Duniya Shayari In Hindi  दुनिया पर हिंदी शायरी

Duniya Shayari In Hindi दुनिया पर हिंदी शायरी

Duniya Shayari In Hindi  दुनिया पर हिंदी शायरी
Duniya Shayari In Hindi दुनिया पर हिंदी शायरी

Duniya Shayari In Hindi

दुनिया पर हिंदी शायरी

 

दोस्तों दुनिया लफ्ज़ पर शेर ओ शायरी का एक विशाल संकलन हम इस पेज पर प्रकाशित कर रहे है, उम्मीद है यह आपको पसंद आएगा और आप विभिन्न शायरों के दुनिया के बारे में ज़ज्बात जान सकेंगे.

सभी विषयों पर हिंदी शायरी की लिस्ट यहाँ है.

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कभी दुनिया हो, कभी तुम, कभी तकदीर खिलाफ़

रोज़ एक ताज़ा सितम हो तो गज़ल होती है

~नसीम शाहजहाँपुरी*

 

निगाहों में तेरे जलवों की कसरत ले के आया हूँ

ये आलम है के इक दुनिया-ए-हैरत ले के आया हूँ

~नसीम शाहजहाँपुरी*

 

दुनिया पे ऐसा वक़्त पड़ेगा कि एक दिन,

इंसान की तलाश में इंसान जाएगा।

~फ़ना*

 

दर्द-ए-दुनिया की तड़प दिल में मेरे रहने दे

तू तो आँखों में भी रह सकती है तेरा क्या है

~नरेश कुमार ‘शाद’*

इश्क़ ने रोज़-ए-अज़ल ही कर दिया था फ़ैसला,

फिर कहाँ दुनिया के कहने से सुधर जाएँगे हम !!

दुनिया तो खैर छोड़ के आगे निकल गई,

तुम ने भी इंतज़ार हमारा नहीं किया !!*

 

सौ बार चमन महका सौ बार बहार आई

दुनिया की वही रौनक दिल की वही तन्हाई – सूफ़ी तबस्सुम*

 

एक नफरत ही नहीं दुनिया में दर्द का सबब फ़राज़

मोहब्बत भी सकूँ वालों को बड़ी तकलीफ़ देती है

~Faraz*

 

आबाद है यह ख़ाना-ए-दिल इक ख़याल से

दुनिया के हादसे इसे वीराँ न कर सके

~दत्तात्रिय क़ैफी*

 

खामोश क़हक़हों में भी गम देखते रहे,

दुनिया न देख पाई जो हम देखते रहे।

~नौशाद*

Duniya Shayari in Hindi*

 

पहले से मरासिम ना सही फिर भी कभी तो

रस्म-ओ-रह-ए-दुनिया ही निभाने के लिये आ

~Faraz*

 

साँथ चलना है तो फिर छोड़ दे सारी दुनिया

चल न पाए तो मुझे लौट के घर जाने दे

~नज़ीर बनारसी*

 

आग दुनिया की लगाई हुई बुझ जाएगी

कोई आँसू मिरे दामन पे बिखर जाने दे

~नज़ीर बनारसी*

 

दुनिया से निराली है “नज़ीर” अपनी कहानी

अँगारों से बच निकला हूँ फूलों से जला हूँ

~नज़ीर बनारसी*

 

दुनिया का कोई हादसा ख़ाली नहीं मुझ से

मैं खाक़ हूँ मैं आग़ हूँ पानी हूँ हवा हूँ

~नज़ीर बनारसी*

 

दुनिया में मुझे तूने गर अपना बनाया है

महशर में भी कह देना यह है मेरा दीवाना।*

 

दुनिया-ए-हुस्न-ओ-इश्क़ मिरी करना है तो यूँ क़ामिल कर दे

अपने जल्वे मेरी हैरत नज़्ज़ारे में शामिल कर दे

~बेदम वारसी*

 

एक हमें आवारा कहना कोई बड़ा इल्ज़ाम नहीं,

दुनिया वाले दिल वालों को और बहुत कुछ कहते हैं !! -हबीब जालिब*

 

इसमें में भी रब बसता है, उसमे भी खुदा का साया है,

दुनिया उसकी महफ़िल है, फिर कौन यहाँ पराया है।*

 

Duniya Shayari in Hindi*

बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मेरे आगे,

होता है शब्-ओ-रोज़ तमाशा मेरे आगे। ~मिर्ज़ा ग़ालिब*

 

नजात दी ग़म-ए-दुनिया से दर्द-ए-दिल ने मुझे

ये एक राह मिली ग़म से छूट जाने की !!*

 

बेहतर तो है यही के ना दुनिया से दिल लगे,

पर क्या करें जो काम ना बेदिल्लगी चले !!*

 

सदा उलफतो मुहब्बत का पैगाम दो नायाब

जन्नत तो नहीं जन्नत नुमा बन जाएगी दुनिया*

 

