Duniya Shayari In Hindi दुनिया पर हिंदी शायरी

Duniya Shayari In Hindi दुनिया पर हिंदी शायरी
Duniya Shayari In Hindi दुनिया पर हिंदी शायरी

Duniya Shayari In Hindi

दुनिया पर हिंदी शायरी

 

दोस्तों दुनिया लफ्ज़ पर शेर ओ शायरी का एक विशाल संकलन हम इस पेज पर प्रकाशित कर रहे है, उम्मीद है यह आपको पसंद आएगा और आप विभिन्न शायरों के दुनिया के बारे में ज़ज्बात जान सकेंगे.

सभी विषयों पर हिंदी शायरी की लिस्ट यहाँ है.

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कभी दुनिया हो, कभी तुम, कभी तकदीर खिलाफ़

रोज़ एक ताज़ा सितम हो तो गज़ल होती है

~नसीम शाहजहाँपुरी*

 

निगाहों में तेरे जलवों की कसरत ले के आया हूँ

ये आलम है के इक दुनिया-ए-हैरत ले के आया हूँ

~नसीम शाहजहाँपुरी*

 

दुनिया पे ऐसा वक़्त पड़ेगा कि एक दिन,

इंसान की तलाश में इंसान जाएगा।

~फ़ना*

 

दर्द-ए-दुनिया की तड़प दिल में मेरे रहने दे

तू तो आँखों में भी रह सकती है तेरा क्या है

~नरेश कुमार ‘शाद’*

इश्क़ ने रोज़-ए-अज़ल ही कर दिया था फ़ैसला,

फिर कहाँ दुनिया के कहने से सुधर जाएँगे हम !!

दुनिया तो खैर छोड़ के आगे निकल गई,

तुम ने भी इंतज़ार हमारा नहीं किया !!*

 

सौ बार चमन महका सौ बार बहार आई

दुनिया की वही रौनक दिल की वही तन्हाई – सूफ़ी तबस्सुम*

 

एक नफरत ही नहीं दुनिया में दर्द का सबब फ़राज़

मोहब्बत भी सकूँ वालों को बड़ी तकलीफ़ देती है

~Faraz*

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आबाद है यह ख़ाना-ए-दिल इक ख़याल से

दुनिया के हादसे इसे वीराँ न कर सके

~दत्तात्रिय क़ैफी*

 

खामोश क़हक़हों में भी गम देखते रहे,

दुनिया न देख पाई जो हम देखते रहे।

~नौशाद*

Duniya Shayari in Hindi*

 

पहले से मरासिम ना सही फिर भी कभी तो

रस्म-ओ-रह-ए-दुनिया ही निभाने के लिये आ

~Faraz*

 

साँथ चलना है तो फिर छोड़ दे सारी दुनिया

चल न पाए तो मुझे लौट के घर जाने दे

~नज़ीर बनारसी*

 

आग दुनिया की लगाई हुई बुझ जाएगी

कोई आँसू मिरे दामन पे बिखर जाने दे

~नज़ीर बनारसी*

 

दुनिया से निराली है “नज़ीर” अपनी कहानी

अँगारों से बच निकला हूँ फूलों से जला हूँ

~नज़ीर बनारसी*

 

दुनिया का कोई हादसा ख़ाली नहीं मुझ से

मैं खाक़ हूँ मैं आग़ हूँ पानी हूँ हवा हूँ

~नज़ीर बनारसी*

 

दुनिया में मुझे तूने गर अपना बनाया है

महशर में भी कह देना यह है मेरा दीवाना।*

 

दुनिया-ए-हुस्न-ओ-इश्क़ मिरी करना है तो यूँ क़ामिल कर दे

अपने जल्वे मेरी हैरत नज़्ज़ारे में शामिल कर दे

~बेदम वारसी*

 

एक हमें आवारा कहना कोई बड़ा इल्ज़ाम नहीं,

दुनिया वाले दिल वालों को और बहुत कुछ कहते हैं !! -हबीब जालिब*

 

इसमें में भी रब बसता है, उसमे भी खुदा का साया है,

दुनिया उसकी महफ़िल है, फिर कौन यहाँ पराया है।*

 

Duniya Shayari in Hindi*

बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मेरे आगे,

होता है शब्-ओ-रोज़ तमाशा मेरे आगे। ~मिर्ज़ा ग़ालिब*

 

नजात दी ग़म-ए-दुनिया से दर्द-ए-दिल ने मुझे

ये एक राह मिली ग़म से छूट जाने की !!*

 

बेहतर तो है यही के ना दुनिया से दिल लगे,

पर क्या करें जो काम ना बेदिल्लगी चले !!*

 

सदा उलफतो मुहब्बत का पैगाम दो नायाब

जन्नत तो नहीं जन्नत नुमा बन जाएगी दुनिया*

 

ऐ ग़म-ए-दुनिया तुझे क्या इल्म तेरे वास्ते,

किन बहानों से तबीअत राह पर लाई गई !!*

 

