोड़ी, जगह दिल में अदावत की..!!

 

छोड़ो , बहुत हुई है , सियासत पे गुफ़्तुगु।।

हो जाए साल-ए-नौ में , मोहब्बत पे गुफ़्तुगु ..!!

 

ना मुरव्वत, ना मोहब्बत, ना खुलूस है मोहसिन

मै तो शर्मिन्दा हूँ इस दौर का इंसा होकर..!!

 

मै खुश हूँ कि उसकी नफरतों का अकेला वारिस हूँ

मोहब्बत तो उनको बहुत से लोगों से है

 

 

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Mohabbat Shayari in Hindi

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main samajhata hoon har dil mein khuda rahata haimera paigaam mohabbat hai jahaan tak pahunche.~shairvo shoharat mili hai mohabbat mein rahbar,ki har husn vaala phida ho raha hai !! ~rahbarmohabbat shayari in hindiizahaare-mohabbat ki hasarat ko khuda samajhehamane ye kahaani bhi sau baar suna daali !!ye raah-e-mohabbat hai isamen aise bhi maqaam aa jaate hainrukie to pasina aata hai chaliye to qadam tharraate haimmainne hasarat se nazar bhar ke use dekh liya,jab samajh mein na mohabbat ke maaani aae !!phir ki thi maine mohabbat se tauba,phir usaki tasvir dekhakar niyat badal gai !!mohabbat lafz to saada sa hai lekin aziz is komata-e-dil samajhate the mata-e-dil samajhate hainaaraju aramaan ishk tamanna vapha mohabbatachije to achchhi hain, par daam bahut hainzamaana kufr-e-mohabbat se kar chuka tha gurez,tiri nazar ne palat di hava zamaane ki !!aur kuchh zakhm mere dil ke havaale meri jaan,ye mohabbat hai mohabbat mein shikaayat kaisi !!

main khulakaar aaj mahafil mein ye kahata hoon mujhe tujhasemohabbat hai,mohabbat hai mohabbat hai mohabbat haimujhako nafarat se nahin pyaar se masloob karomain to shaamil hoon mohabbat ke gunahagaaron menmohabbat shayari in hindimain tinakon ka daaman pakadata nahin hoon,mohabbat mein dooba to kaisa sahaara !!mohabbat bhi zaalim ajab bebasi hai,na vo hi hamaare na dil hi hamaara !!mohabbat aam sa ik vaaqia tha,hamaare saath pesh aane se pahale !! -sarafaraaz zaahidayoon to hote hain mohabbat mein junoon ke aasaar,aur kuchh log bhi divaana bana dete hain !!begaana rahe dard-e-mohabbat ki dava se,ye dard hi kuchh aur siva chhod gae ham !!maahaul ki zulmaat mein jis raah se guzare,qindil-e-mohabbat ki ziya chhod gae ham !!ishaare kaam karate hain mohabbat mein nigaahon kenigaahon se hi baaham inkishaaf-e-raaz hota hailabon par kulph aankhon mein lihaaz-e-naaz hota haimohabbat karane vaalon ka azab andaaz hota haikaun kaafir tujhe ilzaam-e-tagaaful degaajo bhi karata hai mohabbat se gila karata hai!!mohabbat si shay us ne mujh ko ata ki,ki khush khush chaloon umr barbaad kar ke !!

-mohabbat shayari in hinditera naam le kar jie ja rahe hain,gunaah-e-mohabbat kie ja rahe hain !!dil mein jo mohabbat ki raushani nahin hoti,itani khoobasoorat ye zindagi nahin hoti !!charaag-e-raah-e-mohabbat hi ban gae hote,tamaam umr ka jalana agar muqaddar tha !!zamaana yaad kare ya saba kare khaamosh,ham ik charaag-e-mohabbat jalae jaate hain !!raakh barbaad mohabbat ki jo bacha rakhi hain,baar baar isako chheda to bikhar jaayegi !! -kaiphi aazamivo dekhate jaate hain kanakhiyon se idhar bhi,chalata hua jaadoo hai mohabbat ki nazar bhi !! -bekhud dehalaviaaj tak us ki mohabbat ka nasha taari hai,phool baaqi nahin khushboo ka safar jaari hai!!yaad rakhana hi mohabbat mein nahin hai sab kuchh,bhool jaana bhi badi baat hua karati hai !!

jaan jaane ko hai aur raqs mein paravaana hai,kitana rangin mohabbat tira afsaana hai !!har kadam par gire, magar sikhaamohabbat shayari in hindikaise giraton ko thaam lete haimbas yahi ek jurm hai apanaaham mohabbat se kaam lete hain mohabbat mein nahi hai phark jine aur marane ka,usi ko dekh kar jite hain jis kaaphir pe dam nikale !!chaahie ahal-e-mohabbat ko ki divaana banen,koi ilzaam na aaega is ilzaam ke baad !!hazaaron kaam mohabbat mein hain maze ke daag,jo log kuchh nahin karate kamaal karate hain !!anis aasaan nahin aabaad karana ghar mohabbat kaaye unaka kaam hai jo zindagi barbaad karate haimmohabbat mein lute lekin bahut achchhe rahe ~rahabaragumaan tha jin pe rahazan ka vo mire kaaravaan nikalekuchh aisa ho ki tasviron mein jal jae tasavvur bhi,mohabbat yaad aaegi to shikave yaad aaenge !! -saradaar salimakela din hai koi aur na tanha raat hoti hai,main jis pal se guzarata hoon mohabbat saath hoti hai !!mohabbat mein nahi hai ibtida ya intaha koi,ham apane ishq ko hi ishq ki manzil samajhate hain !! ~rahabaramohabbat shayari in hind

imohabbat na-rava taksim ki kael nahin phir bhimeri aankhon ko aansoon tere hothon ko hansi di hai~ jaan nisaar akhtaris kahaani ka to anjaam vahi hai ki jo tha,tum jo chaaho to mohabbat ki shuruaat likho !!

-nida faazaliik laphz-e-mohabbat ka adana sa fasaana hai,simate to dil-e-aashik, phaile to zamaana hai !!khudi aur be-khudi mein farq hai to sirf itana hai,mohabbat aashana hona,mohabbat mein fana hona!!yahi hai kamaal ishq-o-mohabbat karane ka.umar jine ki hai or shauk tumhen marane kaamohabbat mein buri niyat se kuchh socha nahin jaata,kaha jaata hai usako bevapha, samajha nahin jaata !!maasoom mohabbat ka bas itana phasaana hai,kagaaz ki haveli hai baarish ka zamaana hai !!mohabbat mein lute lekin bahut achchhe rahe rahabar,gumaan tha jin pe rahazan ka vo mire kaaravaan nikale !!

dil ki hasarat ka paimaana koi baaki hai,e mohabbat tujhe aazamaana abhi baaki hai!!mohabbat shayari in hindiyaad rakhana hi mohabbat mein nahin hai sab kuchh,bhool jaana bhi badi baat hua karati hai !!mohabbat ko samajhana hai to naaseh khud mohabbat kar,kinaare se kabhi andaaz-e-toofaan nahin hota !!inkaar-e-mohabbat ko tauhin samajhate hain,izahaar-e-mohabbat par ho jaate hain baraham bhi.!!har dil ko lubhaata hai gam teri mohabbat ka,teri hi tarah zaalim dil-kash hai tira gam bhi.!!tum mujhe bhool bhi jao to ye haq hai tum komeri baat aur hai,mainne to mohabbat ki hai.!!chaandani raat mohabbat mein hasin thi “faakir”ab to bimaar ujaalon pe hansi aati hai.!!~sudarshan faaqiramohabbat ke saanche mein dhalata rahaishaare pe main dil ke chalata raha.!!mohabbat ke saanche mein dhalata rahaishaare pe main dil ke chalata raha.!!khud ko yoon jarm-e-mohabbat ki saza dete haindil ke aramaan ko,aankhon se baha dete hain.!!

mohabbat shayari in hindiaaya paravaana gira shama pe jal-jal ke maraatoo abhi soch raha hai ke mohabbat kya hai.!!koi mohabbat ke patavaari ko jaanata hai kyaamujhe mera mahaboob apane naam karavaana hai.!!meri mushkil ye hai mujh ko adaaqaari nahin aatihaqiki aadami rasmi mohabbat kar nahin sakata.!!lab pe aahen bhi nahin aankh mein aansoo bhi nahindil ne har raaz mohabbat ka chhupa rakkha hai.!!