ऐ ग़म-ए-दुनिया तुझे क्या इल्म तेरे वास्ते,

किन बहानों से तबीअत राह पर लाई गई !!*

 

 

बेवफ़ाई के गिले जिन के हुए थे कल तक,

आज दुनिया के वफ़ादार बने बैठे हैं !!- ज़हीर देहलवी*

 

Duniya Shayari in Hindi

तुम साथ हो जब अपने दुनिया को दिखा देंगे,

हम मौत को जीने के अंदाज़ सिखा देंगे !!*

 

कहने को लफ्ज दो हैं उम्मीद और हसरत,

लेकिन निहाँ इसी में दुनिया की दास्ताँ है*

 

मगर ये बात दुनिया की समझ में क्यों नहीं आती

अगर गुल ही नहीं होंगे तो फिर गुलदान होगा क्या

~दानिश*

 

वली, मीर, मोमिन ने इसको निखारा

जिगर, दाग़, ग़ालिब ने इसको सँवारा

इसे मौसिक़ी ने गले से लगाया

गज़ल आज दुनिया के पेश-ए-नज़र है*

 

दुनिया की क्या मज़ाल कि देता कोई फ़रेब

अपनी ही आरज़ू के हुवे हम शिकार हैं*

 

उठा उठा के तेरे नाज़ ऐ ग़म-ए-दुनिया,

ख़ुद आप ही तेरी आदत ख़राब की हम ने !!*

 

या रब हमे तो ख़्वाब में भी मत दिखाइयो,

ये महशर-ए-ख्याल कि दुनिया कहें जिसे।

~ग़ालिब*

 

 

Duniya Shayari in Hindi

न हारा है इश्क न दुनिया थकी है

दिया जल रही है हवा चल रही है।*

 

मेरी नज़रों में तू हो और तेरी मुहब्बत हो

दुनिया हो ना उक़बा हो ना दोज़ख हो ना जन्नत हो १/२*

 

सोच-समझकर दिल को लगाना रंग बदलती दुनिया में

अहदे वफ़ा एक रोग़ है प्यारे, इश्क़ यहाँ बीमारी है*

 

ज़मीं से आसमां तक आसमां से लामकाँ तक है

ख़ुदा जाने हमारे इश्क़ की दुनिया कहाँ तक है**

 

हम इतना भ़ी ना समझे अक्ल खोई दिल गवां बैठे

के हुस्न-ओ-इश्क़ की दुनिया कहाँ से है कहाँ तक है*

 

दुनिया में मुझे तूने गर अपना बनाया है

महशर में भी कह देना यह है मेरा दीवाना।*

 

Duniya Shayari in Hindi

अहले-ए-दिल और भी हैं अहल-ए-वफ़ा और भी हैं

एक हम ही नहीं दुनिया से ख़फ़ा और भी हैं

~साहिर*

 

अपना किसे कहूँ मैं किसी पर यकीं नहीं

दुनिया बदल गई है तेरी बात की तरह*

 

किसी की जूस्तजू ही बाइसे रग़बत है दुनिया में

वगरना जी न लगता इस सफ़र की राहगुज़ारों में*

 

मेरी किस्मत से खेलने वाले

मुझ को दुनिया से बेखबर कर दे*

 

हज़ार जाल लिए घूमती फिरे दुनिया,

तेरे असीर किसी के हुआ नहीं करते !! -अमजद इस्लाम अमजद*

 

बुला रही हैं हमें तल्ख़ियाँ हक़ीक़त की

ख़याल-ओ-ख़्वाब की दुनिया से अब निकलते हैं*

 

Duniya Shayari in Hindi*

न जाना कि दुनिया से जाता है कोई,

बहुत देर की मेहरबां आते आते !! -दाग़*

 

तूफान कर रहा था मेरे अज्म का तवाफ,

दुनिया समझ रही थी कश्ती भंवर में है !!*

 

सच बोल तो रहा हूँ मगर यह भी है पता,

दुनिया मैं इसके बाद अकेला रहूँगा मैं

~ काज़िम जरवली*

 

दुनिया की निगाहों में बुरा क्या है भला क्या,

ये बोझ अगर दिल से उतर जाए तो अच्छा !!*

 

अलम अपना तो दुनिया में सभी महसूस करते हैं

मगर मैं हूँ के दुनिया का अलम महसूस करता हूँ*

 

बलन्दियों पे नज़र आ रहे हैं कुछ बौने,

अजब नहीं कि ये दुनिया तबाह हो जाए

~मेराज*

Duniya Shayari in Hindi*

एक टूटी हुई जंज़ीर की फ़रियाद हैं हम

और दुनिया ये समझती है के आज़ाद हैं हम*

 

दुनिया है ख़्वाब हासिल-ए-दुनिया ख़याल है,

इंसान ख़्वाब देख रहा है ख़याल में !!*

 

