पहले से जानिए 29 को या 30 को दिखेगा चाँद और आसमान में कहाँ दिखाई देगा !

पहले से जानिए 29 को या 30 को दिखेगा चाँद

दोस्तों ईद पर हमेशा यह सस्पेंस बना रहता है की चाँद 29 को दिखेगा या 30 को, इसी से यह तय होता है की ईद कब मनाई जाएगी. क्यों की ईद चाँद देखकर मनाई जाती है, इसलिए अगर चाँद इस्लामिक केलेंडर की 29 तारीख यानि 4 जून को दिखा तो ईद 5 जून को मनाई जाएगी, लेकिन अगर चाँद 4 जून को नहीं दिखा तो फिर 30 रोज़े पूरे कर ईद 6 जून को मनाई जाएगी. 

 

आइये जानते हैं की 4 जून को चाँद दिखने की कितनी पोसिबिलिटी  सम्भावना है, और यह भी जानते हैं की आसमान में चाँद कहाँ दिखाई देगा.


 4 जून यानि 29 वें रोज़े को आसमान में चाँद की पोजीशन

आसमान में कहाँ दिखाई देगा चाँद !

4 जून की शाम 7 बजकर 15 मिनट पर आसमान में चाँद बुध ग्रह मतलब प्लेनेट मरकरी के पास दिखाई देगा, बुध ग्रह सूरज डूबने के बाद किसी छोटे सितारे की तरह दिखाई देता है, चाँद के कुछ ऊपर एक लाल रंग का तारा दिखाई देगा जो की तारा नहीं बल्कि मार्स यानि मंगल ग्रह है. चित्रों में देखें,

चाँद रात 8 बजे तक दिखाई देता रहेगा, तब तक काफी अँधेरा हो जाता है और इस वजह से बारीक़ चाँद के भी दिखाई देने की पोसिबिलिटी बढ़ जाती है. इस पेज को अपने दोस्तों को भी शेयर कर दीजिये ताकि वो आसानी से ईद का चाँद देख पायें.

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Eid Ka chand Viral

 

eid ka chand viral

अगर चाँद 5 जून को दिखाई दिया तो 

दोस्तों अगर किसी वजह से चाँद 4 जून को नहीं बल्कि 5 जून को दिखाई दिया तब यह मंगल ग्रह के पास दिखाई देगा.

ईद मुबारक शायरी 

ईद मुबारक शायरी 

खगोल विज्ञान के आश्चर्यजनक तथ्य Amazing Astronomy facts in hindi

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खगोल विज्ञान के कुछ आश्चर्यजनक तथ्य

एस्ट्रोनॉमी खगोल विज्ञान एक बहुत ही रोचक विषय है, विज्ञान की इस शाखा के अंतर्गत ब्रह्मांड को समझने का प्रयत्न किया जाता है, हमारा ब्रह्मांड अकल्पनीय रूप से अनंत है, ब्रह्मांड में कई अनोखी चीजें पाई जाती है,  वैज्ञानिक जब भी ब्रह्मांड का कोई एक रहस्य सुलझाते हैं तो उनके सामने कई और नए रहस्य प्रकट हो जाते हैं, ब्रह्मांड अनोखी चीजों से भरा हुआ है, मनुष्य की यह प्रकृति है कि वह अपने आसपास की दुनिया को समझने का भरपूर प्रयत्न करता है, वैज्ञानिक खगोल विज्ञान के अंतर्गत टेलिस्कोप, स्पेस शटल, कंप्यूटर और विभिन्न आधुनिक यंत्रों का उपयोग कर ब्रहम्मांड  को समझने का प्रयत्न कर रहे, यहां हम एस्ट्रोनॉमी के कुछ अनोखे तथ्य प्रस्तुत कर रहे, इन तथ्यों को पढ़कर आप वास्तव में आश्चर्यचकित हो जाएंगे.

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खगोल विज्ञान के तथ्य Astronomy facts in hindi

हमें सूर्य और चंद्रमा एक ही आकार के दिखाई देते हैं, परंतु वास्तव में सूर्य, चंद्रमा से 400 गुना बड़ा है, चंद्रमा की तुलना में पृथ्वी से सूर्य 400 गुना अधिक दूरी पर है यही कारण है कि दोनों का बराबर दिखाई देते हैं, सूर्य ग्रहण के समय चंद्रमा पूरी तरह सूर्य को ढक लेता है.

*शुक्र ग्रह का एक दिन पृथ्वी के 1 वर्ष से बड़ा होता है,  उससे भी अजीब बात यह है कि शुक्र ग्रह पर एक दिन, एक वर्ष से ज्यादा लंबा होता है,  शुक्र ग्रह का 1 वर्ष शुक्र ग्रह के 1 दिन से छोटा होता है.

अगर आप चंद्रमा पर कदम रखेंगे तो आपके कदमों के निशान वहां लाखों सालों तक सुरक्षित रहेंगे, क्योंकि वहां पर वायुमंडल और जल नहीं है और ना ही वहां किसी प्रकार के जीव है जो इन निशानों को मिटाएं.

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सूर्य के द्वारा उत्पन्न में की गई ऊर्जा का केवल एक खरबवें  हिस्से का आधा भाग ही पृथ्वी तक पहुंचता है.

अंतरिक्ष  मैं रहने वाले  एस्ट्रोनॉट्स के पैरों के तलवों की पूरी चमड़ी निकलने लगती है, इसका कारण यह है कि अंतरिक्ष  मैं एस्ट्रोनॉट चलते नहीं है, क्योंकि वहां पर गुरुत्वाकर्षण नहीं है इसीलिए पैरों पर कोई भार नहीं पड़ता.

सूर्य के अंदर  10 लाख प्रथ्वियाँ समा सकती हैं

स्पेस में जाने पर एस्ट्रोनॉट्स की लंबाई बढ़ जाती है.

अंतरिक्ष बहुत दूर नहीं है, अगर आप अपनी कार को सीधे ऊपर की तरफ चला सके तो आप केवल 1 घंटे में ही अंतरिक्ष में पहुंच जाएंगे.

अंतरिक्ष  में अगर आप रोए तो आपकी आंखों के आंसू नीचे नहीं गिरते हैं

पृथ्वी के आसपास 10 लाख कबाड़ के टुकड़े पृथ्वी का चक्कर लगा रहे हैं, यह टुकड़े रॉकेट और सैटेलाइटो के अवशेष हैं.

प्लूटो का आकार संयुक्त राज्य अमेरिका से भी आधा है

हमारे सूर्य सौरमंडल को मिल्की वे गैलेक्सी का एक चक्कर लगाने में 230 मिलीयन साल का समय लगता है, आज हमारा सौरमंडल जीस स्थान पर है 230 मिलीयन साल पहले वह इसी स्थान पर था, तब पृथ्वी पर पहले डायनासोर उत्पन्न हो रहे थे.

पृथ्वी धीमे होती जा रही है, डायनासोरों के वक्त दिन 23 घंटे का होता था परंतु अब  24 घंटे का होता है

चंद्रमा एक दिन अंतरिक्ष यात्रियों के लिए पानी का प्रमुख स्रोत बन जाएगा क्योंकि यहां पर अत्यधिक मात्रा में पानी मौजूद है.

तारों और गेलेक्सियों को देखना अतीत में देखना है, क्योंकि तारे और गैलेक्सी हमसे इतनी अधिक दूरी पर स्थित होते हैं इनके प्रकाश को पृथ्वी तक पहुंचने में कई वर्षों का समय लगता है, इसलिए हम उनका अतीत देख रहे होते हैं,  हम तारों और गेलेक्सियों का वर्तमान कभी भी नहीं देख सकते.

अंतरिक्ष में पूरी तरह शांति होती है, क्योंकि वहां किसी भी प्रकार की ध्वनि नहीं होती है.

बृहस्पति, शनि, यूरेनस, और नेपच्यून ग्रहों पर चला नहीं जा सकता क्योंकि इन ग्रहों कि कोई भी ठोस पता नहीं है.

सौरमंडल का सबसे ऊंचा पर्वत ओलंपस है जो की मंगल ग्रह पर मौजूद है.

अगर किसी एरोप्लेन में प्लूटो तक उड़कर जाया जा सके तो इस यात्रा में 800 वर्ष का समय लगेगा.

कार के आकार का एक उल्कापिंड औसतन एक वर्ष में पृथ्वी से टकराता है यह वायुमंडल में ही जलकर  खत्म हो जाता है

मंगल ग्रह पर सूर्यास्त  नीले रंग का दिखाई देता है

यूरेनस ग्रह अपने अक्ष पर पूरी तरह झुका हुआ है.

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English translation of the article

Amazing Astronomy Facts in Hindi

Some Astonishing Astrophysics

Astronomy astronomy is a very interesting topic, under this branch of science, it is attempted to understand the universe, our universe is unimaginable, infinite, many unique things are found in the universe, whenever a scientist is a secret of the universe So many other new secrets are manifested in front of them, the universe is full of unique things, this nature of man is that it is around We strive to understand the world, scientists are trying to understand the Brahmand using the telescope, space shuttle, computer and various modern instruments under astronomy, here we are presenting some unique facts of astronomy, these facts You will be really surprised by reading.