thahari-thahari si tabiyat mein ravaani aaiaaj phir yaad mohabbat ki kahaani aaimohabbat se inaayat se vafa se chot lagati haibikharata phool hoon mujhako hava se chot lagati hai.!!ikhalaas ki daulat ko ham ahale-mohabbatataqasim to kar dete hain becha nahi karate.!!ye main nahin hoon khaaqe-mohabbat ka dher haikuchh bhi nahin milega tumhen is gubaar se.!!karana hi padega zabte-alam pine hi padenge ye aansoophariyaado-phugaan se ai naadaan,tauhine-mohabbat hoti haiaap ko shab ke andhere se mohabbat hai, rahechun liya subah ke sooraj ka ujaala mainne.!!mohabbat shayari in hindidubo de apani kashti ko,kinaara dhoondhane vaaleye dariya-e-mohabbat hai,yahaan saahil nahin milata.!!

kis shai pe yahaan vaqt ka saaya nahi hotaik khvaab-e-mohabbat hai ki boodha nahi hota.!!phursat agar mil to, padhana mujhe zarooramai adhoori mohabbat ki, mukammal kitaab hoonvo hi mahasoos karate hain , khalish dard-e-mohabbat ki..jo apane aap se badh kar , kisi ko pyaar karate hain..!!ye zaahid hain inhen kya tajurba ejaaz-e-mohabbat ka!!ye to jannat mein poochhenge, gunaahagaaron pe kya guzarina mohabbat na dosti ke liyevaqt rukata nahin kisi ke liye….ishq mohabbat kya hote hain, kya samajhaoon vaiz ko..bhains ke aage bin bajaana, mere bas ki baat nahinhaay ri majabooriyaan tarqe-mohabbat ke liye..mujhako samajhaate hain vo aur unako samajhaata hoon mainaap ko shab ke andhere se mohabbat hai, rahe..chun liya subah ke sooraj ka ujaala mainne..!!mohabbat shayari in hindiishq mohabbat kya hote hain, kya samajhaoon vaiz ko..bhains ke aage bin bajaana, mere bas ki baat nahinkaren ham dushmani kis se, koi dushman bhi ho apana..mohabbat ne nahin chhodi, jagah dil mein adaavat ki..!!chhodo , bahut hui hai , siyaasat pe guftugu..ho jae saal-e-nau mein , mohabbat pe guftugu ..!!

na muravvat, na mohabbat, na khuloos hai mohasinamai to sharminda hoon is daur ka insa hokar..!!mai khush hoon ki usaki napharaton ka akela vaaris hoonmohabbat to unako bahut se logon se hai saiarchh tagsmohabbat shayari in hindi, mohabbat hindi shayari, mohabbat shayari, mohabbat whatsapp status, mohabbat hindi status, hindi shayari on mohabbat, mohabbat whatsapp status in hindi, lovai shayari, lovai hindi shayari, lovai shayari, lovai whatsapp status, lovai hindi status, hindi shayari on lovai, lovai whatsapp status in hindi, mohabbat hindi shaayari, hindi shaayari, mohabbat, mohabbat stetas, mohabbat vhaats ap stetas, mohabbat par shaayari, mohabbat shaayari, mohabbat par sher, mohabbat ki shaayari

 

Phool Shayari in Hindi font फूलों पर शायरी

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Phool Shayari in Hindi font

फूलों पर शायरी

दोस्तों पेश है फूलों पर कुछ खूबसूरत शेर ओ शायरी का संग्रह

Collections of Shayri in Hindi font on flower

list of Hindi font Shayari

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वो सहन-ए-बाग़ में आए हैं मय-कशी के लिए

खुदा करे के हर इक फूल जाम हो जाए

#नरेश कुमार ‘शाद’

***

कांटों से घिरा रहता है चारों तरफ से फूल,

फिर भी खिला ही रहता है,क्या खुशमिज़ाज है !!

***

वो फूल तोड़े हमें कोई ऐतराज़ नहीं

मगर वो तोड़ के खुशबू निकाल लेता है

***

सूखे थे फूल तेरे जाने के बाद

अब तो ख़ुश्बू भी किताबों से गई

*** Phool Shayari in Hindi font

जिसकी ख़ुशबू से महक जाय पड़ोसी का भी घर

फूल इस क़िस्म का हर सिम्त खिलाया जाए #नीरज

***

स्वप्न झरे फूल से, मीत चुभे शूल से

लुट गये सिंगार सभी बाग़ के बबूल से

***

नहीं पूछता है मुझ को, कोई फूल इस चमन में

दिल-ए-दागदार होता तो गले का हार होता

#अमीर मीनाई

***

खार भी ज़ीस्त-ए-गुलिस्ताँ हैं,

फूल ही हाँसिल-ए-बहार नहीं !!

*** Phool Shayari in Hindi font

फूल का अपना कोई रंग कोई रूप नहीं

उसके जूड़े में सजा हो तो भला लगता है

#क़तील शिफ़ाई

***

तू जिसे इतनी हसीं चीज़ समझता है वो फूल

सूख जाए तो निगाहों को बुरा लगता है

#क़तील शिफाई

***

छू लेंगे तेरा जिस्म तो खिलते रहेंगे फूल

शहर-ए-वफ़ा में इश्क़ के हम दस्तकार हैं

***

मैं जिसके हाथ में इक फूल देके आया था,

उसी के हाथ का पत्थर मेरी तलाश में है

#कृष्ण बिहारी नूर

***

कभी दिन की धूप में झूम के कभी शब के फूल को चूम के

यूँ ही साथ साथ चलें सदा कभी ख़त्म अपना सफ़र न हो

***

नज़र उस हुस्न पर ठहरे तो आखिर किस तरह ठहरे

कभी वो फूल बन जाए तो कभी रुखसार बन जाए

*** Phool Shayari in Hindi font

शिद्दत से बहारों के इंतेज़ार में सब हैं

पर फूल मोहब्बत के तो खिलने नहीं देते

***

तस्वीर मैंने मांगी थी शोख़ी तो देखिये,

इक फूल उसने भेज दिया है गुलाब का !! -शादानी

***

शाख़ पर लगा है गर उसका क्या बिगड़ना है,

फूल सूँघ लेने से ताज़गी नहीं जाती

***

उलझ पड़ूँ किसी के दामन से वह खार नहीं,

वह फूल हूँ जो किसी के गले का हार नहीं !!-चकबस्त लखनवी

*** Phool Shayari in Hindi font

ज़िक्र करते हैं तेरा मुझ से बा-उन्वाने जफ़ा

चारागर फूल पिरो लाये हैं तलवारों में

***

कोई काँटा चुभा नहीं होता,

दिल अगर फूल सा नहीं होता !!

***

जिन की महक से रूह पे तारी है बे-ख़ुदी,

वो फूल चुन रहे हैं तेरे गुलिस्ताँ से हम !!

***

जिन्होंने काँटों पे चलना हमें सिखाया था

हमारी राह में वो फूल अब बिछाने लगे !!

*** Phool Shayari in Hindi font

आज तक उस की मोहब्बत का नशा तारी है,

फूल बाक़ी नहीं ख़ुश्बू का सफ़र जारी है!!

***

एक खंडहर के हृदय-सी, एक जंगली फूल-सी

आदमी की पीर गूंगी ही सही, गाती तो है !! -दुष्यंतकुमार

***

मौसम ने बनाया है निगाहों को शराबी,

जिस फूल को देखूं वही पैमाना हुआ है !!

***

चाहता है दिल किसी से राज़ की बातें करे,

फूल आधी रात का आँगन में है महका हुआ !!

*** Phool Shayari in Hindi font

 

आज है वो बहार का मौसम,

फूल तोड़ूँ तो हाथ जाम आए !!

***

अब के हम बिछड़ें तो शायद कभी ख्वाबों में मिलें,

जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें !!

***

लफ्ज़ को फूल बनाना तो करिश्मा है फ़राज़…

हो ना हो कोई तो है तेरी निगारिश मैं शरीक़ !!

*** Phool Shayari in Hindi font

मौसम ने बनाया है निगाहों को शराबी,

जिस फूल को देखू वही पैमाना हुआ है …

***

मुझे मालूम है मैं फूल हूं झर जाऊंगा इक दिन

मगर ये हौसला मेरा है हरदम मुस्‍कुराता हूं.!!

***

रँग आँखों के लिये बू है दमागों के लिये

फूल को हाँथ लगाने की ज़रूरत क्या है

***

फूल बिखराता हुआ मैं तो चला जाऊँगा

आप काँटे मिरी राहों में बिछाते रहिये.!!

***

यूँ तो सैरे-गुलशन को कितने लोग आते हैं

फूल कौन तोड़ेगा डालियाँ समझती हैं.!!

*** Phool Shayari in Hindi font

कोई तितली हमारे पास आती तो क्या आती

सजाए उम्र भर कागज़ के फूल और पत्तियां हमने

***

मुझे यूँ लगा कि ख़ामोश ख़ुश्बू के होँठ तितली ने छू लिये

इन्ही ज़र्द पत्तों की ओट में कोई फूल सोया हुआ न हो

बशीर बद्र

*** Phool Shayari in Hindi font

ज़माना चाहता है क्यों,मेरी फ़ितरत बदल देना

इसे क्यों ज़िद है आख़िर,फूल को पत्थर बनाने की.!!