जज़्बात को कहाँ समझ पाती है दुनिया,

जो किस्सा है दिल का तो किसी और से बोलो।*

 

थी सामने आलाइश-ए-दुनिया की भी इक राह,

वो ख़ूबी-ए-क़िस्मत से ज़रा छोड़ गए हम !!*

 

दो बलाएँ आज कल अपनी शरीक-ए-हाल हैं

इक बला-ए-दर्द-ए-दुनिया इक बला-ए-दर्द-ए-दिल*

 

हम बदलते हैं रुख़ हवाओं का,

आए दुनिया हमारे साथ चले !! -‘क़ाबिल’ अजमेरी*

 

Duniya Shayari in Hindi

कुछ नहीं है दुनिया में इक सिवा मुहब्बत के,

और ये मुहब्बत ही तुमसे की नहीं जाती*

 

अब मेरे दीद की दुनिया भी तमाशाई है,

तूने क्या मुझको मुहोब्बत में बना रखा है।

~नासिर*

 

चंद सिक्कों में मिल जाती थी दुनिया,

लड़कपन की बात कुछ और ही होती थी।*

 

दुनिया ने तेरी याद से बेगाना कर दिया,

तुझ से भी दिल-फरेब हैं गम रोज़गार के।

~फैज़*

 

‘सैफ़’ अंदाज़-ए-बयाँ रंग बदल देता है,

वर्ना दुनिया में कोई बात नई बात नहीं !!*

 

सुकून-ए-कल्ब की दौलत कहाँ दुनिया-ए-फानी में,

बस इक गफलत-सी आ जाती है और वो भी जवानी में !!*

 

ख़ल्क़ कहती है जिसे दिल तेरे दीवाने का,

एक गोशा है ये दुनिया इसी वीराने का !!*

 

ये संगदिलों की दुनिया है, यहाँ संभल कर चलना ‘ग़ालिब’,

यहाँ पलकों पे बिठाया जाता है नज़रों से गिराने के लिए।*

 

किसी की याद में दुनिया को हैं भुलाए हुए,

ज़माना गुज़रा है अपना ख़याल आए हुए !!*

 

Duniya Shayari in Hindi

अब दिल की तरफ दर्द की यलगार बहुत है,

दुनिया मेरे जख़्मों की तलबगार बहुत है !!*

 

वादे तमाम रखो दुनिया से मगर,

रूह का करार बस मेरे नाम लिखना।*

 

ग़म-ए-हयात का झगड़ा मिटा रहा है कोई

चले भी आओ कि दुनिया से जा रहा है कोई !!*

 

Duniya Shayari in Hindi*

सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ,

ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ !! – मीर दर्द*

 

मरीज़-ए-ख़्वाब को तो अब शिफ़ा है,

मगर दुनिया बड़ी कड़वी दवा थी !!*

 

ग़म-ए-दुनिया भी ग़म-ए-यार में शामिल कर लो

नशा बढ़ता है शराबे जो शराबो में मिले !!*

 

कहने को बहुत कुछ था अगर कहने पे आते,

दुनिया की इनायत है कि हम कुछ नहीं कहते !!*

 

दुनिया न जीत पाओ तो हारो न आप को

थोड़ी बहुत तो ज़ेहन में नाराज़गी रहे !!-निदाफ़ाज़ली*

 

Duniya Shayari in Hindi

दिल के हाथों कहीं दुनिया में गुज़ारा न रहा,

हम किसी के न रहे कोई हमारा न रहा !!*

 

रूह की सिलवटों से सिलसिले बन गए,

अपना बस यूँ ही दुनिया में आना जाना रहा।*

 

उसको फुर्सत ही ना मिली दुनिया की उलझनों से,

हम ख़्वाबों में भी बस इंतज़ार करते रहे।*

 

इक सिर्फ़ हमीं मय को आँखों से पिलाते हैं

कहने को तो दुनिया में मयख़ाने हज़ारों हैं!!-शहरयार*

 

दुनिया ने किस का राह-ए-फ़ना में दिया है साथ

तुम भी चले चलो यूँ ही जब तक चली चले !!*

 

बड़ी ”’ज़ालिम”’ निहायत बेवफ़ा है

ये दुनिया फिर भी कितनी ख़ुशनुमा है*

 

Duniya Shayari in Hindi

अपनी लिखी गज़ले,आखिर अब किस को सुनाएँ

मेरी दुनिया,रोटी को लैेला और सब्जी को हीर समझे*

 

किस जहाँ में मिलेंगे नाजाने हम,

इस जहाँ में तो वो दुनिया का हुआ।*

 

इस रंगीन दुनिया में बेरंग सी सूरत है मेरी,

लोग मुझे कभी उजाला तो कभी अँधेरा बुलाते हैं।*

 

