क्या समय को भी रोक देता है ब्लैक होल?

ब्लैक होल के नजदीक समय का फैलाव

ब्लैक होल के पास समय में क्या बदलाव आता है?

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ब्लैक होल का गुरुत्वाकर्षण इतना भयंकर होता है कि वह अपने आसपास के स्पेस टाइम की बनावट को भी घुमा देता हैं, (स्पेस टाइम त्रिआयामी व्योम और समय से मिलकर बनी हुई डायमेंशन का नाम है) ब्लैक होल क्या होता है?

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यही कारण है कि ब्लैक होल से देखने वाले प्रेक्षक को बाहर खड़े हुए प्रेक्षक की तुलना में समय का अलग अनुभव होता है, यह बहुत ही आश्चर्यजनक बात है कि जैसे जैसे हम ब्लैक होल के पास जाते जातें  हैं समय धीमी गति से चलने लगता है, तथा ब्लैक होल कि सीमा इवेंट होराइजन पर यह रुका हुआ प्रतीत होता है, समय के धीमे चलने की इस परिघटना को टाइम डायलेशन नाम दिया गया है मतलब कि समय का फैलाव.

महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन द्वारा  प्रतिपादित किए गए सापेक्षता के सिद्धांत हमें यह बताते हैं कि इस संसार में सब कुछ  सापेक्ष है, अर्थात किसी वस्तु की लंबाई, उसकी गति तथा समय भी इस बात पर निर्भर करता है कि प्रेक्षक स्थिर है या गति अवस्था में है, अलग-अलग प्रेक्षकों के लिए एक वस्तु की लंबाई तथा उसकी गति तथा समय अलग-अलग हो सकते हैं.

सब कुछ सापेक्ष है every thing is relative

शुरू में यह बहुत अधिक जटिल लगता है, क्योंकि हम हमारे दैनिक जीवन में ऐसी घटनाएं नहीं देखते हैं यहाँ वस्तु की लंबाई निश्चित होती है, वस्तुओं के गति निश्चित होती है, तथा समय भी निश्चित होता है,  आपके कमरे में बीता हुआ 5 मिनट का समय, आपके दोस्त एक कमरे में बीते हुए 5 मिनट के बराबर होता है. ऐसा इसलिए क्योंकि पृथ्वी पर सभी चीजें एक ही फ्रेम में और एक ही गति से ब्रह्मांड में गति कर रही है.

यही वजह है कि हम समय को एक निश्चित चीज मानते हैं, और  अलग अलग व्यक्तियों के लिए समय के धीमे और तेज चलने की कल्पना भी नहीं कर सकते.

टाइम डायलेशन या समय के फैलाव का मुख्य कारण प्रकाश की गति का निश्चित होना है, ब्रह्मांड में प्रकाश की गति निश्चित होती है यह स्थिर फ्रेम या गति फ्रेम दोनों में ही 300000 किलोमीटर प्रति सेकंड होती है,  प्रकाश की गति के निश्चित होने की वजह से ही अलग अलग प्रेक्षकों को अलग अलग समय महसूस होता है.

समय का  फैलाव दो कारणों से महसूस किया जा सकता है,  अत्यधिक तेज़ गति से चलने पर समय का फैलाव होता है तथा अत्यधिक गुरुत्वाकर्षण के कारण भी  समय का फैलाव देखने को मिलता है.

ब्लैक होल के द्वारा समय का फैलाव

Time Dilation by Black hole

ब्लैक होल के नजदीक भयानक गुरुत्वाकर्षण होता है, यह गुरुत्वाकर्षण इतना अधिक शक्तिशाली होता है कि यह त्रिआयामी व्योम को भी घुमा देता है.

ब्लैक होल और घड़ी का प्रयोग

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समय के फैलाव को आसानी से समझने के लिए एक काल्पनिक प्रयोग किया जा सकता है, कल्पना कीजिए कि आप एक अंतरिक्ष यान में ब्लैक होल से  कुछ दूरी पर मौजूद है, आपके पास दो घड़ियां है जिन्हें आप ठीक समय पर मिलाकर एक घड़ी को ब्लैक होल की ओर गिरा देते हैं, तथा इस गिरती हुई घड़ी को अपने टेलीस्कोप से देखते हैं.