***

जिसकी खुश्बू से महक जाए,पड़ोसी का भी घर

फूल इस क़िस्म का,हर सिम्त खिलाया जाए.!!

***

मोहब्बत से इनायत से वफ़ा से चोट लगती है

बिखरता फूल हूँ मुझको हवा से चोट लगती है.!!

***

कागज़ की कतरनों को भी कहते हैं लोग फूल

रंगों का ऐतबार हि क्या है सूंघ कर भी देख..!!

*** Phool Shayari in Hindi font

कौन से नाम से ताबीर करूँ इस रूत को।।

फूल मुरझाएं हैं ज़ख्मों पे बहार आई है..!!

***

 

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*kaanton se ghira rahata hai chaaron taraph se phool,phir bhi khila hi rahata hai,kya khushamizaaj hai !!**

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*nahin poochhata hai mujh ko, koi phool is chaman mendil-e-daagadaar hota to gale ka haar hota#amir minai**

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* phool shayari in hindi fontphool ka apana koi rang koi roop nahinusake joode mein saja ho to bhala lagata hai#qatil shifai**

*too jise itani hasin chiz samajhata hai vo phoolasookh jae to nigaahon ko bura lagata hai#qatil shiphai***

chhoo lenge tera jism to khilate rahenge phoolashahar-e-vafa mein ishq ke ham dastakaar hain*

**main jisake haath mein ik phool deke aaya tha,usi ke haath ka patthar meri talaash mein hai#krshn bihaari noor*

**kabhi din ki dhoop mein jhoom ke kabhi shab ke phool ko choom keyoon hi saath saath chalen sada kabhi khatm apana safar na ho

***nazar us husn par thahare to aakhir kis tarah thaharekabhi vo phool ban jae to kabhi rukhasaar ban jae***

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**tasvir mainne maangi thi shokhi to dekhiye,ik phool usane bhej diya hai gulaab ka !! -shaadaani**

*shaakh par laga hai gar usaka kya bigadana hai,phool soongh lene se taazagi nahin jaati***

ulajh padoon kisi ke daaman se vah khaar nahin,vah phool hoon jo kisi ke gale ka haar nahin !!-chakabast lakhanavi***

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*koi kaanta chubha nahin hota,dil agar phool sa nahin hota !!*

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**ek khandahar ke hrday-si, ek jangali phool-siaadami ki pir goongi hi sahi, gaati to hai !! -dushyantakumaar*

**mausam ne banaaya hai nigaahon ko sharaabi,jis phool ko dekhoon vahi paimaana hua hai !!***

chaahata hai dil kisi se raaz ki baaten kare,phool aadhi raat ka aangan mein hai mahaka hua !!*

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**ab ke ham bichhaden to shaayad kabhi khvaabon mein milen,jis tarah sookhe hue phool kitaabon mein milen !!**

*laphz ko phool banaana to karishma hai faraaz…ho na ho koi to hai teri nigaarish main shariq !!**

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***mujhe maaloom hai main phool hoon jhar jaoonga ik dinamagar ye hausala mera hai haradam mus‍kuraata hoon.!!*

**rang aankhon ke liye boo hai damaagon ke liyephool ko haanth lagaane ki zaroorat kya hai*

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* phool shayari in hindi fontkoi titali hamaare paas aati to kya aatisajae umr bhar kaagaz ke phool aur pattiyaan hamane***

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Muskurahat Hindi Shayari मुस्कुराहट पर शायरी

Muskurahat Hindi Shayari मुस्कुराहट पर शायरी
Muskurahat Hindi Shayari मुस्कुराहट पर शायरी

Muskurahat Hindi Shayari

मुस्कुराहट पर शायरी

 

दोस्तों आपके दिल में भी कोई चेहरा बसा होगा जो आप को देखकर प्यार से मुस्कुरा दिया था, पेश है मुस्कुराहट पर चाँद खूबसूरत शेर .

Hindi Shayari on Smiling,

List of all Hindi Shayari Topics

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धड़कने लगे दिल के तारों की दुनियाँ जो तुम मुस्कुरा दो

संवर जाये हम बेकरारों की दुनियाँ जो तुम मुस्कुरा दो – साहिर लुधियानवी

***

जो तुम मुस्कुरा दो बहारें हँसे, सितारों की उजली कतारें हँसे

जो तुम मुस्कुरा दो नज़ारें हँसे, जवां धड़कनों के इशारे हँसे

***

वही तो सब से ज़ियादा है नुक्ता-चीं मेरा,

जो मुस्कुरा के हमेशा गले लगाए मुझे !! ~QateelShifai

***

गुमाँ न क्यूँकि करूँ तुझ पे दिल चुराने का,

झुका के आँख सबब क्या है मुस्कुराने का !!

 

*** Muskurahat Hindi Shayari

जब दिल पे छा रही हों घटाएँ मलाल की,

उस वक़्त अपने दिल की तरफ़ मुस्कुरा के देख !! -सीमाब अकबराबादी

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उन पे हंसिये शौक़ से जो माइल-ए-फ़रियाद हैं

उनसे डरिये जो सितम पर मुस्कुरा कर रह गए

~ असर लखनवी

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मेरे दिल की राख़ क़ुरेद मत,इसे मुस्कुरा के हवा न दे

ये चराग़ फिर भी चराग़ है,कहीं तेरा हाँथ जला न दे

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दिल की तरफ़ हिजाब-ए-तकल्लुफ़ उठा के देख,

आईना देख और ज़रा मुस्कुरा के देख !!

*** Muskurahat Hindi Shayari

वो सुब्ह-ए-ईद का मंज़र तिरे तसव्वुर में,

वो दिल में आ के अदा तेरे मुस्कुराने की !!

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शायद तिरे लबों की चटक से हो जी बहाल,

ऐ दोस्त मुस्कुरा कि तबीअत उदास है !!- अदम

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क्या मुस्तक़िल इलाज किया दिल के दर्द का

वो मुस्कुरा दिए मुझे बीमार देख कर !! -अदम

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मैं इक फकीर के होंठों की मुस्कुराहट हूँ

किसी से भी मेरी कीमत अदा नहीं होती – मुनव्वर राना

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फ़ज़ा-ए-नम में सदाओं का शोर हो जाए,

वो मुस्कुरा दे ज़रा सा तो भोर हो जाए !!

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न जाने कह गए क्या आप मुस्कुराने में,

है दिल को नाज़ कि जान आ गई फ़साने में !!

*** Muskurahat Hindi Shayari

मस्त नज़रों से देख लेना था,गर तमन्ना थी आज़माने की

हम तो बेहोश यूँ भी हो जाते,क्या ज़रूरत थी मुस्कुराने की!!

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सीख ली जिसने अदा गम में मुस्कुराने की,

उसे क्या मिटायेंगी गर्दिशे जमाने की !!

***

हौसले फिर बढ़ गये, टूटा हुआ दिल जुड़ गया,

उफ! ये जालिम मुस्कुरा देना, ख़फा होने के बाद !! – ‘आरज़ू’ लखनवी

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हमारी बिगड़ी ये शायद यू ही संवर जाए,

तुम्हारा कुछ नहीं बिगड़ेगा मुस्कुराने में !!

*** Muskurahat Hindi Shayari

सुनाई दे तेरे क़दमों की आहट,

ये रस्ता मुस्कुराना चाहता है !! -वसीम बरेलवी

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लो, तबस्सुम भी शरीक-ए-निगह-ए-नाज़ हुआ..

आज कुछ और बढ़ा दी गई क़ीमत मेरी..

~FaniBadayuni

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बड़ी मुश्किल से बना हूँ टूट जाने के बाद

मैं आज भी रो देता हूँ मुस्कुराने के बाद.!!

***

हौसलों का सबूत देना था

ठोकरें खा के मुस्कुराना पड़ा.!!

*** Muskurahat Hindi Shayari

फ़स्ले-गुल के आने से,या खिज़ां के जाने से

काश मुस्कुरा सकते हम किसी बहाने से.!!

***

उदास छोड़ गया वो हर एक मौसम को

गुलाब खिलते थे कल जिसके मुस्कुराने से..!!

~इक़बाल अशहर

***

ग़मो की धूप में भी मुस्कुरा कर चलना पड़ता है

।।

ये दुनिया है यहाँ चेहरा सजा कर चलना पड़ता है

***

तुम भले हि मुस्कुराओ सांथ बच्चों के मगर

बच्चों जैसा मुस्कुराना दोस्तों, आंसा नही..!!