मैं दिल हूँ मुझे बस धड़कने दो,

दुनिया की कहकहों मुझको लेना भी क्या।

हार जीत का फ़लसफ़ा तो दुनिया ने बनाया है,

मेरे दानिस्त में तो हर इल्म साजा करना है।*

 

बेनक़ाब सीरत नहीं मिलती है दुनिया में,

हर किसी की कोई ना कोई सूरत तो होती है।*

 

ज़ोर और ज़ब्र से हासिल नहीं हुयी अब तक,

ये दुनिया मेरे मुक़ाबिल नहीं हुयी अब तक.!!*

 

Duniya Shayari in Hindi*

अल्फ़ाज़ तो हैं ज़ज़्बात नहीं,

ये दुनिया भी बस तमाशा भर है।*

 

दस्तूर दुनिया का कुछ ऐसा ही है,

जख्म उसी को दिया जाता है, जिसे सहना आता है।*

 

वो ज़हर देता तो दुनिया की नज़रों में आ जाता,

सो उसने यूँ किया के वक़्त पे दवा न दी !!*

 

मार ही डाले जो बे-मौत ये वो दुनिया है

हम जो ज़िंदा है तो जीने का हुनर रखते हैं*

 

लम्हे-लम्हे की सियासत पे नज़र रखते हैं,

हमसे दीवाने भी दुनिया की खबर रखते हैं*

 

ख़फ़ा है हमसे ये दुनिया हमारा है क़ुसूर इतना

समझदारी से हम कुछ पल सुहाने ढूँढ़ लेते हैं*

 

ग़म-ए-दुनिया भी ग़म-ए-यार में शामिल कर लो

नशा बढ़ता है शराबें जो शराबों में मिलें*

 

Duniya Shayari in Hindi*

उलट जाती हैं तदबीरें, पलट जाती हैं तक़दीरें,

अगर ढूँढे नई दुनिया तो इन्सां पा ही जाता है !! –~फ़िराक़*

 

खुश हैं बहुत दिल दुःखा के मेरा,

मेरे अपने भी अब तो दुनिया में शुमार हैं।*

 

बेहतर तो है यही के न दुनिया से दिल लगे,

पर क्या करें जो काम न बे-दिल्लगी चले !! – ज़ौक़*

 

दुनिया ने किस का राह-ए-फ़ना में दिया है साथ,

तुम भी चले चलो यूँ ही, जब तक चली चले !! – ज़ौक़*

 

एक पल की पलक पर है ठहरी हुई ये दुनिया

एक पल के झपकने तक हर खेल सुहाना है !!- ~साहिर*

 

ज़िंदगी हसीन वहमों के सिवा कुछ भी नही,

दुनिया ने इसे ही उम्मीद नाम दे रखा है!!*

 

Duniya Shayari in Hindi

बड़े वसूक़ से दुनिया फरेब देती है,

बड़े खुलूस से हम ऐतबार करते हैं …*

 

लोगो भला इस शहर में कैसे जिएंगे हम जहां

हो जुर्म तन्हा सोचना लेकिन सज़ा आवारगी*

~मोहसिन नक़वी**

 

सारी रौनक़ तेरे होने के यक़ीं में है निहाँ,

तू न होता तो भला काहे को दुनिया होती !!*

 

अपनी दुनिया आप पैदा कर अगर जिन्दो में है,

सर्र-ए-आदम है, ज़मीर-ए-कुन फिकन है ज़िंदगी !!*

 

बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मेरे आगे,

होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मेरे आगे !! :-)*

 

इस दर्द की दुनिया से गुजर क्यूं नहीं जाते

ये लोग भी क्या लोग हैं मर क्यूं नहीं जाते!*

 

इक तेरी दीद छिन गयी मुझ से

वरना दुनिया में क्या नही बाकी*

 

छोङ दुनिया की सारी झंझट को

आ मेरे दिल पे हुक्मरानी कर!*

 

Duniya Shayari in Hindi

मेज़ाजे दुनिया से जंयू आसना होता जा रहा हूँ ~

~मैं तन्हा आैर तन्हा आैर तन्हा होता जा रहा हूँ!*

 

यही दुनिया है तो फिर ऐसी ये दुनिया क्यों हैं

यही होता हैं तो आखिर यही होता क्यों है.!!*

 

सारी दुनिया तेरे जिम्मे,दुनिया की हर चीज़ तेरी

मुझ को तो बस इक मेरे क़िरदार की तू रखवाली दे.!!*

 

दुनिया में वही शख्स है ताज़ीम के क़ाबिल

जिस शख्स ने हालात का रुख मोड़ दिया हो.!!

अगर यही तेरी दुनिया का हाल है या रब

तो मेरे क़ैद भली है मुझे रिहाई न दे.!!*

 

बड़े अजीब से आज-कल इस दुनिया के मेले हैं

दिखती तो भीड़ है लेकिन,चलते सब अकेले हैं.!!