 

बेवफ़ाई के गिले जिन के हुए थे कल तक,

आज दुनिया के वफ़ादार बने बैठे हैं !!- ज़हीर देहलवी*

 

Duniya Shayari in Hindi

तुम साथ हो जब अपने दुनिया को दिखा देंगे,

हम मौत को जीने के अंदाज़ सिखा देंगे !!*

 

कहने को लफ्ज दो हैं उम्मीद और हसरत,

लेकिन निहाँ इसी में दुनिया की दास्ताँ है*

 

मगर ये बात दुनिया की समझ में क्यों नहीं आती

अगर गुल ही नहीं होंगे तो फिर गुलदान होगा क्या

~दानिश*

 

वली, मीर, मोमिन ने इसको निखारा

जिगर, दाग़, ग़ालिब ने इसको सँवारा

इसे मौसिक़ी ने गले से लगाया

गज़ल आज दुनिया के पेश-ए-नज़र है*

 

दुनिया की क्या मज़ाल कि देता कोई फ़रेब

अपनी ही आरज़ू के हुवे हम शिकार हैं*

 

उठा उठा के तेरे नाज़ ऐ ग़म-ए-दुनिया,

ख़ुद आप ही तेरी आदत ख़राब की हम ने !!*

 

या रब हमे तो ख़्वाब में भी मत दिखाइयो,

ये महशर-ए-ख्याल कि दुनिया कहें जिसे।

~ग़ालिब*

 

 

Duniya Shayari in Hindi

न हारा है इश्क न दुनिया थकी है

दिया जल रही है हवा चल रही है।*

 

मेरी नज़रों में तू हो और तेरी मुहब्बत हो

दुनिया हो ना उक़बा हो ना दोज़ख हो ना जन्नत हो १/२*

 

सोच-समझकर दिल को लगाना रंग बदलती दुनिया में

अहदे वफ़ा एक रोग़ है प्यारे, इश्क़ यहाँ बीमारी है*

 

ज़मीं से आसमां तक आसमां से लामकाँ तक है

ख़ुदा जाने हमारे इश्क़ की दुनिया कहाँ तक है**

 

हम इतना भ़ी ना समझे अक्ल खोई दिल गवां बैठे

के हुस्न-ओ-इश्क़ की दुनिया कहाँ से है कहाँ तक है*

 

दुनिया में मुझे तूने गर अपना बनाया है

महशर में भी कह देना यह है मेरा दीवाना।*

 

Duniya Shayari in Hindi

अहले-ए-दिल और भी हैं अहल-ए-वफ़ा और भी हैं

एक हम ही नहीं दुनिया से ख़फ़ा और भी हैं

~साहिर*

 

अपना किसे कहूँ मैं किसी पर यकीं नहीं

दुनिया बदल गई है तेरी बात की तरह*

 

किसी की जूस्तजू ही बाइसे रग़बत है दुनिया में

वगरना जी न लगता इस सफ़र की राहगुज़ारों में*

 

मेरी किस्मत से खेलने वाले

मुझ को दुनिया से बेखबर कर दे*

 

हज़ार जाल लिए घूमती फिरे दुनिया,

तेरे असीर किसी के हुआ नहीं करते !! -अमजद इस्लाम अमजद*

 

बुला रही हैं हमें तल्ख़ियाँ हक़ीक़त की

ख़याल-ओ-ख़्वाब की दुनिया से अब निकलते हैं*

 

Duniya Shayari in Hindi*

न जाना कि दुनिया से जाता है कोई,

बहुत देर की मेहरबां आते आते !! -दाग़*

 

तूफान कर रहा था मेरे अज्म का तवाफ,

दुनिया समझ रही थी कश्ती भंवर में है !!*

 

सच बोल तो रहा हूँ मगर यह भी है पता,

दुनिया मैं इसके बाद अकेला रहूँगा मैं

~ काज़िम जरवली*

 

दुनिया की निगाहों में बुरा क्या है भला क्या,

ये बोझ अगर दिल से उतर जाए तो अच्छा !!*

 

अलम अपना तो दुनिया में सभी महसूस करते हैं

मगर मैं हूँ के दुनिया का अलम महसूस करता हूँ*

 

बलन्दियों पे नज़र आ रहे हैं कुछ बौने,

अजब नहीं कि ये दुनिया तबाह हो जाए

~मेराज*

Duniya Shayari in Hindi*

एक टूटी हुई जंज़ीर की फ़रियाद हैं हम

और दुनिया ये समझती है के आज़ाद हैं हम*

 

दुनिया है ख़्वाब हासिल-ए-दुनिया ख़याल है,

इंसान ख़्वाब देख रहा है ख़याल में !!*

 

जज़्बात को कहाँ समझ पाती है दुनिया,

जो किस्सा है दिल का तो किसी और से बोलो।*

 

