Duniya Shayari In Hindi दुनिया पर हिंदी शायरी

Duniya Shayari In Hindi  दुनिया पर हिंदी शायरी

Duniya Shayari In Hindi दुनिया पर हिंदी शायरी

Duniya Shayari In Hindi

दुनिया पर हिंदी शायरी

 

दोस्तों दुनिया लफ्ज़ पर शेर ओ शायरी का एक विशाल संकलन हम इस पेज पर प्रकाशित कर रहे है, उम्मीद है यह आपको पसंद आएगा और आप विभिन्न शायरों के दुनिया के बारे में ज़ज्बात जान सकेंगे.

सभी विषयों पर हिंदी शायरी की लिस्ट यहाँ है.

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कभी दुनिया हो कभी तुम कभी तकदीर खिलाफ़

रोज़ एक ताज़ा सितम हो तो गज़ल होती है

~नसीम शाहजहाँपुरी

 

निगाहों में तेरे जलवों की कसरत ले के आया हूँ

ये आलम है के इक दुनिया-ए-हैरत ले के आया हूँ

~नसीम शाहजहाँपुरी

 

दुनिया पे ऐसा वक़्त पड़ेगा कि एक दिन,

इंसान की तलाश में इंसान जाएगा।

~फ़ना

 

दर्द-ए-दुनिया की तड़प दिल में मेरे रहने दे

तू तो आँखों में भी रह सकती है तेरा क्या है

~नरेश कुमार ‘शाद’

इश्क़ ने रोज़-ए-अज़ल ही कर दिया था फ़ैसला,

फिर कहाँ दुनिया के कहने से सुधर जाएँगे हम !!

दुनिया तो खैर छोड़ के आगे निकल गई,

तुम ने भी इंतज़ार हमारा नहीं किया !!

 

सौ बार चमन महका सौ बार बहार आई

दुनिया की वही रौनक दिल की वही तन्हाई – सूफ़ी तबस्सुम

 

एक नफरत ही नहीं दुनिया में दर्द का सबब फ़राज़

मोहब्बत भी सकूँ वालों को बड़ी तकलीफ़ देती है

~Faraz

 

आबाद है यह ख़ाना-ए-दिल इक ख़याल से

दुनिया के हादसे इसे वीराँ न कर सके

~दत्तात्रिय क़ैफी

 

खामोश क़हक़हों में भी गम देखते रहे,

दुनिया न देख पाई जो हम देखते रहे।

~नौशाद

Duniya Shayari in Hindi

 

पहले से मरासिम ना सही फिर भी कभी तो

रस्म-ओ-रह-ए-दुनिया ही निभाने के लिये आ

~Faraz

 

साँथ चलना है तो फिर छोड़ दे सारी दुनिया

चल न पाए तो मुझे लौट के घर जाने दे

~नज़ीर बनारसी

 

आग दुनिया की लगाई हुई बुझ जाएगी

कोई आँसू मिरे दामन पे बिखर जाने दे

~नज़ीर बनारसी

 

दुनिया से निराली है “नज़ीर” अपनी कहानी

अँगारों से बच निकला हूँ फूलों से जला हूँ

~नज़ीर बनारसी

 

दुनिया का कोई हादसा ख़ाली नहीं मुझ से

मैं खाक़ हूँ मैं आग़ हूँ पानी हूँ हवा हूँ

~नज़ीर बनारसी

 

दुनिया में मुझे तूने गर अपना बनाया है

महशर में भी कह देना यह है मेरा दीवाना।

 

दुनिया-ए-हुस्न-ओ-इश्क़ मिरी करना है तो यूँ क़ामिल कर दे

अपने जल्वे मेरी हैरत नज़्ज़ारे में शामिल कर दे

~बेदम वारसी

 

एक हमें आवारा कहना कोई बड़ा इल्ज़ाम नहीं,

दुनिया वाले दिल वालों को और बहुत कुछ कहते हैं !! -हबीब जालिब

 

इसमें में भी रब बसता है, उसमे भी खुदा का साया है,

दुनिया उसकी महफ़िल है, फिर कौन यहाँ पराया है।

 

Duniya Shayari in Hindi

बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मेरे आगे,

होता है शब्-ओ-रोज़ तमाशा मेरे आगे। ~मिर्ज़ा ग़ालिब

 

नजात दी ग़म-ए-दुनिया से दर्द-ए-दिल ने मुझे

ये एक राह मिली ग़म से छूट जाने की !!

 

बेहतर तो है यही के ना दुनिया से दिल लगे,

पर क्या करें जो काम ना बेदिल्लगी चले !!