ज़िक्र जब होगा मुहब्बत में तबाही का कहीं

याद हम आयेंगे दुनिया को हवालों की तरह*

 

जब दोस्तों की दोस्ती है सामने मेरे

दुनिया में दुश्मनी की मिसालों को क्या करूँ*

 

दुनिया में हूँ दुनिया का तलबगार नहीं हूँ

बाज़ार से गुज़रा हूँ,खरीददार नहीं हूँ.!!*

 

जिसे डर से दुनिया के दफ़ना दिया

वो अरमान फिर भी मचलता रहा.!!*

 

हमने ख़ामोश बना रक्खी है,दिल की दुनिया

कोई आवाज़ उभरती है,दबा देते हैं.!!*

 

इश्क़ को भूल के जन्नत की है दुनिया को तलाश

इश्क़ की आग़ जो दोज़ख है तो जन्नत क्या है.!!*

 

मेरी हर बात से उन्हें उल्फ़त है,मग़र मुझसे नहीं

दुनिया के खुश-नसीबों में,सब से बद-नसीब हूँ मैं*

 

कभी सरकार पे, क़िस्मत पे, कभी दुनिया पे

दोष हर बात का औरों पे हि डाला मैंने.!!

अगर है झूट पे क़ायम निज़ाम दुनिया का

तो फिर जिधर है ज़माना उधर न जाऊँ मैं.!!

जब से तेरे ख़याल का, मौसम हुआ है “दोस्त”

दुनिया की धूप-छाँव से आगे निकल गये.!!*

 

Duniya Shayari in Hindi

जब से तेरे ख़याल का, मौसम हुआ है ‘दोस्त’

दुनिया की धूप-छाँव से आगे निकल गए.!!*

 

उसे दोज़ख बनानी पड़ गई फिर

नतीज़ा ये रहा , दुनिया बना कर..!!*

 

ये तो हम हैं के तेरा दर्द छुपा के दिल में।।

काम दुनिया के बा’दस्तूर किये जाते हैं..!!*

 

अगर यही तेरी दुनिया का हाल है मालिक़

तो मेरी क़ैद भली है मुझे रिहाई न दे

~मेराज फैज़ाबादी*

 

ग़मो की धूप में भी मुस्कुरा कर चलना पड़ता है।।

ये दुनिया है यहाँ चेहरा सजा कर चलना पड़ता है*

 

अरे जनाब गर चलाए से यूँ हवाएँ चल जाती।।

दुनिया सारी एक माचिस की तीली से जल जाती..!!*

 

मालिक़े-ख़ुल्द से दुनिया नहीं माँगा करते।।

यार दरयाओं से क़तरा नहीं माँगा करते..!!*

 

एक टूटी हुई जंज़ीर की फ़रियाद हैं हम।।

और दुनिया ये समझती है के आज़ाद हैं हम..!!*

 

गुलशन की फक़त फूलों से नहीं

काँटों से भी ज़ीनत होती है,।।

जीने के लिये इस दुनिया में

ग़म की भी ज़रूरत होती है*

 

ग़लत है या सहीं ये सोचता है कौन दुनिया में।।

उधर हि लोग चलते हैं जिधर रहबर चलाता है..!!*

 

दुनिया ने हर फ़साना हकीक़त बना दिया।।

हम ने हकीक़तों को भी अफ़साना कर दिया..!!*

 

ग़मो की धूप में भी मुस्कुरा कर चलना पड़ता है।।

ये दुनिया है यहाँ चेहरा सजा कर चलना पड़ता है*

 

मालिक़े-ख़ुल्द से दुनिया नहीं माँगा करते।।

यार दरयाओं से क़तरा नहीं माँगा करते..!!*

 

अगर यही तेरी दुनिया का हाल है मालिक़।।

तो मेरी क़ैद भली है मुझे रिहाई ना दे..!!*

 

जब से तेरे ख़याल का, मौसम हुआ है दोस्त।।

दुनिया की धूप-छांव से, आगे निकल गये ..!!*

 

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Duniya Shayari In Hindi

दुनिया पर हिंदी शायरी

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ek hamen aavaara kahana koee bada ilzaam nahin,duniya vaale dil vaalon ko aur bahut kuchh kahate hain !! -habeeb jaalib*