*** Muskurahat Hindi Shayari

कभी कभी तेरा बेवज़ह मुस्कुराना अच्छा लगता है ….

मुझ पर आँखों ही आँखों से तेरा हक़ जताना अच्छा लगता है !!

***

मुझे दर्द-ए-इश्क़ का मज़ा मालूम है, दर्द-ए-इंतेहा भी मालूम है।

ज़िन्दगी भर मुस्कुराने की दुआ न देना, मुझे पल भर मुस्कुराने की सजा मालूम है।

***

न जाने कैसी “नज़र” लगी है “ज़माने” की… . .

कमब्खत “वजह” ही नही मिलती “मुस्कुराने” की…..!!!

***

जिसकी किस्मत मे लिखा हो रोना..!!

वो मुस्कुरा भी दे तो आँसू निकल आते है..!!

***

लाख समझाया उसको की दुनिया शक करती है..

मगर उसकी आदत नहीं गयी मुस्कुरा कर गुजरने की !!

*** Muskurahat Hindi Shayari

दिल्लगी कर जिंदगी से, दिल लगा के चल..

जिंदगी है थोड़ी सी, थोडा मुस्कुरा के चल .

***

तेरे ना होने से जिन्दगी मे बस इतनी सी कमी है

मै चाहे लाख मुस्कुरा लू पर आंखो में नमी है

***

यूँ तेरा मुस्कुरा कर मुझे देखना

मानो जैसे सब कुछ कुबूल है तुझे

***

खामोश बैठे हैं तो लोग कहते हैं उदासी अच्छी नहीं,

और ज़रा सा हंस लें तो लोग मुस्कुराने की वजह पूछ लेते है।

***

मेरी यही आदत तुम सब को सदा याद रहेगी,

न शिकवा, न कोई गिला, जब भी मिला, मुस्कुरा के मिला.

*** Muskurahat Hindi Shayari

मुस्कुराने के अब बहाने नहीं ढूँढने पड़ते,

तुझे याद करते हैं तमन्ना पूरी हो जाती हैं..

***

राहत भी अपनों से मिलती हे,चाहत भी अपनों से मिलती हे,

अपनों से कभी रूठना नही.क्यूकी,मुस्कुराहट”भी अपनों से मिलती हे

***

मुस्कुराहट भी कमाल की पहेली है,

जितना बताती है,उससे कहीं जायदा छुपाती है…

***

अपने दुःख में रोने वाले,मुस्कुराना सीख ले |

ओरों के दुःख में आँसू बहाना सीख ले

***

“चलो मुस्कुराने की वजह ढूंढते हैं… ऐ जिन्दगी,,,,

तुम हमें ढूंढो… हम तुम्हे ढूंढते हैं …!!!

***

फूल बनकर मुस्कुराना जिन्दगी है,

मुस्कुरा के गम भूलाना जिन्दगी है,

***

वो तो अपने दर्द रो-रो के सुनते रहे;

हमारी तन्हाइयों से आँख चुराते रहे;

और हमें बेवफा का नाम मिला क्योंकि

हम हर दर्द मुस्कुरा कर छुपाते रहे

*** Muskurahat Hindi Shayari

खुद ही मुस्कुरा रहे हो साहिब

पागल हो या मोहब्बत की शुरूआत हुई है!!!!

***

ज़र्फ हो तोह गम भी नियामत हैं खुदा की।

जो सुकूं रोने में हैं,वो मुस्कुराने में कहां।

***

अपनी मुस्कुराहट को ज़रा काबू में रखिए,

दिल ए नादान इस पर कहीं शहीद ना हो जाए

***

फिर उसने मुस्कुरा के देखा मेरी तरफ़,

फिर एक ज़रा सी बात पर जीना पड़ा मुझे।

*** Muskurahat Hindi Shayari

दिल की हसरत जुबा पर आने लगी

आपको देखा तो जिंदगी मुस्कुराने लगी

**

तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो

क्या गम है जिसको छुपा रहे हो

***

हम इस निगाह-ए-नाज़ को समझे थे नेश्तर

तुमने तो मुस्कुरा के रग-ए-जाँ बना दिया!

*** Muskurahat Hindi Shayari

 

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Muskurahat Hindi Shayari

मुस्कुराहट पर शायरी

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*mujhe dard-e-ishq ka maza maaloom hai, dard-e-inteha bhi maaloom hai.zindagi bhar muskuraane ki dua na dena, mujhe pal bhar muskuraane ki saja maaloom hai.

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“chalo muskuraane ki vajah dhoondhate hain… ai jindagi,,,,tum hamen dhoondho… ham tumhe dhoondhate hain …!!!***

phool banakar muskuraana jindagi hai,muskura ke gam bhoolaana jindagi hai,*

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Hindi Shayari on Face चेहरे पर हिंदी शायरी

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Hindi Shayari on Face चेहरे पर हिंदी शायरी

Hindi Shayari on Face

चेहरे पर हिंदी शायरी

 

दोस्तों कोई चेहरा आइना होता है, कोई चेहरा फूल होता है, कोई चेहरा चाँद होता है, कोई चेहरा किताब होता है और कोई चेहरा क़यामत भी होता है, पेश है चेहरे पर कुछ खूबसूरत शायरी.

Hindi Shayari collection on Beautiful Face in Hindi font

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मैं अपने साज़ के नग्मों की नर्म लहरों में

तुम्हारे चेहरे की अफ़्सुर्दगी डुबोता हूँ

~नरेश कुमार ‘शाद’

***

हुरूफ़-बीं तो सभी हैं मगर किसे ये शुऊर,

किताब पढ़ती है चेहरे किताब-ख़्वानों के !!

***

हर दफ़ा वही चेहरे बारहा वही बातें,

इन पुरानी यादों में कुछ नया नहीं रखा !!

***

चाँद सूरज मेरी चौखट पे कई सदियों से

रोज़ लिक्खे हुए चेहरे पे सवाल आते हैं

*** Hindi Shayari on Face

आईने पर यक़ीन रखते हैं,

वो जो चेहरा हसीन रखते हैं

~दिनेश त्रिपाठी ‘शम्स’

***

सिर्फ चेहरा ही नहीं शख्सियत भी पहचानो ,

जिसमें दिखता हो वही आईना नहीं होता

***

यही चेहरा..यही आंखें..यही रंगत निकले,

जब कोई ख्वाब तराशूं..तेरी सूरत निकले

****

ताआज़्ज़ुब है तेरा चेहरा है के मैख़ाना

नज़र..लब..रुख़सार..पेशानी में जाम रक्खे हैं

**** Hindi Shayari on Face

हमारा हाले दिल चेहरे से अब दिलदार पढ़ लोगे

ज़ुबां आंखों की समझोगे,तो मेरा प्यार पढ़ लोगे

***

आपकी फ़ितरत के चेहरे थे कई समझे नहीं

जो था शाने पर उसे,चेहरा समझ बैठे थे हम

***

अपना चेहरा न बदला गया

आईने से ख़फ़ा हो गए…

*** Hindi Shayari on Face

वहीं कहीं नज़र आता है आप का चेहरा

तुलू चाँद फ़लक पर जहाँ से होता है

***

अक़्स उभरेगा ‘नफ़स’ गर्द हटा दे पहले,

धुंधले आईने में चेहरा नहीं देखा जाता

***

तेरा चेहरा मुकम्मल एक ग़ज़ल मतले से मकते तक

क़यामत है,क़यामत है,क़यामत है,क़यामत है

*** Hindi Shayari on Face

अव्वल अव्वल की मोहब्बत के नशे याद तो कर

बे-पिए भी तिरा चेहरा था गुलिस्ताँ जानाँ

***

हम फिर भी अपने चेहरे न देखें तो क्या इलाज,

आँखें भी हैं चराग़ भी है आइना भी है !!

***

अपने चेहरे को बदलना तो बहुत मुश्किल है

दिल बहल जाएगा आईना बदल कर देखो !!

***

अक़्स उभरेगा ‘नफ़स’ गर्द हटा दे पहले

धुंधले आईने में चेहरा नहीं देखा जाता

***

लक़ब हुस्ने-दो-आलम का उसे हरगिज़ नहीं मिलता

के जिसके चाँद से चेहरे पे कोई तिल नहीं आए

*** Hindi Shayari on Face

मैं बंद आंखों से पढ़ता हूं रोज़ वो चेहरा,

जो शायरी की सुहानी किताब जैसा है.!!

***

“अभी कुछ और हो इंसान का लहू पानी

अभी हयात के चेहरे पे आब-ओ-ताब नही ”

***

बेनकाब चेहरे हैं, दाग बड़े गहरे हैं

टूटता तिलिस्म आज सच से भय खाता हूं

*** Hindi Shayari on Face

अपने चेहरे से जो जाहिर है छुपाएँ कैसे

तेरी मर्ज़ी के मुताबिक़ नज़र आएँ कैसे.!!