आप देखेंगे कि जैसे-जैसे घड़ी ब्लैक होल के पास जाती जाएगी वह बहुत धीमी होती जाएगी जबकि आपके पास जो घड़ी है वह सामान्य गति से चलेगी, ब्लैक होल की ओर जाती हुई घड़ी के कांटे आपको बहुत ही धीमे चलते हुए प्रतीत होंगे तथा जब यह घड़ी ब्लैक होल की सीमा इवेंट होराइजन पर पहुंचेगी तो वहां जाकर यह रुक ही जाएगी, आप अपने टेलीस्कोप से इसे हजारों साल तक देखते रहिए पर इसका समय आगे नहीं बढेगा और ना ही यह  ब्लैक होल में गिरती हुई दिखाई देगी ऐसा समय के फैलाव टाइम डायलेशन की वजह से होता है.

अब कल्पना कीजिए कि आप उस गिरती हुई घड़ी के साथ ब्लैक होल की तरफ जाने लगते हैं तो आपको टाइम डायलेशन समय का फैलाव महसूस नहीं होगा, आपको समय सामान्य गति से गुजरता हुआ महसूस होगा आपको नहीं लगेगा कि समय धीमा हो गया है, ब्लैक होल की सीमा इवेंट होराइजन से आप आसानी से गुजर जाएंगे और आपको समय रुका हुआ प्रतीत नहीं होगा.

यह भयानक अजीब बात इसलिए होती है, क्योंकि समय हर व्यक्ति के लिए निश्चित नहीं है, स्थिर व्यक्ति के लिए समय अलग होता है तथा गति कर रहे व्यक्ति के लिए समय अलग, यही आइंस्टाइन का सापेक्षता सिद्धांत है, ऐसे में आप प्रश्न करेंगे कि वास्तविकता क्या है?

ब्लैक होल से बाहर खड़े हुए व्यक्ति को लगेगा कि ब्लैक होल की तरफ गिरने वाला व्यक्ति बहुत धीमे धीमे चलते हुए ब्लैक होल  में सैकड़ों हजारों साल में पहुंचा ब्लैक होल की सीमा इवेंट होराइजन पर जाकर वह लगभग रूक ही गया, लेकिन जो व्यक्ति ब्लैक होल में गिर रहा है उसे यह लगेगा कि वह ब्लैक होल में कुछ मिनटों में ही गिर गया और इवेंट होराइजन पर भी नहीं रुका,  दोनों ही व्यक्ति अपनी अपनी जगह सही होंगे.

ब्लैक होल और बाहर के समय में कितना अंतर होता है?

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अक्सर यह प्रश्न पूछे जाते हैं कि ब्लैक होल से कुछ दूरी पर खड़े हुए प्रेक्षक द्वारा बिताया गया 1 सेकंड या 1 मिनट में ब्लैक होल के पास कितना समय बीतेगा, इस प्रश्न का उत्तर सापेक्षिक है अर्थात यह इस इस बात पर निर्भर करता है कि ब्लैक होल कितना बड़ा है,  तथा उसका गुरुत्वाकर्षण कितना भयंकर है, छोटे ब्लैक होल समय का कम फैलाव उत्पन्न करेंगे जबकि भयानक बड़े अल्ट्रा मैसिव ब्लैक होल्स टाइम को अकल्पनीय रूप से फैला देंगे. ऐसे में बाहर खड़े हुए व्यक्ति द्वारा बिताये गए 1 सेकंड या 1 मिनट में ब्लैक होल के पास समय में अंतर  1000 या 10000 तक का हो सकता है.यह अंतर ब्लैक होल के गुरुत्वाकर्षण पर निर्भर करता है,

अभी तक ज्ञात सबसे बड़ा ब्लैक होल हमारे सूर्य से 40  अरब गुना बड़ा है तथा इसका आकार हमारे पूरे सौरमंडल के आकार से 36 गुना बड़ा है ऐसे भयानक ब्लैक होल पर समय का फैलाव लाखों वर्षों का होता होगा. इस ब्लैक होल के बाहर खड़े प्रेक्षक द्वारा बिताये गए 1 सेकंड  में और ब्लैक होल के पास खड़े प्रेक्षक के समय में लाखों वर्षों का अंतर आ जाता होगा.

विश्व का सबसे बड़ा ब्लैक होल कौन सा है

 

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Taj Mohammed Sheikh

हेलो दोस्तों, में एक Freelance Blogger हूँ , नेट इन हिंदी .com वेबसाईट बनाने का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा में मनोरंजक और उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करना है, यहाँ आपको विज्ञान, सेहत, शायरी, प्रेरक कहानिया, सुविचार और अन्य विषयों पर अच्छे लेख पढ़ने को मिलते रहेंगे. धन्यवाद!

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