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duniy shayari in hindi*

baazeecha-e-atafaal hai duniya mere aage,hota hai shab-o-roz tamaasha mere aage. ~mirza gaalib*

najaat dee gam-e-duniya se dard-e-dil ne mujheye ek raah milee gam se chhoot jaane kee !!*behatar to hai yahee ke na duniya se dil lage,par kya karen jo kaam na bedillagee chale !!*

sada ulaphato muhabbat ka paigaam do naayaabajannat to nahin jannat numa ban jaegee duniya*

ai gam-e-duniya tujhe kya ilm tere vaaste,kin bahaanon se tabeeat raah par laee gaee !!*

bevafaee ke gile jin ke hue the kal tak,aaj duniya ke vafaadaar bane baithe hain !!- zaheer dehalavee*

duniy shayari in hinditum saath ho jab apane duniya ko dikha denge,ham maut ko jeene ke andaaz sikha denge !!*

kahane ko laphj do hain ummeed aur hasarat,lekin nihaan isee mein duniya kee daastaan hai*

magar ye baat duniya kee samajh mein kyon nahin aateeagar gul hee nahin honge to phir guladaan hoga kya~daanish*valee, meer, momin ne isako nikhaaraajigar, daag, gaalib ne isako sanvaaraise mausiqee ne gale se lagaayaagazal aaj duniya ke pesh-e-nazar hai*

duniya kee kya mazaal ki deta koee farebapanee hee aarazoo ke huve ham shikaar hain*utha utha ke tere naaz ai gam-e-duniya,khud aap hee teree aadat kharaab kee ham ne !!*

ya rab hame to khvaab mein bhee mat dikhaiyo,ye mahashar-e-khyaal ki duniya kahen jise.~gaalib*duniy shayari in hindin haara hai ishk na duniya thakee haidiya jal rahee hai hava chal rahee hai.*

meree nazaron mein too ho aur teree muhabbat hon duniya ho na uqaba ho na dozakh ho na jannat ho 1/2*

soch-samajhakar dil ko lagaana rang badalatee duniya menahade vafa ek rog hai pyaare, ishq yahaan beemaaree hai*

zameen se aasamaan tak aasamaan se laamakaan tak haikhuda jaane hamaare ishq kee duniya kahaan tak hai**

ham itana bhee na samajhe akl khoee dil gavaan baitheke husn-o-ishq kee duniya kahaan se hai kahaan tak hai*

duniya mein mujhe toone gar apana banaaya haimahashar mein bhee kah dena yah hai mera deevaana.*duniy shayari in hindi

ahale-e-dil aur bhee hain ahal-e-vafa aur bhee hainek ham hee nahin duniya se khafa aur bhee hain~saahir*

apana kise kahoon main kisee par yakeen naheenduniya badal gaee hai teree baat kee tarah*

kisee kee joostajoo hee baise ragabat hai duniya menvagarana jee na lagata is safar kee raahaguzaaron mein*

meree kismat se khelane vaalemujh ko duniya se bekhabar kar de*hazaar jaal lie ghoomatee phire duniya,tere aseer kisee ke hua nahin karate !! -amajad islaam amajad*

bula rahee hain hamen talkhiyaan haqeeqat keekhayaal-o-khvaab kee duniya se ab nikalate hain*

duniy shayari in hindi*na jaana ki duniya se jaata hai koee,bahut der kee meharabaan aate aate !! -daag*

toophaan kar raha tha mere ajm ka tavaaph,duniya samajh rahee thee kashtee bhanvar mein hai !!*

 

sach bol to raha hoon magar yah bhee hai pata,duniya main isake baad akela rahoonga main~ kaazim jaravalee*

duniya kee nigaahon mein bura kya hai bhala kya,ye bojh agar dil se utar jae to achchha !!*

alam apana to duniya mein sabhee mahasoos karate haimmagar main hoon ke duniya ka alam mahasoos karata hoon*

balandiyon pe nazar aa rahe hain kuchh baune,ajab nahin ki ye duniya tabaah ho jae~meraaj*

duniy shayari in hindi*ek tootee huee janzeer kee fariyaad hain hamaur duniya ye samajhatee hai ke aazaad hain ham*

duniya hai khvaab haasil-e-duniya khayaal hai,insaan khvaab dekh raha hai khayaal mein !!*

jazbaat ko kahaan samajh paatee hai duniya,jo kissa hai dil ka to kisee aur se bolo.*

thee saamane aalaish-e-duniya kee bhee ik raah,vo khoobee-e-qismat se zara chhod gae ham !!*

do balaen aaj kal apanee shareek-e-haal hainik bala-e-dard-e-duniya ik bala-e-dard-e-dil*

ham badalate hain rukh havaon ka,aae duniya hamaare saath chale !! -qaabil ajameree*

duniy shayari in hindikuchh nahin hai duniya mein ik siva muhabbat ke,aur ye muhabbat hee tumase kee nahin jaatee*

ab mere deed kee duniya bhee tamaashaee hai,toone kya mujhako muhobbat mein bana rakha hai.~naasir*

chand sikkon mein mil jaatee thee duniya,ladakapan kee baat kuchh aur hee hotee thee.*

duniya ne teree yaad se begaana kar diya,tujh se bhee dil-phareb hain gam rozagaar ke.~phaiz*

saif andaaz-e-bayaan rang badal deta hai,varna duniya mein koee baat naee baat nahin !!*sukoon-e-kalb kee daulat kahaan duniya-e-phaanee mein,bas ik gaphalat-see aa jaatee hai aur vo bhee javaanee mein !!*