Astronomy Facts Astronomy facts in hindi

We see the sun and the moon in the same shape, but in reality the Sun is 400 times larger than the Moon, compared to the Moon, the Sun is 400 times greater than the Earth. This is the reason that both appear equally, the solar eclipse The Moon covers the sun completely. * One day of Venus is larger than the Earth’s 1 year, the odd thing is that Venus is on the planet one day, more than a year long 1 year of Venus is less than 1 day of planet Venus. If you step on the moon, then your footprints will be safe for millions of years, because there is no atmosphere and no water there and there is no The creatures that erase these marks. Only half of the triangular part of the energy generated by the Sun reaches the Earth. Astronauts living in Astronauts The entire skin of the soles of the feet starts flowing, the reason is that space does not move astronaut because there is no gravity there, so there is no weight on the feet. There are ten million prathavasya inside the Sun. Astronauts The length increases. The space is not too far, if you can drive your car directly upwards then you can reach the space within only 1 hour. In Aangekantriksh if you are putting wept when tear down your eyes are falling around the pieces of the Earth’s 10 million junk around Earth, the pieces are remnants of the rocket and Satelaito. Pluto’s size is even halfway to the United States, our sun solar system takes 230 million years to make one round of the Milky Way galaxy, today our solar system is at the place of 230 years before it was at that place, then on Earth The first dinosaurs were arising. The earth is getting slower, at the time of dinosaurs, the day was 23 hours but now it is 24 hours. Chandrama will become one of the major sources of water for astronauts because there is excessive amount of water present here. Viewing tanks and galaxies To see in the past, because the stars and the galaxies are located at such a distance from us, their light takes many years to reach the earth. That is why we are seeing their past, we can never see the present of stars and galaxies. There is total peace in the world because there is no sound of any kind. Jupiter, Saturn, Uranus, and Neptune Can not move on planets because there is no concrete address of these planets. The highest mountain in the Solar System is the Olympus, which is present on Mars. If it can fly to Pluto in an aeroplane, then this journey will take 800 years. A meteorite shaped like a balloon hits the earth in an average of one year. The atmosphere ends up in the atmosphere. Sunset blue appears on the planet Mars. The planet Uranus is completely tilted on its axis. Astronomy facts in hindi, khagol vidyan ke tathy, amazing astronomy facts in hindi, solar system facts in hindi, universe facts in hindi, planet facts in hindi,


Hinglish font me article

khagol vigyaan ke aashcharyajanak tathy

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अकल्पनीय गति से गतिमान है सूर्य speed and movements of Sun in hindi

तारे और ग्रह में क्या अंतर होता है Difference Between Stars and Planets hindi

सूर्य एक जगह स्थित है या गतिमान है?

क्या सूर्य सौर मंडल के केंद्र में स्थिर रहता है?  विज्ञान की प्राथमिक किताबों में यह बताया जाता है कि सूर्य सौरमंडल के केंद्र में स्थित होता है,  परंतु क्या सूर्य एक जगह स्थिर रहता है या गति करता है, सूर्य, सौरमंडल के केंद्र में स्थित होता है परन्तु स्थिर नहीं होता यह विभिन्न प्रकार की गति कर रहा है,  सूर्य वास्तव में कितने प्रकार की गति कर रहा है इसकी कल्पना करना और इस गति की गणना करना अभी तक संभव नहीं हो पाया है.

सूर्य की घूर्णन गति

पृथ्वी की तरह सूर्य भी अपने अक्ष पर घूमता है हमारी पृथ्वी अपने अक्ष पर 24 घंटों में एक बार घूर्णन करती है,  सूर्य भी अपने अक्ष पर घूमता है, सूर्य गैस का एक गोला है यह पृथ्वी की तरह ठोस नहीं है इसीलिए इसके अलग अलग हिस्सों में अलग अलग घूर्णनकाल होता है यह 24 से 27 दिनों में अपने अक्ष में एक चक्र पूर्ण कर लेता है,  सूर्य के मध्य का हिस्सा तेज़ गति से घूमता है तथा ध्रुवीय हिस्सा धीमी गति से घूमता है.

सूर्य की डगमगाहट whobling

कई ग्रह, उपग्रह और द्रव्यमान पिंड सूर्य का चक्कर लगाते हैं इनके गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से सूर्य अपने स्थान से थोड़ा डगमगा  जाता है इससे whobling कहते हैं, यह बहुत कम मात्रा में होता है, क्योंकि सूर्य का द्रव्यमान ग्रहों के द्रव्यमान की तुलना में बहुत अधिक है.

सूर्य गैलेक्सी के केंद्र का चक्कर लगाता है

सूर्य मिल्की वे गैलेक्सी का एक तारा है, यह मिल्की वे के केंद्र का चक्कर लगाता है इसकी गति लगभग 250 किलोमीटर प्रति सेकंड है, गैलेक्सी के सभी तारे केंद्र की परिक्रमा करते हैं केंद्र के पास स्थित तारे  धीमी गति से जबकि गैलेक्सी के केंद्र से दूर स्थित तारे अधिक गति से परिक्रमा करते हैं सूर्य के केंद्र से अधिक दूरी पर है इसलिए इसकी 250 किलोमीटर प्रति सेकंड है.

सूर्य मिल्की वे गैलेक्सी के साथ गति करता है

ब्रह्मांड में हमारी गैलेक्सी मिल्की वे स्थिर नहीं है यह एंड्रोमेडा गैलेक्सी की ओर बढ़ रही है इस में स्थित सभी तारे भी एंड्रोमेडा गैलेक्सी की ओर जा रहे हैं इसलिए सूर्य भी मिल्की वे गैलेक्सी के साथ एंड्रोमेडा गैलेक्सी की ओर गति कर रहा है, वैज्ञानिक इस गति का मापन नहीं कर पाए हैं.

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सूर्य की इन विभिन्न प्रकार की गतियों  के अलावा भी कई प्रकार की गति होती है क्योंकि मिल्की वे गैलेक्सी का  क्लस्टर और यह क्लस्टर जिस सुपरक्लस्टर का हिस्सा है वह भी गति कर रहे हैं, इसलिए सूर्य  और पृथ्वी भी इस प्रकार की गति करते हैं, इन विभिन्न प्रकार की गतियों की एक साथ कल्पना कर पाना या इसका कंप्यूटर मॉडल बना पाना अभी तक संभव नहीं हो पाया है.

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English article

Sun speed and movement of Sun in hindi

Is the Sun situated in one place or is it moving?
Is the sun stable in the center of the solar system? In the primary books of science, it is said that the sun is located in the center of the solar system, but whether the sun remains in one place or moves, the sun is located in the center of the solar system, but not stable, Imagine how many types of motion the Sun is actually doing, and it has not been possible to calculate this speed.

Rotational motion of the sun

Like the Earth, the Sun revolves around its axis, our earth rotates on its axis once in 24 hours, the sun revolves around its axis, the Sun is a ball of gas, it is not as solid as the Earth, so its different parts It has different rotational period, it completes one cycle in its axis in 24 to 27 days, the middle part of the sun rotates at a high speed and the polar part rotates in a slow motion.

Whobling of the sun’s sting

Many planets, satellites, and mass bodies revolve around the sun, due to the effect of their gravity, the sun gets slightly dumped from its place, whobling it says, it is in very small quantities, because the mass of the Sun is much more than the mass of planets is.

Sun goes round to the center of the galaxy

Sun Milky Way is a star of Galaxy, it revolves around the center of the Milky Way, its speed is approximately 250 kilometers per second, all the galaxy stars orbiting the center, the stars near the center slow down while away from the center of the Galaxy The stars located in orbit are more orbital than the center of the sun, so it is 250 kilometers per second.

Sun travels with Milky Way galaxy

Our Galaxy Milky Way in the Universe is not stable, it is moving towards the Andromeda Galaxy. All the stars located in this direction are also heading towards the Andromeda Galaxy, hence the Sun is also moving towards the Andromeda Galaxy along with the Milky Way Galaxy, There are many types of motion besides these different kinds of motion, because the Milky Way Galaxy Luster and this cluster are part of the superclusters that are moving too, so the sun and the earth also do this kind of speed, making it possible to visualize these different types of motion together or make its computer model is not possible yet. Sun movement in hindi, sun speed in hindi, sun rotation in hindi,

Hinglish article

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जुपिटर और शनि ग्रह के हैं सबसे ज्यादा उपग्रह upgrahon ki sankhya

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हमारे सौर मंडल के उपग्रह की संख्या 

हमारे ग्रह पृथ्वी का एकमात्र उपग्रह चंद्रमा है, क्या दूसरे ग्रहों के भी उपग्रह होते हैं, सौरमंडल में किस ग्रह के कितने उपग्रह है, उपग्रह को नेचुरल सैटेलाइट या मून  कहा जाता है, जब कोई अंतरिक्ष पिंड किसी ग्रह या अन्य किसी द्रव्यमान पिंड का चक्कर लगाता है तो उसे उपग्रह कहा जाता है, उपग्रह गोलाकार हो यह आवश्यक नहीं है कई ग्रहों के उपग्रह अनियमित आकार हैं,  शुद्र ग्रहों के भी उपग्रह होते हैं.

हमारे सौरमंडल में उपग्रहों की कोई कमी नहीं है, 8 में से 6 ग्रहों के उपग्रह पाए जाते हैं, अब तक ज्ञात उपग्रहों की संख्या 185 है जो कि  विभिन्न ग्रहों की परिक्रमा करते हैं, इनके अलावा क्षुद्र ग्रहों के भी उपग्रह हैं.

हमारे ग्रह पृथ्वी का एक ही उपग्रह चंद्रमा है,  पृथ्वी और चंद्रमा का सेटेलाइट सिस्टम सौर मंडल में सबसे अनोखा है क्योंकि इन दोनों का द्रव्यमान अनुपात दूसरे ग्रहों और उपग्रहों के द्रव्यमान अनुपात से सबसे ज्यादा है, सरल शब्दों में कहें तो पृथ्वी के पास अन्य ग्रहों की तुलना में काफी बड़ा,  अधिक द्रव्यमान वाला चंद्रमा है

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सौरमंडल में उपग्रह

आइए जानते हैं हमारे सौरमंडल में किस ग्रह के कितने उपग्रह है, सबसे ज्यादा किस ग्रह के उपग्रह है, तथा सौरमंडल में किस ग्रह के पास एक भी उपग्रह  नहीं पाया जाता

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Planet Mercury बुध ग्रह  का कोई भी उपग्रह नहीं है,  इसका कारण यह है कि बुध ग्रह सूर्य से काफी पास स्थित है,  सूर्य के गुरुत्वाकर्षण के कारण कोई भी उपग्रह बुध ग्रह के पास नहीं रह सकता.

Planet Venus शुक्र ग्रह  का भी कोई भी उपग्रह नहीं है, वैज्ञानिकों के लिए यह रहस्य का विषय है.

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Planet Earth  पृथ्वी का एक उपग्रह चंद्रमा है.