थी सामने आलाइश-ए-दुनिया की भी इक राह,

वो ख़ूबी-ए-क़िस्मत से ज़रा छोड़ गए हम !!*

 

दो बलाएँ आज कल अपनी शरीक-ए-हाल हैं

इक बला-ए-दर्द-ए-दुनिया इक बला-ए-दर्द-ए-दिल*

 

हम बदलते हैं रुख़ हवाओं का,

आए दुनिया हमारे साथ चले !! -‘क़ाबिल’ अजमेरी*

 

Duniya Shayari in Hindi

कुछ नहीं है दुनिया में इक सिवा मुहब्बत के,

और ये मुहब्बत ही तुमसे की नहीं जाती*

 

अब मेरे दीद की दुनिया भी तमाशाई है,

तूने क्या मुझको मुहोब्बत में बना रखा है।

~नासिर*

 

चंद सिक्कों में मिल जाती थी दुनिया,

लड़कपन की बात कुछ और ही होती थी।*

 

दुनिया ने तेरी याद से बेगाना कर दिया,

तुझ से भी दिल-फरेब हैं गम रोज़गार के।

~फैज़*

 

‘सैफ़’ अंदाज़-ए-बयाँ रंग बदल देता है,

वर्ना दुनिया में कोई बात नई बात नहीं !!*

 

सुकून-ए-कल्ब की दौलत कहाँ दुनिया-ए-फानी में,

बस इक गफलत-सी आ जाती है और वो भी जवानी में !!*

 

ख़ल्क़ कहती है जिसे दिल तेरे दीवाने का,

एक गोशा है ये दुनिया इसी वीराने का !!*

 

ये संगदिलों की दुनिया है, यहाँ संभल कर चलना ‘ग़ालिब’,

यहाँ पलकों पे बिठाया जाता है नज़रों से गिराने के लिए।*

 

किसी की याद में दुनिया को हैं भुलाए हुए,

ज़माना गुज़रा है अपना ख़याल आए हुए !!*

 

Duniya Shayari in Hindi

अब दिल की तरफ दर्द की यलगार बहुत है,

दुनिया मेरे जख़्मों की तलबगार बहुत है !!*

 

वादे तमाम रखो दुनिया से मगर,

रूह का करार बस मेरे नाम लिखना।*

 

ग़म-ए-हयात का झगड़ा मिटा रहा है कोई

चले भी आओ कि दुनिया से जा रहा है कोई !!*

 

Duniya Shayari in Hindi*

सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ,

ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ !! – मीर दर्द*

 

मरीज़-ए-ख़्वाब को तो अब शिफ़ा है,

मगर दुनिया बड़ी कड़वी दवा थी !!*

 

ग़म-ए-दुनिया भी ग़म-ए-यार में शामिल कर लो

नशा बढ़ता है शराबे जो शराबो में मिले !!*

 

कहने को बहुत कुछ था अगर कहने पे आते,

दुनिया की इनायत है कि हम कुछ नहीं कहते !!*

 

दुनिया न जीत पाओ तो हारो न आप को

थोड़ी बहुत तो ज़ेहन में नाराज़गी रहे !!-निदाफ़ाज़ली*

 

Duniya Shayari in Hindi

दिल के हाथों कहीं दुनिया में गुज़ारा न रहा,

हम किसी के न रहे कोई हमारा न रहा !!*

 

रूह की सिलवटों से सिलसिले बन गए,

अपना बस यूँ ही दुनिया में आना जाना रहा।*

 

उसको फुर्सत ही ना मिली दुनिया की उलझनों से,

हम ख़्वाबों में भी बस इंतज़ार करते रहे।*

 

इक सिर्फ़ हमीं मय को आँखों से पिलाते हैं

कहने को तो दुनिया में मयख़ाने हज़ारों हैं!!-शहरयार*

 

दुनिया ने किस का राह-ए-फ़ना में दिया है साथ

तुम भी चले चलो यूँ ही जब तक चली चले !!*

 

बड़ी ”’ज़ालिम”’ निहायत बेवफ़ा है

ये दुनिया फिर भी कितनी ख़ुशनुमा है*

 

Duniya Shayari in Hindi

अपनी लिखी गज़ले,आखिर अब किस को सुनाएँ

मेरी दुनिया,रोटी को लैेला और सब्जी को हीर समझे*

 

किस जहाँ में मिलेंगे नाजाने हम,

इस जहाँ में तो वो दुनिया का हुआ।*

 

इस रंगीन दुनिया में बेरंग सी सूरत है मेरी,

लोग मुझे कभी उजाला तो कभी अँधेरा बुलाते हैं।*

 

मैं दिल हूँ मुझे बस धड़कने दो,

दुनिया की कहकहों मुझको लेना भी क्या।

हार जीत का फ़लसफ़ा तो दुनिया ने बनाया है,

मेरे दानिस्त में तो हर इल्म साजा करना है।*

 

बेनक़ाब सीरत नहीं मिलती है दुनिया में,

हर किसी की कोई ना कोई सूरत तो होती है।*

 