***

उन से पूछो कभी चेहरे भी पढ़े हैं तुम ने

जो किताबों की किया करते हैं बातें अक़्सर.!!

***

चेहरे बदल-बदल के मुझे मिल रहे हैं लोग

ये क्या ज़ुल्म हो रहा है,मेरी सादगी के सांथ.!!

***

चेहरा पढ़ लेने से खुलता नहीं दिल का सब हाल

एक नॉवेल में कई बाब हुआ करते हैं.!!

*** Hindi Shayari on Face

आईने बे-सबब नहीं हैराँ

कोई चेहरा बदल रहा होगा..!!

***

रूह का क़र्ब भी चेहरे पे सजा लाए हैं

हम खदो-ख़ाल को आईना बना लाए हैं.!!

***

ना दिखा पायेगा तू ख्वाब मेरी आँखों के

अब भी कहता हूँ मुसव्विर मेरा चेहरा न बना.!!

*** Hindi Shayari on Face

हमें पढ़ाओ ना रिश्तों की कोई और क़िताब

पढ़ी है बाप के चेहरे की झुर्रियाँ मैंने.!!

***

सजा के चेहरे पे , सच्चाईयाँ निकलता है

वो जिसका झूट पे , सब क़ारोबार चलता है..!!

***

ग़मो की धूप में भी मुस्कुरा कर चलना पड़ता है

ये दुनिया है यहाँ चेहरा सजा कर चलना पड़ता है

***

ख़ुद ख़ुशी लिखी थी एक बेवा के चेहरे पर मगर

फ़िर वो ज़िन्दा हो गई बच्चा बिलखता देख कर..!!

***

अपना चेहरा न बदला गया।।

आईने से खफ़ा हो गए…!!

*** Hindi Shayari on Face

सर-ए-महफ़िल निगाहें मुझ पे जिन लोगों की पड़ती है

निगाहों के हवाले से वो चेहरे याद रखता हूँ..!!

***

मेरी आवाज़ हि पर्दा है मेरे चेहरे का

मैं हूँ खामोश जहाँ मुझको वहाँ से सुनिये..!!

***

कितने चेहरे थे हमारे आस-पास

तुम हि तुम दिल में मगर बसते रहे..!!

***

चमक यूँ हि नही आती है, खुद्दारी के चेहरे पर

अना को हमने दो-दो वक़्त का फाका कराया है

***

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Intezaar Shayari in Hindi इंतज़ार पर शायरी

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Intezaar Shayari in Hindi

इंतज़ार पर शायरी

 

दोस्तों इस ब्लॉग पोस्ट पर आप के लिए प्रस्तुत है महबूब के इंतज़ार पर शेर ओ शायरी,

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बजाय सीने के आँखों में दिल धड़कता है,

ये इंतज़ार के लम्हे अज़ीब होते हैं !!

***

मुझे मंज़ूर है इंतज़ार उम्र भर का लेकिन

मेरी आँखों से वस्ल का वही इक रोज़ तुम देखो

***

ता फिर ना इंतज़ार में नींद आये उम्र भर

आने का अहद कर गए आये जो ख्वाब में

~ग़ालिब

***

ये न थी हमारी क़िस्मत कि विसाल-ए-यार होता

अगर और जीते रहते यही इंतज़ार होता

~ग़ालिब

**** Intezaar Shayari in Hindi

इंतज़ार की आरज़ू अब खो गयी है,

खामोशियों की अब आदत हो गयी है

***

तुम आये हो ना शब्-ए-इंतज़ार गुज़री है

तलाश में है सहर बार-बार गुज़री है

***

फिर बैठे बैठे वादा-ए-वस्ल उस ने कर लिया,

फिर उठ खड़ा हुआ वही रोग इंतज़ार का !!

***

टूटी जो आस जल गये पलकों पे सौ चिराग़,

निखरा कुछ और रंग शब-ए-इंतज़ार का !!- मुमताज़ मिर्ज़ा

*** Intezaar Shayari in Hindi

अब तो उठ सकता नहीं आँखों से बार-ए-इंतज़ार

किस तरह काटे कोई लैल-ओ-नहार-ए-इंतज़ार

***

उन के खत की आरज़ू है उन के आमद का ख़याल

किस क़दर फैला हुआ है कारोबार-ए-इंतज़ार

~हसरत मोहानी

***

उन की उल्फ़त का यकीं हो उन के आने की उम्मीद

हों ये दोनों सूरतें तब है बहार-ए-इंतज़ार

 

***Intezaar Shayari in Hindi

वही ख़्वाब ख़्वाब हैं रास्ते वही इंतज़ार सी शाम है

ये सफर है मेरे इश्क़ का,न दयार है न क़याम है !!-सुख़नवर

***

ग़म-ए-हयात से दिल को अभी निजात नहीं,

निगाह-ए-नाज़ से कह दो कि इंतज़ार करे !! -शकील बदायूनी

***

थक गये हम करते करते इंतज़ार,

इक क़यामत उन का आना हो गया !!

**

लूटे मज़े उसी ने तेरे इंतज़ार के

जो हद-ए-इंतज़ार से आगे निकल गया

*** Intzar Shayari in Hindi

लुत्फ़ जो उस के इंतज़ार में है

वो कहाँ मौसम-ए-बहार में है !!

***

सूरत दिखा के फिर मुझे बेताब कर दिया,

एक लुत्फ़ आ चला था ग़म-ए-इंतज़ार में !!

***

होंठ पे लिए हुए दिल की बात हम

जागते रहेंगे और कितनी रात हम

मुख़्तसर सी बात है तुम से प्यार है

तुम्हारा इंतज़ार है..

 

*** Intezaar Shayari in Hindi

गर इंतज़ार कठिन है तो जब तलक ऐ दिल,

किसी के वादा-ए-फ़र्दा की गुफ़्तगू ही सही !! -फैज़

****

शब-ए-इंतज़ार की कशमकश न पूछ कैसे सहर हुई

कभी इक चिराग़ जला दिया, कभी इक चिराग़ बुझा दिया !! -मजरूह सुल्तानपुरी

***

अपने लिए भी मौसमे गुल है बहार है,

जब से सुना है उनको मेरा इंतज़ार है ~रहबर

***

कहीं आके मिटा न दें इंतज़ार का लुत्फ

कहीं कुबूल न हो जाये इल्तज़ा तेरी

*** Intezaar Shayari in Hindi

वो मज़ा कहाँ वस्ल-ए-यार में

लुत्फ़ जो मिला है तुम्हें इंतज़ार में

 

****

तेरा ख़याल तेरा इंतेज़ार करते हैं

हम अपने आपको ख़ुद बेक़रार करते हैं

ये फ़ासला भी मोहब्बत में लुत्फ़ देता है

जब इंतेज़ार में हम इंतेज़ार करते हैं

***

तमाम उम्र तेरा इंतेज़ार कर लेंगे

मगर ये रंज रहेगा के ज़िन्दगी कम है

*** Intzar Shayari in Hindi

शिद्दत से बहारों के इंतेज़ार में सब हैं

पर फूल मोहब्बत के तो खिलने नहीं देते

***

मैनें तो इंतेज़ार में उसके ज़िंदगी गुज़ार दी

उसके लिए तो रास्ते भी दुश्वार बन गए

***

ज़िदंगी के सारे लम्हे रफ़्ता-रफ़्ता कट गए

इंतेज़ार, आस, खुशी और ग़म में बंट गए

***

मेरे पीठ पर जो ज़ख्म हैं,वो अपनों की निशानी है

वर्ना सीना तो आज भी दुश्मनों के इंतेज़ार में बैठा है

*** Intzar Shayari in Hindi

कोई वादा नहीं किया लेकिन, क्यों तेरा इंतजार रहता है !

बेवजह जब क़रार मिल जाए, दिल बड़ा बेकरार रहता है !! –गुलज़ार

 

अभी कुछ उनके आने का इंतज़ार बाक़ी है,

ऐ खुदा, उम्र इक और दे उन्हें भुलाने को

 

होंठ पे लिये हुए दिल की बात हम जागते रहेंगे और कितनी रात हम

मुख़्तसर सी बात है तुम से प्यार है तुम्हारा इन्तज़ार है, तुम पुकार लो

 

दिल बहल तो जायेगा इस ख़याल से

हाल मिल गया तुम्हारा अपने हाल से

रात ये क़रार की बेक़रार है

तुम्हारा इन्तज़ार है, तुम पुकार लो

 

ये इंतज़ार भी एक इम्तिहां होता है

इसीसे इश्क़ का शोला जवां होता है

ये इंतज़ार सलामत हो और तू आए

 

सुना गम जुदाई का, उठाते हैं लोग

जाने ज़िंदगी कैसे, बिताते हैं लोग

 

दिन भी यहाँ तो लगे, बरस के समान

हमें इंतज़ार कितना, ये हम नहीं जानते

मगर जी नहीं सकते तुम्हारे बिना

 

अफ़साना लिख रही हूँ दिल-ए-बेक़रार का

आँखोँ में रंग भर के तेरे इंतज़ार का

शब-ए-इंतज़ार आखिर कभी होगी मुख़्तसर भी

ये चिराग बुझ रहे हैं मेरे साथ जलते जलते…

~कैफ़ी_आझमी

 

सदियों का इंतज़ार भी दो पल की बात है,

यादों का तेरी मौसम गर ख़ुश-गवार हो !!