 

सदा उलफतो मुहब्बत का पैगाम दो नायाब

जन्नत तो नहीं जन्नत नुमा बन जाएगी दुनिया

 

ऐ ग़म-ए-दुनिया तुझे क्या इल्म तेरे वास्ते,

किन बहानों से तबीअत राह पर लाई गई !!

 

 

बेवफ़ाई के गिले जिन के हुए थे कल तक,

आज दुनिया के वफ़ादार बने बैठे हैं !!- ज़हीर देहलवी

 

Duniya Shayari in Hindi

तुम साथ हो जब अपने दुनिया को दिखा देंगे,

हम मौत को जीने के अंदाज़ सिखा देंगे !!

 

कहने को लफ्ज दो हैं उम्मीद और हसरत,

लेकिन निहाँ इसी में दुनिया की दास्ताँ है

 

मगर ये बात दुनिया की समझ में क्यों नहीं आती

अगर गुल ही नहीं होंगे तो फिर गुलदान होगा क्या

~दानिश

 

वली, मीर, मोमिन ने इसको निखारा

जिगर, दाग़, ग़ालिब ने इसको सँवारा

इसे मौसिक़ी ने गले से लगाया

गज़ल आज दुनिया के पेश-ए-नज़र है

 

दुनिया की क्या मज़ाल कि देता कोई फ़रेब

अपनी ही आरज़ू के हुवे हम शिकार हैं

 

उठा उठा के तेरे नाज़ ऐ ग़म-ए-दुनिया,

ख़ुद आप ही तेरी आदत ख़राब की हम ने !!

 

या रब हमे तो ख़्वाब में भी मत दिखाइयो,

ये महशर-ए-ख्याल कि दुनिया कहें जिसे।

~ग़ालिब

 

 

Duniya Shayari in Hindi

न हारा है इश्क न दुनिया थकी है

दिया जल रही है हवा चल रही है।

 

मेरी नज़रों में तू हो और तेरी मुहब्बत हो

दुनिया हो ना उक़बा हो ना दोज़ख हो ना जन्नत हो १/२

 

सोच-समझकर दिल को लगाना रंग बदलती दुनिया में

अहदे वफ़ा एक रोग़ है प्यारे, इश्क़ यहाँ बीमारी है

 

ज़मीं से आसमां तक आसमां से लामकाँ तक है

ख़ुदा जाने हमारे इश्क़ की दुनिया कहाँ तक है

 

हम इतना भ़ी ना समझे अक्ल खोई दिल गवां बैठे

के हुस्न-ओ-इश्क़ की दुनिया कहाँ से है कहाँ तक है

 

दुनिया में मुझे तूने गर अपना बनाया है

महशर में भी कह देना यह है मेरा दीवाना।

 

Duniya Shayari in Hindi

अहले-ए-दिल और भी हैं अहल-ए-वफ़ा और भी हैं

एक हम ही नहीं दुनिया से ख़फ़ा और भी हैं

~साहिर

 

अपना किसे कहूँ मैं किसी पर यकीं नहीं

दुनिया बदल गई है तेरी बात की तरह

 

किसी की जूस्तजू ही बाइसे रग़बत है दुनिया में

वगरना जी न लगता इस सफ़र की राहगुज़ारों में

 

मेरी किस्मत से खेलने वाले

मुझ को दुनिया से बेखबर कर दे

 

हज़ार जाल लिए घूमती फिरे दुनिया,

तेरे असीर किसी के हुआ नहीं करते !! -अमजद इस्लाम अमजद

 

बुला रही हैं हमें तल्ख़ियाँ हक़ीक़त की

ख़याल-ओ-ख़्वाब की दुनिया से अब निकलते हैं

 

Duniya Shayari in Hindi

न जाना कि दुनिया से जाता है कोई,

बहुत देर की मेहरबां आते आते !! -दाग़

 

तूफान कर रहा था मेरे अज्म का तवाफ,

दुनिया समझ रही थी कश्ती भंवर में है !!

 

सच बोल तो रहा हूँ मगर यह भी है पता,

दुनिया मैं इसके बाद अकेला रहूँगा मैं

~ काज़िम जरवली

 

दुनिया की निगाहों में बुरा क्या है भला क्या,

ये बोझ अगर दिल से उतर जाए तो अच्छा !!

 

अलम अपना तो दुनिया में सभी महसूस करते हैं

मगर मैं हूँ के दुनिया का अलम महसूस करता हूँ

 

बलन्दियों पे नज़र आ रहे हैं कुछ बौने,

अजब नहीं कि ये दुनिया तबाह हो जाए

~मेराज

Duniya Shayari in Hindi

एक टूटी हुई जंज़ीर की फ़रियाद हैं हम

और दुनिया ये समझती है के आज़ाद हैं हम

 

दुनिया है ख़्वाब हासिल-ए-दुनिया ख़याल है,

इंसान ख़्वाब देख रहा है ख़याल में !!

