Endogenous और Exogenous प्रोसेस में क्या होती हैं

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इंडोजीनीयस और एक्सोजीनियस प्रक्रियाओं में अंतर

Endogenous and Exogenous processes  

पृथ्वी ग्रह का निर्माण कई भूगर्भीय प्रक्रियाओं और बलों के द्वारा किया गया है, कई प्रकार के बलों ने पृथ्वी के वर्तमान स्वरूप को आकार दिया है, इनमें से कुछ बल ऐसे हैं जो कि पृथ्वी के अंदर से उत्पन्न होते हैं तथा कुछ बल ऐसे हैं जो पृथ्वी की सतह के बाहर उत्पन्न होते हैं.

वह भूगर्भीय प्रक्रियाएं जो कि पृथ्वी के आंतरिक बलों से उत्पन्न होती है उन्हें इंडोजीनीयस प्रक्रिया कहा जाता है इसके ठीक विपरीत वह प्रक्रियाएं  जो कि बाहरी बलों से उत्पन्न होती है उन्हें एक्सोजीनियस प्रक्रियाएं कहा जाता है, इंडो का मतलब आंतरिक होता है यह एक प्रीफिक्स है, इसी प्रकार एक्सो का मतलब बाहरी होता है यह भी एक प्रीफिक्स है.

इस तरह हम कह सकते हैं कि पृथ्वी की आन्तरिक भूगर्भीय प्रक्रियाएं इंडोजीनीयस प्रक्रियाएं है तथा बाहरी बालो द्वारा उत्पन्न प्रक्रियाएं एक्सोजीनीयस प्रक्रियाएं हैं.

इंडोजीनीयस प्रक्रियाएं Endogenous processes

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पृथ्वी की तीन मुख्य आंतरिक भू गर्भीय  इंडोजीनीयस प्रक्रिया होती है इनके नाम,  फोल्डिंग, फॉल्टिंग और वोल्कानिक है यह सभी प्रक्रिया है पृथ्वी की सतह के टेक्टोनिक प्लेट्स के किनारों पर उत्पन्न होती हैं, टेक्टोनिक प्लेट्स का मुड़ना, टेक्टोनिक प्लेट्स का टकराना, तथा टेक्टोनिक प्लेट्स पर ज्वालामुखीयों का निर्माण यह सभी पृथ्वी की आंतरिक भूगर्भीय प्रक्रियाए है, यह सभी प्रक्रियाएं पृथ्वी के अंदर मौजूद बलों से उत्पन्न होती है, यह सभी इंडो जीनीयस प्रक्रियाए  पृथ्वी के रूप को बदल देती है, पृथ्वी की सतह का वर्तमान रूप इन्हीं प्रक्रियाओं द्वारा निर्धारित होता है.

एक्सोजीनीयस प्रक्रियाएं Endogenous processes

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वहीं दूसरी ओर एक्सोजीनीयस बाहरी प्रक्रियाओं का मुख्य स्रोत पृथ्वी के बाहर स्थित होता है,  एक्सो जीनीयस प्रक्रिया का सबसे अच्छा उदाहरण पृथ्वी के चंद्रमा द्वारा समुद्र और बड़ी झीलों में ज्वार भाटा की लहरें उत्पन्न करना है, जिन्हें टाइडस Tides कहते हैं.

बाहरी अंतरिक्ष से धूमकेतु और छोटे उल्का पिंड आकर पृथ्वी पर गिरते हैं तथा पृथ्वी की सतह पर बड़े गड्ढे या क्रेटर का निर्माण करते हैं यह भी एक्सो जीनियस प्रक्रिया के उदाहरण है, ये क्रेटर बड़े और छोटे आकार के हो सकते हैं.

सूर्य से आने वाला विकिरण पृथ्वी के वायुमंडल में ओजोन परत का निर्माण करता है, तथा सूर्य से आने वाले आएनीत कण पृथ्वी के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव पर औरा नाम का प्रकाश उत्पन्न करते हैं इसे नॉर्दन लाइट कहां जाता है यह भी एक एक्सोजीनीयस प्रक्रिया का उदाहरण है.

कुछ एक्सो जीनीयस प्रक्रिया ऐसी भी है जो कि अंतरिक्ष में स्थित किसी बाहरी पिंड द्वारा उत्पन्न नहीं होती बल्कि पृथ्वी पर ही पाए जाने वाले कारकों से उत्पन्न होती है,  मृदा का क्षरण जिसे की इरोजन कहा जाता है यह भी एक एक्सो जीनीयस प्रक्रिया ही है, मिटटी का क्षरण वायु, जल, बर्फ, मनुष्य तथा पशुओं की गतिविधि के द्वारा होता है यह सभी कारक एक्सो जीनीयस कारक है जो कि पृथ्वी की सतह पर ही पाए जाते हैं, पृथ्वी की सतह पर पाए जाने वाले कुछ और एक्सो जीनीयस कारकों का उदाहरण वर्षा हिमपात तूफान सुनामी हवाएं तथा बिजली बिजली का गिरना है.

इस तरह हम देखते हैं कि एक्सेस जीनियस का स्रोत अंतरिक्ष में भी हो सकता है और पृथ्वी की सतह में भी हो सकता है जबकि इन क्रियाओं का स्रोत के अंदर ही मौजूद होता है

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