 

थक गये हम करते करते इंतज़ार,

इक क़यामत उन का आना हो गया …

 

महव-ए-इंतेज़ार हुँ उस बेदर्द के जवाब का

इस मुतंज़िर का दर्द मगर वो समझे कैसे…

ये इंतज़ार भी एक इम्तिहां होता है

इसीसे इश्क़ का शोला जवां होता है

ये इंतज़ार सलामत हो और तू आए

 

हम इंतज़ार करेंगे तेरा क़यामत तक

खुदा करे कि क़यामत हो और तू आए

 

सर-ए-तूर हो सर-ए-हश्र हो, हमें इंतेज़ार क़बूल है,

वो कभी मिलें वो कहीं मिलें, वो कभी सही वो कहीं सही !!

Intezaar Shayari in Hindi

 

वही ख़्वाब ख़्वाब हैं रास्ते, वही इंतज़ार सी शाम है,

ये सफर है मेरे इश्क़ का, न दयार है न क़याम है !! –

 

हर लम्हा सुकूं का यूं इंतेजार किया है

नादां हूं नादां ही रहा बस प्यार किया है

 

 

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Intezaar Shayari in Hindi

इंतज़ार पर शायरी

bajaay sine ke aankhon mein dil dhadakata hai,ye intezaar ke lamhe azib hote hain !!***

mujhe manzoor hai intezaar umr bhar ka lekinameri aankhon se vasl ka vahi ik roz tum dekho***

ta phir na intezaar mein nind aaye umr bharaane ka ahad kar gae aaye jo khvaab mein~gaalib**

ye na thi hamaari qismat ki visaal-e-yaar hotaagar aur jite rahate yahi intezaar hota~gaalib****

intezaar shayari in hindi intezaar ki aarazoo ab kho gayi hai,khaamoshiyon ki ab aadat ho gayi hai***

tum aaye ho na shab-e-intezaar guzari haitalaash mein hai sahar baar-baar guzari hai***

phir baithe baithe vaada-e-vasl us ne kar liya,phir uth khada hua vahi rog intezaar ka !!***

tooti jo aas jal gaye palakon pe sau chiraag,nikhara kuchh aur rang shab-e-intezaar ka !!- mumataaz mirza***

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un ke khat ki aarazoo hai un ke aamad ka khayaalakis qadar phaila hua hai kaarobaar-e-intezaar~hasarat mohaani***

un ki ulfat ka yakin ho un ke aane ki ummidahon ye donon sooraten tab hai bahaar-e-intezaar***

intezaar shayari in hindivahi khvaab khvaab hain raaste vahi intezaar si shaam haiye saphar hai mere ishq ka,na dayaar hai na qayaam hai !!-sukhanavar***

gam-e-hayaat se dil ko abhi nijaat nahin,nigaah-e-naaz se kah do ki intezaar kare !! -shakil badaayooni***

thak gaye ham karate karate intezaar,ik qayaamat un ka aana ho gaya !!**

loote maze usi ne tere intezaar kejo had-e-intezaar se aage nikal gaya***

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intezaar shayari in hindigar intezaar kathin hai to jab talak ai dil,kisi ke vaada-e-farda ki guftagoo hi sahi !! -phaiz****

shab-e-intezaar ki kashamakash na poochh kaise sahar huikabhi ik chiraag jala diya, kabhi ik chiraag bujha diya !! -majarooh sultaanapuri***

apane lie bhi mausame gul hai bahaar hai,jab se suna hai unako mera intezaar hai ~rahabar***

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tamaam umr tera intezaar kar lengemagar ye ranj rahega ke zindagi kam hai***

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mere pith par jo zakhm hain,vo apanon ki nishaani haivarna sina to aaj bhi dushmanon ke intezaar mein baitha hai***

intezaar shayari in hindikoi vaada nahin kiya lekin, kyon tera intajaar rahata hai !bevajah jab qaraar mil jae, dil bada bekaraar rahata hai !! –gulazaar

 

Intezaar Shayari in Hindi

 

dil bahal to jaayega is khayaal se
haal mil gaya tumhaara apane haal se
raat ye qaraar ki beqaraar hai
tumhaara intezaar hai, tum pukaar lo

ye intezaar bhi ek imtihaan hota hai
isise ishq ka shola javaan hota hai
ye intezaar salaamat ho aur too aae

suna gam judai ka, uthaate hain log
jaane zindagi kaise, bitaate hain log

din bhi yahaan to lage, baras ke samaan
hamen intezaar kitana, ye ham nahin jaanate
magar ji nahin sakate tumhaare bina

afasaana likh rahi hoon dil-e-beqaraar ka
aankhon mein rang bhar ke tere intezaar ka

shab-e-intezaar aakhir kabhi hogi mukhtasar bhi
ye chiraag bujh rahe hain mere saath jalate jalate…
~kaifi_aazmi

sadiyon ka intezaar bhi do pal ki baat hai,
yaadon ka teri mausam gar khush-gavaar ho !!

thak gaye ham karate karate intezaar,
ik qayaamat un ka aana ho gaya …

mahav-e-intezaar hun us bedard ke javaab ka
is mutanzir ka dard magar vo samajhe kaise…

ye intezaar bhi ek imtihaan hota hai
isise ishq ka shola javaan hota hai
ye intezaar salaamat ho aur too aae

ham intezaar karenge tera qayaamat tak
khuda kare ki qayaamat ho aur too aae

sar-e-toor ho sar-e-hashr ho, hamen intezaar qabool hai,
vo kabhi milen vo kahin milen, vo kabhi sahi vo kahin sahi !!

vahi khvaab khvaab hain raaste, vahi intezaar si shaam hai,
ye saphar hai mere ishq ka, na dayaar hai na qayaam hai !! –

har lamha sukoon ka yoon intejaar kiya hai
naadaan hoon naadaan hi raha bas pyaar kiya hai

 

Rukhsar Shayari in Hindi रुखसार गालों पर हिंदी शायरी

Rukhsar Shayari in Hindi रुखसार गालों पर हिंदी शायरी
Rukhsar Shayari in Hindi रुखसार गालों पर हिंदी शायरी

Rukhsar Shayari in Hindi

रुखसार गालों पर हिंदी शायरी

 

हसीन रुखसार और गालों पर श्रृंगार रस में डूबी हुई कुछ मादक हिंदी और उर्दू शायरी

Hindi and Urdu Poetry Shayari on Rukhsar. (List of all Topics)

 

 

उनके रुखसार पर ढलकते हुए आँसू तौबा,

मैं ने शबनम को भी शोलों पे मचलते देखा !!

****

नज़र उस हुस्न पर ठहरे तो आखिर किस तरह ठहरे

कभी वो फूल बन जाए तो कभी रुखसार बन जाए

***

बड़ी इतराती फिरती थी वो अपने हुस्न-ऐ-रुखसार पर

मायूस बैठी है जबसे देखि है तस्वीर कार्ड-ऐ-आधार पर

***

समेट लो भूली बिसरी यादें अपनी

सूखे पेड़ की टहनियों सी बेजान लगती हैं

चाँद के रुखसार पे खराशें पड़ती है इनसे

***

देखकर तुझे वो मेरे रुखसार पर रुके है___

मुद्दतो बाद नज़ाकत से अश्क़ उतरे है

*** Rukhsar Shayari in Hindi

 

छेड़ती हैं कभी लब को कभी तेरे रुखसार को जालिम

तुने अपनी जुल्फो को बड़ा सिर पर चड़ा रक्खा है

***

ये रुखसार पीले से लगते हैं ना

उदासी की हल्दी है हट जाएगी

तमन्ना की लाली को पकने तो दो

ये पतझड़ की छाँव छंट जाएगी”. Gulzar

***

अब मैं समझा तेरे रुखसार पे तिल का मतलब,

दौलत-ए-हुस्न पे दरबान बैठा रखा है.