Planet Mars मंगल ग्रह  के दो अनियमित आकार उपग्रह हैं  

Planet Jupiter ब्रहस्पति ग्रह  के अब तक कुल 79 उपग्रहों का नामकरण किया जा चुका है, कई ऐसे उप ग्रह ऐसे हैं  जिनके बारे में वैज्ञानिकों द्वारा जानकारी प्राप्त की जा रही है

Planet saturn शनि ग्रह  के कुल 53 उपग्रह है, शनि ग्रह के कई और उपग्रह खोजे गए हैं जिनका कंफर्मेशन होना बाकी है, इन ग्रहों की पूरी जानकारी आ जाने के बाद शनि ग्रह के उपग्रहों की कुल संख्या 62 हो जाएगी,  इस तरह बृहस्पति और शनि ऐसे दो ग्रह होंगे जिनके पास 60 से ज्यादा उपग्रह होंगे

Planet Uranus युरेनस ग्रह  के कुल 27 उपग्रह ज्ञात हैं

Planet Neptune नेपच्युन  ग्रह के कुल 13 उपग्रह है

Dwarf planet Pluto बौने ग्रह प्लूटो का एक उपग्रह शेरोन है, कई और ऐसे पिंड खोजे गए हैं जो कि प्लूटो की परिक्रमा करते हैं,  इनकी कंफर्मेशन हो जाने के बाद प्लूटो के उपग्रहों की संख्या 4 हो जाएगी.

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English article

Jupiter and Saturn are the most satellite satellites

Number of satellites of our solar system

The only satellite of our planet Earth is the moon, are the satellites of the other planets, which of the planets of the planet in the solar system, the satellite is called a natural satellite or moon, when a space object revolves around a planet or any other mass. It is called satellite, it is not necessary that the satellite is circular. The planets of many planets are irregular shapes, the satellites were also saturated. Ankhmare is no shortage of satellites in the Solar System, are found satellite 6 planets 8, so far the number of known satellites, which is 185 orbiting different planets, they are also satellites of minor planets. The only satellite of our planet Earth is the Moon, the satellite system of Earth and Moon is the most unique in the Solar System because the mass ratio of these two is the highest in the mass ratio of the other planets and satellites, in simple words, Compared to the larger, the more mass is the Moon

In the Solar System, satellite scientists know how many satellites of the planet in our solar system, which planet is the most satellite, and which planet does not have any satellite in the solar system, the planet Mercury Mercury has no satellite, because this is the reason That Mercury Planet is very close to the Sun, due to the Sun’s gravity none of the satellites can live near the planet Mercury. Planet Venus is not even a planet of Venus. Land, it was a mystery to scientists.

Planet Earth is a satellite of Earth. Planet Mars Mars is two irregular shapes satellites Planet Jupiter So far, 79 satellites have been named for the planet, many such sub planets are known about which scientists get information about Planet saturn is Saturn’s total satellite of Saturn, many satellites and satellites have been discovered which have yet to be confirmed, after the complete information of these planets has arrived, Saturn The total number of satellites of living will be 62, in this way, Jupiter and Saturn will be two planets with more than 60 satellites Planet Uranus Uranus Planet Neptune Planet Neptune is a total of 13 satellites Dwarf planet Pluto Dwarf Planet Pluto A satellite is Sharon, many more discoveries have been discovered that revolve around Pluto, after the confirmation of this, the number of Pluto’s satellites will be 4. Sourmandal me upgrah, kitne up grah, sabse jyada upgrah, upgrah in hindi, satellite in hindi, satellite in solar system, number of satellite in hindi, upgrahon ki sankhya,


Hinglish article

jupitar aur shani grah ke hain sabase jyaada upagrah upgrahon ki sankhy

hamaare saur mandal ke upagrah kee sankhya  hamaare grah prthvee ka ekamaatr upagrah chandrama hai, kya doosare grahon ke bhee upagrah hote hain, sauramandal mein kis grah ke kitane upagrah hai, upagrah ko nechural saitelait ya moon  kaha jaata hai, jab koee antariksh pind kisee grah ya any kisee dravyamaan pind ka chakkar lagaata hai to use upagrah kaha jaata hai, upagrah golaakaar ho yah aavashyak nahin hai kaee grahon ke upagrah aniyamit aakaar hain,  shudr grahon ke bhee upagrah hote hain.hamaare sauramandal mein upagrahon kee koee kamee nahin hai, 8 mein se 6 grahon ke upagrah pae jaate hain, ab tak gyaat upagrahon kee sankhya 185 hai jo ki  vibhinn grahon kee parikrama karate hain, inake alaava kshudr grahon ke bhee upagrah hain. hamaare grah prthvee ka ek hee upagrah chandrama hai,  prthvee aur chandrama ka setelait sistam saur mandal mein sabase anokha hai kyonki in donon ka dravyamaan anupaat doosare grahon aur upagrahon ke dravyamaan anupaat se sabase jyaada hai, saral shabdon mein kahen to prthvee ke paas any grahon kee tulana mein kaaphee bada,  adhik dravyamaan vaala chandrama hai sauramandal mein upagrahaie jaanate hain hamaare sauramandal mein kis grah ke kitane upagrah hai, sabase jyaada kis grah ke upagrah hai, tatha sauramandal mein kis grah ke paas ek bhee upagrah  nahin paaya jaataaplanait mairchury budh grah  ka koee bhee upagrah nahin hai,  isaka kaaran yah hai ki budh grah soory se kaaphee paas sthit hai,  soory ke gurutvaakarshan ke kaaran koee bhee upagrah budh grah ke paas nahin rah sakata.planait vainus shukr grah  ka bhee koee bhee upagrah nahin hai, vaigyaanikon ke lie yah rahasy ka vishay hai. planait aiarth  prthvee ka ek upagrah chandrama hai.planait mars mangal grah  ke do aniyamit aakaar upagrah hain  planait jupitair brahaspati grah  ke ab tak kul 79 upagrahon ka naamakaran kiya ja chuka hai, kaee aise up grah aise hain  jinake baare mein vaigyaanikon dvaara jaanakaaree praapt kee ja rahee haiplanait saturn shani grah  ke kul 53 upagrah hai, shani grah ke kaee aur upagrah khoje gae hain jinaka kampharmeshan hona baakee hai, in grahon kee pooree jaanakaaree aa jaane ke baad shani grah ke upagrahon kee kul sankhya 62 ho jaegee,  is tarah brhaspati aur shani aise do grah honge jinake paas 60 se jyaada upagrah hongeplanait uranus yurenas grah  ke kul 27 upagrah gyaat hain planait naiptunai nepachyun  grah ke kul 13 upagrah haidwarf planait pluto baune grah plooto ka ek upagrah sheron hai, kaee aur aise pind khoje gae hain jo ki plooto kee parikrama karate hain,  inakee kampharmeshan ho jaane ke baad plooto ke upagrahon kee sankhya 4 ho jaegee.sourmandal mai upgrah, kitnai upgrah, sabsai jyad upgrah, upgrah in hindi, sataillitai in hindi, sataillitai in solar systaim, numbair of sataillitai in hindi, upgrahon ki sankhy,

 

 

सौरमंडल के बाहर अंतरिक्ष अभियान space mission out of solar system

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नासा  के यह 5 अंतरिक्ष यान सौरमंडल के बाहर जा रहे हैं

space mission out of solar system

वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में कई अंतरिक्ष यान और स्पेस प्रोब भेजें हैं, शुक्र ग्रह से लेकर प्लूटो तक मानव के बनाए हुए अंतरिक्ष यान पहुंच चुके हैं, यह अंतरिक्ष यान सौरमंडल के ग्रहों और उपग्रहों की तस्वीरें और जानकारियां पृथ्वी तक पहुंचाते हैं, क्या कोई अंतरिक्ष अभियान सौरमंडल के बाहर भी भेजा गया है, क्या मानव का कोई अंतरिक्ष यान सूर्य मंडल की सीमा को पार कर मिल्की वे गैलेक्सी में खोजबीन कर रहा है? आइये जानते हैं उन पांच अंतरिक्ष यानो के बारे में जो कि सौर मंडल की सीमा से बाहर जा रहे हैं.

सौरमंडल से आगे अन्तरिक्ष अभियान spaceship out of solar system

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सौरमंडल एक बहुत विस्तृत क्षेत्र है, सौरमंडल की बाहरी सीमा 120 एस्टॉनोमिकल यूनिट की दूरी पर स्थित है, प्लूटो, सूर्य से 40  एस्टॉनोमिकल यूनिट की दूरी पर स्थित है, इस तथ्य से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि सौरमंडल की बाहरी सीमा प्लूटो से 3 गुना अधिक दूर है, मानव द्वारा भेजे गए 5 अंतरिक्ष यान ऐसे हैं जो कि सौरमंडल की बाहरी सीमा की ओर बढ़ रहे हैं, यह इतना विशाल क्षेत्र है कि वैज्ञानिक निश्चित तौर पर यह नहीं बता सकते कि यह अंतरिक्ष यान कब सौरमंडल की सीमा से बाहर पहुंचे, इन 5 अंतरिक्ष यान में से Voyager 1 सौर मंडल की सीमा को सन 2012 में पार कर चुका है, कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि Vyoager 2 अंतरिक्ष यान भी सूर्य मंडल की सीमा से बाहर जा चुका है, यह दोनों अंतरिक्ष यान सन 1977 में अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा द्वारा छोड़े गए थे, नासा का अभी भी इन अंतरिक्ष यानों से संपर्क बना हुआ है.

नासा का न्यू होराइजंस New Horizons जो कि सन 2015 में प्लूटो तक पहुंचा था अब धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए  प्लूटो के आगे के क्षेत्र Kuiper Belt मैं पहुंच चुका है, यहाँ से गुजरने के बाद यह अंतरिक्ष यान भी सौरमंडल के बाहर चला जाएगा.

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नासा द्वारा प्रक्षेपित किए गए पायोनियर 10 और पायनियर 11 अंतरिक्ष यान भी सौर सौर मंडल के बाहर जाने वाले रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं, परंतु इन अंतरिक्ष यानों से  वैज्ञानिकों का संपर्क टूट चुका है यह अंतरिक्ष यान अब निष्क्रिय हो चुके हैं.