ज़ोर और ज़ब्र से हासिल नहीं हुयी अब तक,

ये दुनिया मेरे मुक़ाबिल नहीं हुयी अब तक.!!*

 

Duniya Shayari in Hindi*

अल्फ़ाज़ तो हैं ज़ज़्बात नहीं,

ये दुनिया भी बस तमाशा भर है।*

 

दस्तूर दुनिया का कुछ ऐसा ही है,

जख्म उसी को दिया जाता है, जिसे सहना आता है।*

 

वो ज़हर देता तो दुनिया की नज़रों में आ जाता,

सो उसने यूँ किया के वक़्त पे दवा न दी !!*

 

मार ही डाले जो बे-मौत ये वो दुनिया है

हम जो ज़िंदा है तो जीने का हुनर रखते हैं*

 

लम्हे-लम्हे की सियासत पे नज़र रखते हैं,

हमसे दीवाने भी दुनिया की खबर रखते हैं*

 

ख़फ़ा है हमसे ये दुनिया हमारा है क़ुसूर इतना

समझदारी से हम कुछ पल सुहाने ढूँढ़ लेते हैं*

 

ग़म-ए-दुनिया भी ग़म-ए-यार में शामिल कर लो

नशा बढ़ता है शराबें जो शराबों में मिलें*

 

Duniya Shayari in Hindi*

उलट जाती हैं तदबीरें, पलट जाती हैं तक़दीरें,

अगर ढूँढे नई दुनिया तो इन्सां पा ही जाता है !! –~फ़िराक़*

 

खुश हैं बहुत दिल दुःखा के मेरा,

मेरे अपने भी अब तो दुनिया में शुमार हैं।*

 

बेहतर तो है यही के न दुनिया से दिल लगे,

पर क्या करें जो काम न बे-दिल्लगी चले !! – ज़ौक़*

 

दुनिया ने किस का राह-ए-फ़ना में दिया है साथ,

तुम भी चले चलो यूँ ही, जब तक चली चले !! – ज़ौक़*

 

एक पल की पलक पर है ठहरी हुई ये दुनिया

एक पल के झपकने तक हर खेल सुहाना है !!- ~साहिर*

 

ज़िंदगी हसीन वहमों के सिवा कुछ भी नही,

दुनिया ने इसे ही उम्मीद नाम दे रखा है!!*

 

Duniya Shayari in Hindi

बड़े वसूक़ से दुनिया फरेब देती है,

बड़े खुलूस से हम ऐतबार करते हैं …*

 

लोगो भला इस शहर में कैसे जिएंगे हम जहां

हो जुर्म तन्हा सोचना लेकिन सज़ा आवारगी*

~मोहसिन नक़वी**

 

सारी रौनक़ तेरे होने के यक़ीं में है निहाँ,

तू न होता तो भला काहे को दुनिया होती !!*

 

अपनी दुनिया आप पैदा कर अगर जिन्दो में है,

सर्र-ए-आदम है, ज़मीर-ए-कुन फिकन है ज़िंदगी !!*

 

बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मेरे आगे,

होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मेरे आगे !! :-)*

 

इस दर्द की दुनिया से गुजर क्यूं नहीं जाते

ये लोग भी क्या लोग हैं मर क्यूं नहीं जाते!*

 

इक तेरी दीद छिन गयी मुझ से

वरना दुनिया में क्या नही बाकी*

 

छोङ दुनिया की सारी झंझट को

आ मेरे दिल पे हुक्मरानी कर!*

 

Duniya Shayari in Hindi

मेज़ाजे दुनिया से जंयू आसना होता जा रहा हूँ ~

~मैं तन्हा आैर तन्हा आैर तन्हा होता जा रहा हूँ!*

 

यही दुनिया है तो फिर ऐसी ये दुनिया क्यों हैं

यही होता हैं तो आखिर यही होता क्यों है.!!*

 

सारी दुनिया तेरे जिम्मे,दुनिया की हर चीज़ तेरी

मुझ को तो बस इक मेरे क़िरदार की तू रखवाली दे.!!*

 

दुनिया में वही शख्स है ताज़ीम के क़ाबिल

जिस शख्स ने हालात का रुख मोड़ दिया हो.!!

अगर यही तेरी दुनिया का हाल है या रब

तो मेरे क़ैद भली है मुझे रिहाई न दे.!!*

 

बड़े अजीब से आज-कल इस दुनिया के मेले हैं

दिखती तो भीड़ है लेकिन,चलते सब अकेले हैं.!!