 

जज़्बात को कहाँ समझ पाती है दुनिया,

जो किस्सा है दिल का तो किसी और से बोलो।

 

थी सामने आलाइश-ए-दुनिया की भी इक राह,

वो ख़ूबी-ए-क़िस्मत से ज़रा छोड़ गए हम !!

 

दो बलाएँ आज कल अपनी शरीक-ए-हाल हैं

इक बला-ए-दर्द-ए-दुनिया इक बला-ए-दर्द-ए-दिल

 

हम बदलते हैं रुख़ हवाओं का,

आए दुनिया हमारे साथ चले !! -‘क़ाबिल’ अजमेरी

 

Duniya Shayari in Hindi

कुछ नहीं है दुनिया में इक सिवा मुहब्बत के,

और ये मुहब्बत ही तुमसे की नहीं जाती

 

अब मेरे दीद की दुनिया भी तमाशाई है,

तूने क्या मुझको मुहोब्बत में बना रखा है।

~नासिर

 

चंद सिक्कों में मिल जाती थी दुनिया,

लड़कपन की बात कुछ और ही होती थी।

 

दुनिया ने तेरी याद से बेगाना कर दिया,

तुझ से भी दिल-फरेब हैं गम रोज़गार के।

~फैज़

 

‘सैफ़’ अंदाज़-ए-बयाँ रंग बदल देता है,

वर्ना दुनिया में कोई बात नई बात नहीं !!

 

सुकून-ए-कल्ब की दौलत कहाँ दुनिया-ए-फानी में,

बस इक गफलत-सी आ जाती है और वो भी जवानी में !!

 

ख़ल्क़ कहती है जिसे दिल तेरे दीवाने का,

एक गोशा है ये दुनिया इसी वीराने का !!

 

ये संगदिलों की दुनिया है, यहाँ संभल कर चलना ‘ग़ालिब’,

यहाँ पलकों पे बिठाया जाता है नज़रों से गिराने के लिए।

 

किसी की याद में दुनिया को हैं भुलाए हुए,

ज़माना गुज़रा है अपना ख़याल आए हुए !!

 

Duniya Shayari in Hindi

अब दिल की तरफ दर्द की यलगार बहुत है,

दुनिया मेरे जख़्मों की तलबगार बहुत है !!

 

वादे तमाम रखो दुनिया से मगर,

रूह का करार बस मेरे नाम लिखना।

 

ग़म-ए-हयात का झगड़ा मिटा रहा है कोई

चले भी आओ कि दुनिया से जा रहा है कोई !!

 

Duniya Shayari in Hindi

सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ,

ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ !! – मीर दर्द

 

मरीज़-ए-ख़्वाब को तो अब शिफ़ा है,

मगर दुनिया बड़ी कड़वी दवा थी !!

 

ग़म-ए-दुनिया भी ग़म-ए-यार में शामिल कर लो

नशा बढ़ता है शराबे जो शराबो में मिले !!

 

कहने को बहुत कुछ था अगर कहने पे आते,

दुनिया की इनायत है कि हम कुछ नहीं कहते !!

 

दुनिया न जीत पाओ तो हारो न आप को

थोड़ी बहुत तो ज़ेहन में नाराज़गी रहे !!-निदाफ़ाज़ली

 

Duniya Shayari in Hindi

दिल के हाथों कहीं दुनिया में गुज़ारा न रहा,

हम किसी के न रहे कोई हमारा न रहा !!

 

रूह की सिलवटों से सिलसिले बन गए,

अपना बस यूँ ही दुनिया में आना जाना रहा।

 

उसको फुर्सत ही ना मिली दुनिया की उलझनों से,

हम ख़्वाबों में भी बस इंतज़ार करते रहे।

 

इक सिर्फ़ हमीं मय को आँखों से पिलाते हैं

कहने को तो दुनिया में मयख़ाने हज़ारों हैं!!-शहरयार

 

दुनिया ने किस का राह-ए-फ़ना में दिया है साथ

तुम भी चले चलो यूँ ही जब तक चली चले !!