***

सीख मुझसे आतिश- फिशां में गुल- फिशां होना

युहीं नही रुखसार पे तजल्ली ओ जलाल आता है

*** Rukhsar Shayari in Hindi

जिन्दगी सिर्फ मोहब्बत नहीं कुछ और भी है

जुल्फ-ओ-रुखसार की जन्नत ही नहीं कुछ और भी है ।।।

***

 

हुज़ूर आरिज़ ओ रुखसार क्या तमाम बदन

मेरी सुनो तो मुजस्सिम गुलाब हो जाये।

***

नज़र उस हुस्न पर ठहरे तो आखिर किस तरह ठहरे

कभी जो फूल बन जाये कभी रुखसार हो जाये

***

क्यूँ पोंछते हो रुखसार से अरक को बार बार ,

शबनम के क़त्रे से गुलों में और निखार आता है !

**

आँसुओं में डूबा उनका चेहरा है कुछ इस तरह

गुलों के रुखसार पे ओस ज्यूं बिखरी हुई है

*** Rukhsar Shayari in Hindi

ठहर जाती है हर नजर तेरे रुखसार पर आकर..

सनम तेरे चेहरे में कशिश कुछ ऐसी है..

***

गेसू की रंगत से चलकर रुखसार की रंगत पर आई,

रफ़्ता रफ़्ता रिसते रिसते अब रात भी रुखसत पर आई ।

***

“मैं तेरे रुखसार का रंग हूँ…

जितना तुम खुश रहोगे, उतना मैं सवर जाऊँगा !!”

***

उनके रुखसार पर ढलकते हुए आँसू तौबा

मैं ने शबनम को भी शोलों पे मचलते देखा

*** Rukhsar Shayari in Hindi

तेरे रुखसार पर ढलते ये शाम के किस्से..

ख़ामोशी में पढ़ा हुआ कोई कलमा हो जैसे..

***

तुम्हारा रुखसार जैसे कोई किताबी कहानी है

देख कर मन मचल उठे,क्या खूब जवानी है

***

आओ हुस्न-ए-यार की बातें करें

ज़ुल्फ़ की, रुखसार की बातें करें !! “चिराग हसन हसरत

*** Rukhsar Shayari in Hindi

जवानी हुस्न मैखाने लबो रुखसार बिकते हैं

हया के आईने अब तो सरेबाजार बिकते हैं

***

तेरे रुखसार पे ना गिरे कोई गम का आँसू..

खुदा तेरी हर दुआ को तेरी तक़दीर बना दे..!!

 

 

***

तुम आगोश-ऐ-तसव्वुर में भी आया न करो…

मेरी आहों से ये रुखसार कुम्हला न जाये कहीं…….. ~कैफ़ी आज़मी

***

हमने उसके लब-ओ-रुखसार को छू कर देखा

हौसले आग को गुलज़ार बना देते हैं ~काबिल_अजमेरी

*** Rukhsar Shayari in Hindi

उसकी ज़ुलफें थीं, लब-ओ-रुखसार थे, और हाथ मेरे,

कट गये रात के लमहे.. यूं ही शरारत करते करते..!

***

तुने देखी है वो पेशानी वो रुखसार वो होंठ

ज़िंदगी जिसके तसव्वुर में लुटा दी हमने ~Faiz

***

पत्थर दिल ऐसे की रस्म-ए-वफ़ा की खुशबू

न उनसे न उनके लब-ओ-रुखसार से आती है ।

***

ज़ुल्फ़े रुखसार पे , मदहोशी का वो आलम जान !!!

मरमरी बाँहों की वो आरज़ू , याद है मुझे वो रात !!!

***

तेरा चेहरा तेरी आँखे तेरे रुखसार का जादू

मुझे महसूस करके देख मेरे प्यार का जादू

***

दीदार की ख्वाहिश में हम लिखने लगे ग़ज़ल.

क्या पता रुखसार से परदा हटा दो कब.

*** Rukhsar Shayari in Hindi

तेरे हिसार-ए-रुखसार से निकलें तो सोचें…

ये शोखी खफा की है या फिर हया की है

***

रुखसार पर लाली बिखरी हुई यूं हया से शायद मेरे सवाल का जवाब अच्छा है

तेरे गेसुओ से उलझने को एक उम्र बाकी है शायद मेरे उलझने का ये जाल अच्छाहै

***

रुखसार पे ज़ुल्फ़ के आलम से रश्क़ करे महताब…

वाह परीज़ात हुस्न, चर्ख-आलम हुआ बजा इश्क़

***

लब-ए-रुखसार की बातें, गुल-ए-गुलनार का मौसम,

हज़ारों ख्वाहिशों जैसा तुम्हारी याद का मौसम !!

*** Rukhsar Shayari in Hindi

 

कोई आँसू.. कोई दिल…. कुछ भी नहीं… कितनी सुनसान है ये राहगुज़र..

कोई रुखसार तो चमके, कोई बिजली तो गिरे l

***

“ढूंडी है यूं ही शौक़ ने आसा’इश-ए-मंज़िल

रुखसार के ख़म में, कभी काकुल की शिकन में”

***

तल्ख़ी वक़्त की देती रहे बेरुखी रुखसार पे…

वो ख़यालों में आज भी, बेलौस मुस्कुराती हैं,

***

तरस गई है निगाहे उनके दिदार ए रुखसार को।

और,वौ हे की ख्वाबो मे भी नकाब मे आते है।।

***

आज फिर माहताब को दिलकशी से मुस्कुराते देखा..

पड़ी जब किरणें आफताब की उनके रुखसार पर

***

अल्लाह बनाता हमें मोती तेरी नथ का

बोसा कभी रुखसार का लेते कभी लब का !!

**

मुद्दत से उनके रुखसार की धूप नही आई..

इसीलिये मेरे घर में नमी सी रहती है.

*** Rukhsar Shayari in Hindi

शोला ए हुस्न से न जल जाए चेहरे का नक़ाब

इसलिए रुखसार से परदे को हटा रक्खा है

***

जब बिखरेगा तेरे रुखसार पर तेरी आँखों का पानी,

तुझे एहसास तब होगा कि मोहब्बत किसे कहते हैं

***

सहा जाता नहीं हमसे की किसी और का ताल्लुक भी हो तुम से..

दिल चाहता है हवा से भी कह दूँ की तेरे रुखसार से हट के गुजरे..!!!

***

रुसवाईयां रुखसत हो रही हैं एक एक करके मेरे रुखसार से,

देखो आज फिर से मुझे मेरे महबूब ने सीने से लगाया है

*** Rukhsar Shayari in Hindi

सेब खिलते हैं किसी के गालों पर

इस बरस बाग़ में गुलाब कहाँ ~बशीर_बद्र

***

 

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Rukhsar Shayari in Hindi

रुखसार गालों पर हिंदी शायरी

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**”dhoondee hai yoon hee shauq ne aasaish-e-manzilarukhasaar ke kham mein, kabhee kaakul kee shikan mein”**

*talkhee vaqt kee detee rahe berukhee rukhasaar pe…vo khayaalon mein aaj bhee, belaus muskuraatee hain,*

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Khwab Shayari in Hindi ख़्वाब पर हिंदी शायरी

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Khwab Shayari in Hindi ख़्वाब पर हिंदी शायरी

Khwab Shayari in Hindi

ख़्वाब पर हिंदी शायरी

 

दोस्तों जैसा आप जानते हैं हम इस वेबसैट पर किसी एक अच्छे विषय पर शेर ओ शायरी प्रस्तुत करते रहते हैं, आज आपके लिए पेश है ख्वाबों पर कुछ बेहतरीन हिंदी शायरी

Hindi Shayari on Dreams (Khwab)

*******************************************

एक ही ख़्वाब ने सारी रात जगाया है

मैं ने हर करवट सोने की कोशिश की ~Gulzar

***

दिल मे घर करके बैठे है ये जो ज़िद्दी से ख़्वाब।

कागज पे उतार मै वो सारे मेहमान ले आऊँ।।

***

तू मेरा ख़्वाब न बन..तू अस्ल बन..

तू धुंध न बन..उजली धूप सा बन..!

***

न नींद, आयी न ख़्वाब आये…

जवाबो में भी कुछ सवाल आये.

***

ख़्वाब-ओ-उम्मीद का हक़, आह का फ़रियाद का हक़,

तुझ पे वार आए हैं ये तेरे दिवाने क्या क्या !!