ज़िक्र जब होगा मुहब्बत में तबाही का कहीं

याद हम आयेंगे दुनिया को हवालों की तरह*

 

जब दोस्तों की दोस्ती है सामने मेरे

दुनिया में दुश्मनी की मिसालों को क्या करूँ*

 

दुनिया में हूँ दुनिया का तलबगार नहीं हूँ

बाज़ार से गुज़रा हूँ,खरीददार नहीं हूँ.!!*

 

जिसे डर से दुनिया के दफ़ना दिया

वो अरमान फिर भी मचलता रहा.!!*

 

हमने ख़ामोश बना रक्खी है,दिल की दुनिया

कोई आवाज़ उभरती है,दबा देते हैं.!!*

 

इश्क़ को भूल के जन्नत की है दुनिया को तलाश

इश्क़ की आग़ जो दोज़ख है तो जन्नत क्या है.!!*

 

मेरी हर बात से उन्हें उल्फ़त है,मग़र मुझसे नहीं

दुनिया के खुश-नसीबों में,सब से बद-नसीब हूँ मैं*

 

कभी सरकार पे, क़िस्मत पे, कभी दुनिया पे

दोष हर बात का औरों पे हि डाला मैंने.!!

अगर है झूट पे क़ायम निज़ाम दुनिया का

तो फिर जिधर है ज़माना उधर न जाऊँ मैं.!!

जब से तेरे ख़याल का, मौसम हुआ है “दोस्त”

दुनिया की धूप-छाँव से आगे निकल गये.!!*

 

Duniya Shayari in Hindi

जब से तेरे ख़याल का, मौसम हुआ है ‘दोस्त’

दुनिया की धूप-छाँव से आगे निकल गए.!!*

 

उसे दोज़ख बनानी पड़ गई फिर

नतीज़ा ये रहा , दुनिया बना कर..!!*

 

ये तो हम हैं के तेरा दर्द छुपा के दिल में।।

काम दुनिया के बा’दस्तूर किये जाते हैं..!!*

 

अगर यही तेरी दुनिया का हाल है मालिक़

तो मेरी क़ैद भली है मुझे रिहाई न दे

~मेराज फैज़ाबादी*

 

ग़मो की धूप में भी मुस्कुरा कर चलना पड़ता है।।

ये दुनिया है यहाँ चेहरा सजा कर चलना पड़ता है*

 

अरे जनाब गर चलाए से यूँ हवाएँ चल जाती।।

दुनिया सारी एक माचिस की तीली से जल जाती..!!*

 

मालिक़े-ख़ुल्द से दुनिया नहीं माँगा करते।।

यार दरयाओं से क़तरा नहीं माँगा करते..!!*

 

एक टूटी हुई जंज़ीर की फ़रियाद हैं हम।।

और दुनिया ये समझती है के आज़ाद हैं हम..!!*

 

गुलशन की फक़त फूलों से नहीं

काँटों से भी ज़ीनत होती है,।।

जीने के लिये इस दुनिया में

ग़म की भी ज़रूरत होती है*

 

ग़लत है या सहीं ये सोचता है कौन दुनिया में।।

उधर हि लोग चलते हैं जिधर रहबर चलाता है..!!*

 

दुनिया ने हर फ़साना हकीक़त बना दिया।।

हम ने हकीक़तों को भी अफ़साना कर दिया..!!*

 

ग़मो की धूप में भी मुस्कुरा कर चलना पड़ता है।।

ये दुनिया है यहाँ चेहरा सजा कर चलना पड़ता है*

 

मालिक़े-ख़ुल्द से दुनिया नहीं माँगा करते।।

यार दरयाओं से क़तरा नहीं माँगा करते..!!*

 

अगर यही तेरी दुनिया का हाल है मालिक़।।

तो मेरी क़ैद भली है मुझे रिहाई ना दे..!!*

 

जब से तेरे ख़याल का, मौसम हुआ है दोस्त।।

दुनिया की धूप-छांव से, आगे निकल गये ..!!*

 

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Duniya Shayari In Hindi roman 

 

kabhe duniya ho kabhe tum kabhe takader khilafaroz ek taza sitam ho to gazal hote hai~nasem shahajahanpure*

nigahon mein tere jalavon ke kasarat le ke aya hoonye alam hai ke ik duniya-e-hairat le ke aya hoon~nasem shahajahanpure*

duniya pe aisa vaqt padega ki ek din,insan ke talash mein insan jaega.~fana*

dard-e-duniya ke tadap dil mein mere rahane detoo to ankhon mein bhe rah sakate hai tera kya hai~naresh kumar shad*

ishq ne roz-e-azal he kar diya tha faisala,fir kahan duniya ke kahane se sudhar jaenge ham !!duniya to khair chhod ke age nikal gae,tum ne bhe intazar hamara nahin kiya !!*

sau bar chaman mahaka sau bar bahar aeduniya ke vahe raunak dil ke vahe tanhae – soofe tabassum*

ek nafarat he nahin duniya mein dard ka sabab faraza mohabbat bhe sakoon valon ko bade takalef dete hai~faraz*

abad hai yah khana-e-dil ik khayal seduniya ke hadase ise veran na kar sake~dattatriy qaife*

khamosh qahaqahon mein bhe gam dekhate rahe,duniya na dekh pae jo ham dekhate rahe.~naushad*