 

बड़ी ”’ज़ालिम”’ निहायत बेवफ़ा है

ये दुनिया फिर भी कितनी ख़ुशनुमा है

 

Duniya Shayari in Hindi

अपनी लिखी गज़ले,आखिर अब किस को सुनाएँ

मेरी दुनिया,रोटी को लैेला और सब्जी को हीर समझे

 

किस जहाँ में मिलेंगे नाजाने हम,

इस जहाँ में तो वो दुनिया का हुआ।

 

इस रंगीन दुनिया में बेरंग सी सूरत है मेरी,

लोग मुझे कभी उजाला तो कभी अँधेरा बुलाते हैं।

 

मैं दिल हूँ मुझे बस धड़कने दो,

दुनिया की कहकहों मुझको लेना भी क्या।

हार जीत का फ़लसफ़ा तो दुनिया ने बनाया है,

मेरे दानिस्त में तो हर इल्म साजा करना है।

 

बेनक़ाब सीरत नहीं मिलती है दुनिया में,

हर किसी की कोई ना कोई सूरत तो होती है।

 

ज़ोर और ज़ब्र से हासिल नहीं हुयी अब तक,

ये दुनिया मेरे मुक़ाबिल नहीं हुयी अब तक.!!

 

Duniya Shayari in Hindi

अल्फ़ाज़ तो हैं ज़ज़्बात नहीं,

ये दुनिया भी बस तमाशा भर है।

 

दस्तूर दुनिया का कुछ ऐसा ही है,

जख्म उसी को दिया जाता है, जिसे सहना आता है।

 

वो ज़हर देता तो दुनिया की नज़रों में आ जाता,

सो उसने यूँ किया के वक़्त पे दवा न दी !!

 

मार ही डाले जो बे-मौत ये वो दुनिया है

हम जो ज़िंदा है तो जीने का हुनर रखते हैं

 

लम्हे-लम्हे की सियासत पे नज़र रखते हैं,

हमसे दीवाने भी दुनिया की खबर रखते हैं

 

ख़फ़ा है हमसे ये दुनिया हमारा है क़ुसूर इतना

समझदारी से हम कुछ पल सुहाने ढूँढ़ लेते हैं

 

ग़म-ए-दुनिया भी ग़म-ए-यार में शामिल कर लो

नशा बढ़ता है शराबें जो शराबों में मिलें

 

Duniya Shayari in Hindi

उलट जाती हैं तदबीरें, पलट जाती हैं तक़दीरें,

अगर ढूँढे नई दुनिया तो इन्सां पा ही जाता है !! –~फ़िराक़

 

खुश हैं बहुत दिल दुःखा के मेरा,

मेरे अपने भी अब तो दुनिया में शुमार हैं।

 

बेहतर तो है यही के न दुनिया से दिल लगे,

पर क्या करें जो काम न बे-दिल्लगी चले !! – ज़ौक़

 

दुनिया ने किस का राह-ए-फ़ना में दिया है साथ,

तुम भी चले चलो यूँ ही, जब तक चली चले !! – ज़ौक़

 

एक पल की पलक पर है ठहरी हुई ये दुनिया

एक पल के झपकने तक हर खेल सुहाना है !!- ~साहिर

 

ज़िंदगी हसीन वहमों के सिवा कुछ भी नही,

दुनिया ने इसे ही उम्मीद नाम दे रखा है!!

 

Duniya Shayari in Hindi

बड़े वसूक़ से दुनिया फरेब देती है,

बड़े खुलूस से हम ऐतबार करते हैं …

 

लोगो भला इस शहर में कैसे जिएंगे हम जहां

हो जुर्म तन्हा सोचना लेकिन सज़ा आवारगी

~मोहसिन नक़वी

 

सारी रौनक़ तेरे होने के यक़ीं में है निहाँ,

तू न होता तो भला काहे को दुनिया होती !!

 

अपनी दुनिया आप पैदा कर अगर जिन्दो में है,

सर्र-ए-आदम है, ज़मीर-ए-कुन फिकन है ज़िंदगी !!

 

बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मेरे आगे,

होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मेरे आगे !! 🙂

 

इस दर्द की दुनिया से गुजर क्यूं नहीं जाते

ये लोग भी क्या लोग हैं मर क्यूं नहीं जाते!

 

इक तेरी दीद छिन गयी मुझ से

वरना दुनिया में क्या नही बाकी

 

छोङ दुनिया की सारी झंझट को

आ मेरे दिल पे हुक्मरानी कर!

 

Duniya Shayari in Hindi

मेज़ाजे दुनिया से जंयू आसना होता जा रहा हूँ ~

~मैं तन्हा आैर तन्हा आैर तन्हा होता जा रहा हूँ!

 

यही दुनिया है तो फिर ऐसी ये दुनिया क्यों हैं

यही होता हैं तो आखिर यही होता क्यों है.!!