5 अंतरिक्ष यानों में Voyager 1, Voyager 2, और New Horizons अभी भी काम कर रहे हैं, तथा यह समय-समय पर पृथ्वी पर रेडियो संकेत भेजते रहते हैं, जबकि पायोनियर 10 और पायनियर 11 अंतरिक्ष यान निष्क्रिय हो चुके हैं, वैज्ञानिकों से इनका संपर्क टूट चुका है

5 अंतरिक्ष यान सौरमंडल से बाहर जा चुके हैं? Five spacecraft leaving solar system

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Pioneer 10 spacecraft in hindi

पायनियर 10 अंतरिक्ष यान को 1972 में छोड़ा गया था यह 1973 में जूपिटर तक पहुंचा तथा इसके बाद यह Aldebaran नाम के  तारे की तरफ बढ़ रहा है, यह तारा पृथ्वी से 65 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है, इस अंतरिक्ष यान से 2003 में संपर्क टूट चुका है.

Pioneer 11 spacecraft in hindi

पायोनियर 11 अंतरिक्ष यान को सन 1973 में अंतरिक्ष में भेजा गया था, यह सन 1974 में जुपिटर और  सन 1979 में शनि ग्रह तक पहुंचा, सन 1995 में इस अंतरिक्ष यान से संपर्क टूट चुका है, यह अंतरिक्ष यान अब Aquila  तारा मंडल की ओर बढ़ रहा है, यह अंतरिक्ष यान इस तारामंडल के नजदीकी तारे तक 4 मिलीयन साल यानी कि 40 लाख साल बाद पहुंचेगा

Voyager 2 spacecraft ki jankari

वाइजर दो अंतरिक्ष यान अगस्त 1977 को प्रक्षेपित किया गया था यह 1979 में जुपिटर तक, सन 1981 में शनि, सन 1986 में यूरेनस, सन 1989 में नेपच्यून ग्रह तक पहुंचा, वैज्ञानिक इस बात पर एक मत नहीं है कि अंतरिक्ष यान सौरमंडल की आखिरी सीमा को पार कर चुका है या नहीं.

Voyager 1 spacecraft ki jankari

Voyager 1 अंतरिक्ष यान  सितंबर 1977 में प्रक्षेपित किया गया था यह सन 1979 में जूपिटर, 1980 में शनि ग्रह उसके चंद्रमा टाइटन तक पहुंचा, यह अंतरिक्ष यान 25 अगस्त 2012 को सूर्य मंडल की सीमा को पार करके अंतर तारकीय व्योम में जा पहुंचा है, यह अंतरिक्ष यान अभी भी सक्रिय है, यह अंतरिक्ष यान 17.6  प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक तारे AC +79 3888 की ओर बढ़ रहा है, इसे वहां तक पहुंचने में 40 हज़ार साल का समय लगेगा

New Horizons spacecraft

New Horizons अंतरिक्ष यान सन 2006 में प्रक्षेपित किया गया था यह सन 2007 में जुपिटर तक पहुंचा, इसके बाद यह 14 जुलाई 2015 को प्लूटो के पास पहुंचा, वर्तमान समय में यह अंतरिक्ष यान  Kuiper belt क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है जहां पर लाखों संख्या में धूमकेतु पाए जाते हैं kuiper belt kya he ? kuiper belt की जानकारी,

यह पांच अंतरिक्ष यान ऐसे हैं जो सौरमंडल की सीमा को पार कर बाहरी अंतरिक्ष में चले जाएंगे,  अंतरिक्ष इतना विस्तृत क्षेत्र है कि सौरमंडल के बाहर अंतरिक्ष अभियान को सीधे नहीं भेजा गया है, क्योंकि सबसे नजदीकी सितारे अल्फ़ा संटोरी तक पहुंचने में भी हजारों साल का समय लगता है,  यही कारण है कि वैज्ञानिकों ने अभी तक कोई भी अंतरिक्ष यान सीधे सौरमंडल के बाहर नहीं पहुंचाया है.

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English translation

Space mission out of the solar system

NASA’s 5 space shuttle is going out of the solar system

Scientists have sent a number of spacecraft and space probes in space, human spheres have been reached from Venus to Pluto, this spacecraft transmits the planets and satellites from the solar system to Earth, whether a space campaign Is also sent out of the solar system, does any human spacecraft cross the boundary of the solar system and search the Milky Way Galaxy Green is doing? Let’s know about those five space yuan which are going beyond the boundary of the solar system.

Space ahead of solar system spaceship

The solar system is a very wide area, the outer boundary of the solar system is located at a distance of 120 Astonomic units, Pluto is located at a distance of 40 Astonomic units from the Sun, this fact lets you gauge the outer boundary of the Solar System 3 times as Pluto. More far away, there are 5 spacecraft sent by humans, which are moving towards the outer boundary of the solar system, it is such a vast area that the scientists are definitely going to Can not say that when this spacecraft reached the boundary of the solar system, the Voyager 1 of these 5 spacecraft crossed the boundary of the solar system in 2012, some scientists believe that the Vyoager 2 spacecraft also has the boundary of the solar system The two space missions were released by American Space Agency NASA in 1977, NASA is still in contact with these space ships.Nasa’s New Horizons New Horizons Neither had reached Pluto in 2015. Now slowly moving forward Kuiper Belt has reached the area ahead of Pluto, this spacecraft will also go out of the solar system after passing through it. Pioneer 10 and Pioneer, launched by NASA 11 Space missions are also moving on the way out of the solar system, but the space shuttle has lost contact with the scientists. In the space spaces, Voyager 1, Voyager 2, and New Horizons are still working, and it periodically sends radio signals on the earth, while Pioneer 10 and Pioneer 11 spacecraft are inactive Has been disconnected from scientists, have the space shuttle left the solar system?

Five spacecraft leaving solar system

Pioneer 10 spacecraft in hindi Pioneer 10 spacecraft was released in 1972, it reached the Jupiter in 1973, and then it is moving towards the star named Aldebaran, which is located 65 light years away from Earth, this space shuttle Pioneer 11 spacecraft in Pioneer 11 spacecraft was sent to space in 1973, it reached Jupiter in 1974 and Saturn planet in 1979, in 1995, the collision with the space shuttle broke The spacecraft is now heading towards the Aquila star board, this spacecraft will reach 4 million years i.e. 40 million years after the planet’s closest star. Voyager 2 spacecraft ki jankari Wiiar two spacecraft was launched in August 1977. Jupiter till 1979, Saturn in 1981, Uranus in 1986, reached Neptune in 1989; Scientists do not believe that the spacecraft has crossed the last boundary of the solar system. No. Voyager 1 spacecraft ki jankariVoyager 1 spacecraft was launched in September 1977; Jupiter in 1979, the Saturn planet reached its Moon Titan in 1980, the space shuttle crossing the Sun Division on August 25, 2012, the interstellar Vyom Has reached, the space shuttle is still active, this spacecraft is moving toward a star located 17.6 light years away to AC +79 3888, it will take 40 thousand years to reach it New Horizons spa The cecraftNew Horizons spacecraft was launched in 2006, it reached Jupiter in 2007, after it reached Pluto on July 14, 2015, at present, the spacecraft is moving towards Kuiper belt area where millions of numbers Comets are found in kuiper belt kya he? Information of the Kuiper belt, such as these five spaceships that will cross the boundary of the solar system and move to the outer space, the space is such a vast area that the space mission is not sent directly beyond the solar system, because the closest star to reach Alfa satori It also takes thousands of years, this is the reason that scientists have not yet carried any spacecraft directly outside the solar system. Out of solar system, spacecraft out of solar system, pioneer 1 in hindi, pioneer 2 in hindi, voyager 1 in hindi, voyager 2 in hindi, new horizons in hindi, spacecraft in hind, antrikshyan, sour mandal ke Bahar, space missions jankari, space missions in hindi


Hinglish article

sauramandal ke baahar antariksh abhiyaan

spachai mission out of solar systaim naasa  ke yah 5 antariksh yaan sauramandal ke baahar ja rahe hainspachai mission out of solar systaim vaigyaanikon ne antariksh mein kaee antariksh yaan aur spes prob bhejen hain, shukr grah se lekar plooto tak maanav ke banae hue antariksh yaan pahunch chuke hain, yah antariksh yaan sauramandal ke grahon aur upagrahon kee tasveeren aur jaanakaariyaan prthvee tak pahunchaate hain, kya koee antariksh abhiyaan sauramandal ke baahar bhee bheja gaya hai, kya maanav ka koee antariksh yaan soory mandal kee seema ko paar kar milkee ve gaileksee mein khojabeen kar raha hai? aaiye jaanate hain un paanch antariksh yaano ke baare mein jo ki saur mandal kee seema se baahar ja rahe hain. sauramandal se aage antariksh abhiyaan spachaiship out of solar systaim sauramandal ek bahut vistrt kshetr hai, sauramandal kee baaharee seema 120 estonomikal yoonit kee dooree par sthit hai, plooto, soory se 40  estonomikal yoonit kee dooree par sthit hai, is tathy se aap andaaja laga sakate hain ki sauramandal kee baaharee seema plooto se 3 guna adhik door hai,