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duniya mein mujhe toone gar apana banaya haimahashar mein bhe kah dena yah hai mera devana.*

duniya-e-husn-o-ishq mire karana hai to yoon qamil kar deapane jalve mere hairat nazzare mein shamil kar de~bedam varase*

ek hamen avara kahana koe bada ilzam nahin,duniya vale dil valon ko aur bahut kuchh kahate hain !! -habeb jalib*

isamen mein bhe rab basata hai, usame bhe khuda ka saya hai,duniya usake mahafil hai, fir kaun yahan paraya hai.*

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bazecha-e-atafal hai duniya mere age,hota hai shab-o-roz tamasha mere age. ~mirza galib*

najat de gam-e-duniya se dard-e-dil ne mujheye ek rah mile gam se chhoot jane ke !!*behatar to hai yahe ke na duniya se dil lage,par kya karen jo kam na bedillage chale !!*

sada ulafato muhabbat ka paigam do nayabajannat to nahin jannat numa ban jaege duniya*

ai gam-e-duniya tujhe kya ilm tere vaste,kin bahanon se tabeat rah par lae gae !!*

bevafae ke gile jin ke hue the kal tak,aj duniya ke vafadar bane baithe hain !!- zaher dehalave*

duniy shayari in hinditum sath ho jab apane duniya ko dikha denge,ham maut ko jene ke andaz sikha denge !!*

kahane ko lafj do hain ummed aur hasarat,lekin nihan ise mein duniya ke dastan hai*

magar ye bat duniya ke samajh mein kyon nahin ateagar gul he nahin honge to fir guladan hoga kya~danish*vale, mer, momin ne isako nikharajigar, dag, galib ne isako sanvaraise mausiqe ne gale se lagayagazal aj duniya ke pesh-e-nazar hai*

duniya ke kya mazal ki deta koe farebapane he arazoo ke huve ham shikar hain*utha utha ke tere naz ai gam-e-duniya,khud ap he tere adat kharab ke ham ne !!*

ya rab hame to khvab mein bhe mat dikhaiyo,ye mahashar-e-khyal ki duniya kahen jise.~galib*duniy shayari in hindin hara hai ishk na duniya thake haidiya jal rahe hai hava chal rahe hai.*

mere nazaron mein too ho aur tere muhabbat hon duniya ho na uqaba ho na dozakh ho na jannat ho 1/2*

soch-samajhakar dil ko lagana rang badalate duniya menahade vafa ek rog hai pyare, ishq yahan bemare hai*

zamen se asaman tak asaman se lamakan tak haikhuda jane hamare ishq ke duniya kahan tak hai**

ham itana bhe na samajhe akl khoe dil gavan baitheke husn-o-ishq ke duniya kahan se hai kahan tak hai*

duniya mein mujhe toone gar apana banaya haimahashar mein bhe kah dena yah hai mera devana.*duniy shayari in hindi

ahale-e-dil aur bhe hain ahal-e-vafa aur bhe hainek ham he nahin duniya se khafa aur bhe hain~sahir*

apana kise kahoon main kise par yaken nahenduniya badal gae hai tere bat ke tarah*

kise ke joostajoo he baise ragabat hai duniya menvagarana je na lagata is safar ke rahaguzaron mein*

mere kismat se khelane valemujh ko duniya se bekhabar kar de*hazar jal lie ghoomate fire duniya,tere aser kise ke hua nahin karate !! -amajad islam amajad*

bula rahe hain hamen talkhiyan haqeqat kekhayal-o-khvab ke duniya se ab nikalate hain*

duniy shayari in hindi*na jana ki duniya se jata hai koe,bahut der ke meharaban ate ate !! -dag*

toofan kar raha tha mere ajm ka tavaf,duniya samajh rahe the kashte bhanvar mein hai !!*

 

sach bol to raha hoon magar yah bhe hai pata,duniya main isake bad akela rahoonga main~ kazim jaravale*

duniya ke nigahon mein bura kya hai bhala kya,ye bojh agar dil se utar jae to achchha !!*

alam apana to duniya mein sabhe mahasoos karate haimmagar main hoon ke duniya ka alam mahasoos karata hoon*

balandiyon pe nazar a rahe hain kuchh baune,ajab nahin ki ye duniya tabah ho jae~meraj*

duniy shayari in hindi*ek toote hue janzer ke fariyad hain hamaur duniya ye samajhate hai ke azad hain ham*

duniya hai khvab hasil-e-duniya khayal hai,insan khvab dekh raha hai khayal mein !!*

jazbat ko kahan samajh pate hai duniya,jo kissa hai dil ka to kise aur se bolo.*

the samane alaish-e-duniya ke bhe ik rah,vo khoobe-e-qismat se zara chhod gae ham !!*

do balaen aj kal apane sharek-e-hal hainik bala-e-dard-e-duniya ik bala-e-dard-e-dil*