 

सारी दुनिया तेरे जिम्मे,दुनिया की हर चीज़ तेरी

मुझ को तो बस इक मेरे क़िरदार की तू रखवाली दे.!!

 

दुनिया में वही शख्स है ताज़ीम के क़ाबिल

जिस शख्स ने हालात का रुख मोड़ दिया हो.!!

अगर यही तेरी दुनिया का हाल है या रब

तो मेरे क़ैद भली है मुझे रिहाई न दे.!!

 

बड़े अजीब से आज-कल इस दुनिया के मेले हैं

दिखती तो भीड़ है लेकिन,चलते सब अकेले हैं.!!

ज़िक्र जब होगा मुहब्बत में तबाही का कहीं

याद हम आयेंगे दुनिया को हवालों की तरह

 

जब दोस्तों की दोस्ती है सामने मेरे

दुनिया में दुश्मनी की मिसालों को क्या करूँ

 

दुनिया में हूँ दुनिया का तलबगार नहीं हूँ

बाज़ार से गुज़रा हूँ,खरीददार नहीं हूँ.!!

 

जिसे डर से दुनिया के दफ़ना दिया

वो अरमान फिर भी मचलता रहा.!!

 

हमने ख़ामोश बना रक्खी है,दिल की दुनिया

कोई आवाज़ उभरती है,दबा देते हैं.!!

 

इश्क़ को भूल के जन्नत की है दुनिया को तलाश

इश्क़ की आग़ जो दोज़ख है तो जन्नत क्या है.!!

 

मेरी हर बात से उन्हें उल्फ़त है,मग़र मुझसे नहीं

दुनिया के खुश-नसीबों में,सब से बद-नसीब हूँ मैं

 

कभी सरकार पे, क़िस्मत पे, कभी दुनिया पे

दोष हर बात का औरों पे हि डाला मैंने.!!

अगर है झूट पे क़ायम निज़ाम दुनिया का

तो फिर जिधर है ज़माना उधर न जाऊँ मैं.!!

जब से तेरे ख़याल का, मौसम हुआ है “दोस्त”

दुनिया की धूप-छाँव से आगे निकल गये.!!

 

Duniya Shayari in Hindi

जब से तेरे ख़याल का, मौसम हुआ है ‘दोस्त’

दुनिया की धूप-छाँव से आगे निकल गए.!!

 

उसे दोज़ख बनानी पड़ गई फिर

नतीज़ा ये रहा , दुनिया बना कर..!!

 

ये तो हम हैं के तेरा दर्द छुपा के दिल में।।

काम दुनिया के बा’दस्तूर किये जाते हैं..!!

 

अगर यही तेरी दुनिया का हाल है मालिक़

तो मेरी क़ैद भली है मुझे रिहाई न दे

~मेराज फैज़ाबादी

 

ग़मो की धूप में भी मुस्कुरा कर चलना पड़ता है।।

ये दुनिया है यहाँ चेहरा सजा कर चलना पड़ता है

 

अरे जनाब गर चलाए से यूँ हवाएँ चल जाती।।

दुनिया सारी एक माचिस की तीली से जल जाती..!!

 

मालिक़े-ख़ुल्द से दुनिया नहीं माँगा करते।।

यार दरयाओं से क़तरा नहीं माँगा करते..!!

 

एक टूटी हुई जंज़ीर की फ़रियाद हैं हम।।

और दुनिया ये समझती है के आज़ाद हैं हम..!!

 

गुलशन की फक़त फूलों से नहीं

काँटों से भी ज़ीनत होती है,।।

जीने के लिये इस दुनिया में

ग़म की भी ज़रूरत होती है

 

ग़लत है या सहीं ये सोचता है कौन दुनिया में।।

उधर हि लोग चलते हैं जिधर रहबर चलाता है..!!

 

दुनिया ने हर फ़साना हकीक़त बना दिया।।

हम ने हकीक़तों को भी अफ़साना कर दिया..!!

 

ग़मो की धूप में भी मुस्कुरा कर चलना पड़ता है।।

ये दुनिया है यहाँ चेहरा सजा कर चलना पड़ता है

 

मालिक़े-ख़ुल्द से दुनिया नहीं माँगा करते।।

यार दरयाओं से क़तरा नहीं माँगा करते..!!

 

अगर यही तेरी दुनिया का हाल है मालिक़।।

तो मेरी क़ैद भली है मुझे रिहाई ना दे..!!

 

जब से तेरे ख़याल का, मौसम हुआ है दोस्त।।

दुनिया की धूप-छांव से, आगे निकल गये ..!!

 

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