***

ख़्वाब आँखों से गए,नींद रातों से गई

वो गया तो ऐसे लगा,ज़िंदगी हाँथो से गई

***

बुला रही हैं हमें तल्ख़ियाँ हक़ीक़त की

ख़याल-ओ-ख़्वाब की दुनिया से अब निकलते हैं

*** Khwab Shayari in Hindi

अगर ख़ुदा न करे सच ये ख़्वाब हो जाए

तेरी सहर हो मेरा आफ़ताब हो जाए ~दुष्यंत कुमार

***

खुली फ़िज़ाओं के आदी हैं ख़्वाब के पंछी

उन्हें क़फ़स में कहाँ आप पालने निकले

***

दुनिया है ख़्वाब,हासिल-ए-दुनिया ख़याल है,

इंसान “ख़्वाब” देख रहा है ख़याल में

***

नींद में खुलते हुए “ख़्वाब” की उर्यानी पर,

मैं ने बोसा दिया महताब की पेशानी पर

***

गई रात भी उस “ख़्वाब” को ढूँढने में ज़ाया हुई

कुछ “ख़्वाब” खो गए हैं आँखों के बियाबाँ में

***

रोज़ वो ख़्वाब में आते हैं गले मिलने को,

मैं जो सोता हूँ तो जाग उठती है क़िस्मत मेरी !! – जलील मानिकपुरी

*** Khwab Shayari in Hindi

जिस क़दर चाहिए बिठलाइए पहरे दर पर,

बंद रहने के नहीं ख़्वाब में आने वाले !!

***

किस अजब साअत-ए-नायाब में आया हुआ हूँ,

तुझ से मिलने मैं तिरे ख़्वाब में आया हुआ हूँ !!

***

वो जो मुमकिन न हो मुमकिन ये बना देता है,

ख़्वाब दरिया के किनारों को मिला देता है!!

***

इक ख़्वाब का ख़याल है दुनिया कहें जिसे है

इसमें इक तिलिस्म तमन्ना कहें जिसे

***

“ख़्वाब” बुनते – बुनते एक उम्र हो चली ,

अब उन ख्वाबो को सिरहाने रख सोने को जी चाहता है

*** Khwab Shayari in Hindi

ख़ुदा नहीं न सही आदमी का ख़्वाब सही

कोई हसीन नज़ारा तो है नज़र के लिये

***

कहानियाँ हीं सही सब मुबालग़े ही सही

अगर वो ख़्वाब है ताबीर कर के देखते हैं

***

मेरे बाज़ुओं में थकी-थकी,अभी महव-ए-ख़्वाब है चांदनी

न उठे सितारों की पालकी,अभी आहटों का गुज़र न हो

***

तुम्हारे ख़्वाब से हर शब लिपट के सोते हैं,

सज़ाएँ भेज दो हम ने ख़ताएँ भेजी हैं !! –गुलज़ार

*** Khwab Shayari in Hindi

उठो ये मंज़र-ए-शब-ताब देखने के लिए,

कि नींद शर्त नहीं ख़्वाब देखने के लिए !! -इरफ़ान सिद्दीक़ी

***

ख़्वाब बुनिये, ख़ूब बुनीये, मगर इतना सोचिये इसमें है

ताना ही ताना, या बाना भी है ~ असर लखनवी

ख़्वाब ही में देख ले ताबीर-ए-ख़्वाब,

कौन ऐसा पेश-बीं^ है इश्क़ है !!

*** Khwab Shayari in Hindi

मुझे मौत से डरा मत, कई बार मर चुका हूँ

किसी मौत से नहीं कम कोई ख़्वाब टूट जाना

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है शहर-ए-ख़्वाब का हर शख़्स साहिबे गुफ़तार,

है तुम में भी ये हुनर तो हमारे साथ चलो

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ज़ख्म क्या उभरे हमारे दिल में उनके तीर के

गुल खिले गोया कि ख़्वाब-ए-इश्क़ की ताबीर के!

***

क्या क़यामत है कि आरिज़ उनके नीले पड़ गए,

हमने तो बोसा लिया था ख़्वाब में तस्वीर का !!

*** Khwab Shayari in Hindi

रातों को जागते हैं इसी वास्ते कि ख़्वाब,

देखेगा बन्द आँखें तो फिर लौट जायेगा !!

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कल तो आएगा मगर आज न आएगा कभी,

ख़्वाब-ए-ग़फ़लत में जो हैं उन को जगाते चलिए!!

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उस तश्ना-लब की नींद न टूटे दुआ करो,

जिस तश्ना-लब को ख़्वाब में दरिया दिखाई दे!!

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मैं खुद ही ख़्वाब-ए-इश्क़ की ताबीर हो गया,

गोया हर इक बशर तेरी तस्वीर हो गया !!

*** Khwab Shayari in Hindi

सुपुर्द कौन से क़ातिल को ख़्वाब करना है,

फिर एक बार हमें इन्तख़ाब करना है !!

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वो जो मुमकिन न हो मुमकिन ये बना देता है,

ख़्वाब दरिया के किनारों को मिला देता है !! -तैमूर हसन

***

इक मुअम्मा है समझने का न समझाने का,

ज़िंदगी काहे को है ख़्वाब है दीवाने का !!

***

इस बज़्म में इक जश्न-ए-चराग़ाँ है उन्ही से,

कुछ ख़्वाब जो पलकों पे उजाले हुए हम हैं

***

उठो ये मंज़र-ए-शब-ताब देखने के लिए

नींद शर्त नहीं ख़्वाब देखने के लिए -इरफ़ान सिद्दीक़ी

*** Khwab Shayari in Hindi

मरीज़-ए-ख़्वाब को तो अब शिफ़ा है,

मगर दुनिया बड़ी कड़वी दवा थी !!

***

रोज़ आ जाते हो तुम, नींद की मुंडेरों पर,

बादलों मे छुपे एक ख़्वाब का मुखड़ा बन कर

***

दामन-ए-ख़्वाब कहाँ तक फैले रेग की मौज कहाँ तक जाए !

हर तरफ़ बिखरे हैं रंगीं साए, राह-रौ कोई न ठोकर खाए !!

*** Khwab Shayari in Hindi

आशिक़ी में ‘मीर’ जैसे ख़्वाब मत देखा करो,

बावले हो जाओगे महताब मत देखा करो !!

***

है शहर-ए-ख़्वाब का हर शख़्स साहिबे गुफ़्तार है

तुम में भी ये हुनर तो हमारे साथ चलो

***

दुनिया है ख़्वाब, हासिल-ए-दुनिया

ख़याल है इंसान ख़्वाब देख रहा है ख़याल में ….

***

मेरे ख़याल-सा है, मेरे ख़्वाब जैसा है

तुम्हारा हुस्न महकते गुलाब जैसा है.!!.

***

चले ही जाते हैं इक और ख़्वाब के पीछे,

सराब बनके यक़ीं को गुमान खींचता है !!

***

ख़्वाब किस्सा ख्याल अफसाना हाए उर्दू जबान की दिल्ली

कुछ यकीं कुछ गुमाँ की दिल्ली अनगिनत इम्तेहां की दिल्ली

*** Khwab Shayari in Hindi

चिराग़ अपनी थकन की कोई सफ़ाई न दे

वो तीरगी है के अब ख़्वाब तक दिखाई न दे

***

रखा घर में क्या है के तरतीब दूँ जिसे

कुछ ख़्वाब हैं इधर से उधर कर रहा हूँ मैं.!!

***

दिखाई जाने क्या दिया है जुगनुओं को

ख़्वाब में खुली है जबसे आँख आफताब माँगने लगे

***

ये ज़िन्दगी सवाल थी जवाब माँगने लगे

फरिश्ते आ के ख़्वाब मेँ हिसाब माँगने लगे

*** Khwab Shayari in Hindi

हसरतें जितनी भी थीं सब आह बनके उड़ गईं

ख़्वाब जितने भी थे सब अश्के-रवाँ मे खो गए

***

जागती आँखों को मेरी बारहा धोखा हुआ

ख़्वाब और ताबीर अक्सर एक जैसे हो गए

***

न मिल पाई ताबीर लेकिन ये दिल

हँसी ख़्वाब से हि बहलता रहा.!!

***

वो अक़्सर तोलता है ख़्वाब और सिक्के तराज़ू में

ख़ुशी पाने में इक सिक्का हमेशा कम निकलता है

***

न सिर्फ़ आब, इन आँखों में ख़्वाब रखता हूँ

मैं वो बादल हूँ, जो सीने में आग़ रखता हूँ.!!

***

जिनकी पलकों पे तेरे ख़्वाब हुआ करते हैं

ज़िंदगी में वही बेताब हुआ करते हैं.!!

*** Khwab Shayari in Hindi

तेरी आँखों में कई ख़्वाब छोड़ आए हैं

हर इक सवाल का जवाब छोड़ आए हैं.!!

***

बे-ख़्वाब सा’अतों का परस्तार कौन है

इतनी उदास रात में बे-दार कौन है..!!

*** Khwab Shayari in Hindi

खिड़की, चाँद, क़िताब और मैं, मुद्दत से एक बाब और मैं ।।

शब भर खेलें आपस में , दो आँखें इक ख़्वाब और मैं

 

 

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