khalq kahatee hai jise dil tere deevaane ka,ek gosha hai ye duniya isee veeraane ka !!*

ye sangadilon kee duniya hai, yahaan sambhal kar chalana gaalib,yahaan palakon pe bithaaya jaata hai nazaron se giraane ke lie.*

kisee kee yaad mein duniya ko hain bhulae hue,zamaana guzara hai apana khayaal aae hue !!*

duniy shayari in hindiab dil kee taraph dard kee yalagaar bahut hai,duniya mere jakhmon kee talabagaar bahut hai !!*

vaade tamaam rakho duniya se magar,rooh ka karaar bas mere naam likhana.*

gam-e-hayaat ka jhagada mita raha hai koeechale bhee aao ki duniya se ja raha hai koee !!*duniy shayari in hindi*

sair kar duniya kee gaafil zindagaanee phir kahaan,zindagee gar kuchh rahee to ye javaanee phir kahaan !! – meer dard*

mareez-e-khvaab ko to ab shifa hai,magar duniya badee kadavee dava thee !!*gam-e-duniya bhee gam-e-yaar mein shaamil kar lonasha badhata hai sharaabe jo sharaabo mein mile !!*

kahane ko bahut kuchh tha agar kahane pe aate,duniya kee inaayat hai ki ham kuchh nahin kahate !!*

duniya na jeet pao to haaro na aap kothodee bahut to zehan mein naaraazagee rahe !!-nidaafaazalee*

duniy shayari in hindidil ke haathon kaheen duniya mein guzaara na raha,ham kisee ke na rahe koee hamaara na raha !!*

rooh kee silavaton se silasile ban gae,apana bas yoon hee duniya mein aana jaana raha.*

usako phursat hee na milee duniya kee ulajhanon se,ham khvaabon mein bhee bas intazaar karate rahe.*

ik sirf hameen may ko aankhon se pilaate hainkahane ko to duniya mein mayakhaane hazaaron hain!!-shaharayaar*

duniya ne kis ka raah-e-fana mein diya hai saathatum bhee chale chalo yoon hee jab tak chalee chale !!*

badee zaalim nihaayat bevafa haiye duniya phir bhee kitanee khushanuma hai*

duniy shayari in hindiapanee likhee gazale,aakhir ab kis ko sunaenmeree duniya,rotee ko laiela aur sabjee ko heer samajhe*

kis jahaan mein milenge naajaane ham,is jahaan mein to vo duniya ka hua.*

is rangeen duniya mein berang see soorat hai meree,log mujhe kabhee ujaala to kabhee andhera bulaate hain.*

main dil hoon mujhe bas dhadakane do,duniya kee kahakahon mujhako lena bhee kya.haar jeet ka falasafa to duniya ne banaaya hai,mere daanist mein to har ilm saaja karana hai.*

benaqaab seerat nahin milatee hai duniya mein,har kisee kee koee na koee soorat to hotee hai.*

zor aur zabr se haasil nahin huyee ab tak,ye duniya mere muqaabil nahin huyee ab tak.!!*duniy shayari in hindi*

alfaaz to hain zazbaat nahin,ye duniya bhee bas tamaasha bhar hai.*dastoor duniya ka kuchh aisa hee hai,jakhm usee ko diya jaata hai, jise sahana aata hai.*

vo zahar deta to duniya kee nazaron mein aa jaata,so usane yoon kiya ke vaqt pe dava na dee !!*

maar hee daale jo be-maut ye vo duniya haiham jo zinda hai to jeene ka hunar rakhate hain*

lamhe-lamhe kee siyaasat pe nazar rakhate hain,hamase deevaane bhee duniya kee khabar rakhate hain*

khafa hai hamase ye duniya hamaara hai qusoor itanaasamajhadaaree se ham kuchh pal suhaane dhoondh lete hain*

gam-e-duniya bhee gam-e-yaar mein shaamil kar lonasha badhata hai sharaaben jo sharaabon mein milen*

duniy shayari in hindi*ulat jaatee hain tadabeeren, palat jaatee hain taqadeeren,agar dhoondhe naee duniya to insaan pa hee jaata hai !! –~firaaq*khush hain bahut dil duhkha ke mera,mere apane bhee ab to duniya mein shumaar hain.*

behatar to hai yahee ke na duniya se dil lage,par kya karen jo kaam na be-dillagee chale !! – zauq*duniya ne kis ka raah-e-fana mein diya hai saath,tum bhee chale chalo yoon hee, jab tak chalee chale !! –

zauq*ek pal kee palak par hai thaharee huee ye duniyaek pal ke jhapakane tak har khel suhaana hai !!- ~saahir*

zindagee haseen vahamon ke siva kuchh bhee nahee,duniya ne ise hee ummeed naam de rakha hai!!*