ham badalate hain rukh havaon ka,ae duniya hamare sath chale !! -qabil ajamere*

duniy shayari in hindikuchh nahin hai duniya mein ik siva muhabbat ke,aur ye muhabbat he tumase ke nahin jate*

ab mere ded ke duniya bhe tamashae hai,toone kya mujhako muhobbat mein bana rakha hai.~nasir*

chand sikkon mein mil jate the duniya,ladakapan ke bat kuchh aur he hote the.*

duniya ne tere yad se begana kar diya,tujh se bhe dil-fareb hain gam rozagar ke.~faiz*

saif andaz-e-bayan rang badal deta hai,varna duniya mein koe bat nae bat nahin !!*sukoon-e-kalb ke daulat kahan duniya-e-fane mein,bas ik gafalat-se a jate hai aur vo bhe javane mein !!*

khalq kahate hai jise dil tere devane ka,ek gosha hai ye duniya ise verane ka !!*

ye sangadilon ke duniya hai, yahan sambhal kar chalana galib,yahan palakon pe bithaya jata hai nazaron se girane ke lie.*

kise ke yad mein duniya ko hain bhulae hue,zamana guzara hai apana khayal ae hue !!*

duniy shayari in hindiab dil ke taraf dard ke yalagar bahut hai,duniya mere jakhmon ke talabagar bahut hai !!*

vade tamam rakho duniya se magar,rooh ka karar bas mere nam likhana.*

gam-e-hayat ka jhagada mita raha hai koechale bhe ao ki duniya se ja raha hai koe !!*duniy shayari in hindi*

sair kar duniya ke gafil zindagane fir kahan,zindage gar kuchh rahe to ye javane fir kahan !! – mer dard*

marez-e-khvab ko to ab shifa hai,magar duniya bade kadave dava the !!*gam-e-duniya bhe gam-e-yar mein shamil kar lonasha badhata hai sharabe jo sharabo mein mile !!*

kahane ko bahut kuchh tha agar kahane pe ate,duniya ke inayat hai ki ham kuchh nahin kahate !!*

duniya na jet pao to haro na ap kothode bahut to zehan mein narazage rahe !!-nidafazale*

duniy shayari in hindidil ke hathon kahen duniya mein guzara na raha,ham kise ke na rahe koe hamara na raha !!*

rooh ke silavaton se silasile ban gae,apana bas yoon he duniya mein ana jana raha.*

usako fursat he na mile duniya ke ulajhanon se,ham khvabon mein bhe bas intazar karate rahe.*

ik sirf hamen may ko ankhon se pilate hainkahane ko to duniya mein mayakhane hazaron hain!!-shaharayar*

duniya ne kis ka rah-e-fana mein diya hai sathatum bhe chale chalo yoon he jab tak chale chale !!*

bade zalim nihayat bevafa haiye duniya fir bhe kitane khushanuma hai*

duniy shayari in hindiapane likhe gazale,akhir ab kis ko sunaenmere duniya,rote ko laiela aur sabje ko her samajhe*

kis jahan mein milenge najane ham,is jahan mein to vo duniya ka hua.*

is rangen duniya mein berang se soorat hai mere,log mujhe kabhe ujala to kabhe andhera bulate hain.*

main dil hoon mujhe bas dhadakane do,duniya ke kahakahon mujhako lena bhe kya.har jet ka falasafa to duniya ne banaya hai,mere danist mein to har ilm saja karana hai.*

benaqab serat nahin milate hai duniya mein,har kise ke koe na koe soorat to hote hai.*

zor aur zabr se hasil nahin huye ab tak,ye duniya mere muqabil nahin huye ab tak.!!*duniy shayari in hindi*

alfaz to hain zazbat nahin,ye duniya bhe bas tamasha bhar hai.*dastoor duniya ka kuchh aisa he hai,jakhm use ko diya jata hai, jise sahana ata hai.*

vo zahar deta to duniya ke nazaron mein a jata,so usane yoon kiya ke vaqt pe dava na de !!*

mar he dale jo be-maut ye vo duniya haiham jo zinda hai to jene ka hunar rakhate hain*

lamhe-lamhe ke siyasat pe nazar rakhate hain,hamase devane bhe duniya ke khabar rakhate hain*

khafa hai hamase ye duniya hamara hai qusoor itanasamajhadare se ham kuchh pal suhane dhoondh lete hain*

gam-e-duniya bhe gam-e-yar mein shamil kar lonasha badhata hai sharaben jo sharabon mein milen*

duniy shayari in hindi*ulat jate hain tadaberen, palat jate hain taqaderen,agar dhoondhe nae duniya to insan pa he jata hai !! –~firaq*khush hain bahut dil duhkha ke mera,mere apane bhe ab to duniya mein shumar hain.*

behatar to hai yahe ke na duniya se dil lage,par kya karen jo kam na be-dillage chale !! – zauq*duniya ne kis ka rah-e-fana mein diya hai sath,tum bhe chale chalo yoon he, jab tak chale chale !! –