maanav dvaara bheje gae 5 antariksh yaan aise hain jo ki sauramandal kee baaharee seema kee or badh rahe hain, yah itana vishaal kshetr hai ki vaigyaanik nishchit taur par yah nahin bata sakate ki yah antariksh yaan kab sauramandal kee seema se baahar pahunche, in 5 antariksh yaan mein se voyagair 1 saur mandal kee seema ko san 2012 mein paar kar chuka hai, kuchh vaigyaanik maanate hain ki vyoagair 2 antariksh yaan bhee soory mandal kee seema se baahar ja chuka hai, yah donon antariksh yaan san 1977 mein amerikee spes ejensee naasa dvaara chhode gae the, naasa ka abhee bhee in antariksh yaanon se sampark bana hua hai.naasa ka nyoo horaijans naiw horizons jo ki san 2015 mein plooto tak pahuncha tha ab dheere-dheere aage badhate hue  plooto ke aage ke kshetr kuipair bailt main pahunch chuka hai, yahaan se gujarane ke baad yah antariksh yaan bhee sauramandal ke baahar chala jaega.naasa dvaara prakshepit kie gae paayoniyar 10 aur paayaniyar 11 antariksh yaan bhee saur saur mandal ke baahar jaane vaale raaste par aage badh rahe hain, parantu in antariksh yaanon se  vaigyaanikon ka sampark toot chuka hai yah antariksh yaan ab nishkriy ho chuke hain.5 antariksh yaanon mein voyagair 1, voyagair 2, aur naiw horizons abhee bhee kaam kar rahe hain, tatha yah samay-samay par prthvee par rediyo sanket bhejate rahate hain, jabaki paayoniyar 10 aur paayaniyar 11 antariksh yaan nishkriy ho chuke hain, vaigyaanikon se inaka sampark toot chuka hai5 antariksh yaan sauramandal se baahar ja chuke hain? fivai spachaichraft laiaving solar systaim pionaiair 10 spachaichraft in hindipaayaniyar 10 antariksh yaan ko 1972 mein chhoda gaya tha yah 1973 mein joopitar tak pahuncha tatha isake baad yah aldaibaran naam ke  taare kee taraph badh raha hai, yah taara prthvee se 65 prakaash varsh kee dooree par sthit hai, is antariksh yaan se 2003 mein sampark toot chuka hai.pionaiair 11 spachaichraft in hindipaayoniyar 11 antariksh yaan ko san 1973 mein antariksh mein bheja gaya tha, yah san 1974 mein jupitar aur  san 1979 mein shani grah tak pahuncha, san 1995 mein is antariksh yaan se sampark toot chuka hai, yah antariksh yaan ab aquil  taara mandal kee or badh raha hai, yah antariksh yaan is taaraamandal ke najadeekee taare tak 4 mileeyan saal yaanee ki 40 laakh saal baad pahunchegaavoyagair 2 spachaichraft ki jankarivaijar do antariksh yaan agast 1977 ko prakshepit kiya gaya tha yah 1979 mein jupitar tak, san 1981 mein shani, san 1986 mein yoorenas, san 1989 mein nepachyoon grah tak pahuncha, vaigyaanik is baat par ek mat nahin hai ki antariksh yaan sauramandal kee aakhiree seema ko paar kar chuka hai ya nahin.voyagair 1 spachaichraft ki jankarivoyagair 1 antariksh yaan  sitambar 1977 mein prakshepit kiya gaya tha yah san 1979 mein joopitar, 1980 mein shani grah usake chandrama taitan tak pahuncha, yah antariksh yaan 25 agast 2012 ko soory mandal kee seema ko paar karake antar taarakeey vyom mein ja pahuncha hai, yah antariksh yaan abhee bhee sakriy hai, yah antariksh yaan 17.6  prakaash varsh door sthit ek taare ach +79 3888 kee or badh raha hai, ise vahaan tak pahunchane mein 40 hazaar saal ka samay lagegaanaiw horizons spachaichraftnaiw horizons antariksh yaan san 2006 mein prakshepit kiya gaya tha yah san 2007 mein jupitar tak pahuncha, isake baad yah 14 julaee 2015 ko plooto ke paas pahuncha, vartamaan samay mein yah antariksh yaan  kuipair bailt kshetr kee or badh raha hai jahaan par laakhon sankhya mein dhoomaketu pae jaate hain kuipair bailt ky hai ? kuipair bailt kee jaanakaaree, yah paanch antariksh yaan aise hain jo sauramandal kee seema ko paar kar baaharee antariksh mein chale jaenge,  antariksh itana vistrt kshetr hai ki sauramandal ke baahar antariksh abhiyaan ko seedhe nahin bheja gaya hai, kyonki sabase najadeekee sitaare alfa santoree tak pahunchane mein bhee hajaaron saal ka samay lagata hai,  yahee kaaran hai ki vaigyaanikon ne abhee tak koee bhee antariksh yaan seedhe sauramandal ke baahar nahin pahunchaaya hai. out of solar systaim, spachaichraft out of solar systaim, pionaiair 1 in hindi, pionaiair 2 in hindi, voyagair 1 in hindi, voyagair 2 in hindi, naiw horizons in hindi, spachaichraft in hind, antrikshyan, sour mandal kai bahar, spachai missions ki jankari, spachai missions in hindi

पंजाब का राज्य पक्षी Northern goshawk बाज़ state bird of punjab in hindi

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पंजाब के राज्य पक्षी की जानकारी

पंजाब का राज्य पक्षी Northern goshawk बाज़ है, यह एक छोटे आकार का धारीदार बाज़ होता है,  इसका आकार केवल 45 से 60 सेंटीमीटर के बीच होता है मादा Northern goshawk बाज़ का आकार 55 से 70 सेंटीमीटर के बीच होता है,  वजन में यह 550 ग्राम से लेकर 1400 ग्राम तक का होता है मादा का वजन नर से अधिक होता है.

नर Northern goshawk बाज़ के पंखों का फैलाव 85 से 105 सेंटीमीटर तक हो सकता है जबकि मादा के पंखों का फैलाव 100 सेंटीमीटर से लेकर 125 सेंटीमीटर तक होता है इनकी पूंछ की लंबाई 18 से 28 सेंटीमीटर के बीच होती है.

Northern goshawk के पंख छोटे और मजबूत होते हैं, जिससे कि इन्हें तुरंत तेज गति मिल जाती है, इनकी एक लंबी पूछ होती है जो कि इन्हें कलाबाजियां करने में और शिकार करते समय तुरंत मुड़ने में सहायता प्रदान करती है, जिससे कि ये जंगलों में वृक्षों के बीच आसानी से तेज गति से उड़ सकते हैं.

Northern goshawk  को पहचानने का सबसे अच्छा तरीका इस के  पूरे शरीर पर पाए जाने वाले भूरे रंग की धारियां है जो कि इसके सफेद पेट पर बनी होती हैं और दूर से ही नजर आती हैं.

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पंजाब राज्य के राज्य पक्षी Northern goshawk बाज़ का वैज्ञानिक वर्गीकरण

Northern goshawk  वैज्ञानिक वर्गीकरण इस प्रकार किया गया है

Common Name – Northern goshawk, Zoological Name – Accipiter gentilis, Kingdom – Animalia ,Phylum – Chordata, Class – Aves, Order – Accipitriformes, Family – Accipitridae, Genus – Accipiter

पंजाब का राज्य पक्षी Northern goshawk  कहां पाया जाता है?

Northern goshawk  के आवासीय इलाके लगभग सारी दुनिया में फैले हुए हैं, मुख्य रूप से यह उत्तरी अमेरिका यूरोप उत्तरी एशिया में पाया जाता है, यह पश्चिमी कनाडा अमेरिका के टेनेसी और साउथ एरीजोना राज्यों, मैक्सिको, मध्य यूरोप के जंगलों में तथा हिमालय के आस पास पाए जाने वाले जंगलों में भी पाया जाता है.

Northern goshawk का आवास और व्यवहार

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यह बाज़ घने जंगलों में रहना पसंद करता है, जहां दूसरे बाज पहाड़ी और मैदानी इलाकों में रहना पसंद करते हैं यह बाज़ घने पेड़ों वाले जंगलों में  अधिक पाया जाता है, ऐसे जंगल जहां ऊंचे ऊंचे पेड़ हो तथा थोड़ी शिकार करने की जगह हो ऐसे स्थानों पर इसे देखा जा सकता है

मुख्यतः यह बाज़ ऊंचे इलाकों में पाया जाता है, ठंड के मौसम में यह निचले इलाकों में प्रवास कर जाता है,  प्रजनन काल के दौरान यह पक्षी काफी शोर करते हैं नर और मादा अलग अलग तरह की आवाज निकालते हैं इनकी आवाज “की की की”  और “काक काक” की तरह होती है,ज्यादातर यह जोड़ों में देखे जाते हैं यह जीवन पर्यंत के लिए जोड़ा बनाते हैं.

सभी प्रकार के बाजों की तरह यह Northern goshawk बाज़ भी मांसाहारी है,  यह कई छोटे परिंदों स्तनधारी प्राणियों सरीसृप आदि का शिकार करता है, यह घने जंगलों में काफी तेज गति से उड़ सकता है तथा शिकार कर सकता है, अक्सर शिकार खोजने के लिए यह जंगलों के ऊपर उड़ता रहता है शिकार दिख जाने पर यह अचानक से गोता लगा देता है तथा झाड़ियों में आकर गिर जाता है, इसकी गति 50 से 60  किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है.

Northern goshawk बाज़ का प्रजनन काल मार्च से जून के महीने में होता है,  यह अपना घोंसला जंगल के किनारों पर उगे हुए ऊंचे पेड़ों पर बनाता है इनके घोसले अक्सर जंगल के किनारे पर स्थित पेड़ों और दल दल के किनारे पर स्थित पेड़ों पर देखे जा सकते हैं.

Northern goshawk अपना घोंसला तिनकों और पत्तियों से बनाता है, यह एक बार में दो से चार अंडे देता है,  इसके अंडों का रंग नीलापण लिए हुए सफेद होता है, अंडे सेने का कार्य ज्यादातर मादा ही करती है कभी-कभी जब मादा शिकार पर जाती है तब नर भी अंडे सेने का काम करता है,  इन अंडों से 30 से 38 दिन में बच्चे निकल आते हैं, जब यह बच्चे 36 से 42 दिन के हो जाते हैं तो यह उड़ना प्रारंभ करते हैं, 3 से चार महीने का होने पर यह बच्चे पूरी तरह स्वतंत्र हो जाते हैं तथा शिकार करना सीख जाते हैं. इन पक्षियों का जीवन काल 10 से 12 वर्ष का होता है.