duniy shayari in hindibade vasooq se duniya phareb detee hai,bade khuloos se ham aitabaar karate hain …*

logo bhala is shahar mein kaise jienge ham jahaanho jurm tanha sochana lekin saza aavaaragee*~mohasin naqavee**

saaree raunaq tere hone ke yaqeen mein hai nihaan,too na hota to bhala kaahe ko duniya hotee !!*

apanee duniya aap paida kar agar jindo mein hai,sarr-e-aadam hai, zameer-e-kun phikan hai zindagee !!*baazeecha-e-atafaal hai duniya mere aage,hota hai shab-o-roz tamaasha mere aage !! :-)*

is dard kee duniya se gujar kyoon nahin jaateye log bhee kya log hain mar kyoon nahin jaate!*

ik teree deed chhin gayee mujh sevarana duniya mein kya nahee baakee*chhon duniya kee saaree jhanjhat koa mere dil pe hukmaraanee kar!*duniy shayari in hindimezaaje duniya se janyoo aasana hota ja raha hoon ~~main tanha aaair tanha aaair tanha hota ja raha hoon!*

yahee duniya hai to phir aisee ye duniya kyon hainyahee hota hain to aakhir yahee hota kyon hai.!!*

saaree duniya tere jimme,duniya kee har cheez tereemujh ko to bas ik mere qiradaar kee too rakhavaalee de.!!*

duniya mein vahee shakhs hai taazeem ke qaabilajis shakhs ne haalaat ka rukh mod diya ho.!!agar yahee teree duniya ka haal hai ya rabato mere qaid bhalee hai mujhe rihaee na de.!!*

bade ajeeb se aaj-kal is duniya ke mele haindikhatee to bheed hai lekin,chalate sab akele hain.!!zikr jab hoga muhabbat mein tabaahee ka kaheenyaad ham aayenge duniya ko havaalon kee tarah*jab doston kee dostee hai saamane mereduniya mein dushmanee kee misaalon ko kya karoon*duniya mein hoon duniya ka talabagaar nahin hoonbaazaar se guzara hoon,khareedadaar nahin hoon.!!*

jise dar se duniya ke dafana diyaavo aramaan phir bhee machalata raha.!!*hamane khaamosh bana rakkhee hai,dil kee duniyaakoee aavaaz ubharatee hai,daba dete hain.!!*

ishq ko bhool ke jannat kee hai duniya ko talaashishq kee aag jo dozakh hai to jannat kya hai.!!*

meree har baat se unhen ulfat hai,magar mujhase naheenduniya ke khush-naseebon mein,sab se bad-naseeb hoon main*kabhee sarakaar pe, qismat pe, kabhee duniya pedosh har baat ka auron pe hi daala mainne.!!agar hai jhoot pe qaayam nizaam duniya kaato phir jidhar hai zamaana udhar na jaoon main.!!jab se tere khayaal ka, mausam hua hai “dost”duniya kee dhoop-chhaanv se aage nikal gaye.!!*

duniy shayari in hindijab se tere khayaal ka, mausam hua hai dostduniya kee dhoop-chhaanv se aage nikal gae.!!*use dozakh banaanee pad gaee phiranateeza ye raha , duniya bana kar..!!*

ye to ham hain ke tera dard chhupa ke dil mein..kaam duniya ke badastoor kiye jaate hain..!!*

agar yahee teree duniya ka haal hai maaliqato meree qaid bhalee hai mujhe rihaee na de~meraaj phaizaabaadee*

gamo kee dhoop mein bhee muskura kar chalana padata hai..ye duniya hai yahaan chehara saja kar chalana padata hai*

are janaab gar chalae se yoon havaen chal jaatee..duniya saaree ek maachis kee teelee se jal jaatee..!!*maaliqe-khuld se duniya nahin maanga karate..yaar darayaon se qatara nahin maanga karate..!!*

ek tootee huee janzeer kee fariyaad hain ham..aur duniya ye samajhatee hai ke aazaad hain ham..!!*

gulashan kee phaqat phoolon se naheenkaanton se bhee zeenat hotee hai,..jeene ke liye is duniya mengam kee bhee zaroorat hotee hai*galat hai ya saheen ye sochata hai kaun duniya mein..udhar hi log chalate hain jidhar rahabar chalaata hai..!!*

duniya ne har fasaana hakeeqat bana diya..ham ne hakeeqaton ko bhee afasaana kar diya..!!*

gamo kee dhoop mein bhee muskura kar chalana padata hai..ye duniya hai yahaan chehara saja kar chalana padata hai*

maaliqe-khuld se duniya nahin maanga karate..yaar darayaon se qatara nahin maanga karate..!!*

agar yahee teree duniya ka haal hai maaliq..to meree qaid bhalee hai mujhe rihaee na de..!!*

jab se tere khayaal ka, mausam hua hai dost..duniya kee dhoop-chhaanv se, aage nikal gaye .

 

 

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