zauq*ek pal ke palak par hai thahare hue ye duniyaek pal ke jhapakane tak har khel suhana hai !!- ~sahir*

zindage hasen vahamon ke siva kuchh bhe nahe,duniya ne ise he ummed nam de rakha hai!!*

duniy shayari in hindibade vasooq se duniya fareb dete hai,bade khuloos se ham aitabar karate hain …*

logo bhala is shahar mein kaise jienge ham jahanho jurm tanha sochana lekin saza avarage*~mohasin naqave**

sare raunaq tere hone ke yaqen mein hai nihan,too na hota to bhala kahe ko duniya hote !!*

apane duniya ap paida kar agar jindo mein hai,sarr-e-adam hai, zamer-e-kun fikan hai zindage !!*bazecha-e-atafal hai duniya mere age,hota hai shab-o-roz tamasha mere age !! :-)*

is dard ke duniya se gujar kyoon nahin jateye log bhe kya log hain mar kyoon nahin jate!*

ik tere ded chhin gaye mujh sevarana duniya mein kya nahe bake*chhon duniya ke sare jhanjhat koa mere dil pe hukmarane kar!*duniy shayari in hindimezaje duniya se janyoo asana hota ja raha hoon ~~main tanha aair tanha aair tanha hota ja raha hoon!*

yahe duniya hai to fir aise ye duniya kyon hainyahe hota hain to akhir yahe hota kyon hai.!!*

sare duniya tere jimme,duniya ke har chez teremujh ko to bas ik mere qiradar ke too rakhavale de.!!*

duniya mein vahe shakhs hai tazem ke qabilajis shakhs ne halat ka rukh mod diya ho.!!agar yahe tere duniya ka hal hai ya rabato mere qaid bhale hai mujhe rihae na de.!!*

bade ajeb se aj-kal is duniya ke mele haindikhate to bhed hai lekin,chalate sab akele hain.!!zikr jab hoga muhabbat mein tabahe ka kahenyad ham ayenge duniya ko havalon ke tarah*jab doston ke doste hai samane mereduniya mein dushmane ke misalon ko kya karoon*duniya mein hoon duniya ka talabagar nahin hoon bazar se guzara hoon,kharedadar nahin hoon.!!*

jise dar se duniya ke dafana diyavo araman fir bhe machalata raha.!!*hamane khamosh bana rakkhe hai,dil ke duniyakoe avaz ubharate hai,daba dete hain.!!*

ishq ko bhool ke jannat ke hai duniya ko talashishq ke ag jo dozakh hai to jannat kya hai.!!*

mere har bat se unhen ulfat hai,magar mujhase nahenduniya ke khush-nasebon mein,sab se bad-naseb hoon main*kabhe sarakar pe, qismat pe, kabhe duniya pedosh har bat ka auron pe hi dala mainne.!!agar hai jhoot pe qayam nizam duniya kato fir jidhar hai zamana udhar na jaoon main.!!jab se tere khayal ka, mausam hua hai “dost”duniya ke dhoop-chhanv se age nikal gaye.!!*

duniy shayari in hindijab se tere khayal ka, mausam hua hai dostduniya ke dhoop-chhanv se age nikal gae.!!*use dozakh banane pad gae firanateza ye raha , duniya bana kar..!!*

ye to ham hain ke tera dard chhupa ke dil mein..kam duniya ke badastoor kiye jate hain..!!*

agar yahe tere duniya ka hal hai maliqato mere qaid bhale hai mujhe rihae na de~meraj faizabade*

gamo ke dhoop mein bhe muskura kar chalana padata hai..ye duniya hai yahan chehara saja kar chalana padata hai*

are janab gar chalae se yoon havaen chal jate..duniya sare ek machis ke tele se jal jate..!!*maliqe-khuld se duniya nahin manga karate..yar darayaon se qatara nahin manga karate..!!*

ek toote hue janzer ke fariyad hain ham..aur duniya ye samajhate hai ke azad hain ham..!!*

gulashan ke faqat foolon se nahenkanton se bhe zenat hote hai,..jene ke liye is duniya mengam ke bhe zaroorat hote hai*galat hai ya sahen ye sochata hai kaun duniya mein..udhar hi log chalate hain jidhar rahabar chalata hai..!!*

duniya ne har fasana hakeqat bana diya..ham ne hakeqaton ko bhe afasana kar diya..!!*

gamo ke dhoop mein bhe muskura kar chalana padata hai..ye duniya hai yahan chehara saja kar chalana padata hai*

maliqe-khuld se duniya nahin manga karate..yar darayaon se qatara nahin manga karate..!!*

agar yahe tere duniya ka hal hai maliq..to mere qaid bhale hai mujhe rihae na de..!!*

jab se tere khayal ka, mausam hua hai dost..duniya ke dhoop-chhanv se, age nikal gaye .

 

 

 

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