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English translation

The state bird of Punjab is the northern goshawk baza state bird of Punjab in hindi

State bird information of Punjab

The state bird of Punjab is the northern goshawk falcon, it is a small striped falcon, its size is only about 45 to 60 centimeters, the female northern goshawk falcon is between 55 and 70 centimeters, it weighs 550 grams From 1400 grams, the weight of the female is higher than the male. The spread of wings of northern goshawk falcon can be anywhere from 85 to 105 centimeters, whereas females have wings spread from 100 centimeters to 125 centimeters. The length of the tail is between 18 to 28 centimeters. The wings of the Northern goshawk are small and strong, so that they get fast speed, they have a long question that they can turn them into doing acrobatics and immediately after hunting , So that they can easily fly between the trees in the forests at a fast pace. The best way to identify the Northern goshawk is to find browns found on the whole body C is the stripes of c, which are made on its white stomach and are visible from a distance. The scientific classification of the northern bird bird of northern state goshawk has been classified as the Northern Goshawk scientific classification. Common Name – Northern goshawk, Zoological Name – Accipiter gentilis , Kingdom – Animalia, Phylum – Chordata, Class – Aves, Order – Accipitriformes, Family – Accipitridae, Genus – Accipiter Where is the state bird of northern India known as Northern goshawk? Residential areas of Northern goshawk are spread all over the world, mainly This answer Ri America Europe is found in North Asia, it is also found in the forests of western Canada, Tennessee and South Arizona states, Mexico, Central Europe, and the forests found near the Himalayas. Accommodation and behavior of Northern goshawk Like to live in dense forests, where the other hikes to live in hilly and plains, this falcon is found more in thick forests with thick trees, From the forest where there are tall high trees and a place to be hunted, it can be seen at such places. Mainly this falcon is found in high areas, it travels in the lower regions during the freezing weather, during this time it is during the breeding period Much noise makes male and female different sounds, their voice is like “ki ki ki” and “kak kak”, mostly seen in joints. To mate. Like all types of appetites, this Northern goshawk falcon is also carnivorous, it hunts many small species of mammalian creatures, reptiles etc., it can fly very fast in dense forests and can hunt, often to find prey It flies on top of the forest. When a victim appears, it suddenly dives and falls into the bushes, it can speed up to 50 to 60 kilometers per hour. The reproduction season takes place in the months of March to June, making its nest on tall trees grown on the edges of the forest, their slices can often be seen on the trees located on the edge of the forests and crew on the edge of the forest. Its nest makes it with straws and leaves, it gives two to four eggs at one go, its egg color is white with blue color, mostly egging the eggs Sometimes, when a female goes on hunting, the male also does the job of egg harvesting, these eggs come out in 30 to 38 days, when these children become 36 to 42 days then they start to fly. These children are completely independent when they are three to four months and learn to hunt. The lifespan of these birds is 10 to 12 years. The state bird of Punjab, state bird of Punjab, punjab ka rajy pakshi, Northern goshawk in hindi, Northern goshawk,


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panjaab ka raajy pakshee northairn goshawk baaz

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क्या भारत से प्रवासी पक्षी  दूसरे देशों में जाते हैं? migratory birds from india in hindi

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क्या कोई एसा पक्षी है जो भारत से दूसरे देशों में प्रवास करता हो? migratory birds from india in hindi

वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसा कोई भी पक्षी नहीं है जो कि भारत से दूसरे देश में प्रवास करता  हो, विश्व भर से प्रवासी पक्षी भारत में उड़कर आते हैं परंतु एक भी पक्षी की प्रजाति है ऐसी नहीं है जो कि भारतीय मूल की हो और दूसरे देश में प्रवास के लिए जाती हो There is no migratory birds from india to another country.

क्यों कोई पक्षी की प्रजाति भारत से दूसरे देश में प्रवास नहीं करती है? migratory birds from india

यह आश्चर्य की बात है कि भारत में एक भी ऐसे प्रकार के पक्षी की प्रजाति नहीं पाई जाती है जो कि उड़कर दूसरे देशों में प्रवास पर जाती हो, सामान्यतः देखा जाता है कि मौसम बदलने पर, अत्यधिक ठंड पड़ने या अत्यधिक गर्मी पड़ने पर पक्षी एक स्थान को छोड़कर दूसरे स्थान पर चले जाते हैं, जहां का मौसम अच्छा होता है, इसे प्रवास करना कहते हैं,  विश्व भर में प्रवासी पक्षी पाए जाते हैं, यह साल भर एक ही स्थान पर जीवन व्यतीत नहीं करते हैं, बल्कि मौसम बदलने पर, उड़कर दूसरे देशों में चले जाते हैं. भारत में भी लाखों की संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं, परंतु भारत से एक भी पक्षी उड़ कर दूसरे देश पर प्रवास नहीं करता है इसके पीछे क्या कारण है?

पक्षियों के इस व्यहवार के पीछे कई  भौगोलिक कारण हो सकते हैं, भारत दो तरफ से हिंद महासागर से घिरा हुआ है,  भारत की समुद्र तट रेखा विशाल है, भारत में पर्याप्त मात्रा में उष्णकटिबंधीय जंगल पाए जाते हैं, इसलिए पाखी  इन जंगलों को छोड़कर समुद्र की तरफ क्यों प्रवास करेंगे,

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पक्षियों के इस व्यवहार के पीछे दूसरा कारण यह हो सकता है कि भारत के उत्तर में विशाल हिमालय है  यहां वर्ष भर भयानक ठंड पड़ती है इस हिमालय को पार कर दूसरी ओर जाना पक्षियों के लिए लगभग असंभव है, भारत के पश्चिमी इलाके में थार मरुस्थल है जो कि अत्यधिक गर्म  है, इस भयंकर मरुस्थल को पार कर दूसरी ओर जाना भी पक्षियों के लिए असंभव है, यह दो मुख्य कारण पक्षियों का यह निर्धारित करते हैं कि वे भारत छोड़कर किसी दूसरे देश में प्रवास नहीं करते.

भारत में ना तो अधिक गर्मी बढ़ती है और ना ही अधिक ठंड  यही कारण है कि यह मौसम पक्षियों के लिए अनुकूल है इसलिए वे भारत के जंगलों में ही अपना स्थान बदलते रहते हैं प्रवास करते रहते हैं तथा भारत छोड़कर किसी दूसरे स्थान पर प्रवास नहीं सकते.

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English translation

Does migratory birds from India go to other countries? migratory birds from india in hindi

Is there a bird that travels from India to other countries? migratory birds from india in hindi

According to the scientists, there is no such bird which migrates from India to other countries, migratory birds from all over the world fly in India, but there is no such species of birds which are of Indian origin and in other countries Go for migration; there is no migratory birds from India to another country

Why does not a bird species migrate from India to another country? migratory birds from india

It is surprising that there is no single type of bird species found in India which fly and travel to other countries, it is commonly seen that when the weather is changed, due to excessive freezing or excessive heat, Leave the place to the second place, where the weather is good, it is said to migrate, migratory birds are found around the world, it is only one place throughout the year. Do not live, but changing weather, fly go into other countries. There are also millions of migratory birds in India, but one bird from India does not fly and travel to another country. What is the reason behind this? There can be many geographical reasons behind this person of birds, India from two sides Surrounded by the Indian Ocean, India’s coastline is vast, India has sufficient quantity of tropical jungle, therefore, leaving these forests to the sea The second reason behind this behavior of birds will be that, there is a huge Himalayas in the north of India. There is a terrible cold throughout the year. It is almost impossible for birds going on the other side of the Himalayas, the western part of India In the Thar Desert which is extremely hot, crossing this horrid desert and going to the other side is also impossible for the birds, this is the main reason for birds to determine They are not that they leave India and do not migrate to any other country. In India, neither more heat gets increased nor more cold is the reason that this weather is favorable for birds, so they keep changing their place in the forests of India. Keep traveling and can not leave India and move to another place. Migratory birds from India, India’s prakash pakshi, India’s pravasi pakshi, which is India’s udkar pakshi,


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kya bhaarat se pravaasee pakshee  doosare deshon mein jaate hain?

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1200 प्रकार के पक्षी देखे जा सकते हैं भारत के पक्षी अभ्यारण्यों में

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भारत के पक्षी अभ्यारण्य Bird sanctuaries of India in hindi

भारत के विविध वन क्षेत्र कई सुंदर रंग-बिरंगे परिंदों का  आवास स्थल है, भारत के घने जंगलों में सदियों से कई प्रकार के पशु पक्षी पाए जाते हैं, भारत का मौसम पक्षियों के अनुकूल है, सर्दियों में यहां अत्यधिक ठंड नहीं पड़ती जितनी की यूरोप और उत्तरी एशिया और अमेरिका में होती है, इसीलिए ठंडे इलाकों से पक्षी प्रवास करके भारत आ जाते हैं, भारत के पक्षी अभयारण्य Bird sanctuary में हजारों प्रकार के पक्षी देखे जा सकते हैं इनमें से कुछ तो भारतीय मूल के पक्षी है, जो वर्ष भर भारत में ही रहते हैं तथा कई पक्षी ऐसे हैं जो कि प्रवासी पक्षी हैं और भारत में केवल 3 से 4 महीने ही गुजारते हैं, इन सुंदर पक्षियों को देखने के लिए बर्ड सेंचुरी Bird sanctuary में पक्षी प्रेमियों और बर्ड वाचर दुनिया भर से आते रहते हैं.

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भारत के सुंदर पक्षियों में भारतीय मोर, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, भारतीय हॉर्नबिल, किंगफिशर पक्षी, भारतीय बाज़ आदि शामिल है, भारतीय हॉर्नबिल पक्षी सभी प्रकार के हार्नबिल पक्षियों में सबसे बड़ा होता है यह भारत के पश्चिमी घाट के जंगल में पाया जाता है विज्ञान के अनुसार भारत में 1200 पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती है.

पक्षी अक्सर पानी के आस पास पाए जाते हैं  यही कारण है की नदियों, झीलों और तालाबों के आसपास पक्षियों की भारी संख्या देखने को मिलती है, इस प्रकार के क्षेत्रों को भारत सरकार ने पक्षी अभयारण्य घोषित कर दिया है जिसे की बोर्ड सेंचुरी कहते हैं भारत के विभिन्न राज्यों में कई Bird sanctuary पक्षी अभयारण्य है, यह पक्षी अभयारण्य भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा सुरक्षित क्षेत्र होते हैं इन क्षेत्रों में पशु पक्षियों के शिकार पर पाबंदी होती है तथा जंगलों की कटाई और भवन निर्माण पर भी प्रतिबंध रहता है, यह पक्षी अभयारण्य भारतीय मूल निवासी पक्षियों और प्रवासी पक्षियों के लिए स्वर्ग के समान है, नीचे हम भारत में स्थित सभी पक्षी अभयारण्य की सूची प्रस्तुत करें कर रहे हैं,  अगर आप एक पक्षी प्रेमी हैं तो अपने नजदीक के पक्षी अभयारण्य में जाकर रंग-बिरंगे पक्षियों को आसानी से देख सकते हैं.

