बिग बैंग थ्योरी क्या है बिग बैंग से पहले क्या था?

यूनिवर्स का प्रारंभ बिग बेंग से हुआ था !

दोस्तों आपने अक्सर बिग बैंग थ्योरी का जिक्र सुना होगा, वैज्ञानिक हमें बताते हैं कि हमारा ब्रह्मांड कैसे एक छोटे बिंदु से शुरू हुआ, बिग बैंग थ्योरी ब्रह्मांड की उत्पत्ति की व्याख्या करने के लिए उपयोग की जाने वाली एक थ्योरी हे.

सन 1927 में एस्ट्रोनामर  जॉर्ज लेमित्ररे  को एक बहुत बड़ा विचार आया, उन्होंने पहली बार कहा कि हमारा जो ब्राह्मण है वह एक छोटे से बिंदु से शुरू हुआ है, उन्होंने कहा कि एक छोटे से बिंदु से शुरू होकर ब्रह्मांड फैला और  फैलता ही गया और इतना बड़ा हो गया जितना कि आज हम उसे देखते हैं और आगे भी भविष्य में यह इसी तरह विस्तारित होता रहेगा.

big bang ke pahle kya tha

एडविन हबल ने बताया की सब एक दुसरे से दूर जा रहे हैं

 इस विचार के प्रस्तुत करने के 2 साल बाद एस्ट्रोनामर एडविन हबल ने नोटिस किया कि दूसरी गैलेक्सीयां हमसे दूर होती जा रही हैं, उन्होंने यह भी देखा कि जो Galaxy जितनी ज्यादा दूर है वह उतनी ही तेज गति से हमसे दूर हो रही है, इसका साफ-साफ मतलब यह था कि हमारा ब्रह्मांड अभी भी फैल रहा है, विस्तृत होता जा  है जैसा एस्ट्रोनामर जॉर्ज लेमित्ररे ने कहा था

 उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि जब सभी गेलेसियाँ  एक दूसरे से दूर जा रही हैं तो इसका अर्थ है कि अतीत में यह बहुत पास-पास रही होंगी.

तब एडविन हबल ने बिग बैंग थ्योरी प्रस्तुत की, जिसके अनुसार ब्रह्मांड एक छोटे से बिंदु से शुरू हुआ यह बहुत ही अनंत रूप से घना और अनंत रूप से गर्म था, इस बिंदु के विस्तार से ही ब्रह्मांड अस्तित्व में आया, बिग बैंग विस्फोट के बाद ब्रह्मांड बहुत गर्म था और वहां सिर्फ छोटे-छोटे कण थे, धीरे-धीरे यह ठंडा होते गया,  इन छोटे छोटे छोटे कणों ने  मिलकर परमाणुओं  का निर्माण किया इन्हीं परमाणुओं  ने आपस में मिलकर आगे चलकर तारे और गेलेक्सियों का निर्माण किया.

वैज्ञानिकों के अनुसार ब्रम्हांड 13.8 बिलियन वर्ष पहले अस्तित्व में आया था.

अब प्रश्न यह उठता है कि बिग बैंग से पहले क्या था?

तो इस तरह से हम देखते हैं कि हमारा ब्रह्मांड एक बहुत ही छोटे अनंत घने और बहुत गर्म बिंदु से अस्तित्व में आया,  पर प्रश्न यह उठता है कि इस इससे पहले क्या था?  बिग बैंग होने से पहले ब्रह्मांड में क्या था?

 कई वैज्ञानिकों ने इस पर अपने विचार प्रस्तुत किए हैं प्रख्यात वैज्ञानिक स्टीफेन हाकिंग ने भी इस पर अपने विचार प्रस्तुत किए हैं जिसे जानकर आप आश्चर्य में पड़ जाएंगे?

जैसा कि आप जानते हैं कि आइंस्टाइन की थ्योरी के अनुसार समय भी एक आयाम है और व्योम और समय मिलकर स्पेस टाइम डायमेंशन बनाते हैं, ब्रह्मांड जब अनंत रूप से घने बिंदु के रूप में था तब व्योम और समय, स्पेस और टाइम भी बहुत सघन रूप में मुड़े हुए थे.

समय भी बिग बेंग के अत्यंत घने बिंदु में समा जाता है!

time before big bang

 जैसा कि आप जानते हैं कि ब्लैक होल के इर्द-गिर्द  स्पेस और समय भी बैंड हो जाते हैं, ठीक इसी तरह उस समय भी उस अत्यंत घने बिंदु में व्योम  और समय स्पेस और टाइम भी एक मुड़े हुए रूप में थे.

 जैसे-जैसे हम समय में पीछे जाएंगे तो बिग बैंग के समय हमें बिग बैंग के उस संघनित बिंदु के अंत के अंदर समय भी हमें शून्य की ओर जाता हुआ दिखाई देगा परंतु कभी भी शून्य पर नहीं पहुंचेगा

 इसे आप अंको की सहायता से आसानी से समझ सकते हैं इन अंको की श्रुंखला को देखें …. 0.1 …….0.01…..0.001 आप देखेंगे कि हम शून्य की तरफ तो बढ़ रहे हैं  पर कभी भी 0 तक नहीं पहुंचेंगे !!!

ठीक इसी तरह बिग बंग के उस अनंत घने बिंदु में समय कभी भी अपने शुरुआती शून्य  नहीं पहुंचेगा बल्कि अनंत रूप से मुड़ता और घना होता जाएगा. समय भी बिग बेंग के अत्यंत घने बिंदु में समा जाता है! तो आप ही सोचिये की  आप प्रारंभ बिंदु पर  केसे पहुंचेंगे.

बिग बेंग के पहले सिर्फ एकमात्र भगवान / गॉड / अल्लाह का ही अस्तित्व था

लेकिन दोस्तों यह व्याख्या यह मानकर की गयी है की केवल एक ही युनिवेर्स है, और एक ही समय है ..साथ ही क्यों की अभी तक भगवान / गॉड / अल्लाह के अस्तित्व का वैज्ञानिकों के पास प्रूफ नहीं हे इसलिए वे यही मानते हैं की कोई गॉड नहीं है,

अगर आप धार्मिक हैं और मज़हब का आपको ज्ञान है तो आप जानते हैं की गॉड ने ही इस युनिवर्स को बनाया है, तो इस तरह बिग बेंग के पहले सिर्फ गॉड का ही अस्तित्व था .. चुकी समय भी गॉड ने ही बनाया हे इसलिए उसे अस्तित्व में रहने के लिए समय की कोई आवश्यकता नहीं है .

 


 

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