भारत के पक्षी अभ्यारण्यों की सूचि List of Bird sanctuaries of India

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1 Atapaka Bird Sanctuary Andhra Pradesh

2 Nelapattu Bird Sanctuary Andhra Pradesh

3 Pulicat Lake Bird Sanctuary Andhra Pradesh

4 Sri Penusila Narasimha Wildlife Sanctuary Andhra Pradesh

5 Uppalapadu Bird Sanctuary Andhra Pradesh

6 Najafgarh drain bird sanctuary Delhi

7 Salim Ali Bird Sanctuary Goa

8 Gaga Wildlife Sanctuary Gujarat

9 Khijadiya Bird Sanctuary Gujarat

10 Kutch Bustard Sanctuary Gujarat

11 Nal Sarovar Bird Sanctuary Gujarat

12 Porbandar Bird Sanctuary Gujarat

13 Thol Lake Gujarat

14 Bhindawas Wildlife Sanctuary Haryana

15 Khaparwas Wildlife Sanctuary Haryana

16 Sultanpur Bird Sanctuary Haryana

17 Gamgul Himachal Pradesh

18 Attiveri Bird Sanctuary Karnataka

19 Bankapura Karnataka

20 Bankapura Peacock Sanctuary Karnataka

21 Bonal Bird Sanctuary Karnataka

21 Gudavi Bird Sanctuary Karnataka

22 Kaggaladu Karnataka

23 Kaggaladu Bird Sanctuary Karnataka

24 Magadi Bird Sanctuary Karnataka

25 Mandagadde Bird Sanctuary Karnataka

26 Puttenahalli Lake (Yelahanka) Karnataka

27 Ranganathittu Bird Sanctuary Karnataka

28 Kadalundi Bird Sanctuary Kerala

29 Kumarakom Bird Sanctuary Kerala

30 Mangalavanam Bird Sanctuary Kerala

31 Pathiramanal Kerala

32 Thattekad Bird Sanctuary Kerala

33 Mayani Bird Sanctuary Maharashtra

34 Karnala Bird Sanctuary Maharashtra

35 Great Indian Bustard Sanctuary Maharashtra

36 Lengteng Wildlife Sanctuary Mizoram

37 Chilika Lake Odisha

38 Keoladeo National Park Rajasthan

39 Tal Chhapar Sanctuary Rajasthan

40 Chitrangudi Bird Sanctuary Tamil Nadu

41 Kanjirankulam Bird Sanctuary Tamil Nadu

42 Koothankulam Bird Sanctuary Tamil Nadu

43 Suchindram Theroor Birds Sanctuary Tamil Nadu

44 Udayamarthandapuram Bird Sanctuary Tamil Nadu

45 Vedanthangal Bird Sanctuary Tamil Nadu

46 Vellode Birds Sanctuary Tamil Nadu

47 Vettangudi Bird Sanctuary Tamil Nadu

48 Bakhira Sanctuary Uttar Pradesh

49 Lakh Bahosi Sanctuary Uttar Pradesh

50 Nawabganj Bird Sanctuary Uttar Pradesh

51 Okhla Sanctuary Uttar Pradesh

52 Patna Bird Sanctuary Uttar Pradesh

53 Saman Sanctuary Uttar Pradesh

54 Samaspur Sanctuary Uttar Pradesh

55 Bird Sanctuary Uttar Pradesh

56 Surajpur Bird Sanctuary Uttar Pradesh

57 Chintamoni Kar Bird Sanctuary West Bengal

58 Raiganj Wildlife Sanctuary West Bengal

59 Thasrana Bird Sanctuary (Dhanauri Wetlands) Uttar Pradesh

60 Wachana Bird Sanctuary Gujarat

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English translation

Birds of 1200 can be seen in bird sanctuaries of India

Bird sanctuary of India Bird sanctuaries of India

India’s diverse forest areas are the home of many beautiful colorful birds, many species of animals are found in the dense forests of India for centuries, India’s weather is favorable to birds, it does not get much cold in winter as it is in Europe And is in North Asia and America, hence migrating birds from cold areas to India, Bird Sanctuary of India has thousands of types of birds in Bird sanctuary Some of these may be birds of Indian origin, which remain in India throughout the year and there are many birds which are migratory birds and spend only 3 to 4 months in India, to see these beautiful birds Birds and bird watchers are coming from around the world in bird sanctuary bird sanctuary. The beautiful birds of India include Indian peafowl, Great Indian Bustard, Indian Hornbill, Kingfisher Bird, Indian Falcon etc. Indian hornbill bird is the largest of all types of Hornbill birds, it is found in the forest of Western Ghats of India According to science, species of 1200 birds are found in India. Birds are often found around the water. This is the reason that the huge number of birds is seen around the rivers, lakes and ponds; Such areas have been declared by the Indian government as a bird sanctuary, which is called the Board Century, India There are many Bird sanctuary bird sanctuaries in various states, this bird sanctuary is protected areas by the Government of India and the State Government. The hunting of animal birds is banned and restrictions on forest cutting and building construction are also prohibited, this bird sanctuary is similar to paradise for native Indian birds and migratory birds, below we present a list of all bird sanctuaries located in India. If you are a bird lover then you can easily see colorful birds by going to the bird sanctuary near you. List of bird sanctuaries of India
List of Bird sanctuaries of India1

Atapaka Bird Sanctuary Andhra Pradesh3 Nelapattu Bird Sanctuary Andhra Pradesh3 Pulicat Lake Bird Sanctuary Andhra Pradesh4 Sri Penusila Narasimha Wildlife Sanctuary Andhra Pradesh5 Uppalapadu Bird Sanctuary Andhra Pradesh6 Najafgarh drain bird sanctuary Delhi7 Salim Ali Bird Sanctuary Goa8 Gaga Wildlife Sanctuary Gujarat9 Khijadiya Bird Sanctuary Gujarat10 Kutch Bustard Sanctuary Gujarat11 Nal Sarovar Bird Sanctuary Gujarat12 Porbandar Bird Sanctuary Gujarat13 Thol Lake Gujarat 14 Bhindawas Wildlife Sanctuary Haryana15 Khaparwas Wildlife Sanctuary Haryana16 Sultanpur Bird Sanctuary Haryana 17 Gamgul Himachal Pradesh 18 Attiveri Bird Sanctuary Karnataka19 Bankapur Karnataka Bankakura Peacock Sanctuary Karnataka 21 Bonal Bird Sanctuary Karnataka21 Gudavi Bird Sanctuary Karnataka 22 Kaggaladu Karnataka 23 Kaggaladu Bird Sanctuary Karnataka24 Magadi Bird Sanctuary Karnataka25 Mandagadde Bird Sanctuary Karnataka 26 Puttenahalli Lake (Yelahanka) Karnataka27 Ranganathittu Bird Sanctuary Karnatak a28 Kadalundi Bird Sanctuary Kerala29 Kumarakom Bird Sanctuary Kerala 30 Mangalavanam Bird Sanctuary Kerala31 Pathiramanal Kerala32 Thattekad Bird Sanctuary Kerala33 Mayani Bird Sanctuary Maharashtra34 Karnala Bird Sanctuary Maharashtra35 Great Indian Bustard Sanctuary Maharashtra36 Lengteng Wildlife Sanctuary Mizoram37 Chilika Lake Odisha38 Keoladeo National Park Rajasthan39 Tal Chhapar Sanctuary Rajasthan40 Chitrangudi Bird Sanctuary Tamil Nadu 41 Kanjirankulam Bird Sanctuary Tamil Nadu42 Koothankulam Bird Sanctuary Tamil Nadu 43 Suchindram Theroor Birds Sanctuary Tamil Nadu 44 Udayamarthandapuram Bird Sanctuary Tamil Nadu45 Vedanthangal Bird Sanctuary Tamil Nadu46 Vellode Birds Sanctuary TamilNadu47 Vettangudi Bird Sanctuary Tamil Nadu48 Bakhira Sanctuary Uttar Pradesh 49 Lakh Bahosi Sanctuary Uttar Pradesh50 Nawabganj Bird Sanctuary Uttar Pradesh51 Okhla Sanctuary Uttar Pradesh52 Patna Bird Sanctuary Uttar Pradesh53 Saman Sanctuary Uttar Pradesh54 Samaspur Sanctuary Uttar Pradesh55 Bir d Sanctuary Uttar Pradesh56 Surajpur Bird Sanctuary Uttar Pradesh57 Chintamoni Kar Bird Sanctuary West Bengal58 Raiganj Wildlife Sanctuary West Bengal 59 Thasrana Bird Sanctuary (Dhanauri Wetlands) Uttar Pradesh60 Wachana Bird Sanctuary GujaratBird sanctuary in hindi, hindi on bird sanctuary, pakshi abhyarany, list of bird sanctuaries of India, bird sanctuaries of india in hindi, indian bird sanctuaries, India bird sanctuary,


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1200 prakaar ke pakshee dekhe ja sakate hain bhaarat ke pakshee abhyaaranyon mein

bhaarat ke pakshee abhyaarany bird sanchtuariais of indi in hindi

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शुक्र ग्रह का एक दिन एक वर्ष से बड़ा होता है fun facts of planet Venus in hindi

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शुक्र ग्रह के अनोखे तथ्य facts of planet Venus in hindi 

शुक्र ग्रह सूर्य से दूसरा सबसे नजदीक का ग्रह है, रात्रि के आकाश में चंद्रमा के बाद यह दूसरे नंबर का सबसे चमकीला ऑब्जेक्ट है, इसे आप आसानी से शाम के वक्त  पश्चिम में और सुबह के वक्त पूर्व दिशा में देख सकते हैं, इसे सुबह का सितारा या मोर्निंग स्टार भी कहते हैं, शुक्र ग्रह को देखने के लिए किसी टेलिस्कोप की आवश्यकता नहीं होती यह हमें नंगी आंखों से भी दिखाई दे जाता है, शुक्र ग्रह का नाम वीनस है, यह रोमन देवी वीनस के नाम पर रखा गया है जो कि प्रेम और सुंदरता की देवी है, वीनस दूसरा सबसे बड़ा टेरेस्टेरियल प्लेनेट है इसे कभी कभी पृथ्वी का  सिस्टर प्लानेट भी कहा जाता है, क्योंकि पृथ्वी और शुक्र ग्रह आकार और द्रव्यमान लगभग एक समान है. शुक्र ग्रह पूरी तरह से सल्फ्यूरिक एसिड के घने बादलों से ढका रहता है, आइये अपने पडोसी ग्रह वीनस के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने का प्रयत्न करते हैं.

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शुक्र ग्रह के कुछ तथ्य

शुक्र ग्रह का व्यास  12,104 km है

शुक्र ग्रह का द्रव्यमान  पृथ्वी के द्रव्यमान का 81.5% हे

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शुक्र ग्रह का कोई भी चंद्रमा नहीं है

शुक्र ग्रह सूर्य से 108,209,475 km की दूरी पर स्थित है

शुक्र ग्रह को सूर्य का एक चक्कर लगाने में  225 दिन लगते हैं

 शुक्र ग्रह की सतह का औसत तापमान 462 डिग्री सेल्सियस रहता है

 शुक्र ग्रह का व्यास 12,104 km km है

.शुक्र ग्रह का क्रोड लोहे का बना है तथा इसका आंतरिक भाग मेंटल चट्टानों का बना हुआ है शुक्र ग्रह की सतह सिलिकेट पदार्थ की बनी हुई है

शुक्र ग्रह पर एक दिन (सोलर डे – सूर्य उदय और अस्त होने का समय) बहुत लंबा होता है, यह पृथ्वी के 117 दिनों के बराबर होता है.

शुक्र ग्रह पर 1 वर्ष पृथ्वी के एक वर्ष से छोटा होता है, यह केवल 225 पृथ्वी दिनों के बराबर होता है.

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शुक्र ग्रह का एक दिन उसके 1 वर्ष से लंबा होता है, जब पृथ्वी में 1 दिन 24 घंटे का होता है तथा 1 वर्ष 365 दिनों का होता है लेकिन शुक्र ग्रह पर एक दिन  पृथ्वी के 243 दिनों के बराबर होता है, और शुक्र ग्रह सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने में पृथ्वी के 225 दिन लगाता है, इस तरह शुक्र ग्रह पर एक दिन 1 वर्ष से बड़ा होता है,

शुक्र ग्रह बाकी ग्रहो की तुलना में विपरीत दिशा में  घूर्णन करता है

शुक्र ग्रह सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह है

शुक्र ग्रह के वायुमंडल में 96.5% कार्बन डाइऑक्साइड पाई जाती है

सन 2006 में वीनस एक्सप्रेस नाम का अंतरिक्ष यान शुक्र ग्रह की कक्षा में  यूरोपियन स्पेस एजेंसी द्वारा स्थापित किया गया था.

सबसे पहले रूस ने अपना अंतरिक्ष यान शुक्र ग्रह पर भेजा था इसका नाम Venera 1 था  

सोवियत रूस द्वारा भेजा गया Venera 3  अंतरिक्ष यान 1966 में शुक्र ग्रह की सतह पर उतरा था.

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English translation

A planet of Venus is larger than one year old, fun facts of planet Venus in hindi

The Venus Venus in Hindi

Venus is the second nearest planet to the Sun, it is the second most glorious object after night in the sky in the sky, you can easily see it in the evening in the west and in the morning, in the east, Star or Morning Star also says, there is no need for a telescope to see the planet Venus. It is also visible to the naked eye, Venus is named Venus. It is named after the Roman goddess Venus, the goddess of love and beauty, Venus is the second largest terrestrial planet, it is sometimes called the Earth’s Sister Planet because Earth and Venus are shaped and the mass is almost a are equal. Venus is completely covered with dense clouds of sulfuric acid, let’s try to get more information about Venus in our neighbor planet. Some phenomena of Venus The planet’s diameter is 12,104 km. Venus is the mass of the planet 81.5% of the Earth’s mass. Venus is no moon of the planet Venus is located at a distance of 108,209,475 km from the Sun. Venus has a circle of the Sun It takes 225 days. The average surface temperature of the planet Venus is 462 degrees Celsius. The planet’s diameter is 12,104 km. The crust of the planet is made of iron and its internal part is The planet is made of rocks. The surface of the planet is made of silicate substance. One day on the planet (solar day – the sun rises and the time to be set) is very long, it is equal to 117 days on Earth. 1 year is smaller than one year of Earth, it only equals 225 Earth days. One day of Venus is longer than one year, when 1 day is 24 hours in Earth and 1 year is 365 days, but one day on Venus is equal to 243 days of Earth, and Venus is the Sun It takes 225 days of Earth to revolve around, in this way Venus is larger than one year on planet, Venus rotates in the opposite direction than other planets. Hot Planet Venus is 96.5% carbon dioxide in the planet’s atmosphere. In 2006, the spacecraft named Venus Express was founded by the European Space Agency in Venus orbit. The first Russian had sent its spacecraft to Venus The name Venera 1 was sent by Soviet Russia to Venera 3 spacecraft landed on Venus planet in 1966. Second planet from the sun hindi, second planet hindi, shukra in hindi, venus in hindi, venus planet ki jankari, venus planet in hindi, venus grah, shukra grah, morning star in hindi, morning star kya he, mornig star kise hain,


shukr grah ka ek din ek varsh se bada hota hai fun fachts of planait vainus in hindi

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KT महाविनाश से स्तनधारी प्राणी कैसे बच गए how mammals survived KT event in hindi

KT Event ने डायनासोरों का विनाश कर दिया

पृथ्वी पर हजारों प्रकार के डायनासोर पाए जाते थे, यह शानदार विशालकाय प्राणी पृथ्वी पर 20 करोड़ सालों से मौजूद थे, लेकिन 6 करोड़ 50 लाख साल पहले एक उल्कापिंड आकर पृथ्वी से टकराया और डायनासोरों की सारी प्रजातियों का विनाश हो गया, इस महाविनाश जिसे KT Event कहा जाता है  से स्तनधारी प्राणी कैसे बच गए?, इस महाविनाश Cretaceous-Tertiary or K/T extinction event  से कई प्रकार के छोटे प्राणियों की प्रजातियां बच गई जैसे कि सरीसृप, पक्षी, स्तनधारी प्राणी जबकि  डायनासोरों की सभी प्रजातियां पृथ्वी से विलुप्त हो गई.

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स्तन धारी जीव mammals केसे बचे रहे?

Credit Richard-Bizley

वैज्ञानिकों के अनुसार इस महाविनाश से स्तनधारी जीव इस वजह से बच गए की वे अचानक पैदा हुई इस भयानक गर्मी से बचने में कामयाब रहे, जब बड़ा उल्कापिंड पृथ्वी से टकराया तो इससे भयानक ऊर्जा और गर्मी उत्पन्न हुई,छोटे स्तनधारी प्राणी जमीन के अंदर बने हुए बिलों में रहते थे, जिससे कि वे इस अचानक पैदा हुई गर्मी से बच गए, गर्मी से बचने के लिए यह अपने भूमिगत आवास में ही रहे, दूसरी और बड़े आकार के प्राणी और डायनासोर इस गर्मी की चपेट में आ गए, इनमें से कई तो तुरंत ही जलकर मर गए.

कई दिनों के बाद जब तापमान कम हुआ तब यह स्तनधारी प्राणी जमीन के अंदर से बाहर आए, जमीन पर उगने वाले पेड़ पौधे नष्ट हो चुके थे और जमीन एक सुखा मैदान बन गई थी, ऐसे में इन स्तनधारी प्राणियों को आहार की समस्या का भी सामना करना पड़ा लेकिन यह छोटे स्तनधारी प्राणी सर्वाहारी थे यह छोटे कीट पतंगे और मांस भी खाते थे यही कारण है कि यह पेड़ पौधों के नष्ट होने के बाद भी अपना अस्तित्व बचाने में कामयाब रहे.

अगर  शाकाहारी डायनासोर की कुछ प्रजातियां बची भी होंगी तो वह पेड़ पौधों के खत्म हो जाने के कारण नष्ट हो गई होंगी.

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यही कारण है कि स्तनधारी प्राणी इस महाविनाश से बचने में कामयाब हो गए, पृथ्वी से डायनासोर विलुप्त हो चुके थे इसी वजह से यह स्तनधारी प्राणी सारी पृथ्वी में फैल गए, इन की कई प्रजातियां उत्पन्न हुई वर्तमान समय में हमें जितने भी अलग-अलग प्रकार के जानवर दिखाई देते हैं ये सभी  केटी इवेंट से बचने वाले स्तनधारी प्राणियों के ही वंशज हैं.

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English translation

KT Event Destroys Dinosaurs

Thousands of types of dinosaurs were found on Earth, this magnificent giant creature was present on Earth for 200 million years, but 6 million 50 million years ago, a meteorite hit the earth, and all the species of dinosaurs were destroyed, this great fury that KT How do the mammalian creatures survive from the event called ?, the species of many species of small creatures survived from the Great Cretaceous-Tertiary or K / T extinction event such as reptiles, puck Si, a mammal while went extinct all species Earth’s dinosaurs

What are the surviving animals living in mammals?

According to scientists, mammalian creatures escaped because of this great disaster that they managed to escape from this horrible heat created by sudden, when large meteorites hit the earth, it caused terrible energy and heat, small mammals formed inside the ground. Lived in bills, so that he escaped from this suddenly born summer, to avoid heat, it remained in his underground dwelling, the second and larger life And dinosaurs fell victim to the heat, so many of them were immediately dead burned. After several days when the temperature decreased, this mammalian animal came out of the ground, the trees that had grown on the ground had been destroyed and the land had become a dry field, thus also facing the problem of food for these mammals But this small mammal was the omnivorous animal; these small insects used to eat moths and meat too. That is why this tree managed to save its existence even after the destruction of plants. Area. If some species of vegetarian dinosaurs survive, then the trees will have been destroyed due to the end of the plant. This is the reason that the mammalian creatures managed to escape this dilemma, the dinosaurs from the Earth were extinct, due to this Mammals have spread all over the earth, many species of these have arisen, in the present time, the different types of animals we see are all these Are descendants of mammalian species survival vent. Kt event in hindi, how mammals survived in hindi, mammals survived,


